अरवल के कलेर अंतर्गत गोपालपुर गांव में जलनिकासी की समस्या का समाधान करने के नाम पर मुख्य सड़क को काट दिया गया है, जिससे इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव के हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने अपने घरों से नाली का पानी निकालने के लिए बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और वैकल्पिक व्यवस्था के जेसीबी से सड़क कटवा दी, जिसके परिणामस्वरूप दोनों गांवों का संपर्क मार्ग बाधित हो गया। बताया गया है कि गोपालपुर गांव में नाली का पानी जाम होने से कई घरों में जलजमाव की स्थिति बन गई थी। पानी निकासी के लिए पाइप डालने की योजना थी, लेकिन पाइप और निर्माण सामग्री की व्यवस्था किए बिना ही सीधे सड़क काट दी गई। इस गैर-जिम्मेदाराना कदम के कारण इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव का आवागमन लगभग 18 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा, जिससे मरीजों, स्कूली बच्चों और दैनिक मजदूरी करने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी और कई लोग घंटों फंसे रहे। बाद में मामले की सूचना प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार को दी गई, जिनके हस्तक्षेप के बाद कटे हुए हिस्से में मिट्टी भराई कराई गई। हालांकि, तीन दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है; फिलहाल केवल साइकिल और बाइक ही किसी तरह गुजर पा रही हैं, जबकि चारपहिया वाहन, एंबुलेंस और अन्य बड़े वाहनों का आवागमन अब भी बंद है। इस संबंध में पूछे जाने पर कलेर के अंचलाधिकारी सर्वेश कुमार ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि एक गांव की समस्या के समाधान के लिए दो गांवों की जीवनरेखा ही काट दी गई। उनका कहना है कि जलनिकासी की समस्या होने पर संबंधित विभाग और प्रशासन को सूचना देकर तकनीकी समाधान निकालना चाहिए था। ग्रामीण तत्काल सड़क को पूरी तरह दुरुस्त कर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन योग्य बनाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, साथ ही यह भी सवाल उठा रहे हैं कि जब सार्वजनिक सड़क काटी जा रही थी तब प्रशासन और संबंधित विभाग कहां थे, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी।
अरवल के कलेर अंतर्गत गोपालपुर गांव में जलनिकासी की समस्या का समाधान करने के नाम पर मुख्य सड़क को काट दिया गया है, जिससे इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव के हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने अपने घरों से नाली का पानी निकालने के लिए बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और वैकल्पिक व्यवस्था के जेसीबी से सड़क कटवा दी, जिसके परिणामस्वरूप दोनों गांवों का संपर्क मार्ग बाधित हो गया। बताया गया है कि गोपालपुर गांव में नाली का पानी जाम होने से कई घरों में जलजमाव की स्थिति बन गई थी। पानी निकासी के लिए पाइप डालने की योजना थी, लेकिन पाइप और निर्माण सामग्री की व्यवस्था किए बिना ही सीधे सड़क काट दी गई। इस गैर-जिम्मेदाराना कदम के कारण इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव का आवागमन लगभग 18 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा, जिससे मरीजों, स्कूली बच्चों और दैनिक मजदूरी करने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी और कई लोग घंटों फंसे रहे। बाद में मामले की सूचना प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार को दी गई, जिनके हस्तक्षेप के बाद कटे हुए हिस्से में मिट्टी भराई कराई गई। हालांकि, तीन दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है; फिलहाल केवल साइकिल और बाइक ही किसी तरह गुजर पा रही हैं, जबकि चारपहिया वाहन, एंबुलेंस और अन्य बड़े वाहनों का आवागमन अब भी बंद है। इस संबंध में पूछे जाने पर कलेर के अंचलाधिकारी सर्वेश कुमार ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि एक गांव की समस्या के समाधान के लिए दो गांवों की जीवनरेखा ही काट दी गई। उनका कहना है कि जलनिकासी की समस्या होने पर संबंधित विभाग और प्रशासन को सूचना देकर तकनीकी समाधान निकालना चाहिए था। ग्रामीण तत्काल सड़क को पूरी तरह दुरुस्त कर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन योग्य बनाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, साथ ही यह भी सवाल उठा रहे हैं कि जब सार्वजनिक सड़क काटी जा रही थी तब प्रशासन और संबंधित विभाग कहां थे, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी।
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा अंचल कार्यालय में एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। यह जनता दरबार अंचलाधिकारी (सीओ) कौशल्या कुमारी की देखरेख में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य जमीनी विवादों का निपटारा करना था। इस आयोजन के दौरान, कुल आधा दर्जन मामलों को सफलतापूर्वक निपटाया गया, जिससे कई लंबित जमीनी विवादों का समाधान हुआ।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपशब्द बोलते और धमकी देते हुए नजर आ रहा है। यह वीडियो बिहार की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को विरोध प्रकट करने और सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी को गाली-गलौज करना या धमकी देना किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता। अब इस पूरे मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, यह देखना बाकी है। इस वायरल वीडियो और घटनाक्रम पर लोगों की क्या राय है, यह भी एक अहम सवाल है।1
- औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड मुख्यालय स्थित इफको बाजार में खाद की जमाखोरी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन और संबंधित विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया है कि प्रखंड में खरीफ फसल के लिए खाद की कोई कमी नहीं है, और पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इफको बाजार से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गोदाम में मई 2026 के महीने में भी 5787 बैग खाद पूरी तरह सुरक्षित और उपलब्ध है, जो आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त माना गया है। किसानों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और दिग्भ्रमित न हों।1
- बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और रोहतास जिले के प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने हाल ही में सासाराम का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जिलास्तरीय बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की और मीडिया से बातचीत करते हुए भ्रष्टाचार तथा स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई कड़े बयान दिए। भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर जोर देते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि रोहतास में लगातार विभिन्न विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों पर हो रही कार्रवाई सराहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों से यह सिर्फ शुरुआत है और जनता की कमाई लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि सरकार साफ-सुथरी व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, सासाराम सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने के मामले पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने रोहतास के सिविल सर्जन को अल्टीमेटम दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टरों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री अशोक चौधरी ने पटना में राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर चल रही बयानबाजी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने साफ कहा कि राबड़ी आवास कोई निजी संपत्ति नहीं बल्कि सरकारी आवास है, जो लोकतंत्र में सत्ता बदलने पर नियमानुसार खाली करना पड़ता है। किसानों के लिए खुशखबरी देते हुए उन्होंने बताया कि आगामी सीजन के लिए खाद की किल्लत से निपटने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह तैयार है और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने हेतु रोडमैप तैयार कर लिया गया है, ताकि किसानों को कोई समस्या न हो।3
- Post by Mantu Paswan1
- मुख्यमंत्री के “हरे गमछे” और “जाति पूछकर एनकाउंटर” वाले बयान के बाद उपजे विवाद ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। दानापुर से सामने आए एक वायरल वीडियो में एक टीटी द्वारा हरे गमछे पहने एक यात्री से कथित तौर पर उसकी जाति पूछकर पिटाई करने की घटना से पीरो समेत पूरे इलाके में राजनीतिक भूचाल आ गया है। शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे यह जानकारी सामने आई कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में टीटी स्पष्ट रूप से यात्री से उसकी जाति पूछता है और फिर उसके साथ मारपीट करता दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और यह मुद्दा तुरंत राजनीतिक रंग ले गया। पीरो के हर चौक-चौराहे पर इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है, जहाँ स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के बयान के बाद ऐसी घटनाओं को चिंताजनक और समाज में गलत संदेश देने वाला बता रहे हैं। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाया है कि कानून-व्यवस्था की बड़ी बातें करने वाली सरकार के शासन में आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है, और एक सरकारी कर्मचारी द्वारा खुलेआम जाति पूछकर पिटाई करना 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति है। वहीं, सत्तापक्ष के कुछ नेताओं ने पूरे सिस्टम को केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर कटघरे में खड़ा करने को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और सरकार कानून के अनुसार सख्त कदम उठाएगी। दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी टीटी को तत्काल निलंबित कर कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसी हिम्मत न कर सके। सूत्रों के अनुसार, रेलवे विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित कर्मी पर कार्रवाई जारी है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने “हरे गमछे” से जुड़े विवाद को और अधिक भड़का दिया है। फिलहाल, पीरो और आसपास के इलाकों में इस मुद्दे को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है, और नए बयानों तथा आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीति और भी गरमाने की संभावना है।1