रेलवे की जमीन पर हरा महुआ का पेड़ काटने का आरोप, वन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल कौशांबी। जनपद कौशांबी के थाना कोखराज क्षेत्र के रामचौरा गांव के पास रेलवे की सरकारी जमीन पर हरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी माफिया बिना वैध कागजात के एक विशाल हरे महुआ के पेड़ को काट रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार निसार, आनंद और जयकेश नाम के तीन लोग मिलकर रेलवे की जमीन पर लगे महुआ के पेड़ को काट रहे हैं। आरोप है कि पेड़ की कटाई बिना किसी अनुमति या वैध दस्तावेज के की जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी वन विभाग को होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। कुछ लोगों ने वन विभाग के दरोगा मनोज पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी अनदेखी के कारण सरकारी जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे की जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और सरकारी संपत्ति को भी हानि हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस मामले में वन विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी जमीन पर अवैध पेड़ कटान का गंभीर मामला हो सकता है।
रेलवे की जमीन पर हरा महुआ का पेड़ काटने का आरोप, वन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल कौशांबी। जनपद कौशांबी के थाना कोखराज क्षेत्र के रामचौरा गांव के पास रेलवे की सरकारी जमीन पर हरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी माफिया बिना वैध कागजात के एक विशाल हरे महुआ के पेड़ को काट रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार निसार, आनंद और जयकेश नाम के तीन लोग मिलकर रेलवे की जमीन पर लगे महुआ के पेड़ को काट रहे हैं। आरोप है कि पेड़ की कटाई बिना किसी अनुमति या वैध दस्तावेज के की जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी वन विभाग को होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। कुछ लोगों ने वन विभाग के दरोगा मनोज पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी अनदेखी के कारण सरकारी जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे की जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और सरकारी संपत्ति को भी हानि हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस मामले में वन विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी जमीन पर अवैध पेड़ कटान का गंभीर मामला हो सकता है।
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- उत्तर प्रदेश के Kaushambi district में शादी समारोह के दौरान बड़ा हादसा हो गया। Kada Dham थाना क्षेत्र के Rampur Badhanawa गांव में रोड लाइट उठाते समय अचानक करंट उतर आया। इस हादसे में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- Post by Raja Ji1
- UGC के खिलाफ सवर्ण समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।प्रदर्शन कर रहे कई लोगो को दिल्ली पुलिस हिरासत मे लेकर जा रही है, फिर भी आंदोलन रुकने का नाम नही ले रहा! #UGC_RollBack #UGC_काला_कानून_वापस_लो #UGCRollBack #ugc_नहीं_ucc_चाहियॆ1
- Post by Shuru Niws1
- कौशांबी...जनसुनवाई में तकनीक का समावेश- पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी ने 'ऑनलाइन संवाद' के जरिए सुनीं फरियादियों की समस्याएं ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS जनपद में फरियादियों की समस्याओं के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा एक अभिनव एवं सराहनीय पहल की जा रही है। इसी क्रम में जनपद के विभिन्न थानों पर उपस्थित फरियादियों की शिकायतों एवं समस्याओं के संबंध में पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों से ऑनलाइन माध्यम से संवाद स्थापित किया जा रहा है। इस ऑनलाइन संवाद के दौरान फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना जा रहा है तथा प्रत्येक प्रकरण का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण नियमानुसार एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हो, ताकि फरियादियों को अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें तथा उन्हें समय पर न्याय मिल सके। तकनीक के इस प्रयोग से न केवल पुलिसिंग में पारदर्शिता आई है, बल्कि आम जनमानस का पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हो रहा है।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1