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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पांच घरों में अचानक रहस्यमयी आग लगने से इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत मामले की जांच में जुट गया है, लेकिन आग लगने का सटीक कारण अभी तक अज्ञात बना हुआ है।
Patrkar Rajesh Vyas News hour
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पांच घरों में अचानक रहस्यमयी आग लगने से इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत मामले की जांच में जुट गया है, लेकिन आग लगने का सटीक कारण अभी तक अज्ञात बना हुआ है।
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- भांडेर नगर में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार रात को हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। नगर में निकाली गई ताजियों ने अपने पारंपरिक मार्ग से गुजरते हुए प्राचीन चतुर्भुजराज मंदिर के सामने रुककर श्रद्धापूर्वक सलामी दी। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान मंदिर के पुजारियों ने ताजियेदारों का स्वागत किया, जिसके बाद ताजिये अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि यह परंपरा करीब 200 वर्षों से निभाई जा रही है। एक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर के निर्माण में स्थानीय मुस्लिम परिवारों का भी सहयोग रहा था, और इसी कारण मोहर्रम के दौरान ताजियों द्वारा मंदिर पर रुककर सलामी देने की यह विशिष्ट परंपरा शुरू हुई। यह प्रथा आज भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ जारी है। इस अवसर पर हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हुए प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रबल संदेश दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नगरवासी इस 200 साल पुरानी परंपरा के साक्षी बने।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगुवापुरा में शनिवार को मोहर्रम पर्व के अवसर पर पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों ने भी सक्रिय सहभागिता की, जिससे आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का स्पष्ट संदेश दिया गया। जानकारी के अनुसार, भगुवापुरा की मस्जिद वाली गली से ताजिया उठाया गया, जिसे मुस्लिम समाज के सदस्यों और गाँव के अन्य परिवारों ने सम्मानपूर्वक कंधा देकर सेवढ़ा के लिए रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल हुए और मोहर्रम की परंपराओं का पालन करते हुए मातम मनाया। पूरे गाँव में मोहर्रम के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। जुलूस मार्ग पर ग्रामीणों ने ताजिए का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा शांति एवं सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसके तहत ताजिया गाँव से निकालकर निर्धारित मार्ग से सेवढ़ा तक ले जाया जाता है और इसमें सभी समाज के लोग मिलकर सहयोग करते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए, भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर अली खान अपने पुलिस बल के साथ पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम का यह आयोजन हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का सच्चा प्रतीक है, जिसमें सभी समुदायों के लोग एक साथ मिलकर हिस्सा लेते हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता सुरक्षा इंतजामों और ग्रामीणों के पूर्ण सहयोग के कारण, यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान गाँव में सौहार्द, एकता और सामाजिक समरसता का सकारात्मक वातावरण बना रहा।1
- भांडेर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर बसवाहा गांव में, गायों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। इन जानवरों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में गंभीर चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, इन गायों को गौशालाओं में भी कोई ठिकाना नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते उनकी दुर्दशा और भी बदतर होती जा रही है। इस विकट समस्या के बावजूद, संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और व्यक्ति इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।1
- दतिया जिले के सेंवढ़ा में मोहर्रम पर्व पर सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। शुक्रवार को सेंवढ़ा किला प्रांगण में विभिन्न इमामबाड़ों के ताजिए और बुर्राकें पारंपरिक रूप से एकत्रित हुईं। दतिया राज परिवार की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार, पूर्व विधायक महाराज घनश्याम सिंह जूदेव ने ताजियों पर अगरबत्ती लगाकर तबर्रुक चढ़ाया और श्रद्धापूर्वक कंधा देकर उन्हें करबला के लिए रवाना किया। किला प्रांगण से निकले मातमी जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने मुख्य बाजार मार्ग पर लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अपरवल साहनी, राजेंद्र नोनेरिया, देशराज कुशवाहा, बादशाह खान, कमल किशोर शर्मा, रहीस खान, दिग्विजय सिंह सहित मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मोहर्रम का यह जुलूस आपसी भाईचारे, सौहार्द और परंपराओं के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- एक कार्य जो 2014 में शुरू किया गया था, उसे अब 2020 में पूरा किया जा रहा है। यह कार्य लक्ष्य यादव द्वारा पूरा किया जा रहा है, जिन्हें उनके पिता ने अपना लड़का बताया है। कार्य पूरा होने के इस अवसर पर, लक्ष्य के लिए सभी से आशीर्वाद की कामना की गई है।1
