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ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब निर्माणाधीन सड़क पर डामर की परत कम होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने ठेकेदार के एक कर्मचारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसके बाद कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित सिंहपुर रोड का है, जहाँ लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण ₹1 करोड़ 74 लाख की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य HNS फर्म के ठेकेदार हाकिम शर्मा द्वारा किया जा रहा है। शुक्रवार शाम स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और डामर की परत निर्धारित मोटाई से कम बिछाई जा रही है। इसी बात को लेकर लोगों ने पहले निर्माण कार्य का विरोध किया और फिर मौके पर मौजूद ठेकेदार के कर्मचारी से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए लोगों ने कर्मचारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। कर्मचारी किसी तरह वहाँ से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी राशि से बनने वाली सड़क में शुरुआत से ही गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, तो सड़क ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगी। फिलहाल, पुलिस को किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

5 hrs ago
user_D TV BHARAT NEWS
D TV BHARAT NEWS
तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब निर्माणाधीन सड़क पर डामर की परत कम होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने ठेकेदार के एक कर्मचारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसके बाद कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित सिंहपुर रोड का है, जहाँ लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण ₹1 करोड़ 74 लाख की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य HNS फर्म के ठेकेदार हाकिम शर्मा द्वारा किया जा रहा है। शुक्रवार शाम स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और डामर की परत निर्धारित मोटाई से कम बिछाई जा रही है। इसी बात को लेकर लोगों ने पहले निर्माण कार्य का विरोध किया और फिर मौके पर मौजूद ठेकेदार के कर्मचारी से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए लोगों ने कर्मचारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। कर्मचारी किसी तरह वहाँ से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी राशि से बनने वाली सड़क में शुरुआत से ही गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, तो सड़क ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगी। फिलहाल, पुलिस को किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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  • ग्वालियर में बूथ क्रमांक 136 पर भाजपा मंडल मंत्री राजीव श्रीवास्तव के निवास स्थान पर 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना गया।
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    ग्वालियर में बूथ क्रमांक 136 पर भाजपा मंडल मंत्री राजीव श्रीवास्तव के निवास स्थान पर 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना गया।
    user_P7 News Channel MP
    P7 News Channel MP
    Local News Reporter सिटी सेंटर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • करैरा पुलिस ने एक व्यक्ति के बारे में तत्काल सूचना देने की अपील की है, जिसने एक बुजुर्ग महिला को बहला-फुसलाकर अपनी स्कूटी पर बैठाया और फिर उनके सोने के कान लेकर फरार हो गया। पुलिस ने जनता से आग्रह किया है कि यदि यह व्यक्ति कहीं भी दिखाई दे तो तुरंत करैरा पुलिस या हेल्पलाइन नंबर 112 पर इसकी जानकारी दें। आरोपी को जल्द पकड़ने में मदद करने के लिए इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करने का अनुरोध भी किया गया है।
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    करैरा पुलिस ने एक व्यक्ति के बारे में तत्काल सूचना देने की अपील की है, जिसने एक बुजुर्ग महिला को बहला-फुसलाकर अपनी स्कूटी पर बैठाया और फिर उनके सोने के कान लेकर फरार हो गया। पुलिस ने जनता से आग्रह किया है कि यदि यह व्यक्ति कहीं भी दिखाई दे तो तुरंत करैरा पुलिस या हेल्पलाइन नंबर 112 पर इसकी जानकारी दें। आरोपी को जल्द पकड़ने में मदद करने के लिए इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करने का अनुरोध भी किया गया है।
    user_Baat Madhya Pradesh ki
    Baat Madhya Pradesh ki
    Advertising agency सिटी सेंटर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के डबरा स्थित ग्राम लोहागढ़ में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को समय पर 108 एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल पाई। ऐसे गंभीर हालात में डायल 112 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 मिनट के भीतर महिला को अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने के कारण जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। हालांकि, इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अस्पताल परिसर में ही एक 108 एंबुलेंस खड़ी पाई गई और उसके चालक पर सोने का आरोप लगाया गया है।
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    मध्य प्रदेश के डबरा स्थित ग्राम लोहागढ़ में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को समय पर 108 एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल पाई। ऐसे गंभीर हालात में डायल 112 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 मिनट के भीतर महिला को अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने के कारण जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। हालांकि, इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अस्पताल परिसर में ही एक 108 एंबुलेंस खड़ी पाई गई और उसके चालक पर सोने का आरोप लगाया गया है।
    user_Ashish shukla
    Ashish shukla
    Social Media Manager पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में सिटी थाना पुलिस ने कई आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे ₹2000 के इनामी बदमाश बुद्धा उर्फ सुमंत गोस्वामी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लंबे समय से हत्या के प्रयास और गोलीबारी सहित विभिन्न वारदातों में वांछित था। उटिला निवासी बुद्धा उर्फ सुमंत गोस्वामी पर ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के आदेश पर ₹2000 का इनाम घोषित था। पुलिस को सूचना मिली थी कि फरार आरोपी डबरा सिटी थाना क्षेत्र में घूम रहा है, जिसके बाद कड़ी मशक्कत कर पुलिस ने उसे धर दबोचा। यह आरोपी आदतन अपराधी बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया गया है।
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    मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में सिटी थाना पुलिस ने कई आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे ₹2000 के इनामी बदमाश बुद्धा उर्फ सुमंत गोस्वामी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लंबे समय से हत्या के प्रयास और गोलीबारी सहित विभिन्न वारदातों में वांछित था।

