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1.83 करोड़ की टंकी बनी खतरे की घंटी, जेतपुरा में हादसे किनार संकेत देती पानी की टंकी। 1.83 करोड़ की टंकी बनी खतरे की घंटी, जेतपुरा में हादसे किनार संकेत देती पानी की टंकी। धार जिले के समीप ग्राम जेतपुरा से विकास के दावों की हकीकत उजागर करती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। जहां मछली केंद्र के पास लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा करीब 1 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी की टंकी आज ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि भय का कारण बन चुकी है। वर्ष 2022 में निर्मित और 2023 में शुरू की गई यह टंकी महज तीन वर्षों में ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। टंकी के चारों ओर गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिनसे लगातार पानी रिस रहा है। रिसाव के चलते पिलर और नींव कमजोर होते जा रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। पानी की सप्लाई ठप, बढ़ी दहशत रिसाव इतना अधिक हो गया है कि टंकी भरते ही पानी रिसने लगता है। हालात ऐसे हो गए थे कि 15 से 20 दिनों तक पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति बंद रखनी पड़ी। हजारों की आबादी को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। टंकी के आसपास घनी आबादी और बच्चों का खेल क्षेत्र होने से ग्रामीणों में हर पल दुर्घटना का डर बना हुआ है। ग्रामीणों के आरोप ग्राम के उपसरपंच सुरेश मेडा का कहना है कि टंकी शुरू से ही रिसाव कर रही थी, लेकिन अब स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय निवासी लखन भिड़े ने बताया कि उनका घर टंकी के पास है और परिवार हमेशा दहशत में रहता है। वहीं प्रीति व्यास का कहना है कि टंकी की सीढ़ियां जर्जर हो चुकी हैं और ऊपर चढ़ते ही ढांचा हिलने लगता है। खराब निर्माण के आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और भ्रष्टाचार के चलते यह स्थिति बनी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तीन साल में टंकी की हालत खराब होना कई सवाल खड़े करता है। विभागीय लापरवाही? पीएचई विभाग के अधिकारी सुरेश चंद्र जालोनिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। न तो फोन का जवाब मिला और न ही वे कार्यालय में उपलब्ध बताए गए। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा से बढ़कर कागजी योजनाएं हैं? ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, टंकी की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए और यदि निर्माण में लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, 1.83 करोड़ की यह पानी की टंकी विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि खतरे की चेतावनी बनकर खड़ी है।

16 hrs ago
user_Journalist Akki
Journalist Akki
Local News Reporter धार, धार, मध्य प्रदेश•
16 hrs ago

1.83 करोड़ की टंकी बनी खतरे की घंटी, जेतपुरा में हादसे किनार संकेत देती पानी की टंकी। 1.83 करोड़ की टंकी बनी खतरे की घंटी, जेतपुरा में हादसे किनार संकेत देती पानी की टंकी। धार जिले के समीप ग्राम जेतपुरा से विकास के दावों की हकीकत उजागर करती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। जहां मछली केंद्र के पास लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा करीब 1 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी की टंकी आज ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि भय का कारण बन चुकी है। वर्ष 2022 में निर्मित और 2023 में शुरू की गई यह टंकी महज तीन वर्षों में ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। टंकी के चारों ओर गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिनसे लगातार पानी रिस रहा है। रिसाव के चलते पिलर और नींव कमजोर होते जा रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। पानी की सप्लाई ठप, बढ़ी दहशत रिसाव इतना अधिक हो गया है कि टंकी भरते ही पानी रिसने लगता है। हालात ऐसे हो गए थे कि 15 से 20 दिनों तक पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति बंद रखनी पड़ी। हजारों की आबादी को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। टंकी के आसपास घनी आबादी और बच्चों का खेल क्षेत्र होने से ग्रामीणों में हर पल दुर्घटना का डर बना हुआ है। ग्रामीणों के आरोप ग्राम के उपसरपंच सुरेश मेडा का कहना है कि टंकी शुरू से ही रिसाव कर रही थी, लेकिन अब स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय निवासी लखन भिड़े ने बताया कि उनका घर टंकी के पास है और परिवार हमेशा दहशत में रहता है। वहीं प्रीति व्यास का कहना है कि टंकी की सीढ़ियां जर्जर हो चुकी हैं और ऊपर चढ़ते ही ढांचा हिलने लगता है। खराब निर्माण के आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और भ्रष्टाचार के चलते यह स्थिति बनी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तीन साल में टंकी की हालत खराब होना कई सवाल खड़े करता है। विभागीय लापरवाही? पीएचई विभाग के अधिकारी सुरेश चंद्र जालोनिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। न तो फोन का जवाब मिला और न ही वे कार्यालय में उपलब्ध बताए गए। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा से बढ़कर कागजी योजनाएं हैं? ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, टंकी की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए और यदि निर्माण में लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, 1.83 करोड़ की यह पानी की टंकी विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि खतरे की चेतावनी बनकर खड़ी है।

  • user_Dharam Birla
    Dharam Birla
    महेश्वर, खरगोन, मध्य प्रदेश
    भ्रष्टाचार चरम सीमा पर हे जिम्मेदार हो मिले होगे तो यही हाल होगा खोखला कर दिए हे इन निकम्मे जिम्मेदारों ने प्रदेश को दीमक की तरह खा रहे हे अंदर ही अंदर
    1 hr ago
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  • होली से पहले एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। राजस्थान के झालावाड़ जिले के सारोला कला क्षेत्र में 9 साल के एक बच्चे की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि बच्चा कोल्ड ड्रिंक भरी पिचकारी से खेल रहा था, तभी पेय पदार्थ उसकी आंख में चला गया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की आंख के कॉर्निया को गहरा नुकसान हुआ है और उसकी दृष्टि लगभग 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है। विशेषज्ञों ने ऐसे खतरनाक और केमिकल युक्त उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही अभिभावकों से अपील की है कि वे होली जैसे त्योहार पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और उन्हें सुरक्षित तरीके से रंग खेलने की सलाह दें। होली खुशियों का त्योहार है, लेकिन जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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    होली से पहले एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। राजस्थान के झालावाड़ जिले के सारोला कला क्षेत्र में 9 साल के एक बच्चे की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि बच्चा कोल्ड ड्रिंक भरी पिचकारी से खेल रहा था, तभी पेय पदार्थ उसकी आंख में चला गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की आंख के कॉर्निया को गहरा नुकसान हुआ है और उसकी दृष्टि लगभग 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है।
विशेषज्ञों ने ऐसे खतरनाक और केमिकल युक्त उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही अभिभावकों से अपील की है कि वे होली जैसे त्योहार पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और उन्हें सुरक्षित तरीके से रंग खेलने की सलाह दें।
होली खुशियों का त्योहार है, लेकिन जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
    user_Prince dhule
    Prince dhule
    Event management company महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • दुबई अपडेट पूर्व विधायक संजय शुक्ला ने देश के गृहमंत्री अमित शाह से की अपील
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    दुबई अपडेट 
पूर्व विधायक संजय शुक्ला ने देश के गृहमंत्री अमित शाह से की अपील
    user_NB NEWS निडर भारत
    NB NEWS निडर भारत
    महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by दधिवल मानव
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    Post by दधिवल मानव
    user_दधिवल मानव
    दधिवल मानव
    Farmer Gandhwani, Dhar•
    23 hrs ago
  • इंदौर के प्रिंस यशवंत रोड स्थित सर्वधर्म संघ कार्यालय में रमज़ान के पवित्र महीने में मस्जिदों के इमाम, हाफिज़ साहेबान और समाजसेवियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में शहर काज़ी Dr. Ishrat Ali और राष्ट्रीय संत Arunanand Ji Maharaj सहित कई धर्मगुरु उपस्थित रहे। देश की खुशहाली, अमन और भाईचारे की दुआ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। 👉 ताज़ा ब्रेकिंग और स्थानीय खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें । 👉 वीडियो को Like, Share और Comment ज़रूर करें ।
