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4 hrs ago
user_Udnews chief editor In
Udnews chief editor In
Journalist फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • भारत का संविधान हर नागरिक को अनुच्छेद 14 (समानता), अनुच्छेद 20 (मनमानी दंड से संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता) की गारंटी देता है। जब वर्दीधारी खुद “हथियार” पकड़वाकर “रिकवरी” दिखाते हैं, तो यह ड्यू प्रोसेस ऑफ लॉ की खुली हत्या है। यह न सिर्फ निर्दोषता के सिद्धांत (Presumption of Innocence) को रौंदता है, बल्कि न्यायपालिका को गुमराह करने की साजिश भी बन जाता है। ऐसी कार्रवाई कानून-व्यवस्था नहीं, संवैधानिक अपराध है। अलीगढ़, उत्तर प्रदेश से आया ये वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। जहां वर्दी अपराधियों पर चाकू नहीं पकड़ रही… वर्दी खुद चाकू पकड़ा रही है! वीडियो में साफ दिख रहा है पहले “हथियार” रखवाओ, फिर “रिकवरी” का ड्रामा रचो, और फिर दो बेगुनाहों को अपराधी बताकर जेल ठूंस दो। सूरज गौतम और सोनू इनका कसूर क्या था? बस इतना कि इनके हाथ में सिस्टम ने अपराध थमा दिया। ये सवाल नहीं… ये आरोप है ये पुलिसिया कार्रवाई नहीं, सबूत गढ़ने का धंधा है। ये कानून का राज नहीं, वर्दी की गुंडागर्दी है। सामाजिक दृष्टि से पुलिस समाज और नागरिक के बीच भरोसे की आख़िरी कड़ी होती है। जब वही कड़ी फर्ज़ी मामलों, झूठी बरामदगी और निर्दोषों को फँसाने का औज़ार बन जाए, तो समाज में डर, अविश्वास और आक्रोश पैदा होता है। सूरज गौतम और सोनू जैसे नाम सिर्फ व्यक्ति नहीं रह जाते—वे उस आम नागरिक का प्रतीक बन जाते हैं, जिसे कभी भी “केस” बनाकर कुचल दिया जा सकता है। यह सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने वाली प्रवृत्ति है। नैतिक दृष्टि से वर्दी सिर्फ कपड़ा नहीं, जिम्मेदारी और मर्यादा का प्रतीक होती है। जिस हाथ को नागरिक की रक्षा करनी चाहिए, वही हाथ अगर सबूत गढ़े—तो यह नैतिक पतन की पराकाष्ठा है। यह सत्ता का दुरुपयोग है, जो बताता है कि समस्या “कुछ लोगों” की नहीं, बल्कि जवाबदेही की कमी की है। निष्कर्ष यह सवाल नहीं है—यह आरोप है। यह पुलिसिया कार्रवाई नहीं—सबूत गढ़ने का धंधा है। यह कानून का राज नहीं—वर्दी की गुंडागर्दी है। जब तक ऐसे मामलों में स्वतंत्र जांच, कड़ी सज़ा और संस्थागत सुधार नहीं होंगे, तब तक संविधान सिर्फ किताबों में और न्याय सिर्फ भाषणों में रहेगा। #RuleOfLaw #PoliceAccountability #संविधान_बचाओ #JusticeForSurajSonu
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    भारत का संविधान हर नागरिक को अनुच्छेद 14 (समानता), अनुच्छेद 20 (मनमानी दंड से संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता) की गारंटी देता है।
जब वर्दीधारी खुद “हथियार” पकड़वाकर “रिकवरी” दिखाते हैं, तो यह ड्यू प्रोसेस ऑफ लॉ की खुली हत्या है।
यह न सिर्फ निर्दोषता के सिद्धांत (Presumption of Innocence) को रौंदता है, बल्कि न्यायपालिका को गुमराह करने की साजिश भी बन जाता है।
ऐसी कार्रवाई कानून-व्यवस्था नहीं, संवैधानिक अपराध है।
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश से आया ये वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
जहां वर्दी अपराधियों पर चाकू नहीं पकड़ रही…
वर्दी खुद चाकू पकड़ा रही है!
वीडियो में साफ दिख रहा है 
पहले “हथियार” रखवाओ,
फिर “रिकवरी” का ड्रामा रचो,
और फिर दो बेगुनाहों को अपराधी बताकर जेल ठूंस दो।
सूरज गौतम और सोनू
इनका कसूर क्या था?
