मध्य प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 का समापन मंगलवार को मलाजखंड नगर पालिका परिषद के कार्यालय परिसर में एक समारोह के साथ किया गया। इस अवसर पर अभियान के दौरान किए गए जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई, साथ ही अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्व-सहायता समूहों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यह अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया गया था, जिसके अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र में जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए। इन कार्यों में 9 तालाबों का गहरीकरण, 60 कुओं की साफ-सफाई, 100 हैंडपंपों में सोक पिट का निर्माण, 29 पंप हाउसों की साफ-सफाई और पुताई, 7 ओवरहेड टैंकों की साफ-सफाई एवं रंगाई-पुताई, नगर क्षेत्र में 35 प्याऊ की व्यवस्था, तथा शासकीय एवं आवासीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए चित्र लेखन और पुताई कार्य भी संपन्न कराए गए। समापन समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और प्रत्येक नागरिक से जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया। इस दौरान अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाली स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और जल प्रदाय शाखा के कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया। समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी सभापति, पार्षदगण, मनोनीत पार्षद, जनप्रतिनिधि, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, तथा नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जल संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
मध्य प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 का समापन मंगलवार को मलाजखंड नगर पालिका परिषद के कार्यालय परिसर में एक समारोह के साथ किया गया। इस अवसर पर अभियान के दौरान किए गए जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई, साथ ही अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्व-सहायता समूहों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यह अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया गया था, जिसके अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र में जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए। इन कार्यों में 9 तालाबों का गहरीकरण, 60 कुओं की साफ-सफाई, 100 हैंडपंपों में सोक पिट का निर्माण, 29 पंप हाउसों की साफ-सफाई और पुताई, 7 ओवरहेड टैंकों की साफ-सफाई एवं रंगाई-पुताई, नगर क्षेत्र में 35 प्याऊ की व्यवस्था, तथा शासकीय एवं आवासीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए चित्र लेखन और पुताई कार्य भी संपन्न कराए गए। समापन समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और प्रत्येक नागरिक से जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया। इस दौरान अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाली स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और जल प्रदाय शाखा के कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया। समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी सभापति, पार्षदगण, मनोनीत पार्षद, जनप्रतिनिधि, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, तथा नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जल संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
- मध्य प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 का समापन मंगलवार को मलाजखंड नगर पालिका परिषद के कार्यालय परिसर में एक समारोह के साथ किया गया। इस अवसर पर अभियान के दौरान किए गए जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई, साथ ही अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्व-सहायता समूहों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यह अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया गया था, जिसके अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र में जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए। इन कार्यों में 9 तालाबों का गहरीकरण, 60 कुओं की साफ-सफाई, 100 हैंडपंपों में सोक पिट का निर्माण, 29 पंप हाउसों की साफ-सफाई और पुताई, 7 ओवरहेड टैंकों की साफ-सफाई एवं रंगाई-पुताई, नगर क्षेत्र में 35 प्याऊ की व्यवस्था, तथा शासकीय एवं आवासीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए चित्र लेखन और पुताई कार्य भी संपन्न कराए गए। समापन समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और प्रत्येक नागरिक से जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया। इस दौरान अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाली स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और जल प्रदाय शाखा के कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया। समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी सभापति, पार्षदगण, मनोनीत पार्षद, जनप्रतिनिधि, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, तथा नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जल संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।1
- बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जहाँ समाधान हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी तकनीक का शुभारंभ किया गया है। इस नई सुविधा के तहत, अब जिले में ही रोबोटिक नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी की जा सकेगी। यह पहल उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जिन्हें अब तक इस विशिष्ट सर्जरी के लिए महानगरों की ओर दौड़ना पड़ता था, जिससे उनकी यह परेशानी समाप्त हो जाएगी।1
- प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई अब केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह गई है, जिससे फरियादी अत्यधिक परेशान हैं। उच्च अधिकारियों के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण यह जनसुनवाई एक मखौल साबित हो रही है। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।1
- मानेगांव में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। यहां की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों को भारी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के लिए ग्रामीणों ने सीधे पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत की अनदेखी के कारण ही सड़क की ऐसी दुर्गति हुई है और वे कीचड़-पानी से भरी सड़क पर चलने को मजबूर हैं।1
- सिवनी में आयोजित साप्ताहिक जिलास्तरीय जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर सीएल चनाप की उपस्थिति में अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। इस जनसुनवाई में कुल 146 आवेदन प्राप्त हुए। ग्रामीणों द्वारा उठाई गई प्रमुख समस्याओं में प्रधानमंत्री आवास, खाद्यान्न पर्ची, राशन कार्ड, वृद्धापेंशन, अतिक्रमण हटाने और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कराने संबंधी माँगें शामिल थीं। अधिकारियों ने इन सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है।1
- छत्तीसगढ़ के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद से राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस कार्रवाई से प्रभावित हुए लोगों से मुलाकात करने के लिए भूपेश बघेल और दीपक बैज मौके पर पहुंचे हैं।1
- सिवनी विधानसभा क्षेत्र के बींझावाड़ा में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से लगभग 75 लाख रुपये की लागत से एक ग्रामीण खेल परिसर का निर्माण किया गया था। दुखद है कि रखरखाव के अभाव में यह परिसर वर्तमान में पूरी तरह बदहाल हो चुका है। परिसर की स्थिति इतनी खराब है कि खेल मैदान में जगह-जगह झाड़ियाँ उग आई हैं, जबकि दीवारों में भी दरारें पड़ गई हैं। दर्शक दीर्घा, प्रसाधन (टॉयलेट) और चेंजिंग रूम जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुँच गई हैं। इसके अलावा, परिसर के भीतर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है और चोरी की घटनाएँ भी लगातार सामने आ रही हैं। शहर से दूर होने के कारण खिलाड़ी भी यहाँ अभ्यास के लिए नहीं पहुँचते, जिससे यह अपनी उपयोगिता खो चुका है। इस बदहाल स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोग संबंधित अधिकारियों से परिसर की समय रहते मरम्मत कराने और उसकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।1
- शराब दुकान विरोध आंदोलन के बीच एक नया और सख्त मोड़ सामने आया है, जहाँ एक शराबी व्यक्ति को महिलाओं ने खंभे से बांध दिया। बताया जा रहा है कि शराब के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन के तहत यह सख्त कदम उसकी पत्नी ने उठाया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।1