आम की छांव में बदले सपनों के मायने: मुख्यमंत्री ने कहा-“अब करोड़पति दीदी बनने की सोचिए” सुशासन तिहार में वनांचल की महिलाओं से आत्मीय संवाद: संघर्ष की कहानियों में दिखी आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की तस्वीर कवर्धा, 09 मई 2026। कबीरधाम जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में 4 मई को सुशासन तिहार के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सरकारी योजनाओं के असर को आंकड़ों से निकालकर मानवीय संवेदनाओं से जोड़ दिया। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे ग्राम पंचायत लोखान के कमराखोल में जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अचानक ग्रामीणों के बीच पहुंचे, तो वहां मौजूद महिलाओं के लिए यह केवल मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं थी, बल्कि अपने संघर्षों को पहचान मिलने का भावुक क्षण था। आम के पुराने विशाल पेड़ की छांव में चैपाल सजी। मुख्यमंत्री महिलाओं और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनसे सहज बातचीत कर रहे थे। गांव की महिलाएं खुलकर अपनी जिंदगी की कहानियां साझा कर रही थीं - कभी आर्थिक तंगी, सीमित अवसर और संघर्षों से भरी जिंदगी, तो आज स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने तक का सफर। जब मुख्यमंत्री को बताया गया कि बिहान योजना से जुड़कर यहां की कई महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष और गर्व दोनों दिखाई दिए। उन्होंने कहा - “आप लोगों ने मेहनत और आत्मविश्वास से अपनी जिंदगी बदली है। अब यहीं मत रुकिए। बड़ा सोचिए, आगे बढ़िए। अब आपको करोड़पति दीदी बनने का सपना देखना है।” मुख्यमंत्री के ये शब्द चैपाल में मौजूद नारीशक्ति के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं थे। ग्राम कुकदूर की श्रीमती कचरा तेलगाम ने अपनी कहानी साझा की। श्रीमती कचरा तेलगाम ने बिहान योजना से मिले दो लाख रुपये के ऋण से शटरिंग प्लेट्स खरीदीं और नया व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन मेहनत और लगन ने धीरे-धीरे उनकी जिंदगी बदल दी। आज उनके पास लगभग 1700 वर्गफुट शटरिंग सामग्री है और वे 22 से अधिक मकानों के निर्माण कार्य में सहयोग कर चुकी हैं। इस काम से उन्हें हर साल ढाई से तीन लाख रुपये तक की आय हो रही है। कचरा तेलगाम बताती हैं कि पहले वे केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे परिवार की आर्थिक ताकत बन चुकी हैं। बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतें और भविष्य की बचत -सब कुछ अब वे आत्मविश्वास के साथ संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने जिस अपनेपन से बात की, उससे लगा कि हमारी मेहनत सच में किसी ने देखी और समझी है। अब और आगे बढ़ने का हौसला मिला है। सुशासन तिहार के इस दौरे ने यह स्पष्ट किया कि शासन की योजनाएं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज गांवों में आर्थिक बदलाव की नई धुरी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और सम्मान के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है। कबीरधाम के इन वनांचल गांवों में आम की छांव के नीचे हुई यह चैपाल महिलाओं के भीतर जगे नए विश्वास, बड़े सपनों और बदलती जिंदगी की नई शुरुआत का प्रतीक बन चुकी है। “लखपति दीदी” से “करोड़पति दीदी” तक का यह सपना अब गांव-गांव में नई उम्मीद बनकर फैल रहा है।
आम की छांव में बदले सपनों के मायने: मुख्यमंत्री ने कहा-“अब करोड़पति दीदी बनने की सोचिए” सुशासन तिहार में वनांचल की महिलाओं से आत्मीय संवाद: संघर्ष की कहानियों में दिखी आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की तस्वीर कवर्धा, 09 मई 2026। कबीरधाम जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में 4 मई को सुशासन तिहार के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सरकारी योजनाओं के असर को आंकड़ों से निकालकर मानवीय संवेदनाओं से जोड़ दिया। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे ग्राम पंचायत लोखान के कमराखोल में जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अचानक ग्रामीणों के बीच पहुंचे, तो वहां मौजूद महिलाओं के लिए यह केवल मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं थी, बल्कि अपने संघर्षों को पहचान मिलने का भावुक क्षण था। आम के पुराने विशाल पेड़ की छांव में चैपाल सजी। मुख्यमंत्री महिलाओं और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनसे सहज बातचीत कर रहे
थे। गांव की महिलाएं खुलकर अपनी जिंदगी की कहानियां साझा कर रही थीं - कभी आर्थिक तंगी, सीमित अवसर और संघर्षों से भरी जिंदगी, तो आज स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने तक का सफर। जब मुख्यमंत्री को बताया गया कि बिहान योजना से जुड़कर यहां की कई महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष और गर्व दोनों दिखाई दिए। उन्होंने कहा - “आप लोगों ने मेहनत और आत्मविश्वास से अपनी जिंदगी बदली है। अब यहीं मत रुकिए। बड़ा सोचिए, आगे बढ़िए। अब आपको करोड़पति दीदी बनने का सपना देखना है।” मुख्यमंत्री के ये शब्द चैपाल में मौजूद नारीशक्ति के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं थे। ग्राम कुकदूर की श्रीमती कचरा तेलगाम ने अपनी कहानी साझा की। श्रीमती कचरा तेलगाम ने बिहान योजना से मिले दो लाख रुपये के ऋण से शटरिंग प्लेट्स खरीदीं
और नया व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन मेहनत और लगन ने धीरे-धीरे उनकी जिंदगी बदल दी। आज उनके पास लगभग 1700 वर्गफुट शटरिंग सामग्री है और वे 22 से अधिक मकानों के निर्माण कार्य में सहयोग कर चुकी हैं। इस काम से उन्हें हर साल ढाई से तीन लाख रुपये तक की आय हो रही है। कचरा तेलगाम बताती हैं कि पहले वे केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे परिवार की आर्थिक ताकत बन चुकी हैं। बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतें और भविष्य की बचत -सब कुछ अब वे आत्मविश्वास के साथ संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने जिस अपनेपन से बात की, उससे लगा कि हमारी मेहनत सच में किसी ने देखी और समझी है। अब और आगे बढ़ने का हौसला मिला है। सुशासन तिहार के इस
