logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पिंडरा तहसील के अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन यूजीसी संशोधन विधेयक के विरोध में पिंडरा तहसील के अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन पिंडरा/वाराणसी – यूजीसी संशोधन विधेयक को लेकर चल रही बहस अब सार्वजनिक विरोध के रूप में सामने आने लगी है। बुधवार को पिंडरा तहसील के अधिवक्ताओं के एक समूह ने विधेयक के विरोध में तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधेयक को वापस लेने की मांग की। अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी पिंडरा प्रतिभा मिश्रा को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि प्रस्तावित संशोधन से शिक्षण संस्थानों में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और कुछ वर्गों के छात्रों के साथ अन्याय होने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह विधेयक विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर सकता है तथा सामाजिक वैमनस्य को बढ़ावा दे सकता है। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि यूजीसी संशोधन विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस विधेयक पर पुनर्विचार करे और सभी पक्षों से संवाद के बाद ही कोई निर्णय ले। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस अवसर पर अंकित मिश्रा, आलोक पाण्डेय, राजन सिंह, अश्वनी सिंह, श्याम सिंह, विजय शर्मा, संतोष सिंह, राजेश सिंह, नवीन सिंह, सरोज राय, अविनाश चौबे, सतीश पाण्डेय, अवनीश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

13 hrs ago
user_गजेन्द्र कुमार सिंह
गजेन्द्र कुमार सिंह
Journalist Pindra, Varanasi•
13 hrs ago

पिंडरा तहसील के अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन यूजीसी संशोधन विधेयक के विरोध में पिंडरा तहसील के अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन पिंडरा/वाराणसी – यूजीसी संशोधन विधेयक को लेकर चल रही बहस अब सार्वजनिक विरोध के रूप में सामने आने लगी है। बुधवार को पिंडरा तहसील के अधिवक्ताओं के एक समूह ने विधेयक के विरोध में तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधेयक को वापस लेने की मांग की। अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी पिंडरा प्रतिभा मिश्रा को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि प्रस्तावित संशोधन से शिक्षण संस्थानों में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और कुछ वर्गों के छात्रों के साथ अन्याय होने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह विधेयक विश्वविद्यालयों

d86fd5dc-ec66-4eba-b6a2-a55cc21e4fe6

और महाविद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर सकता है तथा सामाजिक वैमनस्य को बढ़ावा दे सकता है। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि यूजीसी संशोधन विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस विधेयक पर पुनर्विचार करे और सभी पक्षों से संवाद के बाद ही कोई निर्णय ले। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस अवसर पर अंकित मिश्रा, आलोक पाण्डेय, राजन सिंह, अश्वनी सिंह, श्याम सिंह, विजय शर्मा, संतोष सिंह, राजेश सिंह, नवीन सिंह, सरोज राय, अविनाश चौबे, सतीश पाण्डेय, अवनीश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

More news from Varanasi and nearby areas
