बालाघाट में मुस्लिम जागृति मंच और मुस्लिम समाज के लोगों ने सरकार से गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जोरदार गुहार लगाई है। सोमवार शाम, समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर मृणाल मीना से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पूरे देश में गौ हत्या पर रोक लगाने, कत्लखानों पर ताला जड़ने और विदेशों में किए जाने वाले बीफ एक्सपोर्ट को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, चमड़े से बनने वाले सभी उत्पादों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। मुस्लिम जागृति मंच ने ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 सालों में अनेक नए फैसलों से देश को चौंकाया है। वर्तमान में गाय को लेकर मॉब लिंचिंग, लड़ाई-झगड़े और हत्या के कई प्रकरण सामने आते रहे हैं, जिससे समाज के दो हिस्सों में हमेशा तनाव बना रहता है। ज्ञापन में यह स्वीकार किया गया कि देश की 14% मुस्लिम आबादी, साथ ही ईसाई और दलित समुदाय का एक बड़ा वर्ग, पूर्वोत्तर के राज्य, केरल और गोवा सहित अन्य प्रदेशों में भी गौवंश का भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, सनातन धर्म के अनुसार गाय को पूजा जाता है और अधिकतर लोग इसे माता कहते हैं। ऐसी स्थिति में, देश के हित में इन रोज-रोज के विवादों को समाप्त करना अत्यंत आवश्यक है ताकि देश में शांति और सद्भाव बना रहे। मुस्लिम जागृति मंच ने स्पष्ट किया है कि देश का संपूर्ण मुसलमान यह तय कर चुका है कि न तो वह गाय का गोश्त खाएगा और न ही कुर्बानी देगा। मंच ने सरकार से अपील की है कि वह भी गौवंश की हत्या कर विदेश में इसका मीट बेचकर मोटा मुनाफा न कमाए, बल्कि गाय की खाल से बनने वाले हर प्रोडक्ट पर भी प्रतिबंध लगाए, जिससे सनातन धर्म को मानने वाले हिंदू भाइयों की आस्था को ठेस न पहुंचे। मंच ने लोकसभा के इसी वर्षाकालीन सत्र में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए एक विधेयक लाकर कानून बनाने की मांग की है। इस कानून में गौवंश की हत्या करने वाले किसी भी व्यक्ति, चाहे वह मुस्लिम हो, गैर-मुस्लिम हो या कोई संस्थान हो, के लिए कठोर सजा का प्रावधान करने की बात कही गई है। इसके अतिरिक्त, गौवंश से बनने वाले उत्पादों जैसे जूते, बेल्ट, घड़ियों के बेल्ट, महिलाओं के पर्स/बैग्स, और कारखानों में इस्तेमाल होने वाले गौवंश की हड्डियों के पाउडर आदि हर चीज पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की गई है, ताकि गौ माता के चमड़े का अपमान न हो। मंच ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री सनातन धर्म के 80% लोगों के सम्मान के लिए इसी सत्र में इस महत्वपूर्ण विधेयक को लाने का कष्ट जरूर करेंगे, जिसके पारित होने पर देश की 14% मुस्लिम आबादी आभारी रहेगी। ज्ञापन सौंपने वालों में यूनुस खान, रियाज अली, वकील साहब, अंसार अहमद खान, रशीद खान, रफी अंसारी, रहीम भाई, कादर फखरुद्दीन, शाहबाज खान, सोहेल खान, एजाज खान, सरफराज खान, इमरान कुरैशी, अनीस बेग वारासिवनी, अनीश मेंमन सहित अन्य सामाजिक बंधु प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
बालाघाट में मुस्लिम जागृति मंच और मुस्लिम समाज के लोगों ने सरकार से गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जोरदार गुहार लगाई है। सोमवार शाम, समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर मृणाल मीना से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पूरे देश में गौ हत्या पर रोक लगाने, कत्लखानों पर ताला जड़ने और विदेशों में किए जाने वाले बीफ एक्सपोर्ट को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, चमड़े से बनने वाले सभी उत्पादों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। मुस्लिम जागृति मंच ने ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 सालों में अनेक नए फैसलों से देश को चौंकाया है। वर्तमान में गाय को लेकर मॉब लिंचिंग, लड़ाई-झगड़े और हत्या के कई प्रकरण सामने आते रहे हैं, जिससे समाज के दो हिस्सों में हमेशा तनाव बना रहता है। ज्ञापन में यह स्वीकार किया गया कि देश की 14% मुस्लिम आबादी, साथ ही ईसाई और दलित समुदाय का एक बड़ा वर्ग, पूर्वोत्तर के राज्य, केरल और गोवा सहित अन्य प्रदेशों में भी गौवंश का भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, सनातन धर्म के अनुसार गाय को पूजा जाता है और अधिकतर लोग इसे माता कहते हैं। ऐसी स्थिति में, देश के हित में इन रोज-रोज के विवादों को समाप्त करना अत्यंत आवश्यक है ताकि देश में शांति और सद्भाव बना रहे। मुस्लिम जागृति मंच ने स्पष्ट किया है कि देश का संपूर्ण मुसलमान यह तय कर चुका है कि न तो वह गाय का गोश्त खाएगा और न ही कुर्बानी देगा। मंच ने सरकार से अपील की है कि वह भी गौवंश की हत्या कर विदेश में इसका मीट बेचकर मोटा मुनाफा न कमाए, बल्कि गाय की खाल से बनने वाले हर प्रोडक्ट पर भी