दौरे ने यह स्पष्ट किया कि शासन की योजनाएं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज गांवों में आर्थिक बदलाव की नई धुरी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और सम्मान के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है। कबीरधाम के इन वनांचल गांवों में आम की छांव के नीचे हुई यह चैपाल महिलाओं के भीतर जगे नए विश्वास, बड़े सपनों और बदलती जिंदगी की नई शुरुआत का प्रतीक बन चुकी है। “लखपति दीदी” से “करोड़पति दीदी” तक का यह सपना अब गांव-गांव में नई उम्मीद बनकर फैल रहा है।
- जालेश्वर महादेव डोंगरिया पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, की पूजा-अर्चना “आस्था, परंपरा और संस्कृति के संगम में आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री Vishnu Deo Sai पहुंचे जालेश्वर महादेव डोंगरिया… जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की…” कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध जालेश्वर महादेव डोंगरिया मंदिर में आज धार्मिक और भक्तिमय माहौल देखने को मिला… मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों में खास उत्साह नजर आया। मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली, विकास और जनता के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत प्रदेश की पहचान है और सरकार इसे आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।1
- कवर्धा - शराब पार्टी के बाद खूनी खेल, दोस्त ने दोस्त को उतारा मौत के घाट , कवर्धा ठाकुर पारा का पुरा मामला आरोपी गिरफ्तार।1
- ग्राम कांपा के नहर में बहते पानी में आरसीसी पुलिया निर्माण जारी जिम्मेदार अधिकारी मौन कबीरधाम जिले के बोड़ला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कांपा में DMF मद योजना से बन रही आरसीसी पुलिया अब भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोपों में घिर गई है। आरोप है कि बहते पानी के बीच पुलिया निर्माण कर सरकारी राशि की खुली बंदरबांट की जा रही है। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बताया जा रहा है कि कांपा पंचायत के सरोधा जयलाश के नीचे नाले पर आरसीसी पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य चलती नहर और बहते पानी के बीच किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा तकनीकी मापदंडों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। कम गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग और मनमाने तरीके से निर्माण कार्य किए जाने से पुलिया की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण स्थल पर सूचना पटल तक नहीं लगाया गया है, जबकि सरकारी नियमों के मुताबिक निर्माण लागत, एजेंसी और स्वीकृत राशि की जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होता है। सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने से पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।अब ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच, गुणवत्ता परीक्षण और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.1
- कवर्धा के होमगार्ड कार्यालय में एक निलंबित जवान ने आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच की जा रही है।1
- तिल्दा-नेवरा में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने रेलवे के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर यात्री सुविधाएँ बढ़ाने की मांग की है। इसमें दुर्ग, बिलासपुर व कोरबा की ओर जाने वाली ट्रेनों के ठहराव और 5 साल से बंद प्लेटफॉर्म-1 को फिर से शुरू करने पर जोर दिया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि स्टेशन क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।5
- रायपुर जिले के तिल्दा नेवरा क्षेत्र के नीनवा खड़ में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपनी पार्टी से जोड़ा। औद्योगिक विस्तार से उत्पन्न समस्याओं और राष्ट्रीय दलों से निराशा के कारण लोग इस क्षेत्रीय विकल्प से जुड़ रहे हैं। पार्टी स्थानीय अधिकार व छत्तीसगढ़िया हितों के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है।2
- बिलासपुर के बिल्हा क्षेत्र के बरतोरी गांव में आवारा कुत्ते के हमले में दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके चेहरे और पलकों पर गहरी चोटें आई थीं, जिसके बाद सिम्स बिलासपुर में डॉक्टरों ने सफल पलक सर्जरी कर उनकी आंखों की रोशनी बचा ली। डॉक्टरों ने रेबीज के खतरे को देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया और समय पर इलाज के महत्व पर जोर दिया।1
- कवर्धा बस स्टैंड स्थित होटल में भीषण आग............... कवर्धा शहर के बस स्टैंड स्थित रवि कल्पना रेस्टोरेंट में रविवार को अचानक भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते रेस्टोरेंट धू-धू कर जलने लगा। आग की ऊंची लपटें और उठता काला धुआं दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग लगातार बढ़ती चली गई। घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दे दी गई है, हालांकि खबर लिखे जाने तक दमकल विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी थी। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव की वजह से हादसा हुआ हो सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आगजनी की इस घटना से रेस्टोरेंट में भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।2