उटिला निवासी बुद्धा उर्फ सुमंत गोस्वामी पर ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के आदेश पर ₹2000 का इनाम घोषित था। पुलिस को सूचना मिली थी कि फरार आरोपी डबरा सिटी थाना क्षेत्र में घूम रहा है, जिसके बाद कड़ी मशक्कत कर पुलिस ने उसे धर दबोचा।

यह आरोपी आदतन अपराधी बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया गया है।
    user_Rajesh kumar soni
    Rajesh kumar soni
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • भितरवार नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार पर 'पर उपदेश कुशल बहुतेरे' वाली कहावत सटीक बैठ रही है, क्योंकि नगर के मुख्य तिराहे पर महिला सम्मान की दुहाई देकर धरना-प्रदर्शन करने वाले इस पार्षद के अपने ही वार्ड में महिलाएं असुरक्षित हैं। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाया गया महिला व पुरुष यात्री प्रतीक्षालय वर्तमान में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का गढ़ बन चुका है। देखरेख के अभाव में यह सरकारी संपत्ति पूरी तरह बर्बाद हो रही है, और जिम्मेदार अपनी आंखें मूंदे हुए हैं। सर्दी, गर्मी और बरसात से बचने के लिए बनाया गया यह यात्री प्रतीक्षालय अब महिलाओं के लिए खौफ का कारण बन गया है। बसों और वाहनों के इंतजार में आने वाली ग्रामीण व स्थानीय महिलाएं नशेड़ियों के डर से इसके अंदर कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं और उन्हें तपती धूप तथा खुले आसमान के नीचे खड़े होकर गाड़ियों का इंतजार करना पड़ता है। इस बदहाली का मुख्य कारण प्रतीक्षालय के समीप स्थित शराब की दुकान है, जहाँ दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। यात्री प्रतीक्षालय के अंदर अवैध रूप से लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के ठेलों ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जहाँ लोग शराब दुकान से बोतलें लेकर सीधे इन्हीं ठेलों पर आकर प्रतीक्षालय को अपना 'मयखाना' बना लेते हैं। दिनदहाड़े होने वाली इस अराजकता से यहाँ का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है, जिससे महिलाओं और संभ्रांत नागरिकों का यहाँ से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। इस बदहाली ने पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार की कथनी और करनी को सरेआम बेनकाब कर दिया है। नगर में तीखी चर्चा है कि पार्षद ने पहले मुख्य तिराहे पर शौचालय के बाहर फल का ठेला लगाने वालों को हटाने के लिए 'महिला सम्मान' का कार्ड खेलकर खूब सियासत चमकाई थी। लेकिन अब जब उनके अपने ही वार्ड क्रमांक 5 में महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की धज्जियां उड़ रही हैं, तो पार्षद महोदय ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दूसरों को नसीहत देने वाले जनप्रतिनिधि का अपने ही क्षेत्र की समस्याओं से मुंह मोड़ना यह साबित करता है कि उनके लिए महिला सम्मान सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट था। जनता अब खुले तौर पर सवाल उठा रही है कि मुख्य तिराहे पर फल के ठेले हटवाने के लिए धरना देने वाले पार्षद को अपने वार्ड में यात्री प्रतीक्षालय के अंदर लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के अवैध ठेले क्यों नहीं दिखाई देते? वे पूछ रहे हैं कि 'महिला सम्मान' की परिभाषा सिर्फ दूसरे वार्डों के लिए है, और अपने वार्ड में खुले आसमान के नीचे खड़ी रहने को मजबूर महिलाओं की लाचारी पर पार्षद की अंतरात्मा क्यों सो रही है? जनता यह भी जानना चाहती है कि शराब के पियक्कड़ और चखने के ठेलों के कारण प्रतीक्षालय को 'मयखाना' बनाने वाले उपद्रवियों पर पार्षद ने आज तक पुलिस या प्रशासन से कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की। नागरिक सवाल कर रहे हैं कि क्या वार्ड क्रमांक 5 की जनता ने उन्हें केवल चुनावी भाषणों और दोहरी राजनीति के लिए चुना था, या फिर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और विकास उनकी जिम्मेदारी नहीं है? वे पार्षद से इस 'नशे के अड्डे' पर कभी औचक निरीक्षण करने की हिम्मत दिखाने की चुनौती भी दे रहे हैं।
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    भितरवार नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार पर 'पर उपदेश कुशल बहुतेरे' वाली कहावत सटीक बैठ रही है, क्योंकि नगर के मुख्य तिराहे पर महिला सम्मान की दुहाई देकर धरना-प्रदर्शन करने वाले इस पार्षद के अपने ही वार्ड में महिलाएं असुरक्षित हैं। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाया गया महिला व पुरुष यात्री प्रतीक्षालय वर्तमान में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का गढ़ बन चुका है। देखरेख के अभाव में यह सरकारी संपत्ति पूरी तरह बर्बाद हो रही है, और जिम्मेदार अपनी आंखें मूंदे हुए हैं।

