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बिल्हा क्षेत्र के बरतोरी गांव में आवारा कुत्ते के हमले में घायल दो मासूम बच्चों बिल्हा क्षेत्र के बरतोरी गांव में आवारा कुत्ते के हमले में घायल दो मासूम बच्चों का सिम्स में सफल उपचार शनिवार की रात 8:00 बजे पी आर ओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार नेत्र रोग विभाग की टीम ने किया जटिल पलक सर्जरी, समय पर इलाज से बची आंखों की रोशनी बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र अंतर्गत बरतोरी गांव में एक दर्दनाक घटना में दो मासूम बच्चों पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। इस हमले में दो वर्षीय बालक एवं दो वर्षीय बालिका के चेहरे और आंखों की पलकों पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजन तत्काल बच्चों को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर लेकर पहुंचे, जहां नेत्र रोग विभाग की टीम ने तुरंत आपातकालीन उपचार प्रारंभ कर दोनों बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों के चेहरे, आंखों एवं पलकों के आसपास गहरे घाव होने के कारण यह मामला “कैटेगरी-3 डॉग बाइट” की श्रेणी में आया, जिसमें रेबीज संक्रमण का खतरा अत्यधिक रहता है। अस्पताल पहुंचते ही घावों की गहन सफाई की गई तथा तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) शुरू की गई। साथ ही संक्रमण को शुरुआती स्तर पर रोकने के लिए रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) भी लगाया गया। आंखों की पलकों के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के कारण उसी दिन सिम्स के नेत्र रोग ऑपरेशन थिएटर में बच्चों की “अर्जेंट लिड रिपेयर सर्जरी” की गई। सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त ऊतकों की सूक्ष्मता से मरम्मत कर आंखों की संरचना और दृष्टि को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। वर्तमान में दोनों बच्चे चिकित्सकों की निगरानी में हैं तथा उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इस जटिल उपचार एवं सर्जरी में नेत्र रोग विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. संजय चौधरी, डॉ आरती, डॉ. अनिकेत निश्चेतना विभाग से डॉ यशा तिवारी और डॉ द्रोपती सहित अन्य चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स अस्पताल गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि डॉग बाइट जैसे मामलों में समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी जानवर के काटने या खरोंच लगने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें। सिम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह ने कहा कि रेबीज एक घातक लेकिन पूर्णतः रोके जाने योग्य बीमारी है। यदि समय रहते एंटी-रेबीज वैक्सीन एवं आवश्यक उपचार दिया जाए तो मरीज को सुरक्षित बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से घरेलू उपचार, झाड़-फूंक अथवा अंधविश्वास से बचने और वैज्ञानिक उपचार अपनाने की अपील की। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुचिता सिंह ने बताया कि बच्चों की आंखों एवं पलकों पर गंभीर चोट थी, जिसके कारण तत्काल सर्जरी करना जरूरी था। विशेषज्ञ टीम द्वारा सावधानीपूर्वक सर्जरी कर आंखों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया, जिससे बच्चों की दृष्टि बचाने में सफलता मिली। चिकित्सकों ने बताया कि रेबीज संक्रमित कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने, खरोंच अथवा लार के संपर्क से फैलने वाली अत्यंत खतरनाक वायरल बीमारी है। बीमारी बढ़ने पर मरीज में पानी से डर लगना, सांस लेने में कठिनाई, मानसिक भ्रम, आक्रामक व्यवहार और लकवा जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि किसी भी डॉग बाइट की घटना को हल्के में न लें तथा तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नगर निगम एवं प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाने, नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रम को तेज करने तथा गांव एवं शहरी क्षेत्रों में रेबीज जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई।

2 hrs ago
user_Patrkar Sarthi
Patrkar Sarthi
Reporter Bilha, Bilaspur•
2 hrs ago

बिल्हा क्षेत्र के बरतोरी गांव में आवारा कुत्ते के हमले में घायल दो मासूम बच्चों बिल्हा क्षेत्र के बरतोरी गांव में आवारा कुत्ते के हमले में घायल दो मासूम बच्चों का सिम्स में सफल उपचार शनिवार की रात 8:00 बजे पी आर ओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार नेत्र रोग विभाग की टीम ने किया जटिल पलक सर्जरी, समय पर इलाज से बची आंखों की रोशनी बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र अंतर्गत बरतोरी गांव में एक दर्दनाक घटना में दो मासूम बच्चों पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। इस हमले में दो वर्षीय बालक एवं दो वर्षीय बालिका के चेहरे और आंखों की पलकों पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजन तत्काल बच्चों को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर लेकर पहुंचे, जहां नेत्र रोग विभाग की टीम ने तुरंत आपातकालीन उपचार प्रारंभ कर दोनों बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों के चेहरे, आंखों एवं पलकों के आसपास गहरे घाव होने के कारण यह मामला “कैटेगरी-3 डॉग बाइट” की श्रेणी में आया, जिसमें रेबीज संक्रमण का खतरा अत्यधिक रहता है। अस्पताल पहुंचते ही घावों की गहन सफाई