वाराणसी के बड़ागांव में मंगलवार सुबह मोबाइल टावर पर चढ़ी एक युवती के हाईवोल्टेज ड्रामे का आखिरकार शादी के साथ अंत हुआ। युवती प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी हुई थी। घंटों चले घटनाक्रम, पुलिस की मध्यस्थता और दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद प्रेमी युगल ने मंदिर में विवाह कर लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने राहत की सांस ली। यह घटना तब शुरू हुई जब अहरक गांव में अमावर गांव की 20 वर्षीय राधिका गौड़, अपने प्रेमी सनी विश्वकर्मा से विवाह की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गईं, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस और ग्रामीणों के अथक प्रयास से उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद, दोनों पक्षों को बड़ागांव थाने बुलाकर घंटों बातचीत की गई, जिसमें परिजन, ग्रामीण और संभ्रांत लोग मौजूद रहे। युवती राधिका अपने निर्णय पर पूरी तरह अड़ी रहीं, जबकि परिजन सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते रहे। अंततः, दोनों पक्षों की सहमति बनने पर पुलिस ने भी आपसी समझौते से इस मामले को सुलझाने की सलाह दी। इस सहमति के बाद, प्रेमी युगल सनी विश्वकर्मा और राधिका गौड़ का स्थानीय मंदिर में विधि-विधान से विवाह कराया गया। इस शादी में अहरक गांव के विपिन पांडेय, एडवोकेट चंद्रभान और दोनों परिवारों के सदस्य व रिश्तेदार शामिल रहे। सनी विश्वकर्मा, अपने तीन भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर हैं। उनके पिता, सुरेंद्र विश्वकर्मा, बढ़ई का काम करते हैं, जबकि सनी दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का सहयोग करते हैं। वहीं, राधिका अपने सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर हैं और उनके पिता कन्हैया गौड़ बिजली मिस्त्री का कार्य करते हैं। राधिका ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेने के लिए काजीसराय बाजार जाती थीं, जहां उनकी मुलाकात सनी से हुई और उनके बीच प्रेम संबंध विकसित हुए। बताया जाता है कि करीब दस दिन पहले भी दोनों की मुलाकात को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें भागने के दौरान सनी का पैर फ्रैक्चर हो गया था। मंगलवार का यह पूरा घटनाक्रम पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। सनी विश्वकर्मा की मां सुशीला विश्वकर्मा ने इस शादी पर सामाजिक चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब छोटे लड़के ने इस तरह शादी कर ली है, तो अब बड़े लड़के के लिए रिश्ता लाने में समस्या आएगी। हालांकि, दिन का अंत प्रेमी युगल के वैवाहिक बंधन में बंधने के साथ हुआ।
वाराणसी के बड़ागांव में मंगलवार सुबह मोबाइल टावर पर चढ़ी एक युवती के हाईवोल्टेज ड्रामे का आखिरकार शादी के साथ अंत हुआ। युवती प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी हुई थी। घंटों चले घटनाक्रम, पुलिस की मध्यस्थता और दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद प्रेमी युगल ने मंदिर में विवाह कर लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने राहत की सांस ली। यह घटना तब शुरू हुई जब अहरक गांव में अमावर गांव की 20 वर्षीय राधिका गौड़, अपने प्रेमी सनी विश्वकर्मा से विवाह की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गईं, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस और ग्रामीणों के अथक प्रयास से उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद, दोनों पक्षों को बड़ागांव थाने बुलाकर घंटों बातचीत की गई, जिसमें परिजन,
ग्रामीण और संभ्रांत लोग मौजूद रहे। युवती राधिका अपने निर्णय पर पूरी तरह अड़ी रहीं, जबकि परिजन सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते रहे। अंततः, दोनों पक्षों की सहमति बनने पर पुलिस ने भी आपसी समझौते से इस मामले को सुलझाने की सलाह दी। इस सहमति के बाद, प्रेमी युगल सनी विश्वकर्मा और राधिका गौड़ का स्थानीय मंदिर में विधि-विधान से विवाह कराया गया। इस शादी में अहरक गांव के विपिन पांडेय, एडवोकेट चंद्रभान और दोनों परिवारों के सदस्य व रिश्तेदार शामिल रहे। सनी विश्वकर्मा, अपने तीन भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर हैं। उनके पिता, सुरेंद्र विश्वकर्मा, बढ़ई का काम करते हैं, जबकि सनी दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का सहयोग करते हैं। वहीं, राधिका अपने सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर हैं और उनके
पिता कन्हैया गौड़ बिजली मिस्त्री का कार्य करते हैं। राधिका ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेने के लिए काजीसराय बाजार जाती थीं, जहां उनकी मुलाकात सनी से हुई और उनके बीच प्रेम संबंध विकसित हुए। बताया जाता है कि करीब दस दिन पहले भी दोनों की मुलाकात को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें भागने के दौरान सनी का पैर फ्रैक्चर हो गया था। मंगलवार का यह पूरा घटनाक्रम पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। सनी विश्वकर्मा की मां सुशीला विश्वकर्मा ने इस शादी पर सामाजिक चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब छोटे लड़के ने इस तरह शादी कर ली है, तो अब बड़े लड़के के लिए रिश्ता लाने में समस्या आएगी। हालांकि, दिन का अंत प्रेमी युगल के वैवाहिक बंधन में बंधने के साथ हुआ।
- वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र के धानापुर में एक शादीशुदा युवती को एक मुस्लिम युवक द्वारा भगा ले जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। युवती के भाई आलोक सिंह ने यह आरोप लगाते हुए बताया कि शहंशाहपुर निवासी इजराइल उनकी बहन को लेकर भाग गया है। आलोक सिंह के अनुसार, जब उन्होंने इस मामले का विरोध किया, तो बीती रात इजराइल और इजराइल अहमद सहित कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। इन लोगों पर मारपीट करने, फायरिंग करने और नकदी लूटने जैसी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। पीड़ित आलोक सिंह ने राजातालाब पुलिस को एक लिखित तहरीर देकर इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मां-बेटी के रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ महज 10 साड़ी और 16 हजार रुपये नकद के लालच में एक माँ ने अपनी 12 वर्षीय बेटी को बेच दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद बच्ची को खरीदने वाले व्यक्ति और एक ऑटोचालक ने मिलकर चार महीने तक उसका दुष्कर्म किया। बिहार के अरवल जिले की रहने वाली बच्ची की माँ गौरी देवी ने अपनी बेटी को चंदौली के बलुआ हरधन निवासी 40 वर्षीय लहरू यादव को बेचा था। लहरू यादव ने बच्ची को खरीदने के बाद वाराणसी के चहनिया स्थित एक मंदिर में उससे झूठी शादी रचाई और लगातार चार महीने तक दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान वह बच्ची को घर का काम न करने पर पीटता भी था और उसे घर के अन्य सदस्यों से घुलने-मिलने नहीं देता था। लहरू यादव की पहली पत्नी का निधन हो चुका है और उसके दो बच्चे भी हैं। लहरू यादव 19 मई को बच्ची को बनारस रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया। वहाँ झारखंड निवासी ऑटोचालक रवि वर्मा ने रोती हुई बच्ची को देखकर मदद का भरोसा दिया और उसे अपने साथ ले गया। रवि वर्मा ने सारनाथ तालाब के पास बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद उसे अपने पहड़िया इलाके के घर ले गया। आस-पड़ोसियों को शक होने पर उन्होंने सारनाथ थाने की पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ऑटोचालक के चंगुल से बच्ची को मुक्त कराया और पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों, यानी बच्ची की माँ, लहरू यादव और रवि वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि पूछताछ के दौरान लहरू यादव ने स्वीकार किया कि वह बिहार के अरवल में मजदूरों की ठेकेदारी करता है और वहीं उसकी मुलाकात बच्ची की माँ गौरी देवी से हुई थी, जिन्होंने 10 साड़ी और 16 हजार रुपये में अपनी बेटी उसे बेच दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, पॉक्सो और दुष्कर्म के आरोपों में मामला दर्ज किया है।1
- जनपद वाराणसी के सिंधोरा बाजार चौराहे पर व्यापारियों ने राष्ट्रीय प्रमुख महा सचिव माननीय डॉ. अरविंद राजभर जी का भव्य स्वागत किया।1
- जौनपुर जिले के जलालपुर क्षेत्र स्थित पुरेव बाजार में दोनों पेट्रोल पंपों पर लगातार दूसरे दिन भी पेट्रोल और डीजल उपलब्ध न होने से स्थानीय लोग काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण क्षेत्र में ईंधन की किल्लत बढ़ गई है और लोगों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।1
- वाराणसी में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया और आरती उतारकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन का उद्देश्य 'अविरल गंगा-निर्मल गंगा' की कामना करना था, जो भारत के 50 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका का आधार हैं। सनातनी संस्कृति के प्रवाह के प्रतीक के तौर पर मां गंगा की आरती उतारी गई और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए शपथ दिलाई गई। इस दौरान गंगा जयघोष के बीच राष्ट्र ध्वज भी लहराया गया, राष्ट्रीय नदी गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। नमामि गंगे टीम के सदस्यों ने गंगा तलहटी की सफाई की और लोगों से गंदगी न फैलाने की अपील की। लाउडस्पीकर और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों के माध्यम से घाटों पर हजारों लोगों को जागरूक किया गया, जिन्होंने गंगा दशहरा स्नान के लिए उपस्थिति दर्ज कराई थी। इन श्रद्धालुओं को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जन-भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प भी दिलाया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा दशहरा देवी गंगा के पृथ्वी पर अवतरण के सम्मान में धार्मिक आस्था के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि राजा सगर के साठ हजार पुत्रों का उद्धार करने के लिए धरती पर अवतरित हुई गंगा तब से आज तक पृथ्वीवासियों को मुक्ति, शांति, आजीविका और आनंद प्रदान कर रही हैं। राजेश शुक्ला ने इस बात पर जोर दिया कि गंगा का दर्शन, स्पर्श, पूजन और स्नान ही मानव मात्र के लिए पर्याप्त है और गंगा का शुद्ध होना हमारे पर्यावरण की स्वच्छता का एक महत्वपूर्ण मापदंड है। उन्होंने सरकार के साथ-साथ सभी लोगों से गंगा के प्रति अपने सरोकारों को समझने और ईमानदारी से निभाने का आह्वान किया। इस आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, महानगर सहसंयोजक बीना गुप्ता, पंकज अग्रहरि, अवधेश वर्मा, पूनम वर्मा और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- मदरसा शिक्षकों को इस समय दोहरी जिम्मेदारी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अपने कार्यों को एक साथ निभाने में भारी कठिनाई हो रही है। उन्हें एक ओर जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य में लगाया गया है, वहीं दूसरी ओर उन्हें शिक्षण का अपना प्राथमिक कर्तव्य भी निभाना है। इन दोनों महत्वपूर्ण दायित्वों को एक ही समय पर सफलतापूर्वक पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।1
- दर्जनों इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान कमिश्नरेट पहुंचे। इस दौरान आईटीबीपी के अधिकारी भी वहां मौजूद रहे।1
- कानपुर देहात में एक टोल बूथ पर खड़ी कार को तेज रफ्तार कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कंटेनर चालक अपना वाहन लेकर मौके से भागने लगा, लेकिन टोल कर्मियों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1