बस इतना कि इनके हाथ में सिस्टम ने अपराध थमा दिया।
ये सवाल नहीं… ये आरोप है  
ये पुलिसिया कार्रवाई नहीं, सबूत गढ़ने का धंधा है।
ये कानून का राज नहीं, वर्दी की गुंडागर्दी है।
सामाजिक दृष्टि से
पुलिस समाज और नागरिक के बीच भरोसे की आख़िरी कड़ी होती है।
जब वही कड़ी फर्ज़ी मामलों, झूठी बरामदगी और निर्दोषों को फँसाने का औज़ार बन जाए, तो समाज में डर, अविश्वास और आक्रोश पैदा होता है।
सूरज गौतम और सोनू जैसे नाम सिर्फ व्यक्ति नहीं रह जाते—वे उस आम नागरिक का प्रतीक बन जाते हैं, जिसे कभी भी “केस” बनाकर कुचल दिया जा सकता है।
यह सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने वाली प्रवृत्ति है।
नैतिक दृष्टि से
वर्दी सिर्फ कपड़ा नहीं, जिम्मेदारी और मर्यादा का प्रतीक होती है।
जिस हाथ को नागरिक की रक्षा करनी चाहिए, वही हाथ अगर सबूत गढ़े—तो यह नैतिक पतन की पराकाष्ठा है।
यह सत्ता का दुरुपयोग है, जो बताता है कि समस्या “कुछ लोगों” की नहीं, बल्कि जवाबदेही की कमी की है।
निष्कर्ष
यह सवाल नहीं है—यह आरोप है।
यह पुलिसिया कार्रवाई नहीं—सबूत गढ़ने का धंधा है।
यह कानून का राज नहीं—वर्दी की गुंडागर्दी है।
जब तक ऐसे मामलों में स्वतंत्र जांच, कड़ी सज़ा और संस्थागत सुधार नहीं होंगे, तब तक संविधान सिर्फ किताबों में और न्याय सिर्फ भाषणों में रहेगा।
#RuleOfLaw #PoliceAccountability #संविधान_बचाओ #JusticeForSurajSonu
    user_Vinay Kumar Srivastav
    Vinay Kumar Srivastav
    Journalist सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कमालगंज बाजार में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा (30,01,2026) दिया शुक्रवार को सभी हिन्दू भाई बहनों को आमंत्रित किया गया है सभी हिन्दू भाई बहन ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचे 🙏🚩 जय श्री राम
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    कमालगंज बाजार में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा (30,01,2026) दिया शुक्रवार को सभी हिन्दू भाई बहनों को आमंत्रित किया गया है सभी हिन्दू भाई बहन ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचे 🙏🚩
जय श्री राम
    user_Anuj Rawat kamalganj bazzar vala
    Anuj Rawat kamalganj bazzar vala
    Farmer सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • रायबरेली में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उत्साहपूर्ण आयोजन नए मतदाताओं को कैप पहनाकर सम्मानित, बीएलओ-सुपरवाइजर को किया गया पुरस्कृत रायबरेली: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यहां 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का भव्य समारोह शहर के जीआईसी ग्राउंड में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने की। इस अवसर पर मतदाताओं के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाया गया, जिससे युवा उत्साह से भाग लेते नजर आए। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और सुपरवाइजरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने पहली बार मतदाता बने युवा छात्र-छात्राओं को कैप पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें लोकतंत्र में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नए मतदाताओं को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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    रायबरेली में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उत्साहपूर्ण आयोजन
नए मतदाताओं को कैप पहनाकर सम्मानित, बीएलओ-सुपरवाइजर को किया गया पुरस्कृत
रायबरेली: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यहां 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का भव्य समारोह शहर के जीआईसी ग्राउंड में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने की।
इस अवसर पर मतदाताओं के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाया गया, जिससे युवा उत्साह से भाग लेते नजर आए। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और सुपरवाइजरों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने पहली बार मतदाता बने युवा छात्र-छात्राओं को कैप पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें लोकतंत्र में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नए मतदाताओं को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
    user_Ravindra Kumar
    Ravindra Kumar
    Journalist Rae Bareli, Uttar Pradesh•
    12 hrs ago
  • Post by Shyamu Patel
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    Post by Shyamu Patel
    user_Shyamu Patel
    Shyamu Patel
