सुलतानपुर के लम्भुआ में स्थित एस.एन. कान्वेंट स्कूल पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग को ही स्कूल की निजी पार्किंग बना दिया गया है। विद्यालय के दर्जनों वाहन दिनभर इस हाईवे के किनारे खड़े रहते हैं। इस बड़ी लापरवाही के बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि इसी मार्ग से रोजाना जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी), एआरटीओ और परिवहन विभाग के तमाम जिम्मेदार अधिकारी गुजरते हैं। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि स्कूल परिसर के भीतर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है, तो आखिर शिक्षा विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर विद्यालय को मान्यता कैसे दे दी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी इस जगह की जांच करने की जहमत ही नहीं उठाई? यह लापरवाही तब और अधिक गंभीर हो जाती है जब महज एक सप्ताह पहले इसी स्थान पर एक दर्दनाक हादसा हुआ था। उस हादसे में बच्चों को सड़क पार कराते समय एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से ऑल सेंट्स इंग्लिश स्कूल के बस चालक समेत दो लोगों की जान चली गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हाईवे से तत्काल स्कूल वाहनों की पार्किंग हटाई जाए और विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार की दुनिया उजड़ने से बचाई जा सके।
सुलतानपुर के लम्भुआ में स्थित एस.एन. कान्वेंट स्कूल पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग को ही स्कूल की निजी पार्किंग बना दिया गया है। विद्यालय के दर्जनों वाहन दिनभर इस हाईवे के किनारे खड़े रहते हैं। इस बड़ी लापरवाही के बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि इसी मार्ग से रोजाना जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी), एआरटीओ और परिवहन विभाग के तमाम जिम्मेदार अधिकारी गुजरते हैं। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि स्कूल परिसर के भीतर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है, तो आखिर शिक्षा विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर विद्यालय को मान्यता कैसे दे दी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों
ने कभी इस जगह की जांच करने की जहमत ही नहीं उठाई? यह लापरवाही तब और अधिक गंभीर हो जाती है जब महज एक सप्ताह पहले इसी स्थान पर एक दर्दनाक हादसा हुआ था। उस हादसे में बच्चों को सड़क पार कराते समय एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से ऑल सेंट्स इंग्लिश स्कूल के बस चालक समेत दो लोगों की जान चली गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हाईवे से तत्काल स्कूल वाहनों की पार्किंग हटाई जाए और विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार की दुनिया उजड़ने से बचाई जा सके।
- सुल्तानपुर के लम्भुआ थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूट की कई वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर तीन शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से लूट का सामान, एक अवैध तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल बरामद हुई है। यह गिरफ्तारी 13 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर ग्राम चरकहवा स्थित मिल्खिनी तिराहे के पास की गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुड़वार थाना क्षेत्र निवासी पुष्पेन्द्र सिंह उर्फ प्रिंस, आशीष पाण्डेय और शिवा यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस गैंग का मुख्य आरोपी पुष्पेन्द्र सिंह है, जिसने हाल ही में एक नई अपाचे बाइक खरीदी थी और इसके बाद अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर महिलाओं और दंपतियों को निशाना बनाने के लिए लूट का गैंग तैयार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की कई वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है। उन्होंने बताया कि 24 जून 2026 को लम्भुआ थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव के पास एक बाइक सवार दंपति को तमंचे के बल पर रोककर नकदी, पर्स और मोबाइल फोन लूटा था, जिसकी जांच पुलिस कर रही थी। इसके अलावा, आरोपियों ने 17 जून को पीपरपुर रेलवे स्टेशन के पास दो महिलाओं से और मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के जाजपुर गेट के पास भी एक महिला से लूट की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।4
- उत्तर प्रदेश के आगरा में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक घर के फ्रिज के भीतर बर्फ से शिवलिंग जैसी आकृति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वायरल पोस्ट के अनुसार, लोग इसे अमरनाथ के हिमलिंग से जोड़कर देख रहे हैं। इस अनोखी आकृति की तस्वीर सामने आने के बाद मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी है, जो वहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ चढ़ावा भी चढ़ा रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने इस वायरल दावे की अभी तक कोई स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस वजह से जब तक ऐसे वायरल दावों का पूरी तरह से सत्यापन न हो जाए, तब तक इन्हें सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।1
- सुल्तानपुर जनपद में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अपना दल कमेरा वादी के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और जनपद के अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में ज्वैलरी खरीदने गईं टीचर रिया के साथ एक बड़ा हादसा हुआ है। ज्वैलरी की दुकान पर रिया को तेज प्यास लगी, जिसके बाद कारोबारी ने अपने नौकर से पास की एक कन्फैक्शनरी की दुकान से बिसलेरी की बोतल मंगाई। नौकर दुकान के डीप फ्रीजर में रखी बोतल लेकर वापस आया। रिया ने तेज प्यास के कारण जैसे ही बोतल खोलकर पानी पिया, उनकी हालत बिगड़ गई क्योंकि उस बोतल में पानी के बजाय तेजाब भरा हुआ था। तेजाब पीने के कारण रिया की हालत बेहद नाजुक हो गई और उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां वह अब जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। दूसरी ओर, तेजाब वाली बोतल बेचने वाले दुकानदार का दावा है कि यह बोतल पूरी तरह से सीलबंद थी और कंपनी की सप्लाई में आई थी। इस मामले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दुकानदार को हिरासत में ले लिया है।1
- सुलतानपुर के लम्भुआ में स्थित एस.एन. कान्वेंट स्कूल पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग को ही स्कूल की निजी पार्किंग बना दिया गया है। विद्यालय के दर्जनों वाहन दिनभर इस हाईवे के किनारे खड़े रहते हैं। इस बड़ी लापरवाही के बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि इसी मार्ग से रोजाना जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी), एआरटीओ और परिवहन विभाग के तमाम जिम्मेदार अधिकारी गुजरते हैं। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि स्कूल परिसर के भीतर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है, तो आखिर शिक्षा विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर विद्यालय को मान्यता कैसे दे दी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी इस जगह की जांच करने की जहमत ही नहीं उठाई? यह लापरवाही तब और अधिक गंभीर हो जाती है जब महज एक सप्ताह पहले इसी स्थान पर एक दर्दनाक हादसा हुआ था। उस हादसे में बच्चों को सड़क पार कराते समय एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से ऑल सेंट्स इंग्लिश स्कूल के बस चालक समेत दो लोगों की जान चली गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हाईवे से तत्काल स्कूल वाहनों की पार्किंग हटाई जाए और विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार की दुनिया उजड़ने से बचाई जा सके।2