भोपाल के कलियासोत-केरवा कैचमेंट एरिया में 'मड कार रैली' का हुड़दंग, पर्यावरण पर खतरा पुलिस कार्रवाई की तैयारी राजधानी भोपाल के कलियासोत और केरवा कैचमेंट एरिया में हर सप्ताहांत होने वाली अवैध मड कार रैली और स्टंटबाजी पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतिबंधित और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन पहुंच रहे हैं। आरोप है कि यहां खुलेआम शराबखोरी, तेज रफ्तार ड्राइविंग, खतरनाक स्टंट और हुड़दंग किया जा रहा है, जिससे न केवल हादसों का खतरा बढ़ रहा है बल्कि प्राकृतिक पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। भोपाल के कलियासोत-केरवा कैचमेंट एरिया में 'मड कार रैली' का हुड़दंग देखने मिल रहा है इस मड रैली से जहाँ एक और बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है वही ये पर्यावरण के लिए भी खतरा ही रहा है.मड कार रैली और स्टंटबाजी पर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर रहा है.जबकि मड रैली को प्रशासन ने प्रतिबंधित कर रखा है इसके बाबजूद मड रैली का आयोजन हो रहा है.इतना ही नहीं ये पर्यावरणीय की दृष्टि से से भी खतरा है. पर्यावरणविद राशिद नूर खान ने कहा की इस संबंध में कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई के अभाव में हर सप्ताहांत बड़ी संख्या में लोग कैचमेंट एरिया में पहुंचकर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।कलियासोत और केरवा का कैचमेंट एरिया वन्यजीवों, पक्षियों और जलीय जीवों का महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है। यहां भारी वाहनों की आवाजाही, तेज शोर, कीचड़ में वाहन दौड़ाने और गंदगी फैलाने से जैव विविधता प्रभावित हो रही है। साथ ही जल स्रोतों और वेटलैंड क्षेत्र पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि वेटलैंड और कैचमेंट क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और अवैध मड रैली तथा स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो इस संवेदनशील क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हो सकती है। मामले पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कलियासोत क्षेत्र में मड रैली और स्टंटबाजी की जानकारी सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी देखा जाएगा कि आयोजन करने वालों ने किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति ली थी या नहीं। यदि बिना अनुमति आयोजन किया गया है तो आयोजकों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दे की मड रैली हर शनिवार रविवार को राजधानी मे आयोजित होती है जबकि इस रैली पर प्रतिबंधित है लेकिन आयोजक खुले आम नियमो की धज्जिया उड़ा रहे उनको न तो पुलिस का डर है और न क़ानून का अब देखना होगा पुलिस क्या कार्यवाही करती है.
भोपाल के कलियासोत-केरवा कैचमेंट एरिया में 'मड कार रैली' का हुड़दंग, पर्यावरण पर खतरा पुलिस कार्रवाई की तैयारी राजधानी भोपाल के कलियासोत और केरवा कैचमेंट एरिया में हर सप्ताहांत होने वाली अवैध मड कार रैली और स्टंटबाजी पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतिबंधित और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन पहुंच रहे हैं। आरोप है कि यहां खुलेआम शराबखोरी, तेज रफ्तार ड्राइविंग, खतरनाक स्टंट और हुड़दंग किया जा रहा है, जिससे न केवल हादसों का खतरा बढ़ रहा है बल्कि प्राकृतिक पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। भोपाल के कलियासोत-केरवा कैचमेंट एरिया में 'मड कार रैली' का हुड़दंग देखने मिल रहा है इस मड रैली से जहाँ एक और बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है वही ये पर्यावरण के लिए भी खतरा ही रहा है.मड कार रैली और स्टंटबाजी पर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर रहा है.जबकि मड रैली को प्रशासन ने प्रतिबंधित कर रखा है इसके बाबजूद मड रैली का आयोजन हो रहा है.इतना ही नहीं ये पर्यावरणीय की दृष्टि से से भी खतरा है. पर्यावरणविद राशिद नूर खान ने कहा की इस संबंध में कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई के अभाव में हर सप्ताहांत बड़ी संख्या में लोग कैचमेंट एरिया में पहुंचकर नियमों की खुलेआम
धज्जियां उड़ा रहे हैं।कलियासोत और केरवा का कैचमेंट एरिया वन्यजीवों, पक्षियों और जलीय जीवों का महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है। यहां भारी वाहनों की आवाजाही, तेज शोर, कीचड़ में वाहन दौड़ाने और गंदगी फैलाने से जैव विविधता प्रभावित हो रही है। साथ ही जल स्रोतों और वेटलैंड क्षेत्र पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि वेटलैंड और कैचमेंट क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और अवैध मड रैली तथा स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो इस संवेदनशील क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हो सकती है। मामले पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कलियासोत क्षेत्र में मड रैली और स्टंटबाजी की जानकारी सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी देखा जाएगा कि आयोजन करने वालों ने किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति ली थी या नहीं। यदि बिना अनुमति आयोजन किया गया है तो आयोजकों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दे की मड रैली हर शनिवार रविवार को राजधानी मे आयोजित होती है जबकि इस रैली पर प्रतिबंधित है लेकिन आयोजक खुले आम नियमो की धज्जिया उड़ा रहे उनको न तो पुलिस का डर है और न क़ानून का अब देखना होगा पुलिस क्या कार्यवाही करती है.
