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शिक्षक खान सर, पत्रकार अंजना ओम कश्यप के एक वायरल बयान को लेकर उन पर बुरी तरह भड़क उठे हैं। यह गुस्सा ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल के दिनों में अंजना ओम कश्यप को अपने इसी बयान के कारण इंटरनेट पर लगातार ट्रोल किया जा रहा है।
Chaurasia Umesh
शिक्षक खान सर, पत्रकार अंजना ओम कश्यप के एक वायरल बयान को लेकर उन पर बुरी तरह भड़क उठे हैं। यह गुस्सा ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल के दिनों में अंजना ओम कश्यप को अपने इसी बयान के कारण इंटरनेट पर लगातार ट्रोल किया जा रहा है।
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- आज बलौदाबाजार जिले के सिमगा खंड स्थित ग्राम केसली (हथबंद) में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का सदस्यता अभियान एवं संगठनात्मक बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में गांव के युवा, बुजुर्ग, माताएं और बहनों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ छत्तीसगढ़िया समाज, संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के उद्देश्यों, विचारधारा और संगठन द्वारा छत्तीसगढ़िया हितों की रक्षा के लिए किए जा रहे संघर्षों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन, भाषा, संस्कृति और स्थानीय युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय सोच और एक मजबूत जनसंगठन का होना अत्यंत आवश्यक है। इसी लक्ष्य को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी पूरे प्रदेश में जनजागरण और सदस्यता अभियान चला रही है। ग्रामीणों ने इस दौरान अपनी वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और स्थानीय समस्याओं पर भी विचार रखे, साथ ही छत्तीसगढ़ के विकास में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। पार्टी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ के संसाधनों पर पहला अधिकार यहाँ के छत्तीसगढ़वासियों का है। संगठन लगातार प्रदेश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने के लिए प्रयासरत है। वर्तमान में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का सदस्यता अभियान पूरे प्रदेश में जोर-शोर से चल रहा है, जिसके तहत गांव-गांव और शहर-शहर छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान, अधिकार, रोजगार, शिक्षा, संस्कृति और समग्र विकास का संदेश पहुंचाया जा रहा है। बलौदाबाजार जिले में, जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र वासु यदु के नेतृत्व में संगठन का निरंतर विस्तार हो रहा है और बड़ी संख्या में नए साथी पार्टी से जुड़ रहे हैं। बैठक के उपरांत, अनेक ग्रामीणों ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और यह संकल्प लिया कि वे गांव के प्रत्येक घर तक पार्टी की विचारधारा और सदस्यता अभियान को पहुंचाएंगे। उपस्थित साथियों ने संगठन को ग्राम स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने तथा अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने का निर्णय भी लिया। सनत यदु, संतु यादव, चंद्रकांत यदु, रंजना ध्रुव, संतोष छत्तीसगढ़िया और नरेश वर्मा सहित अनेक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीण साथियों की गरिमामयी उपस्थिति में, सभी ने एकजुट होकर छत्तीसगढ़िया समाज के सम्मान, अधिकार और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। अंत में, सभी साथियों से छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान, हक-अधिकार और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से जुड़कर संगठन को मजबूत बनाने में अपना योगदान देने का आह्वान किया गया।3
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए कथित मारपीट विवाद का मामला अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सोमवार से प्रदेशभर में कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश आंदोलन शुरू कर दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि दोषियों की गिरफ्तारी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। संघ के आह्वान पर, सोमवार को सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन में प्रदेश के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट शामिल हैं, जिससे राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस आंदोलन को कई अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला है, और यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो इसे और तेज करने की चेतावनी दी गई है, जिससे आम लोगों को राजस्व संबंधी सेवाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह पूरा मामला 27 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब सरगुजा जिले के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी काम से नायब तहसीलदार कार्यालय गई थीं। वहाँ उनकी अधिकारी से बहस हो गई, जो कथित तौर पर इतनी बढ़ गई कि तहसीलदार ने फाइल फेंक दी और महिला को अपमानजनक तरीके से बाहर निकाल दिया। इसके बाद तहसीलदार और विधायक के समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक सहित 10 से 12 लोगों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज हुआ था। विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और