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    इंदौर के प्रिंस यशवंत रोड स्थित सर्वधर्म संघ कार्यालय में रमज़ान के पवित्र महीने में मस्जिदों के इमाम, हाफिज़ साहेबान और समाजसेवियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में शहर काज़ी Dr. Ishrat Ali और राष्ट्रीय संत Arunanand Ji Maharaj सहित कई धर्मगुरु उपस्थित रहे।
देश की खुशहाली, अमन और भाईचारे की दुआ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
👉 ताज़ा ब्रेकिंग और स्थानीय खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें ।
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    user_PM NEWS
    PM NEWS
    Journalist इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    15 min ago
  • Post by Dakshuuuuu____143
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    Post by Dakshuuuuu____143
    user_Dakshuuuuu____143
    Dakshuuuuu____143
    Tailor बड़नगर, उज्जैन, मध्य प्रदेश•
    29 min ago
  • मध्य प्रदेश की 50 बड़ी खबरें प्रस्तुत है इंडिया न्यूज़ 7के प्लेटफार्म पर
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    मध्य प्रदेश की 50 बड़ी खबरें प्रस्तुत है इंडिया न्यूज़ 7के प्लेटफार्म पर
    user_सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    33 min ago
  • 1.83 करोड़ की टंकी बनी खतरे की घंटी, जेतपुरा में हादसे किनार संकेत देती पानी की टंकी। धार जिले के समीप ग्राम जेतपुरा से विकास के दावों की हकीकत उजागर करती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। जहां मछली केंद्र के पास लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा करीब 1 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी की टंकी आज ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि भय का कारण बन चुकी है। वर्ष 2022 में निर्मित और 2023 में शुरू की गई यह टंकी महज तीन वर्षों में ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। टंकी के चारों ओर गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिनसे लगातार पानी रिस रहा है। रिसाव के चलते पिलर और नींव कमजोर होते जा रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। पानी की सप्लाई ठप, बढ़ी दहशत रिसाव इतना अधिक हो गया है कि टंकी भरते ही पानी रिसने लगता है। हालात ऐसे हो गए थे कि 15 से 20 दिनों तक पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति बंद रखनी पड़ी। हजारों की आबादी को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। टंकी के आसपास घनी आबादी और बच्चों का खेल क्षेत्र होने से ग्रामीणों में हर पल दुर्घटना का डर बना हुआ है। ग्रामीणों के आरोप ग्राम के उपसरपंच सुरेश मेडा का कहना है कि टंकी शुरू से ही रिसाव कर रही थी, लेकिन अब स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय निवासी लखन भिड़े ने बताया कि उनका घर टंकी के पास है और परिवार हमेशा दहशत में रहता है। वहीं प्रीति व्यास का कहना है कि टंकी की सीढ़ियां जर्जर हो चुकी हैं और ऊपर चढ़ते ही ढांचा हिलने लगता है। खराब निर्माण के आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और भ्रष्टाचार के चलते यह स्थिति बनी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तीन साल में टंकी की हालत खराब होना कई सवाल खड़े करता है। विभागीय लापरवाही? पीएचई विभाग के अधिकारी सुरेश चंद्र जालोनिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। न तो फोन का जवाब मिला और न ही वे कार्यालय में उपलब्ध बताए गए। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा से बढ़कर कागजी योजनाएं हैं? ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, टंकी की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए और यदि निर्माण में लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, 1.83 करोड़ की यह पानी की टंकी विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि खतरे की चेतावनी बनकर खड़ी है।
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    1.83 करोड़ की टंकी बनी खतरे की घंटी, जेतपुरा में हादसे किनार संकेत देती पानी की टंकी।
