दतिया में सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में आईपीएल का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित निदान के कुएं के पास एक मकान पर घेराबंदी कर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान मौके से अभिषेक अहिरवार और राघवेंद्र जादौन नामक आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल होने वाले 8 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 33 बैंक पासबुक, 45 एटीएम कार्ड और कई अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आए लेनदेन के आधार पर, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सटोरियों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। मामले की जांच सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल द्वारा जारी है।
दतिया में सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में आईपीएल का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित निदान के कुएं के पास एक मकान पर घेराबंदी कर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान मौके से अभिषेक अहिरवार और राघवेंद्र जादौन नामक आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल होने वाले 8 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 33 बैंक पासबुक, 45 एटीएम कार्ड और कई अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आए लेनदेन के आधार पर, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सटोरियों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। मामले की जांच सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल द्वारा जारी है।
- भांडेर में मोहर्रम के अवसर पर एक ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन किया गया। इस विशेष परंपरा के तहत, ताजिये आगे बढ़ने से पहले एक मंदिर को सलामी देते हैं। यह रिपोर्ट जिला संवाददाता शाहिद क़ुरैशी द्वारा इंडिया 24 नाउ न्यूज़ के लिए फाइल की गई है।1
- दतिया में सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में आईपीएल का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित निदान के कुएं के पास एक मकान पर घेराबंदी कर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान मौके से अभिषेक अहिरवार और राघवेंद्र जादौन नामक आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल होने वाले 8 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 33 बैंक पासबुक, 45 एटीएम कार्ड और कई अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आए लेनदेन के आधार पर, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सटोरियों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। मामले की जांच सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल द्वारा जारी है।1
- पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत दतिया जिले में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन और एसडीओपी बड़ौनी विनायक शुक्ला ने साइबर सेल टीम के साथ मिलकर इन कार्यक्रमों का आयोजन किया। एसडीओपी आकांक्षा जैन ने जिला अस्पताल के सभा कक्ष में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी, उनके तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उपस्थितजनों से अपील की कि साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। एसडीओपी जैन ने सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अंजान व्यक्ति के साथ साझा न करने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने और किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, सीवीवी या बैंकिंग जानकारी साझा न करने पर विशेष जोर दिया। इस कार्यक्रम में जिला अस्पताल के डॉ. के.सी. राठौर, डॉ. हरेन्द्र सिंह जादौन, अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारी, थाना कोतवाली से उपनिरीक्षक अजान सिंह और साइबर सेल के कर्मचारी मौजूद रहे। इसी क्रम में, एसडीओपी बड़ौनी विनायक शुक्ला और साइबर सेल टीम ने पुलिस लाइन स्थित यातायात पार्क में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस सत्र में वरिष्ठ नागरिकों को उनके साथ होने वाली सामान्य साइबर ठगी और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए गए, साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया गया।