उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मां-बेटी के रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ महज 10 साड़ी और 16 हजार रुपये नकद के लालच में एक माँ ने अपनी 12 वर्षीय बेटी को बेच दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद बच्ची को खरीदने वाले व्यक्ति और एक ऑटोचालक ने मिलकर चार महीने तक उसका दुष्कर्म किया। बिहार के अरवल जिले की रहने वाली बच्ची की माँ गौरी देवी ने अपनी बेटी को चंदौली के बलुआ हरधन निवासी 40 वर्षीय लहरू यादव को बेचा था। लहरू यादव ने बच्ची को खरीदने के बाद वाराणसी के चहनिया स्थित एक मंदिर में उससे झूठी शादी रचाई और लगातार चार महीने तक दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान वह बच्ची को घर का काम न करने पर पीटता भी था और उसे घर के अन्य सदस्यों से घुलने-मिलने नहीं देता था। लहरू यादव की पहली पत्नी का निधन हो चुका है और उसके दो बच्चे भी हैं। लहरू यादव 19 मई को बच्ची को बनारस रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया। वहाँ झारखंड निवासी ऑटोचालक रवि वर्मा ने रोती हुई बच्ची को देखकर मदद का भरोसा दिया और उसे अपने साथ ले गया। रवि वर्मा ने सारनाथ तालाब के पास बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद उसे अपने पहड़िया इलाके के घर ले गया। आस-पड़ोसियों को शक होने पर उन्होंने सारनाथ थाने की पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ऑटोचालक के चंगुल से बच्ची को मुक्त कराया और पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों, यानी बच्ची की माँ, लहरू यादव और रवि वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि पूछताछ के दौरान लहरू यादव ने स्वीकार किया कि वह बिहार के अरवल में मजदूरों की ठेकेदारी करता है और वहीं उसकी मुलाकात बच्ची की माँ गौरी देवी से हुई थी, जिन्होंने 10 साड़ी और 16 हजार रुपये में अपनी बेटी उसे बेच दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, पॉक्सो और दुष्कर्म के आरोपों में मामला दर्ज किया है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मां-बेटी के रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ महज 10 साड़ी और 16 हजार रुपये नकद के लालच में एक माँ ने अपनी 12 वर्षीय बेटी को बेच दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद बच्ची को खरीदने वाले व्यक्ति और एक ऑटोचालक ने मिलकर चार महीने तक उसका दुष्कर्म किया। बिहार के अरवल जिले की रहने वाली बच्ची की माँ गौरी देवी ने अपनी बेटी को चंदौली के बलुआ हरधन निवासी 40 वर्षीय लहरू यादव को बेचा था। लहरू यादव ने बच्ची को खरीदने के बाद वाराणसी के चहनिया स्थित एक मंदिर में उससे झूठी शादी रचाई और लगातार चार महीने तक दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान वह बच्ची को घर का काम न करने पर पीटता भी था और उसे घर के अन्य सदस्यों से घुलने-मिलने नहीं देता था। लहरू यादव की पहली पत्नी का निधन हो चुका है और उसके दो बच्चे भी हैं। लहरू यादव 19 मई को बच्ची को बनारस रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया। वहाँ झारखंड निवासी ऑटोचालक रवि वर्मा ने रोती हुई बच्ची को देखकर मदद का भरोसा दिया और उसे अपने साथ ले गया। रवि वर्मा ने सारनाथ तालाब के पास बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद उसे अपने पहड़िया इलाके के घर ले गया। आस-पड़ोसियों को शक होने पर उन्होंने सारनाथ थाने की पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ऑटोचालक के चंगुल से बच्ची को मुक्त कराया और पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों, यानी बच्ची की माँ, लहरू यादव और रवि वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि पूछताछ के दौरान लहरू यादव ने स्वीकार किया कि वह बिहार के अरवल में मजदूरों की ठेकेदारी करता है और वहीं उसकी मुलाकात बच्ची की माँ गौरी देवी से हुई थी, जिन्होंने 10 साड़ी और 16 हजार रुपये में अपनी बेटी उसे बेच दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, पॉक्सो और दुष्कर्म के आरोपों में मामला दर्ज किया है।
- Jai shree Mahakalगुरुग्राम, गुरुग्राम, हरियाणाहै भगवान7 hrs ago
- Satya Narayanआऊ, जोधपुर, राजस्थान👏7 hrs ago
- वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र के धानापुर में एक शादीशुदा युवती को एक मुस्लिम युवक द्वारा भगा ले जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। युवती के भाई आलोक सिंह ने यह आरोप लगाते हुए बताया कि शहंशाहपुर निवासी इजराइल उनकी बहन को लेकर भाग गया है। आलोक सिंह के अनुसार, जब उन्होंने इस मामले का विरोध किया, तो बीती रात इजराइल और इजराइल अहमद सहित कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। इन लोगों पर मारपीट करने, फायरिंग करने और नकदी लूटने जैसी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। पीड़ित आलोक सिंह ने राजातालाब पुलिस को एक लिखित तहरीर देकर इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मां-बेटी के रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ महज 10 साड़ी और 16 हजार रुपये नकद के लालच में एक माँ ने अपनी 12 वर्षीय बेटी को बेच दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद बच्ची को खरीदने वाले व्यक्ति और एक ऑटोचालक ने मिलकर चार महीने तक उसका