की गई तथा तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) शुरू की गई। साथ ही संक्रमण को शुरुआती स्तर पर रोकने के लिए रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) भी लगाया गया। आंखों की पलकों के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के कारण उसी दिन सिम्स के नेत्र रोग ऑपरेशन थिएटर में बच्चों की “अर्जेंट लिड रिपेयर सर्जरी” की गई। सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त ऊतकों की सूक्ष्मता से मरम्मत कर आंखों की संरचना और दृष्टि को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। वर्तमान में दोनों बच्चे चिकित्सकों की निगरानी में हैं तथा उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इस जटिल उपचार एवं सर्जरी में नेत्र रोग विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. संजय चौधरी, डॉ आरती, डॉ. अनिकेत निश्चेतना विभाग से डॉ यशा तिवारी और डॉ द्रोपती सहित अन्य चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स अस्पताल गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि डॉग बाइट जैसे मामलों में समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी जानवर के काटने या खरोंच लगने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें। सिम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह ने कहा कि रेबीज एक घातक लेकिन पूर्णतः रोके जाने योग्य बीमारी है। यदि समय रहते एंटी-रेबीज वैक्सीन एवं आवश्यक उपचार दिया जाए तो मरीज को सुरक्षित बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से घरेलू उपचार, झाड़-फूंक अथवा अंधविश्वास से बचने और वैज्ञानिक उपचार अपनाने की अपील की। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुचिता सिंह ने बताया कि बच्चों की आंखों एवं पलकों पर गंभीर चोट थी, जिसके कारण तत्काल सर्जरी करना जरूरी था। विशेषज्ञ टीम द्वारा सावधानीपूर्वक सर्जरी कर आंखों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया, जिससे बच्चों की दृष्टि बचाने में सफलता मिली। चिकित्सकों ने बताया कि रेबीज संक्रमित कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने, खरोंच अथवा लार के संपर्क से फैलने वाली अत्यंत खतरनाक वायरल बीमारी है। बीमारी बढ़ने पर मरीज में पानी से डर लगना, सांस लेने में कठिनाई, मानसिक भ्रम, आक्रामक व्यवहार और लकवा जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि किसी भी डॉग बाइट की घटना को हल्के में न लें तथा तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नगर निगम एवं प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाने, नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रम को तेज करने तथा गांव एवं शहरी क्षेत्रों में रेबीज जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई।

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    बिल्हा क्षेत्र के बरतोरी गांव में आवारा कुत्ते के हमले में घायल दो मासूम बच्चों 
बिल्हा क्षेत्र के बरतोरी गांव में आवारा कुत्ते के हमले में घायल दो मासूम बच्चों का सिम्स में सफल उपचार
शनिवार की रात 8:00 बजे पी आर ओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार
नेत्र रोग विभाग की टीम ने किया जटिल पलक सर्जरी, समय पर इलाज से बची आंखों की रोशनी
बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र अंतर्गत बरतोरी गांव में एक दर्दनाक घटना में दो मासूम बच्चों पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। इस हमले में दो वर्षीय बालक एवं दो वर्षीय बालिका के चेहरे और आंखों की पलकों पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजन तत्काल बच्चों को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर लेकर पहुंचे, जहां नेत्र रोग विभाग की टीम ने तुरंत आपातकालीन उपचार प्रारंभ कर दोनों बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। 
चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों के चेहरे, आंखों एवं पलकों के आसपास गहरे घाव होने के कारण यह मामला “कैटेगरी-3 डॉग बाइट” की श्रेणी में आया, जिसमें रेबीज संक्रमण का खतरा अत्यधिक रहता है। अस्पताल पहुंचते ही घावों की गहन सफाई की गई तथा तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) शुरू की गई। साथ ही संक्रमण को शुरुआती स्तर पर रोकने के लिए रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) भी लगाया गया। 
आंखों की पलकों के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के कारण उसी दिन सिम्स के नेत्र रोग ऑपरेशन थिएटर में बच्चों की “अर्जेंट लिड रिपेयर सर्जरी” की गई। सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त ऊतकों की सूक्ष्मता से मरम्मत कर आंखों की संरचना और दृष्टि को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। वर्तमान में दोनों बच्चे चिकित्सकों की निगरानी में हैं तथा उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
इस जटिल उपचार एवं सर्जरी में नेत्र रोग विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. संजय चौधरी,
डॉ आरती, डॉ. अनिकेत 
निश्चेतना विभाग से डॉ यशा तिवारी और डॉ द्रोपती सहित अन्य चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स अस्पताल गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि डॉग बाइट जैसे मामलों में समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी जानवर के काटने या खरोंच लगने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें।
