भांडेर नगर में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार रात को हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। नगर में निकाली गई ताजियों ने अपने पारंपरिक मार्ग से गुजरते हुए प्राचीन चतुर्भुजराज मंदिर के सामने रुककर श्रद्धापूर्वक सलामी दी। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान मंदिर के पुजारियों ने ताजियेदारों का स्वागत किया, जिसके बाद ताजिये अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि यह परंपरा करीब 200 वर्षों से निभाई जा रही है। एक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर के निर्माण में स्थानीय मुस्लिम परिवारों का भी सहयोग रहा था, और इसी कारण मोहर्रम के दौरान ताजियों द्वारा मंदिर पर रुककर सलामी देने की यह विशिष्ट परंपरा शुरू हुई। यह प्रथा आज भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ जारी है। इस अवसर पर हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हुए प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रबल संदेश दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नगरवासी इस 200 साल पुरानी परंपरा के साक्षी बने।
भांडेर नगर में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार रात को हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। नगर में निकाली गई ताजियों ने अपने पारंपरिक मार्ग से गुजरते हुए प्राचीन चतुर्भुजराज मंदिर के सामने रुककर श्रद्धापूर्वक सलामी दी। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान मंदिर के पुजारियों ने ताजियेदारों का स्वागत किया, जिसके बाद ताजिये अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि यह परंपरा करीब 200 वर्षों से निभाई जा रही है। एक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर के निर्माण में स्थानीय मुस्लिम परिवारों का भी सहयोग रहा था, और इसी कारण मोहर्रम के दौरान ताजियों द्वारा मंदिर पर रुककर सलामी देने की यह विशिष्ट परंपरा शुरू हुई। यह प्रथा आज भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ जारी है। इस अवसर पर हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हुए प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रबल संदेश दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नगरवासी इस 200 साल पुरानी परंपरा के साक्षी बने।
- दतिया जिले में थाना सेवढ़ा पुलिस ने चोरी के एक मामले में एक साल से भी अधिक समय से फरार चल रहे स्थाई वारण्टी ईशाक खान पुत्र नमनीत खान को गिरफ्तार कर लिया है। ईशाक खान, जो वार्ड नं.9 अनूपगंज सेवढ़ा का निवासी है, उसे 26 जून 2026 की रात को बस स्टैण्ड सेवढ़ा से दबोचा गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल जी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला और एसडीओपी सेवढ़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में की गई। सेवढ़ा पुलिस ने माननीय न्यायालय सेवढ़ा से जारी स्थाई वारण्ट के अनुपालन में आरोपी ईशाक खान को गिरफ्तार करने के बाद 27 जून 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में पेशी के बाद, आरोपी को उपजेल सेवढ़ा में दाखिल कर दिया गया। इस गिरफ्तारी में निरी. सुनील बनौरिया, सउनि प्रेम सिंह इन्दौरिया, आर.218 आशीष यादव, आर.202 राहुल शर्मा, आर.1009 कल्याण गुर्जर और आर.415 भानूप्रताप कौरव की सराहनीय भूमिका रही।1
- भांडेर में मोहर्रम के अवसर पर एक ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन किया गया। इस विशेष परंपरा के तहत, ताजिये आगे बढ़ने से पहले एक मंदिर को सलामी देते हैं। यह रिपोर्ट जिला संवाददाता शाहिद क़ुरैशी द्वारा इंडिया 24 नाउ न्यूज़ के लिए फाइल की गई है।1
- दतिया में सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में आईपीएल का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित निदान के कुएं के पास एक मकान पर घेराबंदी कर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान मौके से अभिषेक अहिरवार और राघवेंद्र जादौन नामक आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल होने वाले 8 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 33 बैंक पासबुक, 45 एटीएम कार्ड और कई अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आए लेनदेन के आधार पर, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सटोरियों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। मामले की जांच सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल द्वारा जारी है।