बीकानेर जिले की श्रीकोलायत तहसील में ग्राम पंचायत टोकला के ग्रामीणों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की लंबे समय से चली आ रही कमी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन भेजते हुए विद्यालय में तालाबंदी करने का फैसला लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021-22 में विद्यालय को उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत किया गया था, उस समय 8 से 10 स्टाफ सदस्य कार्यरत थे, लेकिन वर्तमान में सिर्फ तीन शिक्षक ही कार्यरत हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि केवल तीन शिक्षकों के भरोसे विद्यालय का संचालन और कार्यालयीन कार्य संभालना संभव नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य संकट में पड़ गया है। उनका दावा है कि पिछले तीन वर्षों से इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार अवगत कराया गया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर विद्यालय में तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक, प्रधानाचार्य और अन्य आवश्यक कर्मचारी नियुक्त नहीं किए जाते, तब तक विद्यालय के ताले नहीं खोले जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की कमी के चलते परिसर की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यार्थियों के हित में जल्द से जल्द स्थायी समाधान कर आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की है।
बीकानेर जिले की श्रीकोलायत तहसील में ग्राम पंचायत टोकला के ग्रामीणों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की लंबे समय से चली आ रही कमी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन भेजते हुए विद्यालय में तालाबंदी करने का फैसला लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021-22 में विद्यालय को उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत किया गया था, उस समय 8 से 10 स्टाफ सदस्य कार्यरत थे, लेकिन वर्तमान में सिर्फ तीन शिक्षक ही कार्यरत हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि केवल तीन शिक्षकों के भरोसे विद्यालय का संचालन और कार्यालयीन कार्य संभालना संभव नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य संकट में पड़ गया है। उनका दावा है कि पिछले तीन वर्षों से इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार अवगत कराया गया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर विद्यालय में तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक, प्रधानाचार्य और अन्य आवश्यक कर्मचारी नियुक्त नहीं किए जाते, तब तक विद्यालय के ताले नहीं खोले जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की कमी के चलते परिसर की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यार्थियों के हित में जल्द से जल्द स्थायी समाधान कर आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की है।
- बीकानेर जिले की श्रीकोलायत तहसील में ग्राम पंचायत टोकला के ग्रामीणों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की लंबे समय से चली आ रही कमी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन भेजते हुए विद्यालय में तालाबंदी करने का फैसला लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021-22 में विद्यालय को उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत किया गया था, उस समय 8 से 10 स्टाफ सदस्य कार्यरत थे, लेकिन वर्तमान में सिर्फ तीन शिक्षक ही कार्यरत हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि केवल तीन शिक्षकों के भरोसे विद्यालय का संचालन और कार्यालयीन कार्य संभालना संभव नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य संकट में पड़ गया है। उनका दावा है कि पिछले तीन वर्षों से इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार अवगत कराया गया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर विद्यालय में तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक, प्रधानाचार्य और अन्य आवश्यक कर्मचारी नियुक्त नहीं किए जाते, तब तक विद्यालय के ताले नहीं खोले जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की कमी के चलते परिसर की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यार्थियों के हित में जल्द से जल्द स्थायी समाधान कर आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- बीकानेर के कोलायत थाना क्षेत्र में 4 जुलाई 2026 को एक लावारिस शव मिलने की सूचना के बाद, 'टीम सावधान इंडिया 077' और 'खिदमतदार सोसाइटी' के सदस्यों ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए उसका सम्मानजनक अंतिम संस्कार किया। इस घटना ने हर किसी की आँखें नम कर दीं, क्योंकि इन सामाजिक योद्धाओं ने लावारिस शव को 'अकेलेपन' का एहसास नहीं होने दिया। बीकानेर की 'टीम सावधान इंडिया 077' के कैप्टन डॉ. ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया, शोएब भाई और राजकुमार खड़कावत, साथ ही शोएब भाई की 'खिदमतदार सोसाइटी' के समर्पित कार्यकर्ता, सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुँच गए। इन संस्थाओं को बीकानेर में किसी भी दुखद घटना के समय बिना समय गंवाए मदद के लिए सबसे पहले पहुँचने वाला बताया गया है। इस नेक कार्य में कोलायत विधायक अंशु सिंह भाटी ने भी अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था का मार्गदर्शन और निगरानी की। विधायक जी और स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस अंतिम संस्कार को एक सम्मानजनक विदाई में बदल दिया। स्थानीय ग्रामीणों और दोनों सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने मिलकर बेहद गरिमा और विधि-विधान के साथ पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया। जब शव को बीकानेर के लिए रवाना किया गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आँखें नम थीं, क्योंकि एक लावारिस शव को कोलायत के लोगों ने अपने परिवार की तरह अंतिम विदाई दी। इस पूरे घटनाक्रम को मानवता के प्रति एक बड़ा समर्पण बताया गया है और यह दर्शाया है कि 'इंसानियत अभी ज़िंदा है' तथा नेक नीयत के साथ लोग एकजुट हों तो कोई भी लावारिस नहीं रहता।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालोतरा से राजस्थान को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जिनमें कुछ का शिलान्यास किया गया और कुछ का लोकार्पण हुआ। इस पहल से राज्य में विकास की रफ्तार तेज होने और राजस्थान को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में प्रगति का संदेश दिया गया है।1
- नागौर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी को नागौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह हमला एक युवक और उसके भाई पर किया गया था, जिसके बाद आरोपी अपने साथियों के साथ फरार हो गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवराण ने बताया कि यह घटना 2 जुलाई 2026 को हुई थी। कॉलेज रोड निवासी 22 वर्षीय रविंद्र पुत्र श्रीरामजस ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि राजेंद्र फिड़ौदा और उसके 5-6 साथी दो गाड़ियों में सवार होकर आए और पुरानी रंजिश के कारण उनके घर में जबरदस्ती घुस गए। आरोपियों ने तलवार और फरसे जैसे घातक हथियारों से रविंद्र और उसके भाई पर जानलेवा हमला किया। इतना ही नहीं, उन्होंने रविंद्र और उसके भाई को अपनी गाड़ी से टक्कर मारकर खत्म करने की भी कोशिश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एएसपी आशा राम चौधरी के निर्देशन और डीएसपी जतिन जैन (आईपीएस) के निकटतम सुपरविजन में कोतवाली थाना अधिकारी वेदपाल शिवराण व उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने हनुमान बाग, नागौर निवासी 42 वर्षीय राजेंद्र फिड़ौदा पुत्र चुनाराम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 217/2026 के तहत बीएनएस की धारा 126(2), 115(2), 189(2), 333, 324(5), 109(1) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।1
- बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह युवक पिछले एक साल से फरार चल रहा था और पुलिस को इसकी तलाश थी।1
- राजस्थान की आठ करोड़ जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक अभिनंदन किया है। यह अभिनंदन राज्य के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति व्यक्त किया गया है।1
- शनिवार को कोलायत पुलिस ने अपने आदर्श वाक्य "आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय" को साकार करते हुए मानवता का परिचय दिया। कपिल सरोवर तालाब में मिले एक अज्ञात व्यक्ति के शव की पहचान के लिए पुलिस ने हरसंभव प्रयास किए, लेकिन 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। शव से दुर्गंध आने और संक्रमण फैलने की आशंका के चलते पुलिस ने नियमानुसार उसका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया। वृताधिकारी संग्राम सिंह तथा थानाधिकारी जसवीर कुमार, पुलिस निरीक्षक के निर्देशन में एएसआई रोहिताश भारी, कांस्टेबल अनिल कुमार और राजूराम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए, ग्राम पंचायत कोलायत के प्रशासक, खिदमत समिति, राजकुमार खडगांवत जन सेवा संस्थान और समाजसेवी दिनेश सिंह भदोरिया के सहयोग से अज्ञात शव का पोस्टमार्टम करवाकर विधि-विधान से दाह संस्कार किया गया। कोलायत पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि सोशल मीडिया ग्रुपों में साझा की गई मृतक की फोटो एवं वीडियो देखकर किसी को उसकी पहचान होती है, तो वे तुरंत पुलिस थाना कोलायत से संपर्क करें ताकि मृतक की पहचान स्थापित कर उसकी मृत्यु के कारणों की जांच आगे बढ़ाई जा सके। इस अवसर पर पुलिस ने समाज से भावुक अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने वृद्ध माता-पिता का सम्मान करें, उनकी देखभाल करें और समय-समय पर उनका हालचाल लेते रहें, ताकि भविष्य में किसी भी बुजुर्ग को इस प्रकार लावारिस स्थिति का सामना न करना पड़े। कोलायत पुलिस की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है।1
- फलोदी में एक शादी समारोह से लौट रहे एक परिवार पर रास्ते में हमला किया गया। इस घटना में एक बुजुर्ग व्यक्ति सहित कुल 5 लोगों के साथ मारपीट की गई। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।1