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगुवापुरा में शनिवार को मोहर्रम पर्व के अवसर पर पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों ने भी सक्रिय सहभागिता की, जिससे आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का स्पष्ट संदेश दिया गया। जानकारी के अनुसार, भगुवापुरा की मस्जिद वाली गली से ताजिया उठाया गया, जिसे मुस्लिम समाज के सदस्यों और गाँव के अन्य परिवारों ने सम्मानपूर्वक कंधा देकर सेवढ़ा के लिए रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल हुए और मोहर्रम की परंपराओं का पालन करते हुए मातम मनाया। पूरे गाँव में मोहर्रम के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। जुलूस मार्ग पर ग्रामीणों ने ताजिए का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा शांति एवं सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसके तहत ताजिया गाँव से निकालकर निर्धारित मार्ग से सेवढ़ा तक ले जाया जाता है और इसमें सभी समाज के लोग मिलकर सहयोग करते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए, भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर अली खान अपने पुलिस बल के साथ पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम का यह आयोजन हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का सच्चा प्रतीक है, जिसमें सभी समुदायों के लोग एक साथ मिलकर हिस्सा लेते हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता सुरक्षा इंतजामों और ग्रामीणों के पूर्ण सहयोग के कारण, यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान गाँव में सौहार्द, एकता और सामाजिक समरसता का सकारात्मक वातावरण बना रहा।1
- दतिया जिले के सेंवढ़ा में मोहर्रम पर्व पर सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। शुक्रवार को सेंवढ़ा किला प्रांगण में विभिन्न इमामबाड़ों के ताजिए और बुर्राकें पारंपरिक रूप से एकत्रित हुईं। दतिया राज परिवार की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार, पूर्व विधायक महाराज घनश्याम सिंह जूदेव ने ताजियों पर अगरबत्ती लगाकर तबर्रुक चढ़ाया और श्रद्धापूर्वक कंधा देकर उन्हें करबला के लिए रवाना किया। किला प्रांगण से निकले मातमी जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने मुख्य बाजार मार्ग पर लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अपरवल साहनी, राजेंद्र नोनेरिया, देशराज कुशवाहा, बादशाह खान, कमल किशोर शर्मा, रहीस खान, दिग्विजय सिंह सहित मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मोहर्रम का यह जुलूस आपसी भाईचारे, सौहार्द और परंपराओं के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- एक कार्य जो 2014 में शुरू किया गया था, उसे अब 2020 में पूरा किया जा रहा है। यह कार्य लक्ष्य यादव द्वारा पूरा किया जा रहा है, जिन्हें उनके पिता ने अपना लड़का बताया है। कार्य पूरा होने के इस अवसर पर, लक्ष्य के लिए सभी से आशीर्वाद की कामना की गई है।1
- भांडेर नगर में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार रात को हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। नगर में निकाली गई ताजियों ने अपने पारंपरिक मार्ग से गुजरते हुए प्राचीन चतुर्भुजराज मंदिर के सामने रुककर श्रद्धापूर्वक सलामी दी। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान मंदिर के पुजारियों ने ताजियेदारों का स्वागत किया, जिसके बाद ताजिये अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि यह परंपरा करीब 200 वर्षों से निभाई जा रही है। एक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर के निर्माण में स्थानीय मुस्लिम परिवारों का भी सहयोग रहा था, और इसी कारण मोहर्रम के दौरान ताजियों द्वारा मंदिर पर रुककर सलामी देने की यह विशिष्ट परंपरा शुरू हुई। यह प्रथा आज भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ जारी है। इस अवसर पर हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हुए प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रबल संदेश दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नगरवासी इस 200 साल पुरानी परंपरा के साक्षी बने।1
- झांसी जिला अस्पताल में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कथित हकीकत उस वक्त सामने आई जब दो बेटियां भीषण गर्मी में अपनी मां के जीवन के लिए संघर्ष करते हुए स्ट्रेचर को धकेलने पर मजबूर हुईं। यह हृदयविदारक घटना आज, दिनांक 27 जून 2026 को शाम करीब पांच बजे जिला अस्पताल झांसी की है। वीडियो में दिख रहा है कि अपनी मां के जीवन के लिए जद्दोजहद कर रही बेटियों को देख एक टैक्सी चालक भी स्ट्रेचर को धक्का लगाने के लिए आगे आया। पोस्ट में शासन और जिला प्रशासन पर सवाल उठाया गया है कि आखिर उनके निरीक्षण में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं सटीक मिलती हैं तो इस तरह के वीडियो कहां से आते हैं। आरोप लगाया गया है कि जिला अस्पताल में सरकार से जनता की सेवा के नाम पर तनख्वाह लेने वाले कर्मचारी भीषण गर्मी में अपने एसी कमरों से बाहर नहीं निकलते और उनके अंदर दया भावना नहीं है। यह वीडियो झांसी जिला अस्पताल की संवेदनहीनता को उजागर करता है।1