रायपुर से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जिसमें पीसीसी चीफ दीपक बैज ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की कथित नाराजगी को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया है। बैज ने मौजूदा सुशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह कैसा सुशासन है जहां अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष का पीछे से स्वागत करते हैं। उन्होंने डॉ. रमन सिंह के कड़े शब्दों का हवाला दिया, जिसमें सिंह ने स्वयं व्यवस्था की निंदा करते हुए कहा था कि उन्होंने 15 साल मुख्यमंत्री रहते हुए भी ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी। दीपक बैज ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर यह सरकार चला कौन रहा है और कहां से चल रही है। उन्होंने तंज कसा कि यह सरकार 'भगवान भरोसे' चल रही है। पीसीसी चीफ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन तिहार मनाने निकले हैं, जबकि उन्हें पहले अपनी सरकार को ठीक-ठाक करना चाहिए। इस बयानबाजी के बाद, छत्तीसगढ़ की राजनीति में 'सुशासन तिहार' और सरकारी व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है।
रायपुर से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जिसमें पीसीसी चीफ दीपक बैज ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की कथित नाराजगी को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया है। बैज ने मौजूदा सुशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह कैसा सुशासन है जहां अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष का पीछे से स्वागत करते हैं। उन्होंने डॉ. रमन सिंह के कड़े शब्दों का हवाला दिया, जिसमें सिंह ने स्वयं व्यवस्था की निंदा करते हुए कहा था कि उन्होंने 15 साल मुख्यमंत्री रहते हुए भी ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी। दीपक बैज ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर यह सरकार चला कौन रहा है और कहां से चल रही है। उन्होंने तंज कसा कि यह सरकार 'भगवान भरोसे' चल रही है। पीसीसी चीफ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन तिहार मनाने निकले हैं, जबकि उन्हें पहले अपनी सरकार को ठीक-ठाक करना चाहिए। इस बयानबाजी के बाद, छत्तीसगढ़ की राजनीति में 'सुशासन तिहार' और सरकारी व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है।
- रायपुर से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जिसमें पीसीसी चीफ दीपक बैज ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की कथित नाराजगी को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया है। बैज ने मौजूदा सुशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह कैसा सुशासन है जहां अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष का पीछे से स्वागत करते हैं। उन्होंने डॉ. रमन सिंह के कड़े शब्दों का हवाला दिया, जिसमें सिंह ने स्वयं व्यवस्था की निंदा करते हुए कहा था कि उन्होंने 15 साल मुख्यमंत्री रहते हुए भी ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी। दीपक बैज ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर यह सरकार चला कौन रहा है और कहां से चल रही है। उन्होंने तंज कसा कि यह सरकार 'भगवान भरोसे' चल रही है। पीसीसी चीफ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन तिहार मनाने निकले हैं, जबकि उन्हें पहले अपनी सरकार को ठीक-ठाक करना चाहिए। इस बयानबाजी के बाद, छत्तीसगढ़ की राजनीति में 'सुशासन तिहार' और सरकारी व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है।1
- वित्तीय गणना में 'लाख' को 'करोड़' में बदलने का एक सीधा सा नियम है। इसके तहत, 12,950 लाख की राशि 129.5 करोड़ के बराबर होती है। यह रूपांतरण इस आधार पर किया जाता है कि एक करोड़ में 100 लाख होते हैं। इसलिए, किसी भी लाख की राशि को करोड़ में बदलने के लिए उसे 100 से विभाजित करना होता है। इस गणना के अनुसार, 12950 को 100 से भाग देने पर 129.5 करोड़ प्राप्त होता है।1
- बड़ैहीटोला ग्राम पंचायत ने 1 जून सोमवार को सुबह 10 बजे मिली जानकारी अनुसार, बड़ैहीटोला आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक वाटर प्यूरिफायर मशीन स्थापित करवाई है। इस पहल से आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलेगी, जिससे जलजनित बीमारियों की आशंका कम होने की उम्मीद है। ग्राम पंचायत के इस प्रयास की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की गई है।1
- पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने बेमेतरा में कई दिग्गज नेताओं का भव्य स्वागत किया। यह आयोजन एकेडमिक वर्ल्ड स्कूल में हुआ, जहाँ विभिन्न प्रमुख नेता एक साथ उपस्थित रहे।1
- शिक्षक खान सर, पत्रकार अंजना ओम कश्यप के एक वायरल बयान को लेकर उन पर बुरी तरह भड़क उठे हैं। यह गुस्सा ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल के दिनों में अंजना ओम कश्यप को अपने इसी बयान के कारण इंटरनेट पर लगातार ट्रोल किया जा रहा है।1
- राजनांदगांव की बसंतपुर थाना पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए 18 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर लगभग ₹3 लाख रुपये कीमत के 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य गुम मोबाइलों की तलाश करना था। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों को 31 मई 2026 को बसंतपुर थाना परिसर में उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किया गया। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे, क्योंकि कई लोगों ने बताया कि उनके फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, आवश्यक दस्तावेज, संपर्क नंबर और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित थी, जिन्हें वापस पाने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद आवेदकों ने राजनांदगांव पुलिस और विशेष रूप से बसंतपुर थाना पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका उपयोग न करें, बल्कि उसे तत्काल नजदीकी थाने में जमा कराएं, ताकि उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी एमन साहू के साथ सीसीटीएनएस आरक्षक श्रवण पैकरा, आरक्षक फागूराम साहू, ललित रावटे, भुनेश्वर जायसी, चन्द्रशेखर श्रीवास, कुश बघेल और बसंतपुर थाना के अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर आदिवासियों और किसानों भाइयों की ज़मीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि मोदी सरकार आदिवासियों और किसानों की ज़मीन हड़पकर उसे एंटनी को एक सीमेंट फैक्ट्री लगाने के लिए देने की तैयारी कर रही है। इस कार्रवाई को नरेंद्र मोदी का सबूत बताया गया है, जो आदिवासियों और किसानों की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की योजना बना रहे हैं।1