Shuru
Apke Nagar Ki App…
प्रयागराज के दायरा शाह गुलाम अली रानी मंडी इलाके में एक घर के अंदर खड़ी साइकिल की चोरी का मामला सामने आया है। चोर बड़ी चालाकी से साइकिल लेकर फरार हो गया, और यह पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। दिनदहाड़े हुई इस साइकिल चोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
Afzal pathan patrakaar
प्रयागराज के दायरा शाह गुलाम अली रानी मंडी इलाके में एक घर के अंदर खड़ी साइकिल की चोरी का मामला सामने आया है। चोर बड़ी चालाकी से साइकिल लेकर फरार हो गया, और यह पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। दिनदहाड़े हुई इस साइकिल चोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
More news from Prayagraj and nearby areas
- आजमगढ़ में हुक्का बार से जुड़े एक मामले में एक दरोगा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के आरोप में की गई है।1
- Indian Air Force की प्रमुख एरोबैटिक प्रदर्शन टीम, सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT), का गठन वर्ष 1996 में किया गया था और इसका मुख्यालय Air Force Station Bidar में स्थित है Indian Air Force की प्रमुख एरोबैटिक प्रदर्शन टीम, सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT), का गठन वर्ष 1996 में किया गया था और इसका मुख्यालय Air Force Station Bidar में स्थित है। इस टीम की स्थापना भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता, सटीकता और संचालन उत्कृष्टता को समन्वित हवाई करतबों के माध्यम से प्रदर्शित करने के उद्देश्य से की गई थी। SKAT ने प्रारम्भ में प्रसिद्ध HAL HJT-16 Kiran Mk II विमान उड़ाए, जिनसे टीम को “सूर्यकिरण” नाम प्राप्त हुआ, जिसका अर्थ है “सूर्य की किरणें।” लगभग दो दशकों तक इस टीम ने देशभर में अनेक रोमांचक हवाई प्रदर्शन किए और भारतीय वायुसेना के सबसे पहचान योग्य प्रतीकों में से एक बन गई। मई 2006 में टीम को औपचारिक रूप से 52 स्क्वाड्रन, “शार्क्स” के रूप में नामित किया गया, जिसने पूर्ववर्ती मिग-21 FL स्क्वाड्रन की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाया। वर्ष 2015 में टीम ने अधिक उन्नत BAE Systems Hawk Mk 132 विमान को अपनाया, जिसका लाइसेंस उत्पादन Hindustan Aeronautics Limited द्वारा किया गया था। इससे आधुनिक एवियोनिक्स, बेहतर प्रदर्शन क्षमता और उन्नत स्मोक-जनरेशन प्रणाली के साथ टीम की प्रदर्शन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। हॉक विमान के शामिल होने से टीम की संचालन एवं प्रदर्शन क्षमता में एक नए युग की शुरुआत हुई। वर्षों के दौरान SKAT ने भारत और विदेशों में सैकड़ों हवाई प्रदर्शन किए हैं तथा प्रतिष्ठित एयर शो, राष्ट्रीय समारोहों और अंतरराष्ट्रीय विमानन आयोजनों में भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व किया है। टीम ने Sri Lanka, Myanmar, Thailand, Singapore, China तथा United Arab Emirates सहित कई देशों में प्रदर्शन कर अपनी सटीक उड़ान और आकर्षक संरचनाओं से व्यापक प्रशंसा अर्जित की है। SKAT के इतिहास की कुछ उल्लेखनीय उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं: Aero India के प्रमुख संस्करणों में सहभागिता यूएई, थाईलैंड, लाओस, मलेशिया, श्रीलंका, म्यांमार और चीन में विदेशी प्रदर्शन चेन्नई के ऊपर हुआ भव्य हवाई प्रदर्शन, जिसे समुद्र तट के किनारे लगभग 17 लाख दर्शकों ने देखा वर्ष 2026 में हिमालय के ऊपर पहला ऐतिहासिक हवाई प्रदर्शन वर्तमान में इस स्क्वाड्रन का नेतृत्व Ajay Dasarathi कर रहे हैं, जो एक अनुभवी Su-30 पायलट, विशाल संचालन अनुभव वाले अधिकारी तथा क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं।4
- सैदाबाद ब्लॉक अंतर्गत ढ़ोरहा गांव निवासी अमित कनौजिया एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके इलाज के दौरान चिकित्सकों ने प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता बताई। आर्थिक तंगी के बावजूद, उनके परिवार ने हरसंभव प्रयास कर यह सर्जरी करवाई। इस मुश्किल घड़ी में, उनके सहपाठी मित्र मंडल ने भी विशेष आर्थिक सहयोग प्रदान कर मानवता की एक मिसाल पेश की। इस घटना और सहयोग की जानकारी सचिव अरुण कुमार विश्वास ने सोमवार को सुबह 11 बजे दी।1
- Post by Raju Yadav1
- यह नहीं कहा जा सकता कि कब एक कुत्ता शेर या भेड़िये में बदल जाए। इसलिए, सभी को हर स्थिति में सावधानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।1
- प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रामपुर पुलिस चौकी के पास संचालित एक गिट्टी मिक्चर प्लांट से उड़ रही भारी धूल और धुएं के कारण आसपास के ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाली यह धूल पूरे क्षेत्र में फैल रही है, जिसके चलते सांस लेने में दिक्कत, खांसी और अन्य बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस प्रदूषण का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों को इसकी शिकायत दी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस मामले की तत्काल जांच कराने और प्रदूषण फैलाने वाले इस प्लांट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। गांव वालों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोमांस पर सख्ती और प्रतिबंध लगाने के बयान के बाद, हिमंत बिस्वा सरमा का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि लोग इसे घर में बैठकर खा सकते हैं। इन दोनों भिन्न बयानों के चलते राजनीतिक गलियारों में तेज बहस छिड़ गई है। विपक्षी दल इन विरोधाभासी टिप्पणियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगा रहे हैं। यह स्थिति बीजेपी के भीतर गोमांस को लेकर अलग-अलग विचारों को उजागर करती है, जिस पर विपक्ष लगातार हमलावर हो रहा है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक BSF जवान 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गीत को ट्यूबलर बेल्स नामक वाद्य यंत्र पर बजाते हुए दिख रहा है।1
- प्रयागराज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जसरा में रविवार को सरकारी दवाइयां और जांच किट कबाड़ के ढेर में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रदेश सरकार गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मुफ्त दवा-जांच उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है। सीएचसी जसरा की बाउंड्री के बाहर बड़ी मात्रा में ये चिकित्सा सामग्री बेतरतीब तरीके से पड़ी मिलीं, जिससे स्थानीय लोग स्तब्ध हैं और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल के चिकित्सक मरीजों को सरकारी दवाइयां देने के बजाय बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने की सलाह देते हैं। इसी तरह, अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं का लाभ न देकर मरीजों को निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर जांच कराने के लिए भेजा जाता है। सूत्रों के अनुसार, शासन द्वारा मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां और जांच किट मरीजों तक पहुंचने के बजाय स्टोरों में पड़ी रहती हैं और अंततः उन्हें कबाड़ के ढेर में फेंक दिया जाता है। आरोप है कि यह निजी संस्थानों को लाभ पहुंचाने और कमीशनखोरी के बड़े खेल का हिस्सा है, जिससे गरीब मरीजों के हक का हनन हो रहा है और सरकारी धन की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। इस मामले को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कर दोषी चिकित्सकों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि इस अनैतिक खेल पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो गरीब मरीजों का शोषण लगातार जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है, या यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।1