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खाटूश्याम मंदिर करही में चोरी का प्रयास,चोरी करने वाला युवक पुलिस गिरफ्त में
प्रभु रंसोरे
खाटूश्याम मंदिर करही में चोरी का प्रयास,चोरी करने वाला युवक पुलिस गिरफ्त में
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- होली से पहले एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। राजस्थान के झालावाड़ जिले के सारोला कला क्षेत्र में 9 साल के एक बच्चे की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि बच्चा कोल्ड ड्रिंक भरी पिचकारी से खेल रहा था, तभी पेय पदार्थ उसकी आंख में चला गया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की आंख के कॉर्निया को गहरा नुकसान हुआ है और उसकी दृष्टि लगभग 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है। विशेषज्ञों ने ऐसे खतरनाक और केमिकल युक्त उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही अभिभावकों से अपील की है कि वे होली जैसे त्योहार पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और उन्हें सुरक्षित तरीके से रंग खेलने की सलाह दें। होली खुशियों का त्योहार है, लेकिन जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।1
- दुबई अपडेट पूर्व विधायक संजय शुक्ला ने देश के गृहमंत्री अमित शाह से की अपील1
- मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र में पत्रकार सुरक्षा की मांग।1
- बिना नम्बर हुटर वाली गाड़ी पर पार्षद का ए आई वाला दावा सवालो का उलझता पेंच1
- Post by Khushbu Shrivastava1
- रहमत और बरकत के पाक महीने रमजान में इंदौर से गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई। प्रिंस यशवंत रोड स्थित सर्वधर्म संघ कार्यालय में मस्जिदों के इमाम, तरावीह में पूरा कुरआन सुनाने वाले हाफिज़ों और अज़ान देने वाले मोअज्जिनों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में शहर काज़ी डॉ. इशरत अली, राष्ट्रीय संत अरूणानंद जी महाराज, स्वामी वर्धानंद महाराज सहित विभिन्न धर्मों के प्रमुखों की मौजूदगी रही। चंदन की माला, साफ़ा और धार्मिक प्रतीक चिन्ह भेंट कर दस्तारबंदी की गई। इस अवसर पर देश की खुशहाली, अमन और भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई। कार्यक्रम ने एक बार फिर संदेश दिया कि आपसी सद्भाव ही समाज की असली ताकत है।1
- इंदौर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर 1 करोड़ 15 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया-धमकाया और ऑनलाइन पूछताछ के नाम पर भारी रकम ट्रांसफर करवा ली। हालांकि इंदौर क्राइम ब्रांच की सतर्कता से इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 27 लाख रुपये की राशि पीड़ित को वापस दिलवाई है। बाकी रकम की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोई भी जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती और न ही किसी से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को कहती है। ऐसे कॉल आने पर तुरंत सतर्क रहें और 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। सवाल यह है कि आखिर साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर कब लगेगा पूरी तरह लगाम? और क्या हम सभी डिजिटल दुनिया में पर्याप्त सतर्क हैं?1
- मांडू में इतिहास और संस्कृति का हुआ अदभुत मिलन, 45 भगोरिया नर्तक दल पहुंचे मांडू. ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को आदिवासी संस्कृति के पर्व भगोरिया का खूब रंग जमा। यहां जनजातीय समुदाय के साथ विदेशी सैलानियों ने मादल की थाप पर जमकर भगोरिया नृत्य किया और कुर्राटिया भी भरी। इस अद्भुत दृश्य को सैलानियों ने अपनी केमरे में कैद किया। हजारों की संख्या में लोग भगोरिया देखने पहुंचे। ऐतिहासिक जामी मस्जिद और अशर्फी महल के बीच यहां भगोरिया का आयोजन हुआ। इतिहास के आईने से सैलानियों ने संस्कृति को निहारा। हालांकि इस बार जिला प्रशासन द्वारा आदर्श भगोरिया पर्व का आयोजन न करने के कारण संस्कृति प्रेमी निराश दिखे बावजूद इसके उन्होंने उत्साह से पर्व को मनाया। लगभग 45 से ज्यादा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नर्तक दल मांडू के भगोरिया में शामिल हुए। पूरा माहौल मस्ती भरा हो गया। भगोरिया मैदान में जनजातीय समुदाय के लोगों ने अपनी परंपरा को निभाया। यहां मेले में होली के त्यौहार को लेकर भी जमकर खरीदारी हुई। दरअसल मांडू का भगोरिया पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां विदेशी सेलानी भी शिरकत करते हैं और प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों ने मांडू के भगोरिया में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति को निहारा। विदेशी सैलानी दोपहर 12 बजे से ही भगोरिया मैदान पर आ गए थे। आदिवासी समुदाय के लोगों ने विदेशी मेहमानों के साथ फोटोग्राफी की और सेल्फी भी ली। मांडू में फ्रांस, इटली, बेल्जियम,अमेरिका,दक्षिण कोरिया के विदेशी पर्यटक मौजूद थे।इसके अलावा यहां महाराष्ट्र,राजस्थान और गुजरात से भी भगोरिया पर्व को देखने के लिए सैलानी आए हुए थे। लगभग 5 बजे तक जमकर उत्साह रहा इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से सभी भगोरिया पंडाल को खाली करवाना शुरू करवा दिया गया। नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड, थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत, एएसआइ दिनेश वर्मा, भेरू सिंह देवड़ा,आरआइ सादिक खान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर4
- 1.83 करोड़ की टंकी बनी खतरे की घंटी, जेतपुरा में हादसे किनार संकेत देती पानी की टंकी। धार जिले के समीप ग्राम जेतपुरा से विकास के दावों की हकीकत उजागर करती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। जहां मछली केंद्र के पास लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा करीब 1 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी की टंकी आज ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि भय का कारण बन चुकी है। वर्ष 2022 में निर्मित और 2023 में शुरू की गई यह टंकी महज तीन वर्षों में ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। टंकी के चारों ओर गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिनसे लगातार पानी रिस रहा है। रिसाव के चलते पिलर और नींव कमजोर होते जा रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। पानी की सप्लाई ठप, बढ़ी दहशत रिसाव इतना अधिक हो गया है कि टंकी भरते ही पानी रिसने लगता है। हालात ऐसे हो गए थे कि 15 से 20 दिनों तक पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति बंद रखनी पड़ी। हजारों की आबादी को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। टंकी के आसपास घनी आबादी और बच्चों का खेल क्षेत्र होने से ग्रामीणों में हर पल दुर्घटना का डर बना हुआ है। ग्रामीणों के आरोप ग्राम के उपसरपंच सुरेश मेडा का कहना है कि टंकी शुरू से ही रिसाव कर रही थी, लेकिन अब स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय निवासी लखन भिड़े ने बताया कि उनका घर टंकी के पास है और परिवार हमेशा दहशत में रहता है। वहीं प्रीति व्यास का कहना है कि टंकी की सीढ़ियां जर्जर हो चुकी हैं और ऊपर चढ़ते ही ढांचा हिलने लगता है। खराब निर्माण के आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और भ्रष्टाचार के चलते यह स्थिति बनी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तीन साल में टंकी की हालत खराब होना कई सवाल खड़े करता है। विभागीय लापरवाही? पीएचई विभाग के अधिकारी सुरेश चंद्र जालोनिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। न तो फोन का जवाब मिला और न ही वे कार्यालय में उपलब्ध बताए गए। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा से बढ़कर कागजी योजनाएं हैं? ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, टंकी की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए और यदि निर्माण में लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, 1.83 करोड़ की यह पानी की टंकी विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि खतरे की चेतावनी बनकर खड़ी है।1