2045 तक भारत में नए कैंसर मामले की संख्या 15लाख से बढ़कर पहुंच सकते है 24.5 लाख इंडियन कैंसर सोसाइटी ICS दिल्ली शाखा के द्वारा विश्व कैंसर दिवस को लेकर प्रेसक्लब ऑफ इंडिया मे प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया इस दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों नीति निर्माताओं और कैंसर से जूझ चुके लोगों ने भारत में कैंसर के उभरते रुझानों, मरीजों की जांच की व्यवस्था में मौजूद खामियों और बीमारी की रोकथाम की मजबूत रणनीतियों की जरूरत पर चर्चा की। एक सर्वें के मुताबिक भारत में हर साल सामने आने वाले नए कैंसर के मामलों की संख्या 2045 तक बढ़कर 24.5 लाख से अधिक होने का अनुमान है, जबकि वर्तमान में यह आंकड़ा 15 लाख के करीब है। ऐसे में कैंसर से निपटने की देश की रणनीति में समय से जांच और रोकथाम को केंद्र में रखना बेहद जरूरी है मीडिया से बातचीत करते हुए ICS कि चेयरपर्सन श्रीमती ज्योत्सना गोविल ने कैंसर कि रोकथाम मरीज की सहायता और एडवोकेसी के क्षेत्र में संगठन की दशकों लंबी यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मिथकों को तोड़ना समय पर जांच को बढ़ावा देना और वैज्ञानिक जानकारी को लोगों तक पहुंचाना बहुत जरूरी है। मुख्य आंकड़े प्रस्तुत करते हुए फोर्टिस मेमोरियल हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर (ऑन्कोलॉजी) डॉ. नितेश रोहतगी ने भारत में कैंसर की घटनाओं और रुझानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उम्र के अनुसार रोकथाम के उपाय, शुरुआती स्क्रीनिंग और नई डायग्नोस्टिक तकनीकों के महत्व पर जोर दिया, जो इलाज के परिणाम बेहतर बनाने और लागत कम करने में मदद कर सकती हैं।
2045 तक भारत में नए कैंसर मामले की संख्या 15लाख से बढ़कर पहुंच सकते है 24.5 लाख इंडियन कैंसर सोसाइटी ICS दिल्ली शाखा के द्वारा विश्व कैंसर दिवस को लेकर प्रेसक्लब ऑफ इंडिया मे प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया इस दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों नीति निर्माताओं और कैंसर से जूझ चुके लोगों ने भारत में कैंसर के उभरते रुझानों, मरीजों की जांच की व्यवस्था में मौजूद खामियों और बीमारी की रोकथाम की मजबूत रणनीतियों की जरूरत पर चर्चा की। एक सर्वें के मुताबिक भारत में हर साल सामने आने वाले नए कैंसर के मामलों की संख्या 2045 तक बढ़कर 24.5 लाख से अधिक होने का अनुमान है, जबकि वर्तमान में यह आंकड़ा 15 लाख के करीब है। ऐसे में कैंसर से निपटने की देश की रणनीति में समय से जांच और रोकथाम को केंद्र में रखना बेहद जरूरी है मीडिया से बातचीत करते हुए ICS कि चेयरपर्सन श्रीमती ज्योत्सना गोविल ने कैंसर कि रोकथाम मरीज की सहायता और एडवोकेसी के क्षेत्र में संगठन की दशकों लंबी यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मिथकों को तोड़ना समय पर जांच को बढ़ावा देना और वैज्ञानिक जानकारी को लोगों तक पहुंचाना बहुत जरूरी है। मुख्य आंकड़े प्रस्तुत करते हुए फोर्टिस मेमोरियल हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर (ऑन्कोलॉजी) डॉ. नितेश रोहतगी ने भारत में कैंसर की घटनाओं और रुझानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उम्र के अनुसार रोकथाम के उपाय, शुरुआती स्क्रीनिंग और नई डायग्नोस्टिक तकनीकों के महत्व पर जोर दिया, जो इलाज के परिणाम बेहतर बनाने और लागत कम करने में मदद कर सकती हैं।
- इंडियन कैंसर सोसाइटी ICS दिल्ली शाखा के द्वारा विश्व कैंसर दिवस को लेकर प्रेसक्लब ऑफ इंडिया मे प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया इस दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों नीति निर्माताओं और कैंसर से जूझ चुके लोगों ने भारत में कैंसर के उभरते रुझानों, मरीजों की जांच की व्यवस्था में मौजूद खामियों और बीमारी की रोकथाम की मजबूत रणनीतियों की जरूरत पर चर्चा की। एक सर्वें के मुताबिक भारत में हर साल सामने आने वाले नए कैंसर के मामलों की संख्या 2045 तक बढ़कर 24.5 लाख से अधिक होने का अनुमान है, जबकि वर्तमान में यह आंकड़ा 15 लाख के करीब है। ऐसे में कैंसर से निपटने की देश की रणनीति में समय से जांच और रोकथाम को केंद्र में रखना बेहद जरूरी है मीडिया से बातचीत करते हुए ICS कि चेयरपर्सन श्रीमती ज्योत्सना गोविल ने कैंसर कि रोकथाम मरीज की सहायता और एडवोकेसी के क्षेत्र में संगठन की दशकों लंबी यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मिथकों को तोड़ना समय पर जांच को बढ़ावा देना और वैज्ञानिक जानकारी को लोगों तक पहुंचाना बहुत जरूरी है। मुख्य आंकड़े प्रस्तुत करते हुए फोर्टिस मेमोरियल हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर (ऑन्कोलॉजी) डॉ. नितेश रोहतगी ने भारत में कैंसर की घटनाओं और रुझानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उम्र के अनुसार रोकथाम के उपाय, शुरुआती स्क्रीनिंग और नई डायग्नोस्टिक तकनीकों के महत्व पर जोर दिया, जो इलाज के परिणाम बेहतर बनाने और लागत कम करने में मदद कर सकती हैं।1
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- Post by Rajesh Kushwaha1
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