  • दारू के नशे में दबंगई: खेत में खड़ी गेहूं की फसल ट्रैक्टर से जुतवाई, गोली मारने की धमकी वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र से किसान की खड़ी फसल को जबरन नष्ट करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि नशे में धुत एक व्यक्ति ने ट्रैक्टर मंगवाकर पड़ोसी के खेत में खड़ी गेहूं की फसल जोतवा दी और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। ग्राम अनेई, पोस्ट अनेई निवासी विनीत शुक्ला पुत्र भृगुनाथ शुक्ला ने इस संबंध में बड़ागांव थाने में लिखित तहरीर दी है। पीड़ित किसान के अनुसार उसकी आराजी संख्या 529 में गेहूं की फसल खड़ी थी। बीते 24 जनवरी 2026 की शाम पड़ोसी जितेंद्र सिंह पुत्र शिवनाथ सिंह शराब के नशे में वहां पहुंचा और जबरन ट्रैक्टर बुलाकर फसल जुतवाने लगा। किसान विनीत शुक्ला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौच शुरू कर दी और कहा कि “यहां से चले जाओ, नहीं तो गोली मार दूंगा।” अचानक उपजे तनाव और जान का खतरा देखते हुए पीड़ित किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना के बाद किसान ने अगले दिन 25 जनवरी को थाना बड़ागांव पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने अपनी तहरीर के साथ खतौनी और मौके की छायाप्रति भी पुलिस को सौंपी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 352 (शांति भंग), धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और धारा 324(4) (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। बड़ागांव थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के अनुसार एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
    1
    दारू के नशे में दबंगई: खेत में खड़ी गेहूं की फसल ट्रैक्टर से जुतवाई, गोली मारने की धमकी
वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र से किसान की खड़ी फसल को जबरन नष्ट करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि नशे में धुत एक व्यक्ति ने ट्रैक्टर मंगवाकर पड़ोसी के खेत में खड़ी गेहूं की फसल जोतवा दी और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
ग्राम अनेई, पोस्ट अनेई निवासी विनीत शुक्ला पुत्र भृगुनाथ शुक्ला ने इस संबंध में बड़ागांव थाने में लिखित तहरीर दी है। पीड़ित किसान के अनुसार उसकी आराजी संख्या 529 में गेहूं की फसल खड़ी थी। बीते 24 जनवरी 2026 की शाम पड़ोसी जितेंद्र सिंह पुत्र शिवनाथ सिंह शराब के नशे में वहां पहुंचा और जबरन ट्रैक्टर बुलाकर फसल जुतवाने लगा।
किसान विनीत शुक्ला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौच शुरू कर दी और कहा कि “यहां से चले जाओ, नहीं तो गोली मार दूंगा।” अचानक उपजे तनाव और जान का खतरा देखते हुए पीड़ित किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना के बाद किसान ने अगले दिन 25 जनवरी को थाना बड़ागांव पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित ने अपनी तहरीर के साथ खतौनी और मौके की छायाप्रति भी पुलिस को सौंपी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 352 (शांति भंग), धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और धारा 324(4) (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
बड़ागांव थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के अनुसार एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Journalist Pindra, Varanasi•
    9 hrs ago