दुष्कर्म किया। बिहार के अरवल जिले की रहने वाली बच्ची की माँ गौरी देवी ने अपनी बेटी को चंदौली के बलुआ हरधन निवासी 40 वर्षीय लहरू यादव को बेचा था। लहरू यादव ने बच्ची को खरीदने के बाद वाराणसी के चहनिया स्थित एक मंदिर में उससे झूठी शादी रचाई और लगातार चार महीने तक दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान वह बच्ची को घर का काम न करने पर पीटता भी था और उसे घर के अन्य सदस्यों से घुलने-मिलने नहीं देता था। लहरू यादव की पहली पत्नी का निधन हो चुका है और उसके दो बच्चे भी हैं। लहरू यादव 19 मई को बच्ची को बनारस रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया। वहाँ झारखंड निवासी ऑटोचालक रवि वर्मा ने रोती हुई बच्ची को देखकर मदद का भरोसा दिया और उसे अपने साथ ले गया। रवि वर्मा ने सारनाथ तालाब के पास बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद उसे अपने पहड़िया इलाके के घर ले गया। आस-पड़ोसियों को शक होने पर उन्होंने सारनाथ थाने की पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ऑटोचालक के चंगुल से बच्ची को मुक्त कराया और पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों, यानी बच्ची की माँ, लहरू यादव और रवि वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि पूछताछ के दौरान लहरू यादव ने स्वीकार किया कि वह बिहार के अरवल में मजदूरों की ठेकेदारी करता है और वहीं उसकी मुलाकात बच्ची की माँ गौरी देवी से हुई थी, जिन्होंने 10 साड़ी और 16 हजार रुपये में अपनी बेटी उसे बेच दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, पॉक्सो और दुष्कर्म के आरोपों में मामला दर्ज किया है।1
- जनपद वाराणसी के सिंधोरा बाजार चौराहे पर व्यापारियों ने राष्ट्रीय प्रमुख महा सचिव माननीय डॉ. अरविंद राजभर जी का भव्य स्वागत किया।1
- जौनपुर जिले के जलालपुर क्षेत्र स्थित पुरेव बाजार में दोनों पेट्रोल पंपों पर लगातार दूसरे दिन भी पेट्रोल और डीजल उपलब्ध न होने से स्थानीय लोग काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण क्षेत्र में ईंधन की किल्लत बढ़ गई है और लोगों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।1
- वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में कादीपुर स्टेशन से सटे कौवापुर गांव में गंभीर पेयजल संकट गहरा गया है, जहाँ करीब 40 घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, और सरकार की 'हर घर जल योजना' यहाँ दम तोड़ती दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिछाई गई मात्र तीन इंच की पाइपलाइन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जगह-जगह दब गई है और ब्लॉक हो गई है, जिसके चलते बस्ती तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है। इस समस्या से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएँ सबसे अधिक प्रभावित हैं। न्यूज टू इंडिया ने मौके पर पहुँचकर पड़ताल की और पाया कि दर्जनों घरों में वाकई एक बूंद भी पानी नहीं पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस संबंध में चोलापुर के बीडीओ ने बताया कि मामले में पत्र भेजा जा चुका है और जाँच कराई जा रही है, साथ ही जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत गाँव-गाँव पानी पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। न्यूज टू इंडिया ने स्वयं जल निगम के पास पहुँचकर देखा कि पानी की टंकी का कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है; न तो परिसर की बाउंड्री बनी है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था है। मौके पर ऑपरेटर भी मौजूद नहीं रहता। जल निगम के पास एक बुजुर्ग ने बताया कि पानी की आपूर्ति चालू या बंद करने के लिए भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति समय पर नहीं पहुँचता। इसके अलावा, टंकी परिसर में फर्श निर्माण, सौर ऊर्जा सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएँ भी अधूरी हैं। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई कब होगी, क्योंकि ठेकेदार लापता हैं और अधिकारी मौन हैं।1
- नागरिकों ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा है कि उन्हें 5 किलो राशन की आवश्यकता नहीं है। उनकी मुख्य माँगें बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी को लेकर हैं, जिस पर उनका विशेष जोर है।1
- छत्तीसगढ़ के भिलाई में नेहरू नगर स्थित मारुति सुजुकी शोरूम में एक महिला कर्मचारी अमृता सिंह ने शोरूम के महाप्रबंधक अंकित आनंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमृता सिंह का आरोप है कि अंकित आनंद ने उनके साथ छेड़छाड़ की, अश्लील संदेश भेजे और अभद्र व्यवहार किया। यह शिकायत दर्ज होने के बाद जब पुलिस महाप्रबंधक अंकित आनंद को लेकर शोरूम पहुंची, तो महिला कर्मचारी ने उनके चेहरे और कपड़ों पर स्याही फेंक दी। इसके साथ ही, उन्होंने अंकित आनंद को थप्पड़ और लात भी मारी। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद, शोरूम की कई अन्य महिला कर्मचारियों ने भी अंकित आनंद पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- कानपुर देहात में एक टोल बूथ पर खड़ी कार को तेज रफ्तार कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कंटेनर चालक अपना वाहन लेकर मौके से भागने लगा, लेकिन टोल कर्मियों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1