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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए कथित मारपीट विवाद का मामला अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सोमवार से प्रदेशभर में कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश आंदोलन शुरू कर दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि दोषियों की गिरफ्तारी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। संघ के आह्वान पर, सोमवार को सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन में प्रदेश के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट शामिल हैं, जिससे राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस आंदोलन को कई अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला है, और यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो इसे और तेज करने की चेतावनी दी गई है, जिससे आम लोगों को राजस्व संबंधी सेवाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह पूरा मामला 27 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब सरगुजा जिले के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी काम से नायब तहसीलदार कार्यालय गई थीं। वहाँ उनकी अधिकारी से बहस हो गई, जो कथित तौर पर इतनी बढ़ गई कि तहसीलदार ने फाइल फेंक दी और महिला को अपमानजनक तरीके से बाहर निकाल दिया। इसके बाद तहसीलदार और विधायक के समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक सहित 10 से 12 लोगों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज हुआ था। विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और जमावड़ा न लगाएं, क्योंकि वह अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व कर्मियों को हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ एफआईआर कराने में कोई परेशानी नहीं हुई है और वह अपनी गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से इसकी तुलना करते हुए इसे 'सुशासन की सरकार' बताया। विधायक टोप्पो ने यह भी दावा किया है कि तहसीलदार ने उनकी बहन के साथ दुर्व्यवहार किया था, लेकिन उन्होंने तहसीलदार से मारपीट नहीं की है। इससे पहले, शुक्रवार को विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने के लिए अंबिकापुर रवाना हुए थे, लेकिन समर्थकों के हंगामा के कारण उन्हें वापस सीतापुर लौटना पड़ा था। उन्होंने अब कहा है कि वह सरगुजा रेंज आईजी दीपक कुमार झा के समक्ष अपनी गिरफ्तारी देंगे, और उनके साथ 3 अन्य समर्थक भी गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। राजस्व निरीक्षक संघ भी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीतापुर थाने पहुंचा था और उन्होंने भी चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे भी सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।

1 hr ago
user_Rameshwar sahu
Rameshwar sahu
रिपोर्टर Bemetara, Chhattisgarh•
1 hr ago

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए कथित मारपीट विवाद का मामला अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सोमवार से प्रदेशभर में कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश आंदोलन शुरू कर दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि दोषियों की गिरफ्तारी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। संघ के आह्वान पर, सोमवार को सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन में प्रदेश के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट शामिल हैं, जिससे राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस आंदोलन को कई अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला है, और यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो इसे और तेज करने की चेतावनी दी गई है, जिससे आम लोगों को राजस्व संबंधी सेवाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह पूरा मामला 27 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब सरगुजा जिले के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी काम से नायब तहसीलदार कार्यालय गई थीं। वहाँ उनकी अधिकारी से बहस हो गई, जो कथित तौर पर इतनी बढ़ गई कि तहसीलदार ने फाइल फेंक दी और महिला को अपमानजनक तरीके से बाहर निकाल दिया। इसके बाद तहसीलदार और विधायक के समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक सहित 10 से 12 लोगों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज हुआ था। विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और जमावड़ा न लगाएं, क्योंकि वह अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व कर्मियों को हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ एफआईआर कराने में कोई परेशानी नहीं हुई है और वह अपनी गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से इसकी तुलना करते हुए इसे 'सुशासन की सरकार' बताया। विधायक टोप्पो ने यह भी दावा किया है कि तहसीलदार ने उनकी बहन के साथ दुर्व्यवहार किया था, लेकिन उन्होंने तहसीलदार से मारपीट नहीं की है। इससे पहले, शुक्रवार को विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने के लिए अंबिकापुर रवाना हुए थे, लेकिन समर्थकों के हंगामा के कारण उन्हें वापस सीतापुर लौटना पड़ा था। उन्होंने अब कहा है कि वह सरगुजा रेंज आईजी दीपक कुमार झा के समक्ष अपनी गिरफ्तारी देंगे, और उनके साथ 3 अन्य समर्थक भी गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। राजस्व निरीक्षक संघ भी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीतापुर थाने पहुंचा था और उन्होंने भी चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे भी सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।