  • वाराणसी की ख़ास ख़बर समय सच्चाई का उजागर कर रहा है लेकिन फर्जी तरीके से सिर्फ़ फ़साने का दौर चल रहा है नाम किसी का, काम किसी का एंटी करप्शन की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल एंटी करप्शन टीम पर दबाव में फर्जी कार्रवाई करने का आरोप लगा है। चौकी प्रभारी काशी विद्यापीठ और उनके लेखक को बिना किसी रिकवरी या बरामदगी के जबरन उठा ले जाने का मामला सामने आया है। मौजूद वीडियो में साफ़ दिखाई दे रहा है कि एंटी करप्शन टीम के सदस्य बैरिक के अंदर जाकर किसी अन्य सिपाही के बिस्तर के पास रखे वाटर कूलर के बगल से पैसे निकालते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि वह बिस्तर न तो चौकी प्रभारी का है और न ही लेखक का। वीडियो के अवलोकन में यह भी स्पष्ट है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ, इसके बावजूद चौकी प्रभारी और लेखक को पकड़कर ले जाया गया। पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित, संयोजित और जबरदस्ती की कार्रवाई जैसा प्रतीत हो रहा है,जहां नाम किसी का, काम किसी का और फँसाया गया किसी और को। मामले ने एंटी करप्शन टीम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मांग उठ रही है कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच हो और निर्दोषों पर कोई गलत कार्रवाई न की जाए।
    1
    वाराणसी की ख़ास ख़बर
समय सच्चाई का उजागर कर रहा है 
लेकिन फर्जी तरीके से सिर्फ़ फ़साने का दौर चल रहा है
नाम किसी का, काम किसी का एंटी करप्शन की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
एंटी करप्शन टीम पर दबाव में फर्जी कार्रवाई करने का आरोप लगा है। चौकी प्रभारी काशी विद्यापीठ और उनके लेखक को बिना किसी रिकवरी या बरामदगी के जबरन उठा ले जाने का मामला सामने आया है।
मौजूद वीडियो में साफ़ दिखाई दे रहा है कि एंटी करप्शन टीम के सदस्य बैरिक के अंदर जाकर किसी अन्य सिपाही के बिस्तर के पास रखे वाटर कूलर के बगल से पैसे निकालते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि वह बिस्तर न तो चौकी प्रभारी का है और न ही लेखक का।
वीडियो के अवलोकन में यह भी स्पष्ट है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ, इसके बावजूद चौकी प्रभारी और लेखक को पकड़कर ले जाया गया।
पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित, संयोजित और जबरदस्ती की कार्रवाई जैसा प्रतीत हो रहा है,जहां नाम किसी का, काम किसी का और फँसाया गया किसी और को।
मामले ने एंटी करप्शन टीम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मांग उठ रही है कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच हो और निर्दोषों पर कोई गलत कार्रवाई न की जाए।
    user_MAKKI TV NEWS
    MAKKI TV NEWS
    Journalist Sadar, Varanasi•
    2 hrs ago
  • भदोही में सवर्ण समाज के युवाओं का गुस्सा उग्र हो गया! 😡 UGC कानून को “काला कानून” बताते हुए सैकड़ों युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। देखिए पूरी खबर और जानिए क्यों भदोही के युवाओं ने अपनी आवाज़ बुलंद की। 🔥 सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएँ ताकि ऐसी ताज़ा खबरें आपको तुरंत मिलती रहें!#BhadohiNews #UGCProtest #SavarnaProtest #KalaKanoon #YouthProtest #EducationNews #IndiaNews #ProtestNews #BreakingNews #BhadohiUpdates
    1
    भदोही में सवर्ण समाज के युवाओं का गुस्सा उग्र हो गया! 😡
UGC कानून को “काला कानून” बताते हुए सैकड़ों युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
देखिए पूरी खबर और जानिए क्यों भदोही के युवाओं ने अपनी आवाज़ बुलंद की।
🔥 सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएँ ताकि ऐसी ताज़ा खबरें आपको तुरंत मिलती रहें!#BhadohiNews #UGCProtest #SavarnaProtest #KalaKanoon #YouthProtest #EducationNews #IndiaNews #ProtestNews #BreakingNews #BhadohiUpdates
    user_NEWS TIME UP
    NEWS TIME UP
    Waiter/Waitress Bhadohi, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • 🔥 कोडीन कफ सिरप तस्करी का काला राज खुला! शुभम जायसवाल का 'दाहिना हाथ' विकास सिंह नर्वे नेपाल बॉर्डर पर दबोचा! 😱 #कोडीनतस्करी #UPSTF #वाराणसीक्राइम #DrugTrafficking #VaranasiPolice #IndoNepalBorder #CoughSyrupSmuggling #CrimeNews #ViralNews