सर्दी, गर्मी और बरसात से बचने के लिए बनाया गया यह यात्री प्रतीक्षालय अब महिलाओं के लिए खौफ का कारण बन गया है। बसों और वाहनों के इंतजार में आने वाली ग्रामीण व स्थानीय महिलाएं नशेड़ियों के डर से इसके अंदर कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं और उन्हें तपती धूप तथा खुले आसमान के नीचे खड़े होकर गाड़ियों का इंतजार करना पड़ता है। इस बदहाली का मुख्य कारण प्रतीक्षालय के समीप स्थित शराब की दुकान है, जहाँ दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। यात्री प्रतीक्षालय के अंदर अवैध रूप से लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के ठेलों ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जहाँ लोग शराब दुकान से बोतलें लेकर सीधे इन्हीं ठेलों पर आकर प्रतीक्षालय को अपना 'मयखाना' बना लेते हैं। दिनदहाड़े होने वाली इस अराजकता से यहाँ का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है, जिससे महिलाओं और संभ्रांत नागरिकों का यहाँ से गुजरना भी मुश्किल हो गया है।

इस बदहाली ने पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार की कथनी और करनी को सरेआम बेनकाब कर दिया है। नगर में तीखी चर्चा है कि पार्षद ने पहले मुख्य तिराहे पर शौचालय के बाहर फल का ठेला लगाने वालों को हटाने के लिए 'महिला सम्मान' का कार्ड खेलकर खूब सियासत चमकाई थी। लेकिन अब जब उनके अपने ही वार्ड क्रमांक 5 में महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की धज्जियां उड़ रही हैं, तो पार्षद महोदय ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दूसरों को नसीहत देने वाले जनप्रतिनिधि का अपने ही क्षेत्र की समस्याओं से मुंह मोड़ना यह साबित करता है कि उनके लिए महिला सम्मान सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट था।

