पूरनपुर में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की ओर से बुधवार दोपहर 12:40 बजे तहसीलदार को प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता आशीष नेगी के कथित बयान के विरोध में पुतला दहन कर प्रदर्शन किया गया। सिख समाज ने आशीष नेगी के बयान की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आशीष नेगी ने ऑपरेशन ब्लू स्टार और गढ़वाल राइफल्स का कथित तौर पर उल्लेख किया है, जिससे सिख समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। साथ ही, इस बयान को सेना की निष्पक्ष छवि को भी प्रभावित करने वाला बताया गया है। सिख संगत का मानना है कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता के लिए बेहद हानिकारक हैं। सिख समाज ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भविष्य में इस तरह के समाज-विभाजनकारी बयानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी अपील की। इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।
पूरनपुर में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की ओर से बुधवार दोपहर 12:40 बजे तहसीलदार को प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता आशीष नेगी के कथित बयान के विरोध में पुतला दहन कर प्रदर्शन किया गया। सिख समाज ने आशीष नेगी के बयान की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आशीष नेगी ने ऑपरेशन ब्लू स्टार और गढ़वाल राइफल्स का कथित तौर पर उल्लेख किया है, जिससे सिख समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। साथ ही, इस बयान को सेना की निष्पक्ष छवि को भी प्रभावित करने वाला बताया गया है। सिख संगत का मानना है कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता के लिए बेहद हानिकारक हैं। सिख समाज ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भविष्य में इस तरह के समाज-विभाजनकारी बयानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी अपील की। इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे, जहाँ मंच से विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे। ठीक उसी दौरान, 10 साल का एक बच्चा अपनी भूख मिटाने के लिए संघर्ष कर रहा था। यह घटना विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के विरोधाभास को उजागर करती है।1
- लंबे समय से पड़ रही उमस और भीषण गर्मी के बाद मंगलवार को पीलीभीत में मौसम ने अचानक करवट ली। जिले के कई क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहाना हो गया। इस बारिश ने किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है। धान सहित खरीफ की फसलों के लिए इसे लाभदायक माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, जो फसलों की बुवाई और वृद्धि में सहायक होगी। बारिश के दौरान बच्चों और युवाओं ने भी मौसम का भरपूर आनंद लिया। हालांकि, कुछ स्थानों पर सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। कुल मिलाकर, बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत पहुंचाई है और किसान अच्छी फसल की उम्मीद जता रहे हैं।1
- पीलीभीत जिले की ग्राम पंचायत डांग में चौराहे पर लगा नल काफी समय से खराब पड़ा है। इस समस्या के कारण गांव के लोगों को पानी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए इस नल को जल्द से जल्द ठीक किया जाना आवश्यक है।1
- न्युरिया में एक दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान दयाशंकर के रूप में की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की तहसील कलीनगर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जमुनिया पुलिस चौकी पर इन दिनों अपराधियों से ज़्यादा 'नागराज' का खौफ भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। इस चौकी में लगातार जहरीले साँपों के निकलने से पुलिसकर्मियों और अपनी फरियाद लेकर आने वाले फरियादियों की रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। हाल ही में चौकी परिसर में एक विशालकाय साँप के रेंगते हुए दिखने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों और फरियादियों में अपनी जान बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई और वे इधर-उधर भागने लगे। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मची भगदड़ साफ देखी जा सकती है। स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों के अनुसार, जमुनिया चौकी में साँपों का निकलना कोई नई बात नहीं है। मानसून की दस्तक और बरसात का मौसम शुरू होते ही यहाँ खतरा कई गुना बढ़ गया है, क्योंकि जलजमाव और आसपास की झाड़ियों के कारण साँप सुरक्षित ठिकानों की तलाश में सीधे चौकी के कमरों और परिसर में दाखिल हो रहे हैं। हालात यह हो चुके हैं कि अब इस चौकी को लोग मज़ाकिया और डरे हुए लहजे में 'साँपों का अड्डा' कहने लगे हैं। एक पुलिसकर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें ड्यूटी के दौरान लगातार सतर्क रहना पड़ता है, क्योंकि कुर्सी पर बैठते समय या फाइलें उठाते समय हमेशा साँप होने का डर बना रहता है। इस कारण फरियादी भी अब अंदर आने से कतराने लगे हैं। इन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने अब पुलिस प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि बार-बार साँप निकलने से किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि वन्यजीव विभाग की मदद से चौकी परिसर और आसपास के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए और झाड़ियों की सफाई कराई जाए, ताकि पुलिसकर्मी बिना किसी खौफ के अपनी ड्यूटी कर सकें और जनता भी सुरक्षित महसूस कर सके।1
- पीलीभीत जिले की बरखेड़ा विधानसभा के विधायक द्वारा की गई किसी बात को लेकर सवाल उठाया गया है। इस संबंध में पोस्ट में जनता से आग्रह किया गया है कि वे अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करें।1
- माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का पीलीभीत का बंगाली समाज नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता प्रमाण-पत्र प्रदान करने और वर्षों से निवास कर रहे परिवारों को भूमि का मालिकाना अधिकार दिए जाने के लिए हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता है। इन ऐतिहासिक निर्णयों से हजारों परिवारों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार समाप्त हो गया है। इस महत्वपूर्ण पहल के परिणामस्वरूप लोगों में सुरक्षा, सम्मान और विश्वास की भावना मजबूत हुई है। पीलीभीत का बंगाली समाज इन फैसलों के लिए मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करता है और प्रदेश के विकास तथा जनकल्याण के लिए उनके उज्ज्वल नेतृत्व की कामना करता है।1
- पीलीभीत में सपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान समाज और प्रशासन पर बेटियों के साथ हुए अपराधों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि क्या गुस्सा बेटी की जाति देखकर जागता है, क्योंकि बेटियों की सुरक्षा किसी भी जाति या धर्म की परवाह किए बिना सुनिश्चित होनी चाहिए। वर्मा ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि एक घटना में जब दूसरे समुदाय का व्यक्ति शामिल था, तो सबका खून खौल उठा और तुरंत बुलडोजर कार्रवाई की गई। इसके विपरीत, जब उसी क्षेत्र में एक मंदबुद्धि नाबालिग बेटी के साथ उसी के समुदाय के व्यक्ति ने दुष्कर्म का प्रयास किया, तो आंदोलन करने वालों के मुंह में दही जम गया और कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पीलीभीत दौरे के समय पीड़ित परिवार के घर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया, ताकि वे अपनी बात प्रशासन के सामने न रख सकें। वर्मा के अनुसार, यह घटना प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- पीलीभीत तहसील के पूरनपुर क्षेत्र में स्थित पुरानी तहसील की इमारत को अब गिराया जा रहा है।1