- देश में टोल टैक्स को लेकर बहस तेज होती जा रही है। जनता का कहना है कि पहले से ही रोड टैक्स, जीएसटी, पेट्रोल पर टैक्स और अन्य शुल्क चुकाने के बाद टोल टैक्स देना अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर लोग टोल वसूली की अवधि, सड़कों की गुणवत्ता और बढ़ते खर्च को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सरकार का तर्क है कि टोल टैक्स से सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए संसाधन जुटाए जाते हैं। हालांकि, जनता का मानना है कि टोल वसूली के बावजूद सड़कों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। लोग यह भी सवाल कर रहे हैं कि आखिर टोल टैक्स की राशि कहाँ जा रही है और सड़कों की हालत में सुधार क्यों नहीं हो रहा है। यह बहस थमने का नाम नहीं ले रही है और जनता की नाराजगी बढ़ती जा रही है। अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी राय और तर्क हैं, लेकिन टोल टैक्स को लेकर जनता की चिंताएँ बढ़ती ही जा रही हैं।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर से जहांगीर आबाद के विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यार्थियों ने इस अवसर को खास बनाने के लिए जमकर जश्न मनाया। जहांगीर आबाद के विभिन्न कॉलेजों और स्कूलों के छात्र सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी की। उन्होंने पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटीं। छात्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से उन्हें उम्मीद जगी है कि अब शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।2
- मध्य प्रदेश के भोपाल में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। ये डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यह आंदोलन भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ है। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उनका स्टाइपेंड बहुत कम है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए। वे अपनी मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन और सरकार पर दबाव बना रहे हैं। इस आंदोलन से मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई और कामकाज पर असर पड़ सकता है।1
- मध्य प्रदेश में स्थित भोपाल के हुज़ूर में नागरिक स्वतंत्रता परियोजना (CJP) ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। CJP का दावा है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है और गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को अभी तक रिहा नहीं किया गया है। CJP ने एक वीडियो में यह बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने पूरी खबर और अपने बड़े आरोपों का जिक्र किया है। CJP ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को नहीं छोड़ा है।1
- मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सनवर पटेल ने बुरहानपुर की एक वायरल बच्ची की मदद के लिए मानवता की एक बेहद सराहनीय मिसाल पेश की है। इस बच्ची के कान की मशीन के लिए करीब साढ़े चार लाख रुपए की राशि जुटाई गई, जिससे बच्ची को सुनने में मदद मिल सकेगी। डॉक्टर सनवर पटेल के इस उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य की भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष अब्दुल सलीम ने जमकर सराहना की। अब्दुल सलीम ने डॉक्टर सनवर पटेल का जोरदार स्वागत करते हुए उनके इस नेक और मानवीय कार्य की प्रशंसा की। मुश्किल वक्त में जरूरतमंद बच्ची की मदद के लिए आगे आकर डॉक्टर सनवर पटेल ने समाज के सामने इंसानियत और सेवा की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वक्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल और जिला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा उपाध्यक्ष ए आर राजू ने भी इस नेक काम में अपना योगदान दिया।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में हुए एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप पर अपने विचार व्यक्त किए। भागवत ने कहा कि विवाह से समाज में अनुशासन आता है और इसके नतीजे सकारात्मक होते हैं। इसके विपरीत, लिव-इन रिलेशनशिप के नतीजे दुनिया देख रही है। उन्होंने कहा कि विवाह एक संस्था है जो समाज को स्थिरता प्रदान करती है। भागवत के इस बयान को कई लोग पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाला मान रहे हैं।1
- देश के नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा की अव्यवस्थाओं को लेकर आम यात्रियों और वाहन चालकों में भारी रोष है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के मुताबिक, यदि टोल बूथ पर 100 मीटर से अधिक लंबी लाइन लगती है तो वाहनों को बिना टोल दिए पास कराया जाना चाहिए, लेकिन टोल कर्मचारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, FASTag व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद भी टोल प्लाजा पर 'कैश लाइन' के नाम पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं। देश भर से टोल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और टोल वसूली पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है।1
- CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर एक 70 वर्षीय महिला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महिला ने प्रदर्शनकारियों की टिप्पणियों की तीखी आलोचना की और उन्हें अनुचित बताया। इस वीडियो को देखने के बाद लोग सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। कुछ लोग महिला की प्रतिक्रिया का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों के पक्ष में हैं। इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर बहस छेड़ दी है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चूना भट्टी इलाके में स्थित आम्रपाली एंक्लेव कॉलोनी में एक शिव मंदिर को गालियाँ दिए जाने का वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में दिख रही महिला उज्मा रजा उर्फ अंजलि सिंह हैं, जो रातापानी जंगल रिसोर्ट की मालिकिन हैं और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव AV सिंह की बहू हैं। वीडियो में उज्मा रजा शिव मंदिर को अपशब्द और गालियाँ देती नजर आ रही हैं, जिससे सभी सनातन धर्म मानने वालों का कथित तौर पर अपमान हुआ है। इस घटना के दौरान उनके पति धनंजय सिंह भी मौजूद थे और बीच-बचाव करते दिख रहे हैं। वीडियो में दिख रहे अन्य रहवासी भी इस घटना से व्यथित नजर आ रहे हैं।1