सिम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह ने कहा कि रेबीज एक घातक लेकिन पूर्णतः रोके जाने योग्य बीमारी है। यदि समय रहते एंटी-रेबीज वैक्सीन एवं आवश्यक उपचार दिया जाए तो मरीज को सुरक्षित बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से घरेलू उपचार, झाड़-फूंक अथवा अंधविश्वास से बचने और वैज्ञानिक उपचार अपनाने की अपील की।
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुचिता सिंह ने बताया कि बच्चों की आंखों एवं पलकों पर गंभीर चोट थी, जिसके कारण तत्काल सर्जरी करना जरूरी था। विशेषज्ञ टीम द्वारा सावधानीपूर्वक सर्जरी कर आंखों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया, जिससे बच्चों की दृष्टि बचाने में सफलता मिली।
चिकित्सकों ने बताया कि रेबीज संक्रमित कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने, खरोंच अथवा लार के संपर्क से फैलने वाली अत्यंत खतरनाक वायरल बीमारी है। बीमारी बढ़ने पर मरीज में पानी से डर लगना, सांस लेने में कठिनाई, मानसिक भ्रम, आक्रामक व्यवहार और लकवा जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि किसी भी डॉग बाइट की घटना को हल्के में न लें तथा तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। 
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नगर निगम एवं प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाने, नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रम को तेज करने तथा गांव एवं शहरी क्षेत्रों में रेबीज जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    2 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का बुधवारी बाजार अपनी खराब स्वच्छता को लेकर चर्चा में है। पूरे देश में स्वच्छता के मामले में दूसरे स्थान पर रहने वाले इस शहर के बाजार का यह हाल लोगों को चौंका रहा है। यह स्थिति शहर की स्वच्छता रैंकिंग पर सवाल खड़े करती है।
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    छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का बुधवारी बाजार अपनी खराब स्वच्छता को लेकर चर्चा में है। पूरे देश में स्वच्छता के मामले में दूसरे स्थान पर रहने वाले इस शहर के बाजार का यह हाल लोगों को चौंका रहा है। यह स्थिति शहर की स्वच्छता रैंकिंग पर सवाल खड़े करती है।
    user_News30live
    News30live
    Local News Reporter Bilha, Bilaspur•
    18 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कोड़ोहरदी मोड़ के पास जंगल में एक अज्ञात शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुटी है, लेकिन मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
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    छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कोड़ोहरदी मोड़ के पास जंगल में एक अज्ञात शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुटी है, लेकिन मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
    user_OmNarayana Tiwari
    OmNarayana Tiwari
    बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक बुजुर्ग से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ₹1.80 करोड़ से ज़्यादा की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार हुए हैं। आरोपियों ने खुद को सीबीआई, ईडी और पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को आतंकवादी संगठन से जुड़ाव का डर दिखाकर ठगा।
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    छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक बुजुर्ग से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ₹1.80 करोड़ से ज़्यादा की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार हुए हैं। आरोपियों ने खुद को सीबीआई, ईडी और पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को आतंकवादी संगठन से जुड़ाव का डर दिखाकर ठगा।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के मरवाही वन प्रभाग ने कोरजा-पंडरी क्षेत्र में वनभूमि से अतिक्रमण हटा दिया है। इस कार्रवाई से कई आदिवासी परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। प्रशासन इसे वन संरक्षण बता रहा है, वहीं प्रभावित परिवार पुनर्वास और राहत की मांग कर रहे हैं।
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    छत्तीसगढ़ के मरवाही वन प्रभाग ने कोरजा-पंडरी क्षेत्र में वनभूमि से अतिक्रमण हटा दिया है। इस कार्रवाई से कई आदिवासी परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। प्रशासन इसे वन संरक्षण बता रहा है, वहीं प्रभावित परिवार पुनर्वास और राहत की मांग कर रहे हैं।
    user_Mithlesh Ayam
    Mithlesh Ayam
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 day ago
  • मस्तुरी क्षेत्र के ग्राम बकरकुदा मे पानी भारी किल्लत स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित शासन प्रशासन गहरी नींद मे.... मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम बकरकुदा मे पानी की समस्या से जूझ रहे लोग 2 किलोमीटर दूर से ला रहे पीने का पानी आधे से ज्यादा नलकूप सुखा पड़ा है जल जीवन मिशन भी ढप पड़ी है सूत्रों के अनुसार तो सरकारी नलों को गांव के कई लोग कब्जा कर लिए हैं वही दूसरी ओर गांव के सरपंच को पानी की समस्या के बारे मे ग्रामीणों द्वारा बोलने पर मै तुमलोगो का सरपंच ही नहीं हूं बोला जाता है....
