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भोपाल के बैरसिया स्थित लुगासी गांव में सड़क खुदी हुई पड़ी है। इस खुदी हुई सड़क को साफ कराने में सहायता करने और यहां एक पक्की सड़क बनवाने की अपील की गई है।
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भोपाल के बैरसिया स्थित लुगासी गांव में सड़क खुदी हुई पड़ी है। इस खुदी हुई सड़क को साफ कराने में सहायता करने और यहां एक पक्की सड़क बनवाने की अपील की गई है।
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- भोपाल के बैरसिया स्थित लुगासी गांव में सड़क खुदी हुई पड़ी है। इस खुदी हुई सड़क को साफ कराने में सहायता करने और यहां एक पक्की सड़क बनवाने की अपील की गई है।1
- भोपाल के अयोध्यानगर में पुलिस द्वारा 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के तहत पुलिस टीम एक तरफ आम लोगों के बीच जाकर नशीले पदार्थों के नुकसान के प्रति जन जागरूकता फैला रही है, तो दूसरी तरफ अपराधियों पर भी नकेल कस रही है। पुलिस बल द्वारा स्लम एरिया, झुग्गी बस्तियों और विभिन्न कॉलोनियों में जाकर गांजा तस्करों और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले संदिग्धों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है और उनकी सघन तलाशी ली जा रही है।2
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी की है। यह नई दरें 16 जुलाई से लागू हो गई हैं। वहीं दूसरी तरफ, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में कटौती की गई है। इस बदलाव को लेकर सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस फैसले का घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।1
- दिल्ली के जंतर मंतर के अलावा मध्य प्रदेश में भी एक और आंदोलन चल रहा है। मध्य प्रदेश में चल रहा यह आंदोलन आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को लेकर किया जा रहा है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज देश की सबसे लंबी जल-सुरंग का निरीक्षण करेंगे। कटनी के स्लीमनाबाद में स्थित 11.952 किलोमीटर लंबी यह जल-सुरंग 17 वर्षों की कठिन भू-गर्भीय चुनौतियों का सामना करने के बाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस ऐतिहासिक परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके जरिए नर्मदा का पानी बिना किसी बिजली के, केवल प्राकृतिक गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी फ्लो) के माध्यम से विंध्य क्षेत्र तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह देश की सबसे जटिल और ऐतिहासिक जल-इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है, जिसका लगभग 96.66% कार्य पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम ब्रेक-थ्रू का इंतजार है। यह परियोजना पूर्ण होने से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिलों के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके जरिए 6 जिलों के 1450 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा और 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री का दावा है कि यह ऐतिहासिक परियोजना विंध्य और महाकौशल की कृषि अर्थव्यवस्था को नया आयाम देगी और क्षेत्र के विकास तथा किसानों की समृद्धि की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।4
- भोपाल के अयोध्यानगर थाना पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए झील नगर झुग्गी बस्ती से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 38 वर्षीय मोहन उर्फ बाला जाटव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 10 हजार रुपये की कीमत का 300 ग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी जेब में गांजे की पुड़िया रखकर झुग्गी बस्तियों में सप्लाई करने का काम करता था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने इतवारा क्षेत्र से गांजा लाकर बेचने की बात कबूल की है। पुलिस ने यह कार्रवाई 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत की है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब गांजे की खरीद-फरोख्त और इसके पूरे सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है, जिस पर पहले से मारपीट, आबकारी और अन्य मामलों समेत कुल 6 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। अयोध्यानगर थाना पुलिस ने साफ किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- भोपाल के भानपुर में अतिक्रमण के जाल से आम जनता बेहद परेशान है। फुटपाथ पर फैले अतिक्रमण की वजह से लोग और बच्चे मुख्य सड़क से होकर जाने को मजबूर हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण मासूम बच्चों की जान को हर वक्त खतरा बना रहता है। फुटपाथ पूरी तरह बाधित होने की वजह से लोगों के पास सड़क पर चलने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है, जिससे वे अपनी जान जोखिम में डालने को विवश हैं।1
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत भोपाल में विशेष जन जागरूकता रथ को रवाना किया गया है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय परिसर से इस रथ को हरी झंडी दिखाई। यह रथ आगामी 30 जुलाई तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों को नशे के नुकसान बताएगा और समाज को नशामुक्त करने का संदेश देगा। आकर्षक ग्राफिक्स और स्लोगनों से सजे इस रथ पर महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी लिखे गए हैं, जिन पर नागरिक नशे के अवैध कारोबार की गुप्त सूचना पुलिस को दे सकते हैं। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस अभियान को समाज को नशे से बाहर निकालने का एक व्यापक प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि नशा पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए पुलिस नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। भोपाल में ड्रग्स के हॉटस्पॉट पहले ही चिह्नित किए जा चुके हैं और छोटे-बड़े अपराधियों का विस्तृत डेटा भी तैयार है। किसी भी आरोपी पर कार्रवाई होने पर पुलिस जांच केवल उसी व्यक्ति तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की पड़ताल की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और आसपास ड्रग्स का अवैध कारोबार दिखने पर पुलिस को सूचना दें। विद्यार्थियों को नशे से बचाने के लिए भोपाल के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर के दायरे को ड्रग्स मुक्त ज़ोन घोषित किया गया है, जहां नियमित गश्त और विशेष निगरानी रखी जा रही है। अभियान के दौरान शहर के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और सरकारी व निजी कार्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। भोपाल पुलिस का मानना है कि जनसहभागिता के बिना नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।2