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  • छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए कथित मारपीट विवाद का मामला अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सोमवार से प्रदेशभर में कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश आंदोलन शुरू कर दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि दोषियों की गिरफ्तारी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। संघ के आह्वान पर, सोमवार को सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन में प्रदेश के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट शामिल हैं, जिससे राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस आंदोलन को कई अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला है, और यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो इसे और तेज करने की चेतावनी दी गई है, जिससे आम लोगों को राजस्व संबंधी सेवाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह पूरा मामला 27 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब सरगुजा जिले के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी काम से नायब तहसीलदार कार्यालय गई थीं। वहाँ उनकी अधिकारी से बहस हो गई, जो कथित तौर पर इतनी बढ़ गई कि तहसीलदार ने फाइल फेंक दी और महिला को अपमानजनक तरीके से बाहर निकाल दिया। इसके बाद तहसीलदार और विधायक के समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक सहित 10 से 12 लोगों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज हुआ था। विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और जमावड़ा न लगाएं, क्योंकि वह अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व कर्मियों को हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ एफआईआर कराने में कोई परेशानी नहीं हुई है और वह अपनी गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से इसकी तुलना करते हुए इसे 'सुशासन की सरकार' बताया। विधायक टोप्पो ने यह भी दावा किया है कि तहसीलदार ने उनकी बहन के साथ दुर्व्यवहार किया था, लेकिन उन्होंने तहसीलदार से मारपीट नहीं की है। इससे पहले, शुक्रवार को विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने के लिए अंबिकापुर रवाना हुए थे, लेकिन समर्थकों के हंगामा के कारण उन्हें वापस सीतापुर लौटना पड़ा था। उन्होंने अब कहा है कि वह सरगुजा रेंज आईजी दीपक कुमार झा के समक्ष अपनी गिरफ्तारी देंगे, और उनके साथ 3 अन्य समर्थक भी गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। राजस्व निरीक्षक संघ भी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीतापुर थाने पहुंचा था और उन्होंने भी चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे भी सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
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    छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए कथित मारपीट विवाद का मामला अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सोमवार से प्रदेशभर में कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश आंदोलन शुरू कर दिया है।

संघ ने चेतावनी दी है कि दोषियों की गिरफ्तारी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। संघ के आह्वान पर, सोमवार को सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन में प्रदेश के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट शामिल हैं, जिससे राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस आंदोलन को कई अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला है, और यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो इसे और तेज करने की चेतावनी दी गई है, जिससे आम लोगों को राजस्व संबंधी सेवाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यह पूरा मामला 27 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब सरगुजा जिले के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी काम से नायब तहसीलदार कार्यालय गई थीं। वहाँ उनकी अधिकारी से बहस हो गई, जो कथित तौर पर इतनी बढ़ गई कि तहसीलदार ने फाइल फेंक दी और महिला को अपमानजनक तरीके से बाहर निकाल दिया। इसके बाद तहसीलदार और विधायक के समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक सहित 10 से 12 लोगों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज हुआ था। विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और जमावड़ा न लगाएं, क्योंकि वह अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व कर्मियों को हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ एफआईआर कराने में कोई परेशानी नहीं हुई है और वह अपनी गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से इसकी तुलना करते हुए इसे 'सुशासन की सरकार' बताया।

विधायक टोप्पो ने यह भी दावा किया है कि तहसीलदार ने उनकी बहन के साथ दुर्व्यवहार किया था, लेकिन उन्होंने तहसीलदार से मारपीट नहीं की है। इससे पहले, शुक्रवार को विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने के लिए अंबिकापुर रवाना हुए थे, लेकिन समर्थकों के हंगामा के कारण उन्हें वापस सीतापुर लौटना पड़ा था। उन्होंने अब कहा है कि वह सरगुजा रेंज आईजी दीपक कुमार झा के समक्ष अपनी गिरफ्तारी देंगे, और उनके साथ 3 अन्य समर्थक भी गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। राजस्व निरीक्षक संघ भी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीतापुर थाने पहुंचा था और उन्होंने भी चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे भी सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
    user_Rameshwar sahu
    Rameshwar sahu
    रिपोर्टर Bemetara, Chhattisgarh•
    1 hr ago
  • छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में स्थानीय विधायक दिपेश साहू वैवाहिक बंधन में बंध गए हैं। यह ख़बर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है और इसे 'टॉप न्यूज़ वायरल वीडियो' के रूप में देखा जा रहा है।
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    छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में स्थानीय विधायक दिपेश साहू वैवाहिक बंधन में बंध गए हैं। यह ख़बर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है और इसे 'टॉप न्यूज़ वायरल वीडियो' के रूप में देखा जा रहा है।
    user_KT CHHATTISGARH NEWS
    KT CHHATTISGARH NEWS
    Local News Reporter कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • फटकार लगाते हुए को ही बाइट के तौर पर लगाये............
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    फटकार लगाते हुए को ही बाइट के तौर पर लगाये............
    user_Laxminarayan Namdev (UNA)
    Laxminarayan Namdev (UNA)
    Local News Reporter कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • विधायक भावना बोहरा ने सहसपुर लोहारा क्षेत्र को एक बड़ा तोहफा दिया है, जहाँ उप-पंजीयक कार्यालय की स्वीकृति मिल गई है। tgb media द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यालय अब सहसपुर लोहारा में स्थापित किया जाएगा।
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    विधायक भावना बोहरा ने सहसपुर लोहारा क्षेत्र को एक बड़ा तोहफा दिया है, जहाँ उप-पंजीयक कार्यालय की स्वीकृति मिल गई है। tgb media द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यालय अब सहसपुर लोहारा में स्थापित किया जाएगा।
    user_Amit kumar
    Amit kumar
    News Anchor कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • कबीरधाम जिले के बोड़ला थाना के सामने डीके यादव द्वारा एक रील बनाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब पुलिस की खाकी वर्दी का खौफ आम लोगों के बीच से खत्म हो गया है।
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    कबीरधाम जिले के बोड़ला थाना के सामने डीके यादव द्वारा एक रील बनाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब पुलिस की खाकी वर्दी का खौफ आम लोगों के बीच से खत्म हो गया है।
    user_Deepesh Jangde
    Deepesh Jangde
    Local News Reporter कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से तिल्दा-नेवरा पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव और मारपीट कर शांति भंग करने वाले दो असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 31 मई 2026 को नेवरा स्थित शराब भट्टी के पास मुख्य मार्ग पर हुई थी। दोनों युवक राहगीरों के साथ विवाद और मारपीट कर रहे थे, जिससे क्षेत्र में अशांति का माहौल बन रहा था और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सूचना मिलते ही तिल्दा-नेवरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय तिल्दा-नेवरा में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम न्यायालय ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जेल वारंट जारी कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राहुल निषाद (19 वर्ष), पिता ईश्वर निषाद, वार्ड क्रमांक 07, नेवरा, जिला रायपुर, और राजेश्वर निषाद उर्फ सोमू (26 वर्ष), पिता सुरेश निषाद, वार्ड क्रमांक 07, नेवरा, जिला रायपुर के रूप में हुई है। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वाले और असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से तिल्दा-नेवरा पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव और मारपीट कर शांति भंग करने वाले दो असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 31 मई 2026 को नेवरा स्थित शराब भट्टी के पास मुख्य मार्ग पर हुई थी। दोनों युवक राहगीरों के साथ विवाद और मारपीट कर रहे थे, जिससे क्षेत्र में अशांति का माहौल बन रहा था और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

