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भांडेर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर बसवाहा गांव में, गायों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। इन जानवरों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में गंभीर चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, इन गायों को गौशालाओं में भी कोई ठिकाना नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते उनकी दुर्दशा और भी बदतर होती जा रही है। इस विकट समस्या के बावजूद, संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और व्यक्ति इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।
पत्रकार जितेंद्र सिंह कौरव
भांडेर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर बसवाहा गांव में, गायों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। इन जानवरों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में गंभीर चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, इन गायों को गौशालाओं में भी कोई ठिकाना नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते उनकी दुर्दशा और भी बदतर होती जा रही है। इस विकट समस्या के बावजूद, संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और व्यक्ति इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।
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- भांडेर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर बसवाहा गांव में, गायों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। इन जानवरों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में गंभीर चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, इन गायों को गौशालाओं में भी कोई ठिकाना नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते उनकी दुर्दशा और भी बदतर होती जा रही है। इस विकट समस्या के बावजूद, संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और व्यक्ति इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।1
- पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत दतिया जिले में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन और एसडीओपी बड़ौनी विनायक शुक्ला ने साइबर सेल टीम के साथ मिलकर इन कार्यक्रमों का आयोजन किया। एसडीओपी आकांक्षा जैन ने जिला अस्पताल के सभा कक्ष में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी, उनके तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उपस्थितजनों से अपील की कि साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। एसडीओपी जैन ने सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अंजान व्यक्ति के साथ साझा न करने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने और किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, सीवीवी या बैंकिंग जानकारी साझा न करने पर विशेष जोर दिया। इस कार्यक्रम में जिला अस्पताल के डॉ. के.सी. राठौर, डॉ. हरेन्द्र सिंह जादौन, अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारी, थाना कोतवाली से उपनिरीक्षक अजान सिंह और साइबर सेल के कर्मचारी मौजूद रहे। इसी क्रम में, एसडीओपी बड़ौनी विनायक शुक्ला और साइबर सेल टीम ने पुलिस लाइन स्थित यातायात पार्क में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस सत्र में वरिष्ठ नागरिकों को उनके साथ होने वाली सामान्य साइबर ठगी और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए गए, साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया गया।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगुवापुरा में शनिवार को मोहर्रम पर्व के अवसर पर पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों ने भी सक्रिय सहभागिता की, जिससे आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का स्पष्ट संदेश दिया गया। जानकारी के अनुसार, भगुवापुरा की मस्जिद वाली गली से ताजिया उठाया गया, जिसे मुस्लिम समाज के सदस्यों और गाँव के अन्य परिवारों ने सम्मानपूर्वक कंधा देकर सेवढ़ा के लिए रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल हुए और मोहर्रम की परंपराओं का पालन करते हुए मातम मनाया। पूरे गाँव में मोहर्रम के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। जुलूस मार्ग पर ग्रामीणों ने ताजिए का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा शांति एवं सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसके तहत ताजिया गाँव से निकालकर निर्धारित मार्ग से सेवढ़ा तक ले जाया जाता है और इसमें सभी समाज के लोग मिलकर सहयोग करते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए, भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर अली खान अपने पुलिस बल के साथ पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम का यह आयोजन हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का सच्चा प्रतीक है, जिसमें सभी समुदायों के लोग एक साथ मिलकर हिस्सा लेते हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता सुरक्षा इंतजामों और ग्रामीणों के पूर्ण सहयोग के कारण, यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान गाँव में सौहार्द, एकता और सामाजिक समरसता का सकारात्मक वातावरण बना रहा।1
- मोहर्रम की दसवीं तारीख, यौमे आशूरा के अवसर पर, भांडेर नगर में हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। शाम को नगर के विभिन्न मोहल्लों से पूरे धार्मिक सम्मान और अकीदत के साथ ताजिये उठाए गए। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, और 'या हुसैन' की सदाओं के बीच ताजिये नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अपने निर्धारित रास्ते पर आगे बढ़े। सभी ताजिये सबसे पहले हजारी मोहल्ले पहुंचे, जहाँ आयोजित कार्यक्रम में ताजियेदारों को उनकी सहभागिता और उत्कृष्ट ताजिया सजावट के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। जुलूस के दौरान विभिन्न स्थानों पर लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें अकीदतमंदों और राहगीरों को शर्बत, ठंडा पानी तथा खाद्य सामग्री वितरित की गई। इस पूरे आयोजन में नगर में श्रद्धा, आस्था और भाईचारे का एक अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। इसके बाद, ताजिये मातमी जुलूस के साथ स्थानीय कर्बला की ओर रवाना हुए। शुक्रवार देर रात्रि धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार इन ताजियों को कर्बला में दफन किया गया। इस भावुक क्षण में अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं, और उन्होंने कर्बला के शहीदों, विशेषकर हजरत इमाम हुसैन की महान कुर्बानियों को याद करते हुए भावपूर्ण दुआएं मांगीं। पूरे आयोजन के दौरान, पुलिस एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। मोहर्रम का यह आयोजन अमन, भाईचारे, त्याग और इंसानियत का संदेश देते हुए संपन्न हुआ, जिसमें नगर के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।1
- दतिया जिले के सेंवढ़ा में मोहर्रम पर्व पर सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। शुक्रवार को सेंवढ़ा किला प्रांगण में विभिन्न इमामबाड़ों के ताजिए और बुर्राकें पारंपरिक रूप से एकत्रित हुईं। दतिया राज परिवार की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार, पूर्व विधायक महाराज घनश्याम सिंह जूदेव ने ताजियों पर अगरबत्ती लगाकर तबर्रुक चढ़ाया और श्रद्धापूर्वक कंधा देकर उन्हें करबला के लिए रवाना किया। किला प्रांगण से निकले मातमी जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने मुख्य बाजार मार्ग पर लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अपरवल साहनी, राजेंद्र नोनेरिया, देशराज कुशवाहा, बादशाह खान, कमल किशोर शर्मा, रहीस खान, दिग्विजय सिंह सहित मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मोहर्रम का यह जुलूस आपसी भाईचारे, सौहार्द और परंपराओं के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- एक कार्य जो 2014 में शुरू किया गया था, उसे अब 2020 में पूरा किया जा रहा है। यह कार्य लक्ष्य यादव द्वारा पूरा किया जा रहा है, जिन्हें उनके पिता ने अपना लड़का बताया है। कार्य पूरा होने के इस अवसर पर, लक्ष्य के लिए सभी से आशीर्वाद की कामना की गई है।1
- दतिया में हुए विशाल हत्याकांड के संबंध में दामोदर यादव ने पुलिस प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने इस मामले पर पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम जारी किया है।1
- भांडेर नगर के चतुर्भुज मंदिर में हिंदू साम्राज्य दिवस और गुरु पूर्णिमा महोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह महोत्सव आगामी 29 जुलाई को मनाया जाएगा। इस बैठक में नगर के निवासियों और स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। खंड प्रमुख ने दीप प्रज्वलित कर बैठक का शुभारंभ किया, जहाँ महोत्सव को भव्य रूप से मनाने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।1