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पलवल ट्रेड फेयर मेला में भीड़ जुटना शुरू हो गया जो 24 मार्च तक चलेगा। पलवल ट्रेड फेयर मेला में तमाम झूलो का संगम है जिसमें पलवल के साथ साथ आस पास के गांवों की भी भीड़ आना शुरू हो गई है। मेला परिसर में प्रवेश शुल्क 30 रुपए रखा गया है जलपरी, कैमल राइड, झूलो की फीस अलग से रखी गई है। शॉपिंग के लिए मेला परिसर में तमाम इंस्टॉल दुकान लगाई गईं है कश्मीर वैली जैसा मनमोहक दृश्य भी मेला परिसर में देखने को मिलता हैं लोग दूर दराज से भी पलवल में मेला देखने आते हैं। यह मेला महाराणा प्रताप भवन के पास लगा हुआ है।
User1471
पलवल ट्रेड फेयर मेला में भीड़ जुटना शुरू हो गया जो 24 मार्च तक चलेगा। पलवल ट्रेड फेयर मेला में तमाम झूलो का संगम है जिसमें पलवल के साथ साथ आस पास के गांवों की भी भीड़ आना शुरू हो गई है। मेला परिसर में प्रवेश शुल्क 30 रुपए रखा गया है जलपरी, कैमल राइड, झूलो की फीस अलग से रखी गई है। शॉपिंग के लिए मेला परिसर में तमाम इंस्टॉल दुकान लगाई गईं है कश्मीर वैली जैसा मनमोहक दृश्य भी मेला परिसर में देखने को मिलता हैं लोग दूर दराज से भी पलवल में मेला देखने आते हैं। यह मेला महाराणा प्रताप भवन के पास लगा हुआ है।
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- गांव पहलादपुर के नरेंद्र भारद्वाज का आरोप: शिकायत के बावजूद महीनों से पुलिस ने नहीं की कार्रवाई 🚨 पीड़ित नरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि कुछ महीनों पहले उनके साथ एक वारदात हुई थी। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत पुलिस को दी थी, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने पलवल प्रशासन से न्याय और कार्रवाई की गुहार लगाई है। (यह बयान संबंधित व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं) हमारा चैनल इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता और न ही इनका समर्थन करता है। यदि दूसरा पक्ष भी अपना पक्ष रखना चाहता है, तो वह हमसे संपर्क कर सकता है।)1
- पलवल उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन पंजीयक जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से की जाने वाली 16वीं जनगणना पूर्ण रूप से डिजिटल और पेपरलेस होगी। जनगणना के तहत मोबाइल एप और सेंसेस मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से डेटा प्रबंधन और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। जिला पलवल में जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से लेकर 31 मई तक चलेगा तथा द्वितीय चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जो जनगणना का रियल फेज होगा। उन्होंने कहा कि जिला में जनगणना के लिए मास्टर ट्रेनर द्वारा फील्ड ट्रेनर्स को 16 मार्च से 18 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उपायुक्त डा. वशिष्ठ ने यह जानकारी बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय सभागार में जनगणना से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी। उपायुक्त ने कहा कि जनगणना किसी भी देश के समग्र विकास की आधारशिला होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि जब जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करें, तो सभी नागरिक उन्हें सही, सटीक और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार को योजनाएं बनाने, संसाधनों का उचित वितरण करने तथा विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि नागरिक सही जानकारी उपलब्ध कराते हैं तो सरकार को क्षेत्र की वास्तविक जनसंख्या, शिक्षा स्तर, रोजगार, आवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक स्थितियों का सही आकलन करने में मदद मिलती है। इसके आधार पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा सकती हैं और जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंचाया जा सकता है। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है, इसलिए सभी नागरिक इसमें सक्रिय रूप से भागीदारी करते हुए सहयोग करें। किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने या गलत जानकारी देने से आंकड़ों की सटीकता प्रभावित होती है, जिससे विकास योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है। अत: प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह जनगणना कर्मियों का सम्मान करे और उन्हें सही जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग प्रदान करे। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे जनगणना के दौरान जनगणना कर्मियों को सही और सटीक डेटा ही उपलब्ध करवाएं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे जब भी जनगणना कर्मी उनके घर जनगणना के लिए तो सबसे पहले उनकी क्यूआर कोड को स्कैन करके वेरिफिकेशन करें और वेरिफिकेशन उपरांत ही जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने आमजन से स्वयं जनगणना के आंकड़े मोबाइल एप के माध्यम से भी दर्ज करवाने का आह्वान किया ताकि समय की बचत हो। *जनगणना में हर व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक : उपायुक्त* उपायुक्त ने कहा कि डेटा संग्रहण मोबाइल एप और वेब पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनेगी। जनता को स्व-गणना की सुविधा भी एप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक लॉगिन कर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेगा। इसके बाद उसे स्वगणना आईडी प्रदान की जाएगी। इसका सत्यापन प्रगणक की ओर से किया जाएगा। जनगणना एप दोनों वर्जन एंड्रॉयड और आईफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी। जमीनी स्तर पर प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मोबाइल एप के माध्यम से कार्य को पूर्ण करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों से तय समय सीमा में जिम्मेदारीपूर्वक जनगणना कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल जनगणना से आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा, त्रुटियां न्यूनतम होंगी और डेटा प्रोसेसिंग में काफी समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े न केवल सरकारी नीतियों की दिशा तय करते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि योजनाएं कितनी प्रभावशाली रूप से लागू हुई हैं और किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जनगणना में हर व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। जनगणना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी व्यक्ति छूटे नहीं। उपायुक्त ने कहा कि जनगणना के आगामी सभी चरणों चाहे प्रशिक्षण, घर-घर सर्वेक्षण (हाउस लिस्टिंग) या आगे चलकर जनसंख्या गणना (एन्यूमरेशन) प्रत्येक स्तर पर सभी विभागों का पूर्ण सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण में प्रत्येक घर की आवासीय स्थिति, संपत्ति और सुविधाओं के बारे में जानकारी एकत्र की जाएगी। दूसरे चरण में हर घर में प्रत्येक व्यक्ति का जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य विवरण एकत्र किया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान विभिन्न घरों में फोन, इंटरनेट, वाहन (साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार, जीप, वैन) और उपकरणों (रेडियो, टीवी, ट्रांजिस्टर) आदि के स्वामित्व के बारे में पूछा जाएगा। साथ ही अनाज उपभोग, पेयजल और बिजली, शौचालय, अपशिष्ट जल निपटान, स्नान और रसोई की सुविधाओं, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त ईंधन और एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन, घर में रहने वालों की संख्या, कमरों की संख्या, विवाहित जोड़ों की उपस्थिति आदि से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। इस अवसर पर सीटीएम प्रीति रावत, डीआरओ बलराज सिंह दांगी, सीएमओ डा. सतेंद्र वशिष्ठ, डीआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार मौजूद रहे।1
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