बदायूं जिले के उसहैत में नगर के पक्का पुल के पास संचालित एक अवैध निजी अस्पताल को 12 जुलाई को सील कर दिया गया। उसावां के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार की टीम ने शाम करीब 6 बजे इस अस्पताल पर छापा मारा। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में की गई एक शिकायत के बाद अमल में लाई गई। शिकायत के अनुसार, ग्राम भुंडी के रहने वाले 25 वर्षीय अनमोल लगभग 30 दिन पहले चोटिल हो गए थे और उन्होंने इसी अस्पताल में अपना इलाज कराया था। अनमोल का आरोप है कि यहां इलाज के बाद उनके पैर में सेप्टिक हो गया, जिसके कारण आखिरकार उनका पैर काटना पड़ा। जांच के दौरान अस्पताल में कई तरह की अव्यवस्थाएं पाई गईं। छापेमारी के दौरान अस्पताल संचालक विनोद जर्रा टीम के सामने अस्पताल का कोई भी रजिस्ट्रेशन या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस टीम की मौजूदगी में इस अवैध अस्पताल को सील कर दिया गया। उसावां के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई सीधे सीएमओ के आदेश पर की गई है। वहीं, थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने भी पुष्टि की कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए आई थी और दस्तावेज न दिखा पाने के कारण क्लीनिक को सील किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल इस अवैध अस्पताल को पूरी तरह सीज कर दिया गया है और विभाग द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बदायूं जिले के उसहैत में नगर के पक्का पुल के पास संचालित एक अवैध निजी अस्पताल को 12 जुलाई को सील कर दिया गया। उसावां के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार की टीम ने शाम करीब 6 बजे इस अस्पताल पर छापा मारा। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में की गई एक शिकायत के बाद अमल में लाई गई। शिकायत के अनुसार, ग्राम भुंडी के रहने वाले 25 वर्षीय अनमोल लगभग 30 दिन पहले चोटिल हो गए थे और उन्होंने इसी अस्पताल
में अपना इलाज कराया था। अनमोल का आरोप है कि यहां इलाज के बाद उनके पैर में सेप्टिक हो गया, जिसके कारण आखिरकार उनका पैर काटना पड़ा। जांच के दौरान अस्पताल में कई तरह की अव्यवस्थाएं पाई गईं। छापेमारी के दौरान अस्पताल संचालक विनोद जर्रा टीम के सामने अस्पताल का कोई भी रजिस्ट्रेशन या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस टीम की मौजूदगी में इस अवैध अस्पताल को सील कर दिया गया। उसावां के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि
यह कार्रवाई सीधे सीएमओ के आदेश पर की गई है। वहीं, थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने भी पुष्टि की कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए आई थी और दस्तावेज न दिखा पाने के कारण क्लीनिक को सील किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल इस अवैध अस्पताल को पूरी तरह सीज कर दिया गया है और विभाग द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- औरैया में मंडी समिति गेट के सामने स्थित रॉयल्स गार्डन में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की कार्यकारिणी परिचय बैठक का आयोजन किया गया। शनिवार 11 जुलाई को संपन्न हुई इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पदाधिकारी एवं संरक्षक राजेश शुक्ला ने की, जबकि इसका शुभारंभ जिला अध्यक्ष विमल पांडेय द्वारा किया गया। बैठक में मुख्य रूप से संगठन की मजबूती, सदस्यता अभियान और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ-साथ नव नियुक्त पदाधिकारियों का परिचय कराया गया। वक्ताओं ने संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने का संकल्प लिया। बैठक में कुछ गंभीर समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान बिहार में बिहार पुलिस द्वारा भरत तिवारी की की गई हत्या के मामले को उठाते हुए इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर मांग की गई और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई। इसके अलावा, भगवान हनुमान जी से संबंधित कथित विवादित टिप्पणी और प्रस्तुति के विषय पर भी उपस्थित पदाधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई और धार्मिक आस्थाओं के सम्मान की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। इस बैठक में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के विशेष आमंत्रित सदस्य श्रवण कुमार अवस्थी, राजू कुशवाहा (प्रधान), नीरज पोरवाल, किसान मोर्चा के अरविंद त्रिवेदी, युवा मोर्चा के राजा दुबे, अनुसूचित मोर्चा के परशुराम दोहरे, हरिओम प्रजापति तथा महिला मोर्चा की मंजुली मिश्रा, राधा देवी, राजकुमारी, प्रीति त्रिपाठी, ममता देवी, शांति देवी, ईशा देवी, अनामिका और गरुड़ सेना की वरिष्ठ उपाध्यक्ष कांती भदोरिया उपस्थित रहीं। इनके साथ ही दिव्या, रूबी, जिला उपाध्यक्ष गोपाल अवस्थी, दिबियापुर प्रभारी विशाल पांडेय, महामंत्री आरती नंदन तिवारी व योगेश त्रिपाठी, पूर्व प्रधान जटापुर सत्यनारायण दीक्षित, बृजेश कुमार पांडेय, रामजी, रोहित त्रिपाठी, संजू कुशवाहा, रामवीर, रामदीन, सियाराम बाथम और जिला प्रवक्ता एडवोकेट अजय अंजुम चौबे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन समाज के हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने और संगठन को और मजबूत बनाने के संकल्प के साथ सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ।1
- बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली पिंकी मौर्या ने अपने पति प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता की शादी 20 जून 2005 को प्रमोद कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। पिंकी का आरोप है कि उसके पति के पिछले कुछ सालों से एक अन्य महिला से संबंध हैं, जिसके चलते 2 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे पति ने बिना तलाक दिए उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। जब वह अपने भाई और बेटों के साथ वापस घर लौटी, तो पति और उस आरोपी महिला ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा मौके पर 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई। इस घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता को बिनावर कोतवाली से कोई न्याय नहीं मिला है। पीड़िता का आरोप है कि बिनावर कोतवाली में फरियादियों की सुनवाई नहीं होती और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी झूठी रिपोर्ट लगा दी जाती है। बेघर होकर बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर पीड़िता ने अब बदायूं के एसएसपी (SSP) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पति और महिला पर घरेलू हिंसा व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, उसने बच्चों के साथ घर में सुरक्षित रहने की व्यवस्था कराने की अपील करते हुए कहा है, "मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर पुलिस मदद नहीं करेगी तो हम कहां जाएंगे।"1
- बरेली में पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने एक मांग उठाई है। कमेटी का कहना है कि कावड़ और उर्स की तारीखों में आपस में होने वाले टकराव को टालने के लिए उर्स की तारीख को आगे बढ़ा दिया जाना चाहिए।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर यह बड़ा दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे ने घूस का नाम बदलकर अब "किराया" कर दिया है। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है।1
- बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत सहसवान-बिसौली मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां आवारा सांड से मोटरसाइकिल टकराने से बाइक सवार दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद दोनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल बदायूं भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने एक भाई को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे घायल भाई की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि जिले में आवारा सांडों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आए दिन इस तरह के सड़क हादसे हो रहे हैं।2