ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में, अज्ञात चोरों ने अब घरों के बजाय मंदिरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जिससे एक संवेदनशील मामला सामने आया है। भितरवार के सबसे पुराने जैन मंदिर, श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन जिनालय से लाखों रुपये के अष्टधातु के कलश चोरी हो गए हैं। चोर नगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित पुराना बाजार के इस मंदिर के शिखर पर लगे अष्टधातु के लाखों रुपये के लगभग 24 कलश चुरा ले गए। इसके साथ ही मंदिर परिसर के शौचालयों में लगी स्टील और पीतल की पानी की कई टोंटियां भी गायब मिलीं। यह वारदात सोमवार और मंगलवार की रात को हुई, जिसकी जानकारी जैन समुदाय के लोगों को मंगलवार की देर शाम तब लगी जब वे रोजाना की तरह मंदिर पहुंचे। वर्ष 2020 में नववेदी निर्माण के बाद मंदिर के शिखर पर ये छोटे-बड़े अष्टधातु के कलश लगाए गए थे। मंगलवार शाम को सिंघई ऋषभ कुमार जैन जब पूजा-अर्चना के बाद मंदिर पहुंचे, तो उनकी नजर अचानक शिखर पर लगे कलशों पर पड़ी और उन्हें गायब देखकर वे हतप्रभ रह गए। उन्होंने तुरंत अपने परिवार के सदस्यों और जैन समुदाय के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कई लोग मंदिर पर पहुंच गए। समुदाय के लोगों ने तत्काल भितरवार पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद भितरवार एसडीओपी जितेंद्र नगाइच और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जैन समुदाय के लोगों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और मौजूद पुलिस बल को तकनीकी साक्ष्य जुटाने तथा चोरों की शीघ्र तलाश शुरू करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कलश कब चोरी हुए, लेकिन चोरी की पुष्टि हुई है। मामले की जांच तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है, और सुबह फिंगरप्रिंट व डॉग एक्सपर्ट टीम को भी तहकीकात के लिए बुलाया जाएगा।
ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में, अज्ञात चोरों ने अब घरों के बजाय मंदिरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जिससे एक संवेदनशील मामला सामने आया है। भितरवार के सबसे पुराने जैन मंदिर, श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन जिनालय से लाखों रुपये के अष्टधातु के कलश चोरी हो गए हैं। चोर नगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित पुराना बाजार के इस मंदिर के शिखर पर लगे अष्टधातु के लाखों रुपये के लगभग 24 कलश चुरा ले गए। इसके साथ ही मंदिर परिसर के शौचालयों में लगी स्टील और पीतल की पानी की कई टोंटियां भी गायब मिलीं। यह वारदात सोमवार और मंगलवार की रात
को हुई, जिसकी जानकारी जैन समुदाय के लोगों को मंगलवार की देर शाम तब लगी जब वे रोजाना की तरह मंदिर पहुंचे। वर्ष 2020 में नववेदी निर्माण के बाद मंदिर के शिखर पर ये छोटे-बड़े अष्टधातु के कलश लगाए गए थे। मंगलवार शाम को सिंघई ऋषभ कुमार जैन जब पूजा-अर्चना के बाद मंदिर पहुंचे, तो उनकी नजर अचानक शिखर पर लगे कलशों पर पड़ी और उन्हें गायब देखकर वे हतप्रभ रह गए। उन्होंने तुरंत अपने परिवार के सदस्यों और जैन समुदाय के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कई लोग मंदिर पर पहुंच गए। समुदाय के लोगों ने तत्काल भितरवार पुलिस को घटना
की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद भितरवार एसडीओपी जितेंद्र नगाइच और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जैन समुदाय के लोगों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और मौजूद पुलिस बल को तकनीकी साक्ष्य जुटाने तथा चोरों की शीघ्र तलाश शुरू करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कलश कब चोरी हुए, लेकिन चोरी की पुष्टि हुई है। मामले की जांच तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है, और सुबह फिंगरप्रिंट व डॉग एक्सपर्ट टीम को भी तहकीकात के लिए बुलाया जाएगा।
- उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवक ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर जमकर रौब झाड़ा, जिससे कुछ समय के लिए आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। युवक ने दावा किया कि वह नोएडा में तैनात एक आईपीएस अधिकारी है और वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से भी उसे सैल्यूट करने की बात कही। यह घटना लखनऊ के गोमतीनगर इलाके की है, जहाँ एक ई-रिक्शा चालक के साथ किराए के 40 रुपये को लेकर युवक की बहस हो गई। बहस बढ़ने पर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तो युवक ने अपना रौब दिखाना शुरू कर दिया। उसने खुद को भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उसकी पोस्टिंग नोएडा में है और लोगों को उसे सम्मानपूर्वक 'सर' कहकर संबोधित करना चाहिए। हालांकि, युवक की यह हेकड़ी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और आखिरकार उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई।1
- भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हालिया हमलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं में तीन जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की जान भी चली गई है। इन गंभीर घटनाओं के बाद भी भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर चिंता और सवाल खड़े हो गए हैं। देश की जनता अब यह बड़ा सवाल उठा रही है कि इन हमलों के बाद सरकार अभी तक मौन क्यों है। लोगों की प्रमुख चिंता यह है कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और क्या भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सकेगा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा या भारत सरकार ऐसे ही मौन रहेगी।1
- ग्वालियर में 'Run for OTF Fee One, Exam Anay' नामक एक जनजागरण दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आयोजन मुख्य रूप से 'फीस एक, परीक्षा अनेक' और 'यूथ फर्स्ट' के संदेश पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था।1
- पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक बड़ा बयान देते हुए दतिया की स्थिति पर बात की है। उन्होंने कहा कि पहले दतिया में गैंगवार की घटनाएँ होती थीं, लेकिन उनके आने के बाद से दतिया में बदलाव आया है। मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब से वह आए हैं, दतिया बदल गया है।1
- दतिया में एसडीओपी श्रीमती आकांक्षा जैन ने क्षेत्र की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को थाना कोतवाली क्षेत्र के भदौरिया की खिड़की में एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना, साथ ही उन्हें विभिन्न सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक भी किया। कार्यक्रम में, एसडीओपी ने नागरिकों से अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, अवैध शराब बिक्री, होटल-ढाबों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, हंगामा करने वाले व्यक्तियों तथा अन्य अवैध कार्यों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किरायेदारों और क्षेत्र में आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी भी पुलिस के साथ साझा करने को कहा। उपस्थित नागरिकों ने पुलिस के इस जनसंपर्क अभियान की सराहना की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।1
- अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी किए जाने के बाद उन्होंने टिप्पणी करने वालों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम के बाद, योगी ने अखिलेश यादव को नसीहत दी।1
- ग्वालियर के डबरा सिटी थाना परिसर में 26 जून को होने वाले मोहर्रम के मद्देनजर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सद्भावना और शांति बनाए रखना था, जिसमें डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार और सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। बैठक के दौरान, एसडीओपी सौरभ कुमार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अत्यधिक ध्वनि वाले डीजे और किसी भी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इनका प्रदर्शन करना कानूनन जुर्म है और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। एसडीओपी सौरभ कुमार ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस हमेशा सहयोग के लिए मौजूद रहेगी।3
- इंदरगढ़ के दतिया रोड पर मस्जिद के सामने स्थित RCM वंडर वर्ल्ड, ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण घरेलू उत्पाद और शानदार बचत का अवसर प्रदान कर रहा है। यहां हर खरीदारी पर विशेष छूट और कैशबैक के साथ परिवार की दैनिक जरूरतों का हर सामान एक ही जगह उपलब्ध है। RCM वंडर वर्ल्ड में प्रत्येक वस्तु पर 10% से 20% तक की सीधी छूट मिल रही है, साथ ही कैशबैक का अतिरिक्त लाभ भी दिया जा रहा है। ग्राहकों को लगातार एक वर्ष तक खरीदारी करने पर कम से कम दो बार निःशुल्क उपहार भी प्रदान किए जाएंगे। यह स्टोर न केवल पैसे की बचत का वादा करता है, बल्कि गुणवत्तायुक्त उत्पादों के माध्यम से बेहतर जीवनशैली की ओर एक मजबूत कदम होने के साथ-साथ कमाई का सुनहरा अवसर भी प्रदान कर रहा है।1
- एक कार्यक्रम का शुभारंभ चैंबर संस्थापक श्रीमंत माधो महाराज प्रथम और चैंबर से जुड़ी कई महत्वपूर्ण हस्तियों को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर चैंबर की पहली 24 सदस्यीय कार्यकारिणी के पहले अध्यक्ष लाला भिखारी दास वैश्य को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। साथ ही, 45 वर्षों तक चैंबर के अध्यक्ष रहे श्री दुर्गा प्रसाद मंडेलिया, व्हाइट हाउस के संस्थापक श्री श्रीकृष्ण दास जी गर्ग, और पूज्य पिताजी श्री गोपाल दास जी अग्रवाल को भी याद किया गया। श्री गोपाल दास जी अग्रवाल ने बिना किसी पद पर रहते हुए, चैंबर की 14000 वर्गफीट भूमि को खाली करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने में अहम भूमिका निभाई थी।1