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    मस्तुरी क्षेत्र के ग्राम बकरकुदा मे पानी भारी किल्लत स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित शासन प्रशासन गहरी नींद मे....
मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम बकरकुदा मे पानी की समस्या से जूझ रहे लोग 2 किलोमीटर दूर से ला रहे पीने का पानी आधे से ज्यादा नलकूप सुखा पड़ा है जल जीवन मिशन भी ढप पड़ी है सूत्रों के अनुसार तो सरकारी नलों को गांव के कई लोग कब्जा कर लिए हैं वही दूसरी ओर गांव के सरपंच को पानी की समस्या के बारे मे ग्रामीणों द्वारा बोलने पर मै तुमलोगो का सरपंच ही नहीं हूं बोला जाता है....
    user_C.G जर्नलिस्ट
    C.G जर्नलिस्ट
    मस्तूरी, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बलौदाबाजार के रावन गांव में एक किराएदार ने किराया मांगने पर मकान मालिक शिव कुमार वर्मा पर गाली-गलौज करते हुए तलवार से हमला करने की कोशिश की। आरोपी नितीन श्रीवास कई महीनों से किराया नहीं दे रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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    बलौदाबाजार के रावन गांव में एक किराएदार ने किराया मांगने पर मकान मालिक शिव कुमार वर्मा पर गाली-गलौज करते हुए तलवार से हमला करने की कोशिश की। आरोपी नितीन श्रीवास कई महीनों से किराया नहीं दे रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
    user_Hariom .Vishwakarma . रीपोर्ट
    Hariom .Vishwakarma . रीपोर्ट
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • बिल्हा विधायक एवं जनप्रतिनिधियों ने बिलासपुर ज़ोन के महाप्रबंधक के बिल्हा स्टेशन बिल्हा विधायक एवं जनप्रतिनिधियों ने बिलासपुर ज़ोन के महाप्रबंधक के बिल्हा स्टेशन आगमन एवं निरीक्षण के दौरान उनसे सौजन्य भेंट कर रखी बात शनिवार की रात 9:30 बजे बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक जी के निज सचिव से मिली जानकारी के अनुसार बिल्हा रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में चयनित किए जाने के उपरांत शनिवार को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर ज़ोन के महाप्रबंधक महोदय के बिल्हा स्टेशन आगमन एवं निरीक्षण के दौरान उनसे सौजन्य भेंट कर बिल्हा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न जनहित एवं रेल सुविधाओं के महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई । क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांगों एवं यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक आवश्यक विषय प्रमुखता से उनके समक्ष रखे गए। इस अवसर पर बिल्हा (BYL) रेलवे स्टेशन में यात्रियों की निरंतर बढ़ती संख्या को देखते हुए नवीन फुट ओवर ब्रिज निर्माण तथा निर्माणाधीन अंडर ब्रिज कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की गई। साथ ही दाधापारा–परसदा रेलवे क्रॉसिंग पर अंडर ब्रिज निर्माण की आवश्यकता से भी अवगत कराया गया, जिससे आमजन को सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त कोरोना काल में बंद किए गए ट्रेनों के पुनः स्टॉपेज प्रारंभ करने एवं नई ट्रेनों के ठहराव की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। जिन ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग की गई, उनमें — • दुर्ग–अंबिकापुर एवं अंबिकापुर–दुर्ग (अंबिकापुर एक्सप्रेस) • कोरबा–विशाखापट्टनम एवं विशाखापट्टनम–कोरबा (लिंक एक्सप्रेस) • दुर्ग–दानापुर एवं दानापुर–दुर्ग (साउथ बिहार एक्सप्रेस) • रायगढ़–गोंदिया एवं गोंदिया–रायगढ़ (जनशताब्दी एक्सप्रेस) प्रमुख रूप से शामिल हैं। साथ ही बिल्हा रेलवे साइडिंग हेतु अलग सड़क मार्ग निर्माण की मांग रखते हुए मोहभट्टा रेलवे फाटक से रेलवे साइडिंग तक नवीन मार्ग निर्माण की आवश्यकता से भी अवगत कराया गया, ताकि भारी वाहनों