    1
    🔥 कोडीन कफ सिरप तस्करी का काला राज खुला! शुभम जायसवाल का 'दाहिना हाथ' विकास सिंह नर्वे नेपाल बॉर्डर पर दबोचा! 😱 #कोडीनतस्करी #UPSTF #वाराणसीक्राइम #DrugTrafficking #VaranasiPolice #IndoNepalBorder #CoughSyrupSmuggling #CrimeNews #ViralNews
    user_Rishu Pathak
    Rishu Pathak
    Journalist सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश सरकार बदलाव लाओ ब्राह्मण समाज के ऊपर शोषण हो रहा है और विभिन्न प्रकार का चौराहे पर और थाने पर मुकदमे पड़े हुए हैं इससे भी ध्यान दिया जाए हम किसी पार्टी से नहीं है हम एक किसान हैं
    2
    उत्तर प्रदेश सरकार बदलाव लाओ ब्राह्मण समाज के ऊपर शोषण हो रहा है और विभिन्न प्रकार का चौराहे पर और थाने पर मुकदमे पड़े हुए हैं इससे भी ध्यान दिया जाए हम किसी पार्टी से नहीं है हम एक किसान हैं
    user_SHIVA PANDEY
    SHIVA PANDEY
    Psychologist सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • 🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत की ओर एक मज़बूत कदम अब कारीगर हों या कस्टमर — दोनों के लिए शानदार समाधान है Labour Addaa 📲 🔧 प्लंबर ⚡ इलेक्ट्रीशियन 🪚 कारपेंटर 👷 राजमिस्त्री 📹 CCTV इंस्टॉलेशन ❄️ AC रिपेयर 📲 App डाउनलोड करें: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.labouraddaa 👉 सभी लोकल कारीगर एक ही जगह 👤 ग्राहकों के लिए फायदे: ✔️ अपने ही शहर के कारीगर ✔️ डायरेक्ट कॉल — कोई बिचौलिया नहीं 👷‍♂️ कारीगरों के लिए फायदे: ✅ FREE रजिस्ट्रेशन ✅ लाइफटाइम वैध ❌ कोई कमीशन नहीं ❌ कोई मासिक फीस नहीं 🏪 मान लीजिए आपकी अपनी दुकान हो जैसे दुकान पर कस्टमर आता है, वैसे ही यहाँ कस्टमर आपको डायरेक्ट कॉल करेगा — चाहे आप घर पर हों, दुकान पर हों या कहीं भी हों। 💬 काम का पैसा आप खुद तय करेंगे 🤝 आपका व्यवहार अच्छा होगा तो कस्टमर आपको दोबारा भी बुलाएगा 👉 इसमें किसी कंपनी का कोई दखल नहीं सब कुछ कारीगर और कस्टमर के बीच सीधे होता है। 📝 FREE रजिस्ट्रेशन करें: https://labouraddaa.com/registration.php ❄️☀️🌧️ अब काम की तलाश नहीं — 👉 काम खुद आपके पास आएगा। 🙏 इस मैसेज को कारीगर दोस्तों और ग्रुप्स में ज़रूर शेयर करें ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।
    1
    🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत की ओर एक मज़बूत कदम
अब कारीगर हों या कस्टमर —
दोनों के लिए शानदार समाधान है Labour Addaa 📲
🔧 प्लंबर
⚡ इलेक्ट्रीशियन
🪚 कारपेंटर
👷 राजमिस्त्री
📹 CCTV इंस्टॉलेशन
❄️ AC रिपेयर
📲 App डाउनलोड करें:
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.labouraddaa
👉 सभी लोकल कारीगर एक ही जगह
👤 ग्राहकों के लिए फायदे:
✔️ अपने ही शहर के कारीगर
✔️ डायरेक्ट कॉल — कोई बिचौलिया नहीं
👷‍♂️ कारीगरों के लिए फायदे:
✅ FREE रजिस्ट्रेशन
✅ लाइफटाइम वैध
❌ कोई कमीशन नहीं
❌ कोई मासिक फीस नहीं
🏪 मान लीजिए आपकी अपनी दुकान हो
जैसे दुकान पर कस्टमर आता है,
वैसे ही यहाँ कस्टमर आपको डायरेक्ट कॉल करेगा —
चाहे आप घर पर हों, दुकान पर हों या कहीं भी हों।
💬 काम का पैसा आप खुद तय करेंगे
🤝 आपका व्यवहार अच्छा होगा तो
कस्टमर आपको दोबारा भी बुलाएगा
👉 इसमें किसी कंपनी का कोई दखल नहीं
सब कुछ कारीगर और कस्टमर के बीच सीधे होता है।
📝 FREE रजिस्ट्रेशन करें:
https://labouraddaa.com/registration.php
❄️☀️🌧️
अब काम की तलाश नहीं —
👉 काम खुद आपके पास आएगा।
🙏 इस मैसेज को
कारीगर दोस्तों और ग्रुप्स में ज़रूर शेयर करें
ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।
    user_Labour addaa.
    Labour addaa.
