सूरतगढ़ में नगर पालिका द्वारा हाल ही में हॉस्टल और लाइब्रेरी की जांच के बाद कई संस्थानों को सीज करने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के विरोध में हॉस्टल और लाइब्रेरी संचालकों ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) से मुलाकात कर अपनी गंभीर चिंता जताई है। संचालकों ने एसडीएम को बताया कि अचानक की गई इस सीजिंग की कार्रवाई से जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है, वहीं उन्हें खुद भी गंभीर आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। संचालकों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि उन्हें नियमों के तहत आवश्यक दस्तावेज और कमियों को पूरा करने का उचित समय और अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि वे नियमों का पालन कर सकें। उनकी मांगों को सुनने के बाद उपखंड अधिकारी ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की नियमानुसार जांच की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही संचालकों ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया है।
सूरतगढ़ में नगर पालिका द्वारा हाल ही में हॉस्टल और लाइब्रेरी की जांच के बाद कई संस्थानों को सीज करने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के विरोध में हॉस्टल और लाइब्रेरी संचालकों ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) से मुलाकात कर अपनी गंभीर चिंता जताई है। संचालकों ने एसडीएम को बताया कि अचानक की गई इस सीजिंग की कार्रवाई से जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है, वहीं उन्हें खुद भी गंभीर आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। संचालकों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि उन्हें नियमों के तहत आवश्यक दस्तावेज और कमियों को पूरा करने का उचित समय और अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि वे नियमों का पालन कर सकें। उनकी मांगों को सुनने के बाद उपखंड अधिकारी ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की नियमानुसार जांच की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही संचालकों ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया है।
- सूरतगढ़ में नगर पालिका द्वारा हाल ही में हॉस्टल और लाइब्रेरी की जांच के बाद कई संस्थानों को सीज करने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के विरोध में हॉस्टल और लाइब्रेरी संचालकों ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) से मुलाकात कर अपनी गंभीर चिंता जताई है। संचालकों ने एसडीएम को बताया कि अचानक की गई इस सीजिंग की कार्रवाई से जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है, वहीं उन्हें खुद भी गंभीर आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। संचालकों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि उन्हें नियमों के तहत आवश्यक दस्तावेज और कमियों को पूरा करने का उचित समय और अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि वे नियमों का पालन कर सकें। उनकी मांगों को सुनने के बाद उपखंड अधिकारी ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की नियमानुसार जांच की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही संचालकों ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया है।1
- संत शिरोमणि श्री लिखमीदासजी महाराज जयंती के उपलक्ष्य में जोधपुर में आयोजित होने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर समाजबंधुओं में भारी उत्साह का वातावरण है। इस विशेष अवसर पर समाजसेवी श्री मनोहर सिंह टाक ने शोभायात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था करने की घोषणा की है। श्री टाक के अनुसार, शोभायात्रा में समाजबंधुओं की बड़ी भागीदारी को देखते हुए लगभग 20 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने इस सेवा को संत शिरोमणि श्री लिखमीदासजी महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा और समाज सेवा की भावना के प्रति समर्पित बताया है। इसके साथ ही उन्होंने समाज के सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस शोभायात्रा को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया है। इस घोषणा के बाद आयोजन समिति ने समाजसेवी श्री मनोहर सिंह टाक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी इस पहल का स्वागत किया है। समिति का कहना है कि इस प्रकार के निस्वार्थ सहयोग से समाज में सेवा, समर्पण और एकता की भावना को और अधिक मजबूती मिलती है।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में आखिर 465 दिनों का ऐतिहासिक संघर्ष रंग लाया है। यहाँ गणेशगढ़ चौकी प्रभारी राकेश शर्मा को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद कलेक्टर कार्यालय के बाहर लंबे समय से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना पूरी तरह विजय श्री के साथ समाप्त हो गया है।1
- जोधपुर के रातानाडा, पुरानी लोको रोड स्थित लड्ढ़ा काॅलोनी गली नंबर 3 में धार्मिक व सामाजिक सेवा कार्यों के प्रति समर्पित, गौसेवक तथा पशु-पक्षी-पर्यावरण प्रेमी स्वर्गीय घनश्याम जांगिड़ (सिलक) की स्मृति में महंत श्रीधरगिरी महाराज के सानिध्य में भजन गंगा प्रवाह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक तुलसीराम-विशाल सिलक ने बताया कि इस भजन संध्या के दौरान गायक चंद्रसिंहमामा, शिवराज जांगिड़, विजय लौहार और नीरु देवी ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रोताओं को पूरी तरह भावविभोर कर दिया। इस भव्य आयोजन में मांगीलाल, अमरचंद, बंशीलाल, शंकरलाल, हेमराज, अमृतलाल, राजेश, निर्मल, पीयुष, ललित, महेश और अनिश आदि ने मिलकर महंत श्रीधर गिरी महाराज, सुशील गिरी, श्रलण पंचारिया व कलाकारों का आदरपूर्वक स्वागत-सत्कार किया। इस मौके पर क्षेत्रीय पूर्व पार्षद गणपत सिंह चौहान सहित कई गणमान्य नागरिक, श्रोतागण और मातृशक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान महाराज ने उपस्थित जनसमूह को आशीर्वचन देते हुए नशामुक्ति, शाकाहार, ब्रह्मचर्य का पालन करने तथा व्यभिचार से दूर रहने की प्रेरणा दी और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।1
- हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के नए समय सारणी आदेश के खिलाफ मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा है। 'एफसीआई लेबर एंड पल्लेदार मजदूर यूनियन (सीटू)' के कार्यकर्ताओं ने एफसीआई के जिला प्रबंधक (DM) के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंका है। इस आदेश के विरोध में पिछले तीन दिनों से जिले भर में मजदूरों ने काम पूरी तरह बंद कर रखा है, जिससे सरकारी गेहूं के स्टॉक और निकासी का कार्य ठप पड़ गया है। श्रमिक नेता मनीराम मेघवाल और यूनियन प्रधान विनोद कुमार के अनुसार, एफसीआई डीएम द्वारा श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के गोदामों में काम करने वाली लेबर के लिए एक नया आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत काम का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक तय किया गया है। मजदूर नेताओं का कहना है कि इस भीषण और जानलेवा गर्मी में सुबह 10:00 बजे से कार्य शुरू करना मजदूरों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। दोपहर की भीषण तपिश के कारण कई मजदूर बीमार हो रहे हैं और इस चिलचिलाती धूप में गोदामों में भारी शारीरिक श्रम करना बिल्कुल नामुमकिन है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस अव्यावहारिक आदेश को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और हड़ताल जारी रहेगी। यूनियन की मांग है कि अत्यधिक गर्मी को देखते हुए काम का समय पूर्व की भांति ही सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक (बीच में दोपहर के विश्राम के साथ) रखा जाए, ताकि मजदूर दोपहर की भीषण गर्मी से बच सकें। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मनीराम मेघवाल, विनोद कुमार, जगजीत सिंह, बग्गा सिंह गिल, प्रमोद सहनी, जीत सिंह और सुरेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में पल्लेदार व मजदूर उपस्थित रहे। उन्होंने साफ किया है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।4