    Police Officer सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • सत्य नाम पंथ के संस्थापक गुरु जगजीवन साहेब के जन्मोत्सव पर उन्हें कोटि कोटि नमन् करता हूं। उन्होंने गृहस्थ जीवन में भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया उनके विचार आदर्श सदैव समाज को नई दिशा दिया उन्होंने जाति धर्म मजहब से उठकर मानवीय मूल्यों को महत्व दिया। हिन्दू मुस्लिम सभी को सत्य नाम सुमिरन से ईश्वर प्राप्ति का रास्ता दिखाया अपने पंथ में भक्ति मार्ग पर चलने का बराबर महत्व दिया आपने शिष्य बनाया एवं सामाजिक कुरीतियां छूआछूत से उपर उठकर सत्य नाम पंथ चलाया जिसमें जाति धर्म मजहब का कोई स्थान नहीं है सभी को बराबर महत्व दिया एवं जीवन शैली का रास्ता दिखाया। उन्होंने ज्ञान प्रकाश, महाप्रलय, शब्द सागर प्रमुख ग्रन्थों की रचना किया। साहेब बंदगी, जय जगजीवन साहेब। पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच
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    सत्य नाम पंथ के संस्थापक गुरु जगजीवन साहेब के जन्मोत्सव पर उन्हें कोटि कोटि नमन् करता हूं।
उन्होंने गृहस्थ जीवन में भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया उनके विचार आदर्श सदैव समाज को नई दिशा दिया उन्होंने जाति धर्म मजहब से उठकर मानवीय मूल्यों को महत्व दिया। हिन्दू मुस्लिम सभी को सत्य नाम सुमिरन  से ईश्वर प्राप्ति का रास्ता दिखाया अपने पंथ में भक्ति मार्ग पर चलने का बराबर महत्व दिया आपने शिष्य बनाया एवं सामाजिक कुरीतियां छूआछूत से उपर उठकर सत्य नाम पंथ चलाया जिसमें जाति धर्म मजहब का कोई स्थान नहीं है सभी को बराबर महत्व दिया एवं जीवन शैली का रास्ता दिखाया।
उन्होंने ज्ञान प्रकाश, महाप्रलय, शब्द सागर प्रमुख ग्रन्थों की रचना किया।
साहेब बंदगी, जय जगजीवन साहेब।
पराग प्रसाद रावत
राष्ट्रीय महासचिव
अखिल भारतीय राजीव गांधी
विचार मंच
    user_Parag Prasad Rawat
    Parag Prasad Rawat
    Political party office Rae Bareli, Uttar Pradesh•
    17 hrs ago
  • हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की नई मिसाल, दुर्गा खेड़ा से जेरी पुल तक डाबरी युक्त सड़क का निर्माण—पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने कर दिखाया बड़ा काम 📰 खबर
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    हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की नई मिसाल, दुर्गा खेड़ा से जेरी पुल तक डाबरी युक्त सड़क का निर्माण—पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने कर दिखाया बड़ा काम
📰 खबर
    user_RAMA SHANKAR SHUKLA
    RAMA SHANKAR SHUKLA
    Journalist पुरवा, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by Karan Singh
    1
    Post by Karan Singh
    user_Karan Singh
    Karan Singh
    बिंदकी, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • **सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित करने का नियोजित प्रयास? UGC इक्विटी व्यवस्था के विरोध में ‘घर-घर चलो अभियान’ तेज** रायबरेली/लखनऊ। राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने घोषणा की है कि वह सवर्णों एवं सनातन समाज की आवाज को घर-घर तक पहुँचाने के अपने संकल्प पर पहले की तरह अडिग है और भविष्य में भी इसे और मजबूती से उठाती रहेगी। परिषद का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालयीय व्यवस्था में “समानता” के नाम पर लागू की जा रही UGC इक्विटी नीति वास्तव में समान अवसर नहीं, बल्कि पक्षपातपूर्ण विशेषाधिकार व्यवस्था है, जिससे सवर्ण समाज को योजनाबद्ध तरीके से उच्च शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षा संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 15 (भेदभाव निषेध) की मूल भावना पर आधारित होनी चाहिए, न कि ऐसी नीतियों पर जो सामाजिक संतुलन को बिगाड़ें। उनका आरोप है कि वर्तमान नीति सामाजिक न्याय की आड़ में राजनीतिक तुष्टिकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे विश्वविद्यालयों में योग्यता, प्रतिस्पर्धा और समान अवसर की अवधारणा कमजोर हो रही है। इसी के विरोध में राष्ट्रीय सवर्ण परिषद एवं उसके सहयोगी संगठनों द्वारा “घर-घर चलो अभियान” का आगाज किया गया है। इस अभियान के माध्यम से आम जनमानस को बताया जा रहा है कि UGC की यह इक्विटी व्यवस्था किस प्रकार संवैधानिक मर्यादाओं, नीति-नियमों और नैतिक मूल्यों के विपरीत है तथा कैसे यह भारतीय समाज के पारंपरिक सामाजिक ताने-बाने को झकझोरने का काम कर रही है। परिषद का कहना है कि वे किसी भी समाज के विरोध में नहीं, बल्कि समान अधिकारों की निष्पक्ष व्यवस्था के पक्षधर हैं। संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह UGC इक्विटी नीति पर पुनर्विचार करे, सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करे और शिक्षा को सामाजिक प्रयोगशाला बनने से रोके। राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी जारी रखी, तो यह आंदोलन जनांदोलन का रूप ले सकता है और इसे लोकतांत्रिक व संवैधानिक तरीके से देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
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    **सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित करने का नियोजित प्रयास?