धार जिले के समीप ग्राम जेतपुरा से विकास के दावों की हकीकत उजागर करती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। जहां मछली केंद्र के पास लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा करीब 1 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी की टंकी आज ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि भय का कारण बन चुकी है।
वर्ष 2022 में निर्मित और 2023 में शुरू की गई यह टंकी महज तीन वर्षों में ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। टंकी के चारों ओर गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिनसे लगातार पानी रिस रहा है। रिसाव के चलते पिलर और नींव कमजोर होते जा रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
पानी की सप्लाई ठप, बढ़ी दहशत
रिसाव इतना अधिक हो गया है कि टंकी भरते ही पानी रिसने  लगता है। हालात ऐसे हो गए थे कि 15 से 20 दिनों तक पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति बंद रखनी पड़ी। हजारों की आबादी को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। टंकी के आसपास घनी आबादी और बच्चों का खेल क्षेत्र होने से ग्रामीणों में हर पल दुर्घटना का डर बना हुआ है।
ग्रामीणों के आरोप
ग्राम के उपसरपंच सुरेश मेडा का कहना है कि टंकी शुरू से ही रिसाव कर रही थी, लेकिन अब स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
स्थानीय निवासी लखन भिड़े ने बताया कि उनका घर टंकी के पास है और परिवार हमेशा दहशत में रहता है। वहीं प्रीति व्यास का कहना है कि टंकी की सीढ़ियां जर्जर हो चुकी हैं और ऊपर चढ़ते ही ढांचा हिलने लगता है।
खराब निर्माण के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और भ्रष्टाचार के चलते यह स्थिति बनी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तीन साल में टंकी की हालत खराब होना कई सवाल खड़े करता है।
विभागीय लापरवाही?
पीएचई विभाग के अधिकारी सुरेश चंद्र जालोनिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। न तो फोन का जवाब मिला और न ही वे कार्यालय में उपलब्ध बताए गए।
अब बड़ा सवाल यह है कि 
क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा से बढ़कर कागजी योजनाएं हैं?
ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, टंकी की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए और यदि निर्माण में लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, 1.83 करोड़ की यह पानी की टंकी विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि खतरे की चेतावनी बनकर खड़ी है।
    user_Journalist Akki
    Journalist Akki
    Local News Reporter धार, धार, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • इंदौर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर 1 करोड़ 15 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया-धमकाया और ऑनलाइन पूछताछ के नाम पर भारी रकम ट्रांसफर करवा ली। हालांकि इंदौर क्राइम ब्रांच की सतर्कता से इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 27 लाख रुपये की राशि पीड़ित को वापस दिलवाई है। बाकी रकम की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोई भी जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती और न ही किसी से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को कहती है। ऐसे कॉल आने पर तुरंत सतर्क रहें और 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। सवाल यह है कि आखिर साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर कब लगेगा पूरी तरह लगाम? और क्या हम सभी डिजिटल दुनिया में पर्याप्त सतर्क हैं?
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    इंदौर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर 1 करोड़ 15 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया-धमकाया और ऑनलाइन पूछताछ के नाम पर भारी रकम ट्रांसफर करवा ली।
हालांकि इंदौर क्राइम ब्रांच की सतर्कता से इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 27 लाख रुपये की राशि पीड़ित को वापस दिलवाई है। बाकी रकम की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच लगातार जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोई भी जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती और न ही किसी से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को कहती है। ऐसे कॉल आने पर तुरंत सतर्क रहें और 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
सवाल यह है कि आखिर साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर कब लगेगा पूरी तरह लगाम? और क्या हम सभी डिजिटल दुनिया में पर्याप्त सतर्क हैं?