प्रतिबंध लगाए, जिससे सनातन धर्म को मानने वाले हिंदू भाइयों की आस्था को ठेस न पहुंचे। मंच ने लोकसभा के इसी वर्षाकालीन सत्र में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए एक विधेयक लाकर कानून बनाने की मांग की है। इस कानून में गौवंश की हत्या करने वाले किसी भी व्यक्ति, चाहे वह मुस्लिम हो, गैर-मुस्लिम हो या कोई संस्थान हो, के लिए कठोर सजा का प्रावधान करने की बात कही गई है। इसके अतिरिक्त, गौवंश से बनने वाले उत्पादों जैसे जूते, बेल्ट, घड़ियों के बेल्ट, महिलाओं के पर्स/बैग्स, और कारखानों में इस्तेमाल होने वाले गौवंश की हड्डियों के पाउडर आदि हर चीज पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की गई है, ताकि गौ माता के चमड़े का अपमान न हो। मंच ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री सनातन धर्म के 80% लोगों के सम्मान के लिए इसी सत्र में इस महत्वपूर्ण विधेयक को लाने का कष्ट जरूर करेंगे, जिसके पारित होने पर देश की 14% मुस्लिम आबादी आभारी रहेगी। ज्ञापन सौंपने वालों में यूनुस खान, रियाज अली, वकील साहब, अंसार अहमद खान, रशीद खान, रफी अंसारी, रहीम भाई, कादर फखरुद्दीन, शाहबाज खान, सोहेल खान, एजाज खान, सरफराज खान, इमरान कुरैशी, अनीस बेग वारासिवनी, अनीश मेंमन सहित अन्य सामाजिक बंधु प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
- 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों पर एक मरीज से रास्ते में रोककर 400 रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित ने इस घटना की तत्काल जांच की मांग की है, जिसके चलते एक शिकायत पत्र संबंधित बीएमओ को सौंपा गया है।1
- कांग्रेसियों और विपक्षियों को सीधे संबोधित करते हुए, यह कहा गया है कि "Gen Z" और "नए भारत की आवाज" आज विकास, अवसर और मजबूत नेतृत्व के साथ खड़ी है। इस बात पर जोर दिया गया है कि देश का युवा नरेंद्र मोदी जी के साथ है, और वह विकास के साथ खड़ा है।1
- दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को सुशासन तिहार के दौरान बीजेपी नेता और आम नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दुर्ग कलेक्टर के प्रस्ताव पर की गई। जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के तहत ग्राम धनीद में लगे जनसमस्या निवारण शिविर में रूपेश कुमार पाण्डेय द्वारा आम लोगों से अशिष्ट व्यवहार करते हुए एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया उन्हें कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और जनता के साथ अनुचित व्यवहार करने का दोषी पाया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय ने 30 मई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है और प्रत्येक लोकसेवक से शिष्ट एवं मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है।4
- बालाघाट जिले के हीरापुर में वन्य प्राणी के शिकार के प्रयास में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन पाँचों आरोपियों को शिकार करने की कोशिश करते हुए पकड़ा।1
- वित्तीय गणना में 'लाख' को 'करोड़' में बदलने का एक सीधा सा नियम है। इसके तहत, 12,950 लाख की राशि 129.5 करोड़ के बराबर होती है। यह रूपांतरण इस आधार पर किया जाता है कि एक करोड़ में 100 लाख होते हैं। इसलिए, किसी भी लाख की राशि को करोड़ में बदलने के लिए उसे 100 से विभाजित करना होता है। इस गणना के अनुसार, 12950 को 100 से भाग देने पर 129.5 करोड़ प्राप्त होता है।1
- कबीरधाम पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) धर्मेन्द्र सिंह ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति सख्त संदेश देते हुए कवर्धा के अंबेडकर चौक पर स्वयं इंटरसेप्टर वाहन का संचालन कर ऑनलाइन चालानी कार्रवाई की। इस निरीक्षण के दौरान, बिना हेलमेट पहने, सीट बेल्ट के बिना और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चला रहे चालकों पर चालान जारी किए गए। एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि सड़क दुर्घटनाएं अक्सर लापरवाही का परिणाम होती हैं और नियमों का पालन करके कई हादसों को रोका जा सकता है। उन्होंने यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि वे जागरूकता अभियानों को और तेज़ करें, साथ ही नियम तोड़ने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।4
- कवर्धा जिले के कैलाश नगर स्थित एक कचरा गोदाम में भीषण आग लग गई है। इस भयावह आग के कारण आसमान में धुएं का घना काला गुब्बारा छा गया है, जिससे दूर से ही आग की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।1
- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में स्थानीय विधायक दिपेश साहू वैवाहिक बंधन में बंध गए हैं। यह ख़बर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है और इसे 'टॉप न्यूज़ वायरल वीडियो' के रूप में देखा जा रहा है।1
- फटकार लगाते हुए को ही बाइट के तौर पर लगाये............1