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बलरामपुर जिले के इदरी कल के ग्रामीण आज भी मूलभूत योजनाओं से वंचित है बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के अंतर्गत ग्राम इदरीकला के ग्रामीण आज भी मूलभूत योजना जैसे हक के लिए वांछित है चुनाव के दौरान नेता मंत्री आते हैं और आश्वासन के पुल बांधते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही सारे आश्वासन ठंडा बस्ते में चला जाता है आखिर कौन है इसका इदरीकला के ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन शॉप कर न्याय गुहार लगा रहे हैं

3 hrs ago
user_Ali Khan
Ali Khan
बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago

बलरामपुर जिले के इदरी कल के ग्रामीण आज भी मूलभूत योजनाओं से वंचित है बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के अंतर्गत ग्राम इदरीकला के ग्रामीण आज भी मूलभूत योजना जैसे हक के लिए वांछित है चुनाव के दौरान नेता मंत्री आते हैं और आश्वासन के पुल बांधते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही सारे आश्वासन ठंडा बस्ते में चला जाता है आखिर कौन है इसका इदरीकला के ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन शॉप कर न्याय गुहार लगा रहे हैं

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  • गढ़वा जिला में चल रहा है देह व्यापार का काला धंधा, गढ़वा के तीन होटल को किया गया सीज, फोटो के अंदर पाए गए 14 जोड़ा नाबालीक लड़के, लड़कियां।🚫⚠️📍
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    गढ़वा जिला में चल रहा है देह व्यापार का काला धंधा, गढ़वा के तीन होटल को किया गया सीज,
फोटो के अंदर पाए गए 14 जोड़ा नाबालीक  लड़के, लड़कियां।🚫⚠️📍
    user_Mera aawaj aapke sath
    Mera aawaj aapke sath
    धुरकी, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • धुरकी बिलासपुर भीषण सड़क हादसा में 30 वर्षीय युवक कि मौत ,झारखंड गढ़वा सड़क हादसा,#accident‍ ˈयुवक
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    धुरकी बिलासपुर भीषण सड़क हादसा में 30 वर्षीय युवक कि मौत ,झारखंड गढ़वा सड़क हादसा,#accident‍ ˈयुवक
    user_Men of jharkhand
    Men of jharkhand
    Court reporter धुरकी, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • गढ़वा के जटा गांव में जमीनी विवाद को लेकर आपस में दो परिवार के लोग उलझ गए दोनों तरफ से मार पीट शुरू हो गया सदर अस्पताल में भर्ती के बाद चल रहा है इलाज
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    गढ़वा के जटा गांव में जमीनी विवाद को लेकर आपस में दो परिवार के लोग उलझ गए दोनों तरफ से मार पीट शुरू हो गया सदर अस्पताल में भर्ती के बाद चल रहा है इलाज
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • किन्नरों का बधाई मांगने का एरिया (इलाका) पारंपरिक गुरु-चेला प्रथा और आपसी सहमति से निर्धारित होता है, जो पीढ़ियों से चला आ रहा है। यह एक निश्चित क्षेत्र होता है, जहाँ का 'गुरु' (प्रमुख) अपने शिष्यों को बधाई मांगने के लिए बांटता है। इसमें कोई बाहरी या दूसरा समूह हस्तक्षेप नहीं करता।  एरिया निर्धारण के मुख्य बिंदु: गुरु का अधिकार: क्षेत्र का बंटवारा उस इलाके के गुरु (या डेरे के मुखिया) द्वारा किया जाता है। परंपरा: यह व्यवस्था पुरानी परंपराओं पर आधारित है और इसे बदलना आम तौर पर मनाही है। विवाद और नियम: कई जगहों पर, मनमानी वसूली को रोकने के लिए ग्राम पंचायत या मोहल्ला कमेटी के साथ मिलकर 2100-5100 रुपये तक की बधाई (लाग) राशि भी तय की जाती है, ताकि आपसी विवाद न हो। बधाई के मौके: वे आमतौर पर शादी, बच्चे के जन्म और गृह प्रवेश जैसे मंगल अवसरों पर बधाई मांगने जाते हैं।
