दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को सुशासन तिहार के दौरान बीजेपी नेता और आम नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दुर्ग कलेक्टर के प्रस्ताव पर की गई। जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के तहत ग्राम धनीद में लगे जनसमस्या निवारण शिविर में रूपेश कुमार पाण्डेय द्वारा आम लोगों से अशिष्ट व्यवहार करते हुए एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया उन्हें कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और जनता के साथ अनुचित व्यवहार करने का दोषी पाया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय ने 30 मई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है और प्रत्येक लोकसेवक से शिष्ट एवं मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है।
दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को सुशासन तिहार के दौरान बीजेपी नेता और आम नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दुर्ग कलेक्टर के प्रस्ताव पर की गई। जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा आयोजित सुशासन
तिहार के तहत ग्राम धनीद में लगे जनसमस्या निवारण शिविर में रूपेश कुमार पाण्डेय द्वारा आम लोगों से अशिष्ट व्यवहार करते हुए एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया उन्हें कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और जनता के साथ अनुचित व्यवहार करने
का दोषी पाया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय ने 30 मई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। आदेश में स्पष्ट किया गया है
कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है और प्रत्येक लोकसेवक से शिष्ट एवं मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है।
- दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को सुशासन तिहार के दौरान बीजेपी नेता और आम नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दुर्ग कलेक्टर के प्रस्ताव पर की गई। जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के तहत ग्राम धनीद में लगे जनसमस्या निवारण शिविर में रूपेश कुमार पाण्डेय द्वारा आम लोगों से अशिष्ट व्यवहार करते हुए एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया उन्हें कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और जनता के साथ अनुचित व्यवहार करने का दोषी पाया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय ने 30 मई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है और प्रत्येक लोकसेवक से शिष्ट एवं मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है।4
- वित्तीय गणना में 'लाख' को 'करोड़' में बदलने का एक सीधा सा नियम है। इसके तहत, 12,950 लाख की राशि 129.5 करोड़ के बराबर होती है। यह रूपांतरण इस आधार पर किया जाता है कि एक करोड़ में 100 लाख होते हैं। इसलिए, किसी भी लाख की राशि को करोड़ में बदलने के लिए उसे 100 से विभाजित करना होता है। इस गणना के अनुसार, 12950 को 100 से भाग देने पर 129.5 करोड़ प्राप्त होता है।1
- राजनांदगांव जिले के रेगाकठेरा बखत में एक तालाब के किनारे स्थित माता रानी के मंदिर के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। एक स्थानीय नागरिक ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया है कि यह जगह बहुत खराब हालत में है और इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि गाँव के सरपंच को कई बार इस गंदगी को दूर करने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन सरपंच इस मामले पर कोई ध्यान नहीं देते और उनकी बात नहीं सुनते। नागरिक ने अपील की है कि इस समस्या को आगे तक पहुँचाया जाए।4
- रायपुर से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जिसमें पीसीसी चीफ दीपक बैज ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की कथित नाराजगी को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया है। बैज ने मौजूदा सुशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह कैसा सुशासन है जहां अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष का पीछे से स्वागत करते हैं। उन्होंने डॉ. रमन सिंह के कड़े शब्दों का हवाला दिया, जिसमें सिंह ने स्वयं व्यवस्था की निंदा करते हुए कहा था कि उन्होंने 15 साल मुख्यमंत्री रहते हुए भी ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी। दीपक बैज ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर यह सरकार चला कौन रहा है और कहां से चल रही है। उन्होंने तंज कसा कि यह सरकार 'भगवान भरोसे' चल रही है। पीसीसी चीफ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन तिहार मनाने निकले हैं, जबकि उन्हें पहले अपनी सरकार को ठीक-ठाक करना चाहिए। इस बयानबाजी के बाद, छत्तीसगढ़ की राजनीति में 'सुशासन तिहार' और सरकारी व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है।1
- पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने बेमेतरा में कई दिग्गज नेताओं का भव्य स्वागत किया। यह आयोजन एकेडमिक वर्ल्ड स्कूल में हुआ, जहाँ विभिन्न प्रमुख नेता एक साथ उपस्थित रहे।1
- शिक्षक खान सर, पत्रकार अंजना ओम कश्यप के एक वायरल बयान को लेकर उन पर बुरी तरह भड़क उठे हैं। यह गुस्सा ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल के दिनों में अंजना ओम कश्यप को अपने इसी बयान के कारण इंटरनेट पर लगातार ट्रोल किया जा रहा है।1
- नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर आदिवासियों और किसानों भाइयों की ज़मीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि मोदी सरकार आदिवासियों और किसानों की ज़मीन हड़पकर उसे एंटनी को एक सीमेंट फैक्ट्री लगाने के लिए देने की तैयारी कर रही है। इस कार्रवाई को नरेंद्र मोदी का सबूत बताया गया है, जो आदिवासियों और किसानों की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की योजना बना रहे हैं।1