सूचना मिलते ही तिल्दा-नेवरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय तिल्दा-नेवरा में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम न्यायालय ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जेल वारंट जारी कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राहुल निषाद (19 वर्ष), पिता ईश्वर निषाद, वार्ड क्रमांक 07, नेवरा, जिला रायपुर, और राजेश्वर निषाद उर्फ सोमू (26 वर्ष), पिता सुरेश निषाद, वार्ड क्रमांक 07, नेवरा, जिला रायपुर के रूप में हुई है।

तिल्दा-नेवरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वाले और असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के खरोरा में, कांग्रेस पार्टी ने आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम शनिवार शाम तिल्दा रोड स्थित तिगड्डा चौक पर आयोजित किया गया, जहाँ 'आदिवासी बनाम वनवासी' विवाद पर अपनी नाराजगी व्यक्त की गई। यह प्रदर्शन आदिवासी कांग्रेस कमेटी ब्लॉक खरोरा के अध्यक्ष अमित उइके के आह्वान पर आयोजित हुआ, जिसमें कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने आदिवासी समाज की पहचान से जुड़े विषयों पर गहरी नाराजगी जताई और केंद्र सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध किया। इस विरोध कार्यक्रम में जिला रायपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, पूर्व विधायक अनिता शर्मा, जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दिलदार कुमरे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खरोरा अध्यक्ष अश्वनी वर्मा, जिला महामंत्री नीतू साहू, जिला सदस्य भागबली ध्रुव, मंडल अध्यक्ष रविंदर बबलू भाटिया तथा जिला आदिवासी कांग्रेस उपाध्यक्ष होलेराम पोर्ते सहित कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें सुरेंद्र गिलहरे, धनेश वर्मा, खूबी डहरिया, कपिल नशीने, लकेश्वर यादव, लकेश्वर कोसले, दशरथ ब्रजले, नंदकिशोर ध्रुव, शोभाराम जगत, नरेंद्र डहरिया, राशिद खान, मिराज खान, जितेंद्र गोड, कामता कोसले और सालिक राम मंडावी भी शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पार्टी आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी मुखर होकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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    छत्तीसगढ़ के खरोरा में, कांग्रेस पार्टी ने आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम शनिवार शाम तिल्दा रोड स्थित तिगड्डा चौक पर आयोजित किया गया, जहाँ 'आदिवासी बनाम वनवासी' विवाद पर अपनी नाराजगी व्यक्त की गई।

यह प्रदर्शन आदिवासी कांग्रेस कमेटी ब्लॉक खरोरा के अध्यक्ष अमित उइके के आह्वान पर आयोजित हुआ, जिसमें कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने आदिवासी समाज की पहचान से जुड़े विषयों पर गहरी नाराजगी जताई और केंद्र सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध किया।

इस विरोध कार्यक्रम में जिला रायपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, पूर्व विधायक अनिता शर्मा, जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दिलदार कुमरे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खरोरा अध्यक्ष अश्वनी वर्मा, जिला महामंत्री नीतू साहू, जिला सदस्य भागबली ध्रुव, मंडल अध्यक्ष रविंदर बबलू भाटिया तथा जिला आदिवासी कांग्रेस उपाध्यक्ष होलेराम पोर्ते सहित कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें सुरेंद्र गिलहरे, धनेश वर्मा, खूबी डहरिया, कपिल नशीने, लकेश्वर यादव, लकेश्वर कोसले, दशरथ ब्रजले, नंदकिशोर ध्रुव, शोभाराम जगत, नरेंद्र डहरिया, राशिद खान, मिराज खान, जितेंद्र गोड, कामता कोसले और सालिक राम मंडावी भी शामिल थे।

कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पार्टी आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी मुखर होकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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