    user_Prince dhule
    Prince dhule
    Event management company महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • मांडू में इतिहास और संस्कृति का हुआ अदभुत मिलन, 45 भगोरिया नर्तक दल पहुंचे मांडू. ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को आदिवासी संस्कृति के पर्व भगोरिया का खूब रंग जमा। यहां जनजातीय समुदाय के साथ विदेशी सैलानियों ने मादल की थाप पर जमकर भगोरिया नृत्य किया और कुर्राटिया भी भरी। इस अद्भुत दृश्य को सैलानियों ने अपनी केमरे में कैद किया। हजारों की संख्या में लोग भगोरिया देखने पहुंचे। ऐतिहासिक जामी मस्जिद और अशर्फी महल के बीच यहां भगोरिया का आयोजन हुआ। इतिहास के आईने से सैलानियों ने संस्कृति को निहारा। हालांकि इस बार जिला प्रशासन द्वारा आदर्श भगोरिया पर्व का आयोजन न करने के कारण संस्कृति प्रेमी निराश दिखे बावजूद इसके उन्होंने उत्साह से पर्व को मनाया। लगभग 45 से ज्यादा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नर्तक दल मांडू के भगोरिया में शामिल हुए। पूरा माहौल मस्ती भरा हो गया। भगोरिया मैदान में जनजातीय समुदाय के लोगों ने अपनी परंपरा को निभाया। यहां मेले में होली के त्यौहार को लेकर भी जमकर खरीदारी हुई। दरअसल मांडू का भगोरिया पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां विदेशी सेलानी भी शिरकत करते हैं और प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों ने मांडू के भगोरिया में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति को निहारा। विदेशी सैलानी दोपहर 12 बजे से ही भगोरिया मैदान पर आ गए थे। आदिवासी समुदाय के लोगों ने विदेशी मेहमानों के साथ फोटोग्राफी की और सेल्फी भी ली। मांडू में फ्रांस, इटली, बेल्जियम,अमेरिका,दक्षिण कोरिया के विदेशी पर्यटक मौजूद थे।इसके अलावा यहां महाराष्ट्र,राजस्थान और गुजरात से भी भगोरिया पर्व को देखने के लिए सैलानी आए हुए थे। लगभग 5 बजे तक जमकर उत्साह रहा इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से सभी भगोरिया पंडाल को खाली करवाना शुरू करवा दिया गया। नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड, थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत, एएसआइ दिनेश वर्मा, भेरू सिंह देवड़ा,आरआइ सादिक खान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर
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    मांडू में इतिहास और संस्कृति का हुआ अदभुत मिलन, 45 भगोरिया नर्तक दल पहुंचे 
मांडू. ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को आदिवासी संस्कृति के पर्व भगोरिया का खूब रंग जमा। यहां जनजातीय समुदाय के साथ विदेशी सैलानियों ने मादल की थाप पर जमकर भगोरिया नृत्य किया और कुर्राटिया भी भरी। इस अद्भुत दृश्य को सैलानियों ने अपनी केमरे में कैद किया। हजारों की संख्या में लोग भगोरिया देखने पहुंचे।
ऐतिहासिक जामी मस्जिद और अशर्फी महल के बीच यहां भगोरिया का आयोजन हुआ। इतिहास के आईने  से सैलानियों ने संस्कृति को निहारा। हालांकि इस बार जिला प्रशासन द्वारा आदर्श भगोरिया पर्व का आयोजन न करने के कारण संस्कृति प्रेमी निराश दिखे बावजूद इसके उन्होंने उत्साह से पर्व को मनाया। लगभग 45 से ज्यादा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नर्तक दल मांडू के भगोरिया में शामिल हुए। पूरा माहौल मस्ती भरा हो गया। भगोरिया मैदान में जनजातीय समुदाय के लोगों ने अपनी परंपरा को निभाया। यहां मेले में होली के त्यौहार को लेकर भी जमकर खरीदारी हुई। दरअसल मांडू का भगोरिया पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां विदेशी सेलानी भी शिरकत करते हैं और प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों ने मांडू के भगोरिया में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति को निहारा। विदेशी सैलानी दोपहर 12 बजे से ही भगोरिया मैदान पर आ गए थे। आदिवासी समुदाय के लोगों ने विदेशी मेहमानों के साथ फोटोग्राफी की और सेल्फी भी ली। मांडू में फ्रांस, इटली, बेल्जियम,अमेरिका,दक्षिण कोरिया के विदेशी पर्यटक मौजूद थे।इसके अलावा यहां महाराष्ट्र,राजस्थान और गुजरात से भी भगोरिया पर्व को देखने के लिए सैलानी आए हुए थे। लगभग 5 बजे तक जमकर उत्साह रहा इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से सभी भगोरिया पंडाल को खाली करवाना शुरू करवा दिया गया। 
नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड, थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत, एएसआइ दिनेश वर्मा, भेरू सिंह देवड़ा,आरआइ सादिक खान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर
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    महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
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