जनता अब खुले तौर पर सवाल उठा रही है कि मुख्य तिराहे पर फल के ठेले हटवाने के लिए धरना देने वाले पार्षद को अपने वार्ड में यात्री प्रतीक्षालय के अंदर लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के अवैध ठेले क्यों नहीं दिखाई देते? वे पूछ रहे हैं कि 'महिला सम्मान' की परिभाषा सिर्फ दूसरे वार्डों के लिए है, और अपने वार्ड में खुले आसमान के नीचे खड़ी रहने को मजबूर महिलाओं की लाचारी पर पार्षद की अंतरात्मा क्यों सो रही है? जनता यह भी जानना चाहती है कि शराब के पियक्कड़ और चखने के ठेलों के कारण प्रतीक्षालय को 'मयखाना' बनाने वाले उपद्रवियों पर पार्षद ने आज तक पुलिस या प्रशासन से कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की। नागरिक सवाल कर रहे हैं कि क्या वार्ड क्रमांक 5 की जनता ने उन्हें केवल चुनावी भाषणों और दोहरी राजनीति के लिए चुना था, या फिर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और विकास उनकी जिम्मेदारी नहीं है? वे पार्षद से इस 'नशे के अड्डे' पर कभी औचक निरीक्षण करने की हिम्मत दिखाने की चुनौती भी दे रहे हैं।
    user_KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    पत्रकार भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    59 min ago
  • भितरवार से लापता हुई दोनों नाबालिग बालिकाएं आखिरकार सकुशल मिल गई हैं, जिससे नगरवासियों ने राहत की सांस ली है। सोशल मीडिया पर चलाए गए अभियान और लोगों की सतर्कता ने इन बच्चियों का जल्द पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे यह मुहिम सफल रही। दोनों बालिकाएं ग्राम कोसा में मिली हैं, जहां ग्राम कोसा निवासी ध्यानेंद्र रावत ने उन्हें पहचान लिया। ध्यानेंद्र रावत ने सराहनीय भूमिका निभाते हुए बच्चियों को सुरक्षित अपने पास रखा, उन्हें भोजन कराया और संबंधित लोगों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और बच्चियों के परिजन मौके पर पहुँचे और उन्हें सकुशल अपने साथ ले गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक महिला इन बच्चियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी। सूत्रों के मुताबिक, ज्योति रजक नामक महिला ही दोनों नाबालिग बालिकाओं को अपने साथ ले गई थी। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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    भितरवार से लापता हुई दोनों नाबालिग बालिकाएं आखिरकार सकुशल मिल गई हैं, जिससे नगरवासियों ने राहत की सांस ली है। सोशल मीडिया पर चलाए गए अभियान और लोगों की सतर्कता ने इन बच्चियों का जल्द पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे यह मुहिम सफल रही।

दोनों बालिकाएं ग्राम कोसा में मिली हैं, जहां ग्राम कोसा निवासी ध्यानेंद्र रावत ने उन्हें पहचान लिया। ध्यानेंद्र रावत ने सराहनीय भूमिका निभाते हुए बच्चियों को सुरक्षित अपने पास रखा, उन्हें भोजन कराया और संबंधित लोगों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और बच्चियों के परिजन मौके पर पहुँचे और उन्हें सकुशल अपने साथ ले गए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक महिला इन बच्चियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी। सूत्रों के मुताबिक, ज्योति रजक नामक महिला ही दोनों नाबालिग बालिकाओं को अपने साथ ले गई थी। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
    user_Baat Madhya Pradesh ki
    Baat Madhya Pradesh ki
    Advertising agency सिटी सेंटर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में एक प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस की कथित लापरवाही सामने आई, जिसके बाद डायल 112 उसके लिए देवदूत बनकर पहुंची और समय पर अस्पताल पहुंचाया। यह घटना डबरा के जेल रोड अमरपुरा निवासी सतीश जाटव की पत्नी रेखा जाटव से संबंधित है, जिन्हें रात 3 बजे अचानक प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस पर कॉल किया, लेकिन कर्मचारियों ने यह कहते हुए आने से इनकार कर दिया कि वे 'दूसरे इवेंट' पर हैं। घर पर महिला को अस्पताल ले जाने के लिए कोई व्यवस्था न होने के कारण, परिजनों ने मजबूरन डायल 112 को फोन किया। डायल 112 की टीम ने बिना कोई समय गंवाए, महज 5 मिनट के भीतर प्रसूता के घर पहुंचकर उसे सिविल अस्पताल डबरा पहुंचाया, जहां अब महिला की हालत ठीक है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब वे सिविल अस्पताल डबरा पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि 108 की दोनों एंबुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी थीं और उनके चालक एसी चलाकर सो रहे थे। इस घटना के बाद, परिजनों ने डायल 112 पर तैनात चालक और पुलिसकर्मी का तहे दिल से धन्यवाद किया, जिनकी त्वरित मदद से महिला समय पर अस्पताल पहुंच सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर डायल 112 समय पर नहीं पहुंचती और महिला को कुछ हो जाता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
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    मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में एक प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस की कथित लापरवाही सामने आई, जिसके बाद डायल 112 उसके लिए देवदूत बनकर पहुंची और समय पर अस्पताल पहुंचाया। यह घटना डबरा के जेल रोड अमरपुरा निवासी सतीश जाटव की पत्नी रेखा जाटव से संबंधित है, जिन्हें रात 3 बजे अचानक प्रसव पीड़ा हुई।

परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस पर कॉल किया, लेकिन कर्मचारियों ने यह कहते हुए आने से इनकार कर दिया कि वे 'दूसरे इवेंट' पर हैं। घर पर महिला को अस्पताल ले जाने के लिए कोई व्यवस्था न होने के कारण, परिजनों ने मजबूरन डायल 112 को फोन किया। डायल 112 की टीम ने बिना कोई समय गंवाए, महज 5 मिनट के भीतर प्रसूता के घर पहुंचकर उसे सिविल अस्पताल डबरा पहुंचाया, जहां अब महिला की हालत ठीक है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब वे सिविल अस्पताल डबरा पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि 108 की दोनों एंबुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी थीं और उनके चालक एसी चलाकर सो रहे थे।

इस घटना के बाद, परिजनों ने डायल 112 पर तैनात चालक और पुलिसकर्मी का तहे दिल से धन्यवाद किया, जिनकी त्वरित मदद से महिला समय पर अस्पताल पहुंच सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर डायल 112 समय पर नहीं पहुंचती और महिला को कुछ हो जाता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
    user_Rajesh kumar soni
    Rajesh kumar soni
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के माता बसैया थाना क्षेत्र के ग्राम किशनपुर में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां एक व्यक्ति ने कथित रूप से अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शिकारपुर रेलवे फाटक के पास पहुँचा और ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही माता बसैया थाना पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और एफएसएल टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, रेलवे ट्रैक से बरामद आरोपी के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुरैना के जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
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    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के माता बसैया थाना क्षेत्र के ग्राम किशनपुर में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां एक व्यक्ति ने कथित रूप से अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शिकारपुर रेलवे फाटक के पास पहुँचा और ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।

घटना की सूचना मिलते ही माता बसैया थाना पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और एफएसएल टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, रेलवे ट्रैक से बरामद आरोपी के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुरैना के जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
    user_मीडिया लाइन
    मीडिया लाइन
    भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के रतनगढ़ माता मंदिर की पहाड़ी पर बने मुख्य मार्ग पर लगभग 11 लाख रुपये की लागत से निर्मित 365 मीटर लंबी सीसी रोड महज 11 महीने में ही पूरी तरह उखड़ गई है। ग्राम पंचायत खमरोली द्वारा विधायक निधि से बनवाई गई इस सड़क की बदहाली के कारण रतनगढ़ माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों से मंदिर तक पहुंचना जोखिम भरा हो गया है, खासकर बरसात के मौसम में फिसलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क मानकों के अनुरूप बनी होती तो इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त नहीं होती। ग्रामीणों ने संबंधित इंजीनियर, जनपद पंचायत के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क का शीघ्र गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि रतनगढ़ माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और ऐसे धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
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    मध्य प्रदेश के रतनगढ़ माता मंदिर की पहाड़ी पर बने मुख्य मार्ग पर लगभग 11 लाख रुपये की लागत से निर्मित 365 मीटर लंबी सीसी रोड महज 11 महीने में ही पूरी तरह उखड़ गई है। ग्राम पंचायत खमरोली द्वारा विधायक निधि से बनवाई गई इस सड़क की बदहाली के कारण रतनगढ़ माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों से मंदिर तक पहुंचना जोखिम भरा हो गया है, खासकर बरसात के मौसम में फिसलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क मानकों के अनुरूप बनी होती तो इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त नहीं होती। ग्रामीणों ने संबंधित इंजीनियर, जनपद पंचायत के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क का शीघ्र गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि रतनगढ़ माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और ऐसे धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
    user_Betal Singh gaur
    Betal Singh gaur
    मऊ, भिंड, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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