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    किन्नरों का बधाई मांगने का एरिया (इलाका) पारंपरिक गुरु-चेला प्रथा और आपसी सहमति से निर्धारित होता है, जो पीढ़ियों से चला आ रहा है। यह एक निश्चित क्षेत्र होता है, जहाँ का 'गुरु' (प्रमुख) अपने शिष्यों को बधाई मांगने के लिए बांटता है। इसमें कोई बाहरी या दूसरा समूह हस्तक्षेप नहीं करता। 
एरिया निर्धारण के मुख्य बिंदु:
गुरु का अधिकार: क्षेत्र का बंटवारा उस इलाके के गुरु (या डेरे के मुखिया) द्वारा किया जाता है।
परंपरा: यह व्यवस्था पुरानी परंपराओं पर आधारित है और इसे बदलना आम तौर पर मनाही है।
विवाद और नियम: कई जगहों पर, मनमानी वसूली को रोकने के लिए ग्राम पंचायत या मोहल्ला कमेटी के साथ मिलकर 2100-5100 रुपये तक की बधाई (लाग) राशि भी तय की जाती है, ताकि आपसी विवाद न हो।
बधाई के मौके: वे आमतौर पर शादी, बच्चे के जन्म और गृह प्रवेश जैसे मंगल अवसरों पर बधाई मांगने जाते हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    11 hrs ago
  • युद्ध विराम नहीं युद्ध पर पूर्ण विराम चाहता है ईरान... सीज़फायर के प्रस्ताव को ईरान ने खारिज किया, ईरान ने पूरी तरह जंग बंद करने की मांग की.. #Khabardar #IranUSConflict #Ceasefire #MiddleEastCrisis #NoCeasefire
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    युद्ध विराम नहीं युद्ध पर पूर्ण विराम चाहता है ईरान...
सीज़फायर के प्रस्ताव को ईरान ने खारिज किया, ईरान ने पूरी तरह जंग बंद करने की मांग की..
#Khabardar #IranUSConflict #Ceasefire #MiddleEastCrisis #NoCeasefire
    user_Anit tiwary
    Anit tiwary
    Electrician गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    18 hrs ago
  • हजारों वक्फ जमीनों पर कब्जा उजागर! 5723 मामलों में नोटिस, CBI एंट्री तय छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। पहले महज रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जे की जांच का प्रस्ताव भेजने का फैसला किया गया था, लेकिन अब फैसला बदल दिया गया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के मुताबिक प्रदेश भर में वक्फ की 5723 संपत्तियों पर अवैध कब्जा है। इन संपत्तियों की कीमत पांच हजार करोड़ है। इसमें से करीब दो हजार संपत्तियां ऐसी हैं जिन पर किराएदार काबिज हैं, लेकिन किराया नहीं दे रहे हैं। किराए से ही सालाना दो सौ करोड़ मिल सकते हैं, लेकिन इस समय महज पांच लाख मिल रहे हैं। वक्फ के संशोधित कानून के बाद अपने प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बीते साल से एक्शन प्रारंभ किया है। प्रदेश भर में वक्फ की संपत्तियों की जांच करके देखा गया है कि कहां पर कौन काबिज है। पूरे प्रदेश में वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करने की जानकारी सामने आई है। बहुत ही संपत्तियों को फर्जी तरीके से बेचे जाने की भी जानकारी मिली है। वक्फ की संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार कब्जाधारियों को वक्फ बोर्ड द्वारा नोटिस दिया जा रहा है। वक्फ अध्यक्ष डा. सलीम राज का कहना किसी भी हाल में वक्फ की संपत्ति पर किसी को कब्जा करने नहीं दिया जाएगा। वक्फ की एक-एक जमीन को कब्जा मुक्त कराएंगे। जो भी लोग संपत्ति वक्फ की न होने का दावा कर रहे हैं, वो गलत है। हमने सारे दस्तावेज देखने के बाद ही नोटिस जारी किए हैं। बन रहा है सीबीआई जांच के लिए प्रस्ताव बोर्ड ने पहले रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्ति की सीबीआई जांच कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का काम प्रारंभ किया था, लेकिन अब पूरे प्रदेश भर की संपत्ति को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। डा. सलीम राज का कहना है कि 5723 संपत्तियों को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन सभी संपत्तियों की जांच कराने का प्रदेश सरकार के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव जाएगा। इसके