मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा में स्थित शराब दुकानों पर नियमों का उल्लंघन कर ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, शराब की बोतलें उनके निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि ग्राहक से एमआरपी से ज़्यादा पैसे लिए जा रहे हैं; उदाहरण के लिए, एक बोतल पर 230 रुपये एमआरपी अंकित होने के बावजूद, उससे अधिक राशि वसूली जा रही है। इन दुकानों पर अनिवार्य आधिकारिक रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई है, जो सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि इस शराब कंपनी से जुड़े लोग उचेहरा के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब की 'पैकरी' (बिक्री) भी करवा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग द्वारा कभी-कभार की गई कार्रवाई का कोई स्थायी असर नहीं दिख रहा है, जिससे प्रशासनिक उदासीनता साफ झलकती है। जनता ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से इस मामले की तत्काल जांच करने की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित ठेकेदार और प्रबंधन के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम उपभोक्ताओं को हो रहे आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा में स्थित शराब दुकानों पर नियमों का उल्लंघन कर ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, शराब की बोतलें उनके निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि ग्राहक से एमआरपी से ज़्यादा पैसे लिए जा रहे हैं; उदाहरण के लिए, एक बोतल पर 230 रुपये एमआरपी अंकित होने के बावजूद, उससे अधिक राशि वसूली जा रही है। इन दुकानों पर अनिवार्य आधिकारिक रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई है, जो सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि इस शराब कंपनी से जुड़े लोग उचेहरा के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब की 'पैकरी' (बिक्री) भी करवा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग द्वारा कभी-कभार की गई कार्रवाई का कोई स्थायी असर नहीं दिख रहा है, जिससे प्रशासनिक उदासीनता साफ झलकती है। जनता ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से इस मामले की तत्काल जांच करने की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित ठेकेदार और प्रबंधन के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम उपभोक्ताओं को हो रहे आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा में स्थित शराब दुकानों पर नियमों का उल्लंघन कर ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, शराब की बोतलें उनके निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि ग्राहक से एमआरपी से ज़्यादा पैसे लिए जा रहे हैं; उदाहरण के लिए, एक बोतल पर 230 रुपये एमआरपी अंकित होने के बावजूद, उससे अधिक राशि वसूली जा रही है। इन दुकानों पर अनिवार्य आधिकारिक रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई है, जो सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि इस शराब कंपनी से जुड़े लोग उचेहरा के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब की 'पैकरी' (बिक्री) भी करवा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग द्वारा कभी-कभार की गई कार्रवाई का कोई स्थायी असर नहीं दिख रहा है, जिससे प्रशासनिक उदासीनता साफ झलकती है। जनता ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से इस मामले की तत्काल जांच करने की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित ठेकेदार और प्रबंधन के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम उपभोक्ताओं को हो रहे आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।1
- सतना के उचेहरा स्थित वाइन शॉप पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत पर शराब बेचने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस मामले में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कथित तौर पर ग्राहक और दुकानदार के बीच हुई बातचीत के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि ₹230 एमआरपी वाली शराब की बोतल ₹270 में बेची जा रही है, यानी प्रति बोतल ₹40 अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल उठाए हैं। आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शराब की अवैध पैकारी (खुलेआम थोक या खुदरा बिक्री) हो रही है, जिससे नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। यदि वीडियो में किए गए दावे सत्य पाए जाते हैं, तो इसे उपभोक्ता अधिकारों और आबकारी नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गोबरांव कला गांव में स्थित अति प्राचीन और जन-आस्था के केंद्र सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में आज अज्ञात चोरों ने चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। चोर मंदिर परिसर से लगभग 11-11 किलोग्राम वजनी दो ऐतिहासिक पीतल के घंटे चुरा ले गए। इस घटना का पता आज शाम तब चला जब मुख्य पुजारी और ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुँचे, जिसके बाद पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। चोरी की सूचना मिलते