*रास्ता रोक कर पिता पुत्र ने किया गरीब के साथ लाठी डंडों से मारपीट* *जमीनी विवाद का रंजिश बना मुख्य कारण* उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा मुख्यालय के ग्राम बिजौरी में रास्ता रोक कर युवक के साथ जम कर मार पीट किया गया है मिली जानकारी अनुसार पीड़ित गुड्डा यादव पिता सियाराम यादव उम्र 24 वर्ष ने घायल अवस्था में अपने भाई बबलू यादव के साथ मानपुर थाना पहुंच जानकारी देते हुए बताया कि मैं मानपुर बाजार सामान लेने के लिए गया था और मानपुर से सामान लेकर ऑटो में बैठकर वापस अपने घर ग्राम बिजौरी जा रहा था तो रात करीबन 8 बजे के आस पास बिजौरी स्थित सिवास प्रजापति के घर के पास ब्रजेन्द्र सिंह मिला जो अचानक मेरा कॉलर पकड़कर ऑटो से उतार लिया और पुरानी रजिश को लेकर कहने लगा कि तुम बहुत बड़े होशियार हो कहकर भद्दी भद्दी गाली गलौज करते हुये मुझे चप्पल व हाथ मुक्का से मारपीट करने लगा तब में डर के कारण वहां से भागा तो गाव के भोला प्रजापति के घर में घुसने लगा तो वहां भी ब्रजेन्द्र सिंह एवं उसका लडका जतिन सिंह आ गये और जतिन सिंह मुझे पीछे से पकड लिया एवं ब्रजेन्द्र सिंह द्वारा मुझे जान से मार देने की नीयत से डंडा से मारपीट करने लगा तब मै हल्ला गुहार किया तो पड़ोस के अजित प्रजापति, राजकुमार प्रजापति एवं केवल राम प्रजापति आकर बीच बचाव किये तब दोनों पिता पुत्र लोग जाते-जाते बोल रहे थे कि इस बार तो तुम्हे बचा लिया गया अगली बार तुझे जान से खत्म कर देंगे की धमकी दे रहे थे इतना ही नहीं जाते जाते उक्त दोनों लोग मेरा मोबाइल फोन भी मुझसे छीन कर ले गए मारपीट से पीड़ित के नाक में, मुंह में, चेहरा एवं बांये पीठ में चोट लगकर खून निकल रहा था वहीं घटना की जानकारी लगते ही तत्काल मानपुर थाना प्रभारी द्वारा घायल युवक को मानपुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में भर्ती कराया जहां डाक्टरों की टीम ने उसका इलाज जारी किया और तीन दिन बीत जाने के बाद जब घायल की स्थिति सामान्य होता देख उसे छुट्टी देकर घर भेज दिया गया मिली जानकारी अनुसार उक्त मारपीट करने वाले आरोपी आदतन अपराधी हैं जिनके द्वारा क्षेत्र में आए दिन लड़ाई झगड़ा किया जाता है थाना की दूरी होने के कारण पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर थाना तक नहीं पहुंच पाता है जिसका फायदा उठा कर संबंधित व्यक्तियों का क्षेत्र में उत्पात मचाना उनका पेशा बन चुका है वहीं फरियादी कि रिर्पोर्ट पर पुलिस ने धारा-296 (बी), 115 (1), 351 (3), 3 (5) बीएनएस कायम कर मामले को विवेचना में लिया है
*रास्ता रोक कर पिता पुत्र ने किया गरीब के साथ लाठी डंडों से मारपीट* *जमीनी विवाद का रंजिश बना मुख्य कारण* उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा मुख्यालय के ग्राम बिजौरी में रास्ता रोक कर युवक के साथ जम कर मार पीट किया गया है मिली जानकारी अनुसार पीड़ित गुड्डा यादव पिता सियाराम यादव उम्र 24 वर्ष ने घायल अवस्था में अपने भाई बबलू यादव के साथ मानपुर थाना पहुंच जानकारी देते हुए बताया कि मैं मानपुर बाजार सामान लेने के लिए गया था और मानपुर से सामान लेकर ऑटो में बैठकर वापस अपने घर ग्राम बिजौरी जा रहा था तो रात करीबन 8 बजे के आस पास बिजौरी स्थित सिवास प्रजापति के घर के पास ब्रजेन्द्र सिंह मिला जो अचानक मेरा कॉलर पकड़कर ऑटो से उतार लिया और पुरानी रजिश को लेकर कहने लगा कि तुम बहुत बड़े होशियार हो कहकर भद्दी भद्दी गाली गलौज करते हुये मुझे चप्पल व हाथ मुक्का से मारपीट करने लगा तब में डर के कारण वहां से भागा तो गाव के भोला प्रजापति के घर में घुसने लगा तो वहां भी ब्रजेन्द्र सिंह एवं उसका लडका जतिन सिंह आ गये और जतिन सिंह मुझे पीछे से पकड लिया एवं ब्रजेन्द्र सिंह द्वारा मुझे जान से मार देने की नीयत से डंडा से मारपीट करने लगा तब मै हल्ला गुहार किया तो पड़ोस के अजित प्रजापति, राजकुमार प्रजापति एवं केवल राम प्रजापति आकर बीच बचाव किये तब दोनों पिता पुत्र लोग जाते-जाते बोल रहे थे कि इस बार तो तुम्हे बचा लिया गया अगली बार तुझे जान से खत्म कर देंगे की धमकी दे रहे थे इतना ही नहीं जाते जाते उक्त दोनों लोग मेरा मोबाइल फोन भी मुझसे छीन कर ले गए मारपीट से पीड़ित के नाक में, मुंह में, चेहरा एवं बांये पीठ में चोट लगकर खून निकल रहा था वहीं घटना की जानकारी लगते ही तत्काल मानपुर थाना प्रभारी द्वारा घायल युवक को मानपुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में भर्ती कराया जहां डाक्टरों की टीम ने उसका इलाज जारी किया और तीन दिन बीत जाने के बाद जब घायल की स्थिति सामान्य होता देख उसे छुट्टी देकर घर भेज दिया गया मिली जानकारी अनुसार उक्त मारपीट करने वाले आरोपी आदतन अपराधी हैं जिनके द्वारा क्षेत्र में आए दिन लड़ाई झगड़ा किया जाता है थाना की दूरी होने के कारण पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर थाना तक नहीं पहुंच पाता है जिसका फायदा उठा कर संबंधित व्यक्तियों का क्षेत्र में उत्पात मचाना उनका पेशा बन चुका है वहीं फरियादी कि रिर्पोर्ट पर पुलिस ने धारा-296 (बी), 115 (1), 351 (3), 3 (5) बीएनएस कायम कर मामले को विवेचना में लिया है