बाद सीबीआई जांच प्रारंभ होगी। सलीम राज ने कहा-किया है फर्जीवाड़ा इस मामले में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का कहना है, रायपुर के दुकानदारों के साथ ही प्रदेश भर से जिनके भी जवाब आए हैं, उन जवाबों से बोर्ड संतुष्ट नहीं है। फर्जीवाड़ा करके जमीन पर कब्जा किया गया है। उन्होंने बताया, जो खुद किराएदार रहे हैं वो भला कैसे किसी को जमीन बेच सकते हैं। पूरी तरह से फर्जीवाड़ा करके वक्फ की संपत्ति को बेचने का काम किया गया है। उन्होंने कहा, प्रदेश में जहां-जहां भी वक्फ की जमीन पर कब्जा है, उसको मुक्त कराया जाएगा।
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    हजारों वक्फ जमीनों पर कब्जा उजागर! 5723 मामलों में नोटिस, CBI एंट्री तय
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। पहले महज रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जे की जांच का प्रस्ताव भेजने का फैसला किया गया था, लेकिन अब फैसला बदल दिया गया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के मुताबिक प्रदेश भर में वक्फ की 5723 संपत्तियों पर अवैध कब्जा है। इन संपत्तियों की कीमत पांच हजार करोड़ है। इसमें से करीब दो हजार संपत्तियां ऐसी हैं जिन पर किराएदार काबिज हैं, लेकिन किराया नहीं दे रहे हैं। किराए से ही सालाना दो सौ करोड़ मिल सकते हैं, लेकिन इस समय महज पांच लाख मिल रहे हैं। वक्फ के संशोधित कानून के बाद अपने प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बीते साल से एक्शन प्रारंभ किया है।
प्रदेश भर में वक्फ की संपत्तियों की जांच करके देखा गया है कि कहां पर कौन काबिज है। पूरे प्रदेश में वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करने की जानकारी सामने आई है। बहुत ही संपत्तियों को फर्जी तरीके से बेचे जाने की भी जानकारी मिली है। वक्फ की संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार कब्जाधारियों को वक्फ बोर्ड द्वारा नोटिस दिया जा रहा है। वक्फ अध्यक्ष डा. सलीम राज का कहना किसी भी हाल में वक्फ की संपत्ति पर किसी को कब्जा करने नहीं दिया जाएगा। वक्फ की एक-एक जमीन को कब्जा मुक्त कराएंगे। जो भी लोग संपत्ति वक्फ की न होने का दावा कर रहे हैं, वो गलत है। हमने सारे दस्तावेज देखने के बाद ही नोटिस जारी किए हैं।
बन रहा है सीबीआई जांच के लिए प्रस्ताव
बोर्ड ने पहले रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्ति की सीबीआई जांच कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का काम प्रारंभ किया था, लेकिन अब पूरे प्रदेश भर की संपत्ति को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। डा. सलीम राज का कहना है कि 5723 संपत्तियों को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन सभी संपत्तियों की जांच कराने का प्रदेश सरकार के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव जाएगा। इसके बाद सीबीआई जांच प्रारंभ होगी।
सलीम राज ने कहा-किया है फर्जीवाड़ा
इस मामले में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का कहना है, रायपुर के दुकानदारों के साथ ही प्रदेश भर से जिनके भी जवाब आए हैं, उन जवाबों से बोर्ड संतुष्ट नहीं है। फर्जीवाड़ा करके जमीन पर कब्जा किया गया है। उन्होंने बताया, जो खुद किराएदार रहे हैं वो भला कैसे किसी को जमीन बेच सकते हैं। पूरी तरह से फर्जीवाड़ा करके वक्फ की संपत्ति को बेचने का काम किया गया है। उन्होंने कहा, प्रदेश में जहां-जहां भी वक्फ की जमीन पर कब्जा है, उसको मुक्त कराया जाएगा।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • .लोकतंत्र में चुनाव विकास के वादे लेकर आता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक गांव ऐसा भी है जहाँ आज भी 'विकास कच्ची सड़क की शक्ल नहीं देख पाया है। हम बात कर रहे हैं बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत इदरीकला के जगह का नाम नावापारा है जहाँ ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर आज भारी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे हैं। ​बीओ01.....