UGC इक्विटी व्यवस्था के विरोध में ‘घर-घर चलो अभियान’ तेज**
रायबरेली/लखनऊ।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने घोषणा की है कि वह सवर्णों एवं सनातन समाज की आवाज को घर-घर तक पहुँचाने के अपने संकल्प पर पहले की तरह अडिग है और भविष्य में भी इसे और मजबूती से उठाती रहेगी। परिषद का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालयीय व्यवस्था में “समानता” के नाम पर लागू की जा रही UGC इक्विटी नीति वास्तव में समान अवसर नहीं, बल्कि पक्षपातपूर्ण विशेषाधिकार व्यवस्था है, जिससे सवर्ण समाज को योजनाबद्ध तरीके से उच्च शिक्षा से वंचित किया जा रहा है।
परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षा संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 15 (भेदभाव निषेध) की मूल भावना पर आधारित होनी चाहिए, न कि ऐसी नीतियों पर जो सामाजिक संतुलन को बिगाड़ें। उनका आरोप है कि वर्तमान नीति सामाजिक न्याय की आड़ में राजनीतिक तुष्टिकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे विश्वविद्यालयों में योग्यता, प्रतिस्पर्धा और समान अवसर की अवधारणा कमजोर हो रही है।
इसी के विरोध में राष्ट्रीय सवर्ण परिषद एवं उसके सहयोगी संगठनों द्वारा “घर-घर चलो अभियान” का आगाज किया गया है। इस अभियान के माध्यम से आम जनमानस को बताया जा रहा है कि UGC की यह इक्विटी व्यवस्था किस प्रकार संवैधानिक मर्यादाओं, नीति-नियमों और नैतिक मूल्यों के विपरीत है तथा कैसे यह भारतीय समाज के पारंपरिक सामाजिक ताने-बाने को झकझोरने का काम कर रही है।
परिषद का कहना है कि वे किसी भी समाज के विरोध में नहीं, बल्कि समान अधिकारों की निष्पक्ष व्यवस्था के पक्षधर हैं। संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह UGC इक्विटी नीति पर पुनर्विचार करे, सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करे और शिक्षा को सामाजिक प्रयोगशाला बनने से रोके।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी जारी रखी, तो यह आंदोलन जनांदोलन का रूप ले सकता है और इसे लोकतांत्रिक व संवैधानिक तरीके से देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
    user_Vinay Kumar Srivastav
    Vinay Kumar Srivastav
    Journalist सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • #हमीरपुर #बलराम_गुप्ता #अधिषासी_अधिकारी नगर पंचायत #कुरारा व #आशारानी_कबीर #नगर_पंचायत_अध्यक्ष_कुरारा की तरफ से समस्त क्षेत्र वासियों एवं जनपद वाशियो को 77 वे #गणतंत्र_दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं व #बधाई… #HAMIRPUR #UTTARPRADESH #UPDATES #UPNEWS #CRIMES #GIRLS #UPPOLICE #HAMIRPURPOLICE District Magistrate Hamirpur up मिलन गुप्ता पत्रकार कुरारा Government of UP Monu Gupta Asharani Kabir Nagar Panchayat Kurara
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    #हमीरपुर 
#बलराम_गुप्ता #अधिषासी_अधिकारी नगर पंचायत #कुरारा व 
#आशारानी_कबीर #नगर_पंचायत_अध्यक्ष_कुरारा की तरफ से
समस्त क्षेत्र वासियों एवं जनपद वाशियो को 77 वे #गणतंत्र_दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं व #बधाई…
#HAMIRPUR #UTTARPRADESH #UPDATES #UPNEWS #CRIMES #GIRLS #UPPOLICE #HAMIRPURPOLICE District Magistrate Hamirpur up मिलन गुप्ता पत्रकार कुरारा Government of UP Monu Gupta Asharani Kabir Nagar Panchayat Kurara
    user_मिलन गुप्ता
    मिलन गुप्ता
    Court reporter हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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