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पारस जैन ने अपने सबसे बड़े प्लान का खुलासा कर दिया है। इस घोषणा के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस योजना से व्यापारियों की सुरक्षा में कोई बदलाव आएगा।
GWALIOR PRAVAH NEWS
पारस जैन ने अपने सबसे बड़े प्लान का खुलासा कर दिया है। इस घोषणा के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस योजना से व्यापारियों की सुरक्षा में कोई बदलाव आएगा।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्यप्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में मानसेवी सचिव पद के लिए व्हाइट हाउस के उम्मीदवार दीपक अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण दावा किया है। उन्होंने स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की रणनीति से जुड़े सवाल पर अपना जवाब दिया है।1
- मध्य प्रदेश के डबरा स्थित ग्राम लोहागढ़ में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को समय पर 108 एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल पाई। ऐसे गंभीर हालात में डायल 112 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 मिनट के भीतर महिला को अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने के कारण जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। हालांकि, इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अस्पताल परिसर में ही एक 108 एंबुलेंस खड़ी पाई गई और उसके चालक पर सोने का आरोप लगाया गया है।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में सिटी थाना पुलिस ने कई आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे ₹2000 के इनामी बदमाश बुद्धा उर्फ सुमंत गोस्वामी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लंबे समय से हत्या के प्रयास और गोलीबारी सहित विभिन्न वारदातों में वांछित था। उटिला निवासी बुद्धा उर्फ सुमंत गोस्वामी पर ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के आदेश पर ₹2000 का इनाम घोषित था। पुलिस को सूचना मिली थी कि फरार आरोपी डबरा सिटी थाना क्षेत्र में घूम रहा है, जिसके बाद कड़ी मशक्कत कर पुलिस ने उसे धर दबोचा। यह आरोपी आदतन अपराधी बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया गया है।3
- भाण्डेर में वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व पार्षद हीरु सिद्दकी ने ताजियादारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने ताजियादारों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।1
- करैरा क्षेत्र के दिनारा कस्बे में पोस्टमार्टम हाउस (शवगृह) की सुविधा न होने के कारण करीब 70 गांवों के लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समाजसेवी एवं गौ सेवक कल्लू महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन से जनहित में दिनारा में एक आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस के निर्माण की तत्काल मांग उठाई है। उनका कहना है कि यह सुविधा लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख आवश्यकता बनी हुई है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कल्लू महाराज ने बताया कि दिनारा में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं मौजूद होने के बावजूद पोस्टमार्टम हाउस उपलब्ध नहीं है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि वर्षों पहले स्कूल के पीछे एक शवगृह बनाया गया था, जो लगभग 30 वर्षों से बंद पड़ा है और उपयोग में नहीं लाया जा रहा है। इस कारण सड़क दुर्घटनाओं, करंट लगने, सांप काटने, आत्महत्या या अन्य किसी कारण से मृत्यु होने पर शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को करैरा ले जाना पड़ता है। इससे मृतक के परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों से जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दिनारा क्षेत्र करीब 70 गांवों का प्रमुख केंद्र है, और यदि यहां यह सुविधा मिलती है तो ग्रामीणों को समय पर प्रक्रियाएं पूरी करने में आसानी होगी तथा अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी। कल्लू महाराज ने प्रस्तावित पोस्टमार्टम हाउस को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने का सुझाव दिया है। इसमें परिसर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चारदीवारी का निर्माण और छायादार व पर्यावरण अनुकूल पौधारोपण शामिल होना चाहिए, ताकि परिसर सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की है कि दिनारा क्षेत्र की इस वर्षों पुरानी मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उनका मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल अस्पताल भवनों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पोस्टमार्टम जैसी आवश्यक सुविधाएं भी प्रत्येक बड़े क्षेत्र में उपलब्ध होनी चाहिए। इस महत्वपूर्ण मांग का समर्थन दीपक तिवारी, जितेंद्र लोधी, पंजाब लोधी, अजय लोधी, पुष्पेंद्र लोधी, जयराम लोधी, राजू लोधी एवं मैथिली शरण गुप्ता सहित कई स्थानीय नागरिकों ने भी किया है। सभी ने शासन और प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दिनारा में शीघ्र आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस के निर्माण और वर्षों से बंद पड़े पुराने शवगृह के पुनर्विकास की मांग की है, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिल सके।3
- ग्वालियर में बूथ क्रमांक 136 पर भाजपा मंडल मंत्री राजीव श्रीवास्तव के निवास स्थान पर 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना गया।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में एक प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस की कथित लापरवाही सामने आई, जिसके बाद डायल 112 उसके लिए देवदूत बनकर पहुंची और समय पर अस्पताल पहुंचाया। यह घटना डबरा के जेल रोड अमरपुरा निवासी सतीश जाटव की पत्नी रेखा जाटव से संबंधित है, जिन्हें रात 3 बजे अचानक प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस पर कॉल किया, लेकिन कर्मचारियों ने यह कहते हुए आने से इनकार कर दिया कि वे 'दूसरे इवेंट' पर हैं। घर पर महिला को अस्पताल ले जाने के लिए कोई व्यवस्था न होने के कारण, परिजनों ने मजबूरन डायल 112 को फोन किया। डायल 112 की टीम ने बिना कोई समय गंवाए, महज 5 मिनट के भीतर प्रसूता के घर पहुंचकर उसे सिविल अस्पताल डबरा पहुंचाया, जहां अब महिला की हालत ठीक है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब वे सिविल अस्पताल डबरा पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि 108 की दोनों एंबुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी थीं और उनके चालक एसी चलाकर सो रहे थे। इस घटना के बाद, परिजनों ने डायल 112 पर तैनात चालक और पुलिसकर्मी का तहे दिल से धन्यवाद किया, जिनकी त्वरित मदद से महिला समय पर अस्पताल पहुंच सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर डायल 112 समय पर नहीं पहुंचती और महिला को कुछ हो जाता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता।3
- ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब निर्माणाधीन सड़क पर डामर की परत कम होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने ठेकेदार के एक कर्मचारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसके बाद कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित सिंहपुर रोड का है, जहाँ लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण ₹1 करोड़ 74 लाख की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य HNS फर्म के ठेकेदार हाकिम शर्मा द्वारा किया जा रहा है। शुक्रवार शाम स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और डामर की परत निर्धारित मोटाई से कम बिछाई जा रही है। इसी बात को लेकर लोगों ने पहले निर्माण कार्य का विरोध किया और फिर मौके पर मौजूद ठेकेदार के कर्मचारी से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए लोगों ने कर्मचारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। कर्मचारी किसी तरह वहाँ से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी राशि से बनने वाली सड़क में शुरुआत से ही गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, तो सड़क ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगी। फिलहाल, पुलिस को किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1