बलरामपुर कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे ये लोग नावापारा के ग्रामीण हैं। इनका आरोप है कि बरसात के दिनों में इनका संपर्क बाकी दुनिया से पूरी तरह कट जाता है। स्थिति इतनी ख़राब है कि किसी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं, बल्कि खाट' का सहारा लेना पड़ता है। अपनों की गांव मे किसी की मैयत' हो जाने पर भी शव को ले जाना किसी जंग जीतने जैसा होता है ​बरसात में संपर्क पूरी तरह बंद होजाता बारिश शुरू होते ही सड़क की जगह सिर्फ कीचड़ बचता है।​इलाज का अभाव एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, मरीजों को खाट पर ढोना मजबूरी ​खेतों की मेढ़ का सहारा मुख्य रास्ता बंद होने पर ग्रामीण खेतों की मेढ़ से जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर।​नेताओं की वादाखिलाफी चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे, लेकिन जीत के बाद सब 'ठंडे बस्ते चुनाव के समय नेता हाथ जोड़कर आते हैं, रोड बनाने का वादा करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई शक्ल तक नहीं दिखाता। गर्मी में तो जैसे-तैसे निकल जाते हैं, पर बरसात में हम कैद हो जाते हैं। हमने आज कलेक्टर साहब को ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सड़क के साथ-साथ पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार की भी जांच हो। बाइट
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    .लोकतंत्र में चुनाव विकास के वादे लेकर आता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक गांव ऐसा भी है जहाँ आज भी 'विकास कच्ची सड़क की शक्ल नहीं देख पाया है। हम बात कर रहे हैं बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत इदरीकला के जगह का नाम नावापारा है जहाँ ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर आज भारी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे हैं।
​बीओ01.....बलरामपुर कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे ये लोग नावापारा के ग्रामीण हैं। इनका आरोप है कि बरसात के दिनों में इनका संपर्क बाकी दुनिया से पूरी तरह कट जाता है। स्थिति इतनी ख़राब है कि किसी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं, बल्कि खाट' का सहारा लेना पड़ता है। अपनों की गांव मे किसी की मैयत' हो जाने पर भी शव को ले जाना किसी जंग जीतने जैसा होता है ​बरसात में संपर्क पूरी तरह बंद होजाता बारिश शुरू होते ही सड़क की जगह सिर्फ कीचड़ बचता है।​इलाज का अभाव एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, मरीजों को खाट पर ढोना मजबूरी ​खेतों की मेढ़ का सहारा मुख्य रास्ता बंद होने पर ग्रामीण खेतों की मेढ़ से जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर।​नेताओं की वादाखिलाफी चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे, लेकिन जीत के बाद सब 'ठंडे बस्ते चुनाव के समय नेता हाथ जोड़कर आते हैं, रोड बनाने का वादा करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई शक्ल तक नहीं दिखाता। गर्मी में तो जैसे-तैसे निकल जाते हैं, पर बरसात में हम कैद हो जाते हैं। हमने आज कलेक्टर साहब को ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सड़क के साथ-साथ पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार की भी जांच हो।
बाइट