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगुवापुरा में शनिवार को मोहर्रम पर्व के अवसर पर पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों ने भी सक्रिय सहभागिता की, जिससे आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का स्पष्ट संदेश दिया गया। जानकारी के अनुसार, भगुवापुरा की मस्जिद वाली गली से ताजिया उठाया गया, जिसे मुस्लिम समाज के सदस्यों और गाँव के अन्य परिवारों ने सम्मानपूर्वक कंधा देकर सेवढ़ा के लिए रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल हुए और मोहर्रम की परंपराओं का पालन करते हुए मातम मनाया। पूरे गाँव में मोहर्रम के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। जुलूस मार्ग पर ग्रामीणों ने ताजिए का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा शांति एवं सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसके तहत ताजिया गाँव से निकालकर निर्धारित मार्ग से सेवढ़ा तक ले जाया जाता है और इसमें सभी समाज के लोग मिलकर सहयोग करते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए, भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर अली खान अपने पुलिस बल के साथ पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम का यह आयोजन हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का सच्चा प्रतीक है, जिसमें सभी समुदायों के लोग एक साथ मिलकर हिस्सा लेते हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता सुरक्षा इंतजामों और ग्रामीणों के पूर्ण सहयोग के कारण, यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान गाँव में सौहार्द, एकता और सामाजिक समरसता का सकारात्मक वातावरण बना रहा।1
- छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी कानपुर से बीटेक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाली कु. विभा यादव का चयन बिहार में जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। अपनी इस महत्वपूर्ण सफलता के बाद, उन्होंने सपरिवार भांडेर अनुभाग स्थित तिधारा हनुमान सरकार मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। कु. विभा यादव उत्तर प्रदेश के ग्राम तोड़ा निवासी गुलाब सिंह यादव और श्रीमती शशि देवी की बेटी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मौठ और झांसी में हुई, जिसके बाद उन्होंने कानपुर यूनिवर्सिटी से सफलतापूर्वक बीटेक इंजीनियरिंग पूरी की। हाल ही में, बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। तिधारा हनुमान मंदिर पहुंचने पर, गणमान्य लोगों ने कु. विभा यादव का पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने अपनी सफलता को हनुमान जी की कृपा और माता-पिता के आशीर्वाद का परिणाम बताया और सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। यह मंदिर अपनी आस्था और मान्यताओं के लिए जाना जाता है, जहां हर अमावस्या को एक विशाल मेले का आयोजन होता है और दूर-दूर से भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं। इसी आस्था और आभार व्यक्त करने के लिए कु. विभा यादव भी अपनी सफलता के बाद तिधारा सरकार पहुंची थीं।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पांच घरों में अचानक रहस्यमयी आग लगने से इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत मामले की जांच में जुट गया है, लेकिन आग लगने का सटीक कारण अभी तक अज्ञात बना हुआ है।1
- भांडेर नगर में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार रात को हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। नगर में निकाली गई ताजियों ने अपने पारंपरिक मार्ग से गुजरते हुए प्राचीन चतुर्भुजराज मंदिर के सामने रुककर श्रद्धापूर्वक सलामी दी। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान मंदिर के पुजारियों ने ताजियेदारों का स्वागत किया, जिसके बाद ताजिये अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि यह परंपरा करीब 200 वर्षों से निभाई जा रही है। एक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर के निर्माण में स्थानीय मुस्लिम परिवारों का भी सहयोग रहा था, और इसी कारण मोहर्रम के दौरान ताजियों द्वारा मंदिर पर रुककर सलामी देने की यह विशिष्ट परंपरा शुरू हुई। यह प्रथा आज भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ जारी है। इस अवसर पर हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हुए प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रबल संदेश दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नगरवासी इस 200 साल पुरानी परंपरा के साक्षी बने।1
- झांसी जिला अस्पताल में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कथित हकीकत उस वक्त सामने आई जब दो बेटियां भीषण गर्मी में अपनी मां के जीवन के लिए संघर्ष करते हुए स्ट्रेचर को धकेलने पर मजबूर हुईं। यह हृदयविदारक घटना आज, दिनांक 27 जून 2026 को शाम करीब पांच बजे जिला अस्पताल झांसी की है। वीडियो में दिख रहा है कि अपनी मां के जीवन के लिए जद्दोजहद कर रही बेटियों को देख एक टैक्सी चालक भी स्ट्रेचर को धक्का लगाने के लिए आगे आया। पोस्ट में शासन और जिला प्रशासन पर सवाल उठाया गया है कि आखिर उनके निरीक्षण में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं सटीक मिलती हैं तो इस तरह के वीडियो कहां से आते हैं। आरोप लगाया गया है कि जिला अस्पताल में सरकार से जनता की सेवा के नाम पर तनख्वाह लेने वाले कर्मचारी भीषण गर्मी में अपने एसी कमरों से बाहर नहीं निकलते और उनके अंदर दया भावना नहीं है। यह वीडियो झांसी जिला अस्पताल की संवेदनहीनता को उजागर करता है।1