Shuru
Apke Nagar Ki App…
दतिया में आयोजित किए जा रहे नशा मुक्ति भारत सप्ताह कार्यक्रम का अब समापन हो गया है।
P7 News Channel MP
दतिया में आयोजित किए जा रहे नशा मुक्ति भारत सप्ताह कार्यक्रम का अब समापन हो गया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- शनिवार को मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनावी माहौल में व्हाइट हाउस पैनल ने धार्मिक आस्था और चुनावी उत्साह का एक अनूठा संगम प्रस्तुत किया। यह आयोजन चुनावी हुंकार और शक्ति प्रदर्शन का मिलाजुला रूप था। नामांकन भरने से पहले, सभी प्रत्याशियों ने अचलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और अपनी जीत के लिए आशीर्वाद मांगा। इसके बाद, ढोल-नगाड़ों की गूँज, आतिशबाजी और समर्थकों के ज़बरदस्त जुलूस के साथ वे निर्वाचन कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपने नामांकन दाखिल किए। इस अवसर पर, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पारस जैन ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि यदि उनकी टीम चुनाव जीतती है, तो वे चैंबर की भूमि पर एक आधुनिक भवन का निर्माण, व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान, और ग्वालियर के आईटी पार्क को विकसित करके युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा करने को प्राथमिकता देंगे।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के किशनपुर गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक पति ने अपनी पत्नी और दो बेटों की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि पति इस बात से नाराज़ था कि उसकी पत्नी ने भागवत कथा में डांस किया था। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद पति ने स्वयं भी एक ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस अब इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।4
- ग्वालियर जिले के डबरा में मुहर्रम के अवसर पर अमन और भाईचारे का संदेश देते हुए पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरी श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कर्बला तक पहुंचा। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार रस्में अदा की गईं। डबरा में विभिन्न मोहल्लों से लगभग 40 से अधिक ताजिए इस जुलूस में शामिल किए गए, जिनके साथ बड़ी संख्या में लोग 'या हुसैन' की सदाएं लगाते हुए चल रहे थे। नगर के प्रमुख मार्गों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और जगह-जगह पेयजल तथा शरबत की व्यवस्था भी की गई। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसके तहत संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनाए रखी गई। यह जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और अंत में सभी ताजिए निर्धारित कर्बला स्थल पहुंचे, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।4
- ग्रामीणों ने प्रशासन से उनके आवासीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि इस संबंध में वन अधिकार अधिनियम के नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।1
- शुक्रवार शाम लगभग 7 बजे बाराहेड सिहोनिया रोड पर एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक चालक आकाश जादौन और काव्या जादौन घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत घायलों को गोहद अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पांच घरों में अचानक रहस्यमयी आग लगने से इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत मामले की जांच में जुट गया है, लेकिन आग लगने का सटीक कारण अभी तक अज्ञात बना हुआ है।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में इटायल गांव के पास एक तेज रफ्तार कार ने एक ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक मासूम बालक और एक वृद्ध शामिल हैं। यह घटना तब हुई जब वे सभी महाराजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर डबरा लौट रहे थे। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि दो लोगों की जान चली गई और सात अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत सिविल हॉस्पिटल डबरा लाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में देहात पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।4
- भिंड जिले में शुक्रवार को शाम लगभग 7 बजे भिंड, फूप, मेहगांव और गोहद सहित विभिन्न स्थानों पर मातमी धुनों के साथ ताजिये निकाले गए। इन जुलूसों में सैकड़ों की संख्या में महिलाएँ, पुरुष और बच्चे शामिल हुए, जो देर रात तक करबला में पहुँचकर दफन किए जाएँगे। इस पूरे आयोजन के दौरान पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा।1
- यूथ कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण प्रदर्शन में लाया गया एक पुतला पानी से भीग गया।1