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • समाज में एक पत्नी का दूसरे पुरुष से संबंध बनाने के पीछे भावनात्मक असंतोष, शारीरिक अतृप्ति, या आपसी समझ की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। यह अक्सर भरोसे की कमी, अकेलेपन, या नए अनुभवों की तलाश के कारण होता है। ऐसे मामले व्यक्तिगत असंतोष या अनसुलझे वैवाहिक मुद्दों के कारण समय-समय पर सामने आते रहते हैं।  दूसरे पुरुष से संबंध बनाने के मुख्य कारण: भावात्मक और शारीरिक असंतोष: यदि पति-पत्नी के बीच प्यार, सम्मान, या शारीरिक संतुष्टि की कमी है, तो महिला भावनात्मक समर्थन या शारीरिक जरूरतों के लिए दूसरे पुरुष की ओर आकर्षित हो सकती है। धोखाधड़ी और अनबन: वैवाहिक जीवन में लगातार झगड़े, उपेक्षा, या साथी के साथ अस्वस्थ व्यवहार (abuse) के कारण भी रिश्ते में दरार आ सकती है। नए अनुभवों की तलाश: कुछ मामलों में, एकरसता से बचने या नए अनुभवों के लिए भी ऐसे संबंध बन सकते हैं। आर्थिक कारण: कुछ मामलों में, अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी महिलाएं गैर-पुरुष से संबंध बना सकती हैं।  कब से बना रही है? यह कोई नई घटना नहीं है, यह व्यवहार जब से विवाह संस्था मौजूद है, तब से ही मौजूद हो सकता है। हालांकि, आधुनिक जीवनशैली, सोशल मीडिया, और बढ़ते हुए वैवाहिक कलह के कारण ऐसे मामलों का पता चलना अब अधिक आसान हो गया है।  निष्कर्ष विवाह में विश्वास, आपसी समझ, और सम्मान की कमी ही इन संबंधों का मुख्य कारण बनती है। यह अक्सर व्यक्तिगत असंतोष और रिश्ते में आ रही दूरियों का नतीजा होता है।
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    समाज में एक पत्नी का दूसरे पुरुष से संबंध बनाने के पीछे भावनात्मक असंतोष, शारीरिक अतृप्ति, या आपसी समझ की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। यह अक्सर भरोसे की कमी, अकेलेपन, या नए अनुभवों की तलाश के कारण होता है। ऐसे मामले व्यक्तिगत असंतोष या अनसुलझे वैवाहिक मुद्दों के कारण समय-समय पर सामने आते रहते हैं। 
दूसरे पुरुष से संबंध बनाने के मुख्य कारण:
भावात्मक और शारीरिक असंतोष: यदि पति-पत्नी के बीच प्यार, सम्मान, या शारीरिक संतुष्टि की कमी है, तो महिला भावनात्मक समर्थन या शारीरिक जरूरतों के लिए दूसरे पुरुष की ओर आकर्षित हो सकती है।
धोखाधड़ी और अनबन: वैवाहिक जीवन में लगातार झगड़े, उपेक्षा, या साथी के साथ अस्वस्थ व्यवहार (abuse) के कारण भी रिश्ते में दरार आ सकती है।
नए अनुभवों की तलाश: कुछ मामलों में, एकरसता से बचने या नए अनुभवों के लिए भी ऐसे संबंध बन सकते हैं।
आर्थिक कारण: कुछ मामलों में, अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी महिलाएं गैर-पुरुष से संबंध बना सकती हैं। 
कब से बना रही है?
यह कोई नई घटना नहीं है, यह व्यवहार जब से विवाह संस्था मौजूद है, तब से ही मौजूद हो सकता है। हालांकि, आधुनिक जीवनशैली, सोशल मीडिया, और बढ़ते हुए वैवाहिक कलह के कारण ऐसे मामलों का पता चलना अब अधिक आसान हो गया है। 
निष्कर्ष
विवाह में विश्वास, आपसी समझ, और सम्मान की कमी ही इन संबंधों का मुख्य कारण बनती है। यह अक्सर व्यक्तिगत असंतोष और रिश्ते में आ रही दूरियों का नतीजा होता है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    11 hrs ago
  • गढ़वा में रेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया गया है पुलिस को जानकारी मिली थी कि गढ़वा के/ कई होटलों में देह व्यापार किया जाता है। 4 होटलों में रेड किया गया जिसमें 3 होटलों को सील कर दिया गया है 1. SNC 2. RDS रेलवे स्टेशन रोड़ 3. तिवारी रेस्ट हाउस रंका रोड़
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    गढ़वा में रेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया गया है पुलिस को जानकारी मिली थी कि गढ़वा के/ कई होटलों में देह व्यापार किया जाता है। 4 होटलों में रेड किया गया जिसमें 3 होटलों को सील कर दिया गया है 1. SNC 2. RDS रेलवे स्टेशन रोड़ 3. तिवारी रेस्ट हाउस रंका रोड़
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    19 hrs ago
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