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बरेली में थाना भुता पुलिस ने एक हत्या के मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस की विवेचना के दौरान, जिस व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था (मुकदमा वादी), वही हत्या का अभियुक्त पाया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह जानकारी फरीदपुर, बरेली के क्षेत्राधिकारी श्री संदीप सिंह ने एक बाइट में दी।
राजेश शर्मा
बरेली में थाना भुता पुलिस ने एक हत्या के मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस की विवेचना के दौरान, जिस व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था (मुकदमा वादी), वही हत्या का अभियुक्त पाया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह जानकारी फरीदपुर, बरेली के क्षेत्राधिकारी श्री संदीप सिंह ने एक बाइट में दी।
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- बरेली में पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया है, जहाँ एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर आरोप दूसरों पर लगाया था। लगभग एक साल बाद इस पूरी साजिश का खुलासा हुआ है। बरेली पुलिस ने इस मामले में आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपने ही पिता का कत्ल किया था।1
- बरेली में थाना भुता पुलिस ने एक हत्या के मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस की विवेचना के दौरान, जिस व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था (मुकदमा वादी), वही हत्या का अभियुक्त पाया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह जानकारी फरीदपुर, बरेली के क्षेत्राधिकारी श्री संदीप सिंह ने एक बाइट में दी।1
- कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली है, जब मौसम ने अचानक करवट बदली। ठंडी हवाओं के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी ने पूरे माहौल को सुहावना बना दिया। मौसम में आए इस सुखद बदलाव से खासकर ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी, और सभी ने राहत की सांस ली।2
- थाना भुता, #bareillypolice ने एक हत्या के अभियोग का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस की विवेचना में यह सामने आया कि मामले का मुकदमा वादी ही हत्या का अभियुक्त था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी फरीदपुर, बरेली, श्री संदीप सिंह की बाइट के माध्यम से दी गई है।1
- बरेली के थाना मीरगंज क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां मीरगंज के जोनर इलाके में एक 4 साल के मासूम बच्चे की गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक दरोगा पर शादी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि दरोगा ने उससे शादी का वादा किया और फिर उसका शारीरिक शोषण किया। इसके बाद जब महिला गर्भवती हो गई, तो दरोगा ने उस पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव डाला और कथित तौर पर जबरन गर्भपात करवा दिया। यह पूरा मामला अब डीआईजी स्तर तक पहुँच गया है, जहाँ इस पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।1
- एसएसपी बरेली के सीधे निर्देशन में हुई एक संयुक्त पुलिस कार्रवाई में 466 गुम हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए गए हैं। इस ऑपरेशन में बरेली पुलिस के कंप्यूटर ऑपरेटरों, CCTNS कर्मियों, CEIR पोर्टल टीम और सर्विलांस टीम ने मिलकर काम किया। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 93 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिया है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली है। इस पूरी कार्रवाई और पुलिस की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी एसपी ट्रैफिक बरेली ने अपनी बाइट के माध्यम से दी। पुलिस के इस प्रयास ने उन 466 लोगों की उम्मीद को फिर से जगा दिया है, जिन्होंने अपने मोबाइल खो जाने के बाद उसे वापस मिलने की आशा छोड़ दी थी।1
- बरेली कचहरी परिसर में स्थित चैंबर नंबर-26 को लेकर दो अधिवक्ताओं, मेराज अहमद और मोहम्मद अशरफ अली खान, के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। एक पक्ष ने ब्लेड से हमला करने, मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरे पक्ष ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शिकायतकर्ता पर खुद को ब्लेड मारकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों ने थाना कोतवाली में अलग-अलग तहरीर दी है, और इस घटना में घायल अधिवक्ता का मेडिकल भी कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अधिवक्ता मेराज अहमद का कहना है कि वे वर्ष 1994 से पंजीकृत अधिवक्ता हैं और उन्होंने यह चैंबर वर्ष 2005 में अधिवक्ता आशीष पाराशरी से लिया था, जिसके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। मेराज अहमद ने आरोप लगाया कि मोहम्मद अशरफ अली खान पहले उनके जूनियर के रूप में विधिक कार्य सीखते थे। मेराज अहमद के अनुसार, जब वे हज यात्रा पर गए थे, तब उन्होंने चैंबर और मुकदमों की फाइलों की देखभाल की जिम्मेदारी अशरफ को सौंपी थी। इसी दौरान, उनके नाम का बोर्ड हटा दिया गया, फाइलें और अन्य सामान गायब कर दिया गया और चैंबर पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। मेराज अहमद ने आरोप लगाया कि सोमवार को जब उन्होंने इस संबंध में विरोध किया तो अशरफ अली खान ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और पेपर कटर ब्लेड से कई वार किए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके पास रखी नकदी और डायरी छीन ली गई, मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया, तथा कुछ अन्य लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके विपरीत, अधिवक्ता मोहम्मद अशरफ अली खान ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे वर्ष 2010 से उक्त चैंबर में नियमित रूप से बैठकर वकालत कर रहे हैं। अशरफ अली खान के अनुसार, मेराज अहमद सरकारी शिक्षक बनने के बाद चैंबर छोड़ चुके थे और वर्ष 2010 में उन्होंने 50 हजार रुपये लेकर चैंबर का कब्जा उन्हें दे दिया था, जिसका लिखित प्रमाण उनके पास मौजूद है। अशरफ अली खान ने आरोप लगाया कि सोमवार को मेराज अहमद उनके चैंबर में आए, गाली-गलौज की और वहां रखी फाइलें फेंकने लगे। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय कई अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे। उनके अनुसार, मेराज अहमद ने स्वयं अपनी जेब से ब्लेड निकालकर खुद को चोट पहुंचाई और झूठा मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। अशरफ अली खान ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया है कि दोनों शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है, और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1