- सेवढ़ा के ग्राम बसई जीव में कुछ दिनों पहले आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई विद्युत पोल गिर गए थे, जिससे गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। कई दिन बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने गिरे हुए खंभों को दोबारा खड़ा नहीं किया है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्युत आपूर्ति बाधित होने से गांव का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों को अपने खेतों में लगी मोटरों से सिंचाई न कर पाने के कारण सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। वहीं, पशुपालकों को भी अपने मवेशियों के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट भी गहरा गया है क्योंकि गांव में पहले से ही कम हैंडपंप हैं और बिजली न होने के कारण मोटर पंप भी बंद पड़े हैं, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को इस संबंध में सूचना दी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द गिरे हुए विद्युत पोलों को खड़ा कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। इस मामले पर सहायक उपयंत्री नीरज यादव ने कहा है कि वह कर्मचारियों को गांव भेजकर मौके का निरीक्षण करवाएंगे, और निरीक्षण के बाद जो भी आवश्यक व उचित कार्रवाई होगी, उसे तत्काल कराया जाएगा तथा बिजली लाइन शीघ्र चालू कराई जाएगी। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द कार्रवाई करेगा और गांव की बिजली व्यवस्था बहाल होगी, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान हो पाएगा।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में इटायल गांव के पास एक तेज रफ्तार कार ने एक ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक मासूम बालक और एक वृद्ध शामिल हैं। यह घटना तब हुई जब वे सभी महाराजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर डबरा लौट रहे थे। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि दो लोगों की जान चली गई और सात अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत सिविल हॉस्पिटल डबरा लाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में देहात पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।4
- मोहर्रम की दसवीं तारीख, यौमे आशूरा के अवसर पर, भांडेर नगर में हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। शाम को नगर के विभिन्न मोहल्लों से पूरे धार्मिक सम्मान और अकीदत के साथ ताजिये उठाए गए। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, और 'या हुसैन' की सदाओं के बीच ताजिये नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अपने निर्धारित रास्ते पर आगे बढ़े। सभी ताजिये सबसे पहले हजारी मोहल्ले पहुंचे, जहाँ आयोजित कार्यक्रम में ताजियेदारों को उनकी सहभागिता और उत्कृष्ट ताजिया सजावट के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। जुलूस के दौरान विभिन्न स्थानों पर लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें अकीदतमंदों और राहगीरों को शर्बत, ठंडा पानी तथा खाद्य सामग्री वितरित की गई। इस पूरे आयोजन में नगर में श्रद्धा, आस्था और भाईचारे का एक अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। इसके बाद, ताजिये मातमी जुलूस के साथ स्थानीय कर्बला की ओर रवाना हुए। शुक्रवार देर रात्रि धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार इन ताजियों को कर्बला में दफन किया गया। इस भावुक क्षण में अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं, और उन्होंने कर्बला के शहीदों, विशेषकर हजरत इमाम हुसैन की महान कुर्बानियों को याद करते हुए भावपूर्ण दुआएं मांगीं। पूरे आयोजन के दौरान, पुलिस एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। मोहर्रम का यह आयोजन अमन, भाईचारे, त्याग और इंसानियत का संदेश देते हुए संपन्न हुआ, जिसमें नगर के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।1
- भगवापुरा में एक घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जहाँ थरेट थाना और भगवापुरा थाना की सीमा पर खनिज विभाग की टीम पर हमला किया गया। इस हमले को रेत माफियाओं ने अंजाम दिया, जिससे उनके हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं। इस मामले में अब प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।1