- मानपुर नगर में लगने वाले जानलेवा जाम से बेहाल है आवाम-बेकाम साबित हो रहा 4 साल बीतने के बाद भी नप. प्रशासन। *(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया)* मानपुर नगर इन दिनों रोज़ाना लगने वाले जाम से जूझ रहा है। बस स्टैंड सहित मुख्य मार्गों पर घंटों तक वाहनों की कतारें लग रही हैं, जिससे आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे देर से पहुंच रहे हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे, और रोज़मर्रा के कामकाज में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारी भी अछूते नहीं हैं। कई बार खंड स्तर के अधिकारी खुद जाम में घंटों फंसे नजर आते हैं। बावजूद इसके, समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो रहे हैं। बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक है। उनका कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने पहले ही व्यापार कमजोर कर दिया था, अब जाम के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे। इससे बिक्री लगातार घट रही है और छोटे व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इधर, मानपुर पुलिस को रोज़ अपने अन्य थाना संबंधी कार्य छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने में जुटे रहते हैं, लेकिन यह प्रयास सिर्फ अस्थायी राहत तक सीमित है। अगले ही दिन हालात फिर वही हो जाते हैं। नगर परिषद पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव के समय बस स्टैंड के विकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार के जो वादे किए गए थे, चार साल बाद भी वे जमीन पर नजर नहीं आते। न अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई हो पाई है, न ही कोई ठोस ट्रैफिक योजना लागू हो सकी है। मानपुर की जनता और व्यापारी अब स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं—तय पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण पर सख्ती और स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन। वरना यह जाम सिर्फ रास्ता ही नहीं रोकेगा, बल्कि नगर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालता रहेगा।3
- बाघ के सामने उतरे लोग, मौत को दिया खुला न्योता उमरिया तपस गुप्ता जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सामने आया एक वीडियो लोगों की गंभीर लापरवाही को उजागर कर रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में ताला-मानपुर रोड पर एक बाघ सड़क पार करता दिखाई दे रहा है, लेकिन उससे भी ज्यादा चौंकाने वाला नजारा इसके बाद देखने को मिलता है। वीडियो में साफ दिखता है कि जैसे ही बाघ नजर आता है, कुछ लोग अपने वाहन बीच सड़क पर रोक देते हैं। हैरानी तब बढ़ जाती है जब कुछ लोग वाहन से उतरकर सीधे बाघ के करीब पहुंच जाते हैं और मोबाइल से वीडियो बनाने लगते हैं। यह हरकत न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ाती है, बल्कि सीधे-सीधे मौत को न्योता देने जैसी है। जानकारी के मुताबिक यह वीडियो रविवार का बताया जा रहा है। बाघ जैसे खतरनाक और संवेदनशील वन्यजीव के इतने करीब जाना किसी भी वक्त गंभीर हादसे में बदल सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां बाघ को उकसा सकती हैं, जिससे वह आक्रामक हो सकता है और हमला कर सकता है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही कई सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर वन विभाग लगातार जागरूकता और नियमों का पालन कराने की कोशिश करता है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग महज कुछ सेकंड के वीडियो के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। यह घटना साफ दिखाती है कि रोमांच के नाम पर लोग किस हद तक गैरजिम्मेदार हो सकते हैं। अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं हुई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- शहडोल। मेडिकल कॉलेज शहडोल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इलाज, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शिकायतकर्ता कैलाश यादव ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को उजागर करते हुए आरोप लगाया कि यहां मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर है और मौके पर पुलिस भी नदारद रहती है। वीडियो में कथित तौर पर गार्डों की गुंडागर्दी के दृश्य सामने आए हैं, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की बात भी सामने आ रही है। सुरक्षा पर सबसे बड़ा सवाल जहां एक ओर अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, वहीं दूसरी ओर गार्डों पर ही बदसलूकी और दबंगई के आरोप लगना स्थिति को और गंभीर बना रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आता है या नहीं, इस पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- शहडोल में भगवान परशुराम जयंती पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई शहडोल। अत्यंत हर्ष के साथ सूचित किया गया है कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह शोभा यात्रा आज 20 अप्रैल 2026, सोमवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि (अक्षय तृतीया) के पावन अवसर पर निकाली जाएगी। आयोजकों के अनुसार शोभा यात्रा शाम को जय स्तंभ चौक, शहडोल से प्रारंभ होगी। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मोहनराम मंदिर, शहडोल में सम्पन्न होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और शहर में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।1
- Post by Ashok Sondhiya2
- कटनी में ऑटो चालकों की गुंडागर्दी: जंक्शन से मुड़वारा जाने का वसूला 1020रुपये किराया, विरोध करने पर मजदूरों को दी जान से मारने की धमकी। कटनी। कटनी शहर में ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब बाहरी यात्रियों के साथ सरेराह लूट और अभद्रता आम बात हो गई है। ताजा मामला कटनी जंक्शन और मुड़वारा स्टेशन के बीच का है, जहां दो गरीब मजदूरों से महज कुछ किलोमीटर की दूरी के लिए 1020 रुपये वसूल लिए गए। विरोध करने पर ऑटो चालक ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मात्र 30 रुपये की बात कर बिठाया, फिर की अवैध वसूली पीड़ित यात्री दीपक यादव ने बताया कि वह अपने मित्र आकाश यादव के साथ शहडोल जिले के ग्राम गोपारु के निवासी हैं। दोनों पिछले तीन महीनों से पुणे में मजदूरी कर रहे थे। सोमवार शाम करीब 4:00 बजे जब वे रीवा-राजकोट एक्सप्रेस से कटनी जंक्शन पहुंचे, तो उन्हें शहडोल जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए मुड़वारा स्टेशन जाना था। स्टेशन के बाहर एक ई-रिक्शा चालक ने 30 रुपये सवारी के हिसाब से उन्हें बिठाया। लेकिन मुड़वारा स्टेशन पहुंचते ही चालक के तेवर बदल गए। जब यात्रियों ने तयशुदा 60 रुपये देने की कोशिश की, तो चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी और प्रति सवारी 510 रुपये के हिसाब से कुल 1020 रुपये की मांग की। नकदी नहीं थी तो मोबाइल दुकान पर कराया 'PhonePe' दहशत का आलम यह था कि ऑटो चालक ने मजदूरों को जान से मारने की धमकी दी। जब मजदूरों ने नकदी न होने की बात कही, तो चालक उन्हें जबरन एक मोबाइल दुकान कृष्णा मोबाइल केयर पर ले गया। वहां दुकानदार के नंबर पर 1020 रुपये 'फोन पे' करवाए गए और दुकानदार से नकदी लेकर यात्रियों को छोड़ा गया। स्थानीय लोगों में आक्रोश खतरे में शहर की छवि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कटनी एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां चारों दिशाओं से यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इस तरह की घटनाएं कटनी की छवि खराब कर रही हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे गुंडा तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा यात्रियों का इस शहर से भरोसा उठ जाएगा। इस मामले पर नेहा पच्चीसिया,नगर पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए कहा कि पूर्व में भी ऐसी शिकायतों पर मुहिम चलाकर कार्रवाई की गई थी और चालकों को हिदायत दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस ताजा मामले में शिकायत मिलते ही तत्काल प्राथमिक दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- मवेशी मलिक इस तरह से लापरवाही करते हैं कृपया कर थोड़ा सा हिदायत दें1
- सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 11 साल के मासूम की हत्या कर उसका शव नीले ड्रम में छिपा दिया गया। घटना कोलगवां थाना क्षेत्र की बैंक कॉलोनी की है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। सोमवार दोपहर बच्चे के लापता होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घर के बाहर ताला लगा मिला, जिसे तोड़कर जब पुलिस अंदर घुसी तो नज़ारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। कमरे में खून के निशान, बिस्तर पर खून से सना तकिया और दीवारों पर छींटे मिले। तलाशी के दौरान नीले ड्रम से बच्चे का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान शिवराज रजक (11) के रूप में हुई है, जो कक्षा 5वीं का छात्र था। वारदात के वक्त वह घर में अकेला था—मां काम पर, बहन कॉलेज और भाई मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मथुरा रजक (45), जो पड़ोसी बताया जा रहा है, ने धारदार हथियार से वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया। रंजिश बनी हत्या की वजह! प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी और मृतक के पिता के बीच कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते मासूम को निशाना बनाया गया। मृतक के पिता फिलहाल महाराष्ट्र के नासिक में मजदूरी करते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।1