    Plumber Sadar, Varanasi•
    20 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर सामने आया यह चौंकाने वाला वीडियो सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है जो जश्न के नाम पर लापरवाही को मज़ाक समझता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि केक काटने के दौरान की गई एक छोटी-सी शरारत कैसे पलभर में गंभीर दुर्घटना में बदल गई। केक में लगी नुकीली सजावटी स्टिक अचानक व्यक्ति की आंखों में घुस गई, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी तेज़ी से घटी कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और खुशी का माहौल डर व अफरा-तफरी में बदल गया।
    1
    सोशल मीडिया पर सामने आया यह चौंकाने वाला वीडियो सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है जो जश्न के नाम पर लापरवाही को मज़ाक समझता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि केक काटने के दौरान की गई एक छोटी-सी शरारत कैसे पलभर में गंभीर दुर्घटना में बदल गई। केक में लगी नुकीली सजावटी स्टिक अचानक व्यक्ति की आंखों में घुस गई, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी तेज़ी से घटी कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और खुशी का माहौल डर व अफरा-तफरी में बदल गया।
    user_Sapna vyas
    Sapna vyas
    Viral news Jaunpur, Uttar Pradesh•
    13 hrs ago
  • यूजीसी मुद्दे पर सवालों से असहज दिखे पिंडरा विधायक, विरोध को बताया संभावित षड्यंत्र पिंडरा (वाराणसी)। पिंडरा से भाजपा विधायक अवधेश सिंह ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) से जुड़े मुद्दे पर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर इसे एक “संभावित षड्यंत्र” करार दिया है। यह बयान उन्होंने पिंडरा महोत्सव के आयोजन को लेकर पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। महोत्सव से संबंधित जानकारी साझा करते समय पत्रकारों द्वारा जब यूजीसी से जुड़े हालिया विवाद और विरोध प्रदर्शनों पर सवाल पूछा गया, तो विधायक अवधेश सिंह ने पहले यूजीसी के पक्ष में तर्क रखते हुए अपनी बात रखी। इसके बाद उन्होंने कहा कि देशभर में जिस तरह से एक साथ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, उसके पीछे किसी संगठित साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, लगातार सवाल पूछे जाने पर बातचीत के दौरान माहौल कुछ असहज होता दिखाई दिया। इसी बीच विधायक को अपने सहयोगियों से यह कहते हुए भी सुना गया कि “पत्रकारों को चाय-नाश्ता कराइए भाई।” इस टिप्पणी को लेकर मौके पर मौजूद पत्रकारों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों और शिक्षकों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न शैक्षणिक नीतियों और बदलावों को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। वहीं, सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं का कहना है कि इन आंदोलनों के पीछे वास्तविक शैक्षणिक हितों के बजाय राजनीतिक उद्देश्य भी हो सकते हैं। इस पूरे मामले में विधायक अवधेश सिंह का बयान सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। बाइट — अवधेश सिंह, भाजपा विधायक, पिंडरा
    1
    यूजीसी मुद्दे पर सवालों से असहज दिखे पिंडरा विधायक, विरोध को बताया संभावित षड्यंत्र
पिंडरा (वाराणसी)।
पिंडरा से भाजपा विधायक अवधेश सिंह ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) से जुड़े मुद्दे पर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर इसे एक “संभावित षड्यंत्र” करार दिया है। यह बयान उन्होंने पिंडरा महोत्सव के आयोजन को लेकर पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
महोत्सव से संबंधित जानकारी साझा करते समय पत्रकारों द्वारा जब यूजीसी से जुड़े हालिया विवाद और विरोध प्रदर्शनों पर सवाल पूछा गया, तो विधायक अवधेश सिंह ने पहले यूजीसी के पक्ष में तर्क रखते हुए अपनी बात रखी। इसके बाद उन्होंने कहा कि देशभर में जिस तरह से एक साथ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, उसके पीछे किसी संगठित साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, लगातार सवाल पूछे जाने पर बातचीत के दौरान माहौल कुछ असहज होता दिखाई दिया। इसी बीच विधायक को अपने सहयोगियों से यह कहते हुए भी सुना गया कि “पत्रकारों को चाय-नाश्ता कराइए भाई।” इस टिप्पणी को लेकर मौके पर मौजूद पत्रकारों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों और शिक्षकों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न शैक्षणिक नीतियों और बदलावों को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। वहीं, सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं का कहना है कि इन आंदोलनों के पीछे वास्तविक शैक्षणिक हितों के बजाय राजनीतिक उद्देश्य भी हो सकते हैं।
इस पूरे मामले में विधायक अवधेश सिंह का बयान सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
बाइट — अवधेश सिंह, भाजपा विधायक, पिंडरा
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Journalist Pindra, Varanasi•
    12 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.