ही भाजपा युवा मोर्चा के उंचेहरा मंडल अध्यक्ष शिवम बड़गइयां तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को सांत्वना दी और मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। इस शिकायत में पुलिस प्रशासन से चोरों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने और मंदिर की चोरी हुई सामग्री बरामद करने की माँग की गई है। भाजयुमो मंडल अध्यक्ष शिवम बड़गइयां ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सिद्धेश्वर नाथ मंदिर हमारी आस्था और अटूट श्रद्धा का केंद्र है, और धार्मिक स्थलों पर इस तरह की चोरियाँ न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज की धार्मिक भावनाओं को भी गहरा आघात पहुँचाती हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिस को तुरंत खोजी कुत्तों तथा साइबर सेल की मदद से चोरों को गिरफ्तार कर मंदिर की प्राचीन धरोहर को ससम्मान वापस स्थापित करवाना चाहिए। बड़गइयां ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही चोरों की धरपकड़ नहीं हुई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।1
- मध्य प्रदेश के शहरी परिवहन क्षेत्र में आगामी जुलाई महीने से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार की 'पीएम-ई बस सेवा' के तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होगा। सबसे पहले देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को इस सेवा की सौगात मिलेगी, जहाँ शुरुआती तौर पर 8 महत्वपूर्ण रूटों को चिन्हित किया गया है। इसके बाद, राजधानी भोपाल और संस्कारधानी जबलपुर में भी इस सेवा का विस्तार किया जाएगा, जहाँ प्रत्येक शहर को 100-100 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। इन बसों के चलने से आम जनता का सफर आरामदायक और किफायती होगा, साथ ही महानगरों में वायु और ध्वनि प्रदूषण से भी बड़ी राहत मिलेगी। यात्रियों को कई अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें पूर्णतः वातानुकूलित माहौल, शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ पर्यावरण अनुकूल यात्रा, और सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे तथा जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम शामिल हैं। इन बसों का किराया आम जनता की जेब को ध्यान में रखते हुए बेहद वाजिब तय किया जा रहा है, ताकि हर वर्ग का नागरिक इस आधुनिक सेवा का लाभ उठा सके। यह 'पीएम-ई बस सेवा' मध्य प्रदेश के शहरी यातायात को हाईटेक बनाएगी और स्मार्ट सिटी की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में स्थित माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज, दिनांक 29 जून 2026, सोमवार के प्रातःकालीन श्रृंगार के अद्भुत दर्शन हुए। इन दर्शनों को 'अदभुत श्रृंगार' के रूप में वर्णित किया गया है, जिसके साथ 'जय हो माई की' का पवित्र उद्घोष भी किया गया।2
- पेरिस के मशहूर एफिल टावर पर शनिवार रात (27 जून 2026) को एक भीषण शक्तिशाली तूफान के दौरान आकाशीय बिजली गिरी। भयंकर गर्मी की चपेट में आए फ्रांस की राजधानी में इस आसमानी बिजली ने पल भर में रात के अंधेरे को चकाचौंध कर दिया, जिसे सोशल मीडिया पर लोग “कुदरत का लाइट शो” बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि घने काले बादलों के बीच जैसे ही विशाल आसमानी बिजली 330 मीटर ऊंचे इस ऐतिहासिक आयरन टावर के शीर्ष से टकराई, पूरा एफिल टावर और पेरिस का आसमान नीली-सफेद रोशनी से जगमगा उठा। हालांकि, इस घटना से किसी भी प्रकार का नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।1
- एक भक्त ने अपनी धर्मपत्नी के साथ भगवान महादेव के श्रीचरणों में शीश नवाकर उनका पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। उनका दृढ़ विश्वास है कि जहाँ महादेव की कृपा होती है, वहाँ जीवन की हर कठिन राह सरल हो जाती है। इस दौरान उन्होंने भोलेनाथ से प्रार्थना की कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशियों का वास करें। भक्तजनों ने कामना की कि महादेव का आशीर्वाद सदैव बना रहे, जिससे मन में श्रद्धा, रिश्तों में प्रेम और जीवन में सद्भाव बना रहे।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा क्षेत्र में संचालित एक शराब दुकान पर प्रिंट रेट (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में कथित तौर पर दुकानदार और एक ग्राहक के बीच हुई बातचीत के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि ₹230 एमआरपी वाली शराब की बोतल ₹270 में बेची जा रही है, यानी प्रति बोतल ₹40 अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। इस वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन आरोपों के सही पाए जाने पर इसे उपभोक्ता अधिकारों और आबकारी नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की पैकारी (खुदरा बिक्री) की जा रही है, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है और नियमों की अनदेखी भी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने या अवैध पैकारी की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासन एवं आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित पक्षों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिए जाने की बात कही गई है।1