जमावड़ा न लगाएं, क्योंकि वह अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व कर्मियों को हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ एफआईआर कराने में कोई परेशानी नहीं हुई है और वह अपनी गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से इसकी तुलना करते हुए इसे 'सुशासन की सरकार' बताया। विधायक टोप्पो ने यह भी दावा किया है कि तहसीलदार ने उनकी बहन के साथ दुर्व्यवहार किया था, लेकिन उन्होंने तहसीलदार से मारपीट नहीं की है। इससे पहले, शुक्रवार को विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने के लिए अंबिकापुर रवाना हुए थे, लेकिन समर्थकों के हंगामा के कारण उन्हें वापस सीतापुर लौटना पड़ा था। उन्होंने अब कहा है कि वह सरगुजा रेंज आईजी दीपक कुमार झा के समक्ष अपनी गिरफ्तारी देंगे, और उनके साथ 3 अन्य समर्थक भी गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। राजस्व निरीक्षक संघ भी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीतापुर थाने पहुंचा था और उन्होंने भी चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे भी सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।1
- रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से तिल्दा-नेवरा पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव और मारपीट कर शांति भंग करने वाले दो असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 31 मई 2026 को नेवरा स्थित शराब भट्टी के पास मुख्य मार्ग पर हुई थी। दोनों युवक राहगीरों के साथ विवाद और मारपीट कर रहे थे, जिससे क्षेत्र में अशांति का माहौल बन रहा था और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सूचना मिलते ही तिल्दा-नेवरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय तिल्दा-नेवरा में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम न्यायालय ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जेल वारंट जारी कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राहुल निषाद (19 वर्ष), पिता ईश्वर निषाद, वार्ड क्रमांक 07, नेवरा, जिला रायपुर, और राजेश्वर निषाद उर्फ सोमू (26 वर्ष), पिता सुरेश निषाद, वार्ड क्रमांक 07, नेवरा, जिला रायपुर के रूप में हुई है। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वाले और असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- राजनांदगांव की बसंतपुर थाना पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए 18 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर लगभग ₹3 लाख रुपये कीमत के 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य गुम मोबाइलों की तलाश करना था। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों को 31 मई 2026 को बसंतपुर थाना परिसर में उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किया गया। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे, क्योंकि कई लोगों ने बताया कि उनके फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, आवश्यक दस्तावेज, संपर्क नंबर और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित थी, जिन्हें वापस पाने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद आवेदकों ने राजनांदगांव पुलिस और विशेष रूप से बसंतपुर थाना पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका उपयोग न करें, बल्कि उसे तत्काल नजदीकी थाने में जमा कराएं, ताकि उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी एमन साहू के साथ सीसीटीएनएस आरक्षक श्रवण पैकरा, आरक्षक फागूराम साहू, ललित रावटे, भुनेश्वर जायसी, चन्द्रशेखर श्रीवास, कुश बघेल और बसंतपुर थाना के अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से सटे ग्राम परसाभदेर में अवैध खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, परसाभदेर-चारौटी मुख्य मार्ग के किनारे लंबे समय से खनिज का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है, जिसके कारण सड़क के समीप एक विशाल गड्ढा बन गया है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। यह बड़ा गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खुलेआम चल रहे इस अवैध खनन पर खनिज विभाग की नजर नहीं पड़ रही है, जबकि यह गतिविधियां मुख्य मार्ग के किनारे ही संचालित हो रही हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और खनिज विभाग से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। क्षेत्र के लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस मामले पर कार्रवाई नहीं की गई, तो अवैध खनन से न केवल पर्यावरणीय नुकसान होगा, बल्कि जनहानि की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेता है और ठोस कदम उठाता है।1
- नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर आदिवासियों और किसानों भाइयों की ज़मीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि मोदी सरकार आदिवासियों और किसानों की ज़मीन हड़पकर उसे एंटनी को एक सीमेंट फैक्ट्री लगाने के लिए देने की तैयारी कर रही है। इस कार्रवाई को नरेंद्र मोदी का सबूत बताया गया है, जो आदिवासियों और किसानों की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की योजना बना रहे हैं।1