के कारण आमजन को होने वाली जाम, धूल एवं दुर्घटना जैसी समस्याओं से राहत मिल सके। इन रेल सुविधाओं एवं आधारभूत विकास कार्यों के विस्तार से विद्यार्थियों, व्यापारियों, किसानों एवं दैनिक यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी तथा क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। जनहित एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर महाप्रबंधक महोदय द्वारा सकारात्मक पहल एवं आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर बिल्हा विधायक के साथ क्रेड़ा अध्यक्ष भूपेंद्र सावन्नी नगर पंचायत बिल्हा अध्यक्ष वंदना जेन्द्रे एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे
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    बिल्हा विधायक एवं जनप्रतिनिधियों ने बिलासपुर ज़ोन के महाप्रबंधक के बिल्हा स्टेशन
बिल्हा विधायक एवं जनप्रतिनिधियों ने बिलासपुर ज़ोन के महाप्रबंधक के बिल्हा स्टेशन आगमन एवं निरीक्षण के दौरान उनसे सौजन्य भेंट कर रखी बात 
शनिवार की रात 9:30 बजे बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक जी के निज सचिव से मिली जानकारी के अनुसार 
बिल्हा रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में चयनित किए जाने के उपरांत शनिवार को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर ज़ोन के महाप्रबंधक महोदय के बिल्हा स्टेशन आगमन एवं निरीक्षण के दौरान उनसे सौजन्य भेंट कर बिल्हा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न जनहित एवं रेल सुविधाओं के महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई । क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांगों एवं यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक आवश्यक विषय प्रमुखता से उनके समक्ष रखे गए।
इस अवसर पर बिल्हा (BYL) रेलवे स्टेशन में यात्रियों की निरंतर बढ़ती संख्या को देखते हुए नवीन फुट ओवर ब्रिज निर्माण तथा निर्माणाधीन अंडर ब्रिज कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की गई। साथ ही दाधापारा–परसदा रेलवे क्रॉसिंग पर अंडर ब्रिज निर्माण की आवश्यकता से भी अवगत कराया गया, जिससे आमजन को सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा प्राप्त हो सके।
इसके अतिरिक्त कोरोना काल में बंद किए गए ट्रेनों के पुनः स्टॉपेज प्रारंभ करने एवं नई ट्रेनों के ठहराव की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। जिन ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग की गई, उनमें —
• दुर्ग–अंबिकापुर एवं अंबिकापुर–दुर्ग (अंबिकापुर एक्सप्रेस)
• कोरबा–विशाखापट्टनम एवं विशाखापट्टनम–कोरबा (लिंक एक्सप्रेस)
• दुर्ग–दानापुर एवं दानापुर–दुर्ग (साउथ बिहार एक्सप्रेस)
• रायगढ़–गोंदिया एवं गोंदिया–रायगढ़ (जनशताब्दी एक्सप्रेस)
प्रमुख रूप से शामिल हैं।
साथ ही बिल्हा रेलवे साइडिंग हेतु अलग सड़क मार्ग निर्माण की मांग रखते हुए मोहभट्टा रेलवे फाटक से रेलवे साइडिंग तक नवीन मार्ग निर्माण की आवश्यकता से भी अवगत कराया गया, ताकि भारी वाहनों के कारण आमजन को होने वाली जाम, धूल एवं दुर्घटना जैसी समस्याओं से राहत मिल सके।
इन रेल सुविधाओं एवं आधारभूत विकास कार्यों के विस्तार से विद्यार्थियों, व्यापारियों, किसानों एवं दैनिक यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी तथा क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। जनहित एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर महाप्रबंधक महोदय द्वारा सकारात्मक पहल एवं आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर बिल्हा विधायक के साथ क्रेड़ा अध्यक्ष भूपेंद्र सावन्नी नगर पंचायत बिल्हा अध्यक्ष वंदना जेन्द्रे एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    2 hrs ago
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