राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के भीतर बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएँ सक्रिय होंगी, जिससे राज्य के दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी हिस्सों में मानसून के प्रवेश की प्रबल संभावना है। 2 जुलाई से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने के आसार हैं। पिछले 24 घंटों में, पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। इस दौरान बारां जिले के छीपाबड़ौद में सर्वाधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस और हनुमानगढ़ के संगरिया में न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा। जयपुर मौसम केंद्र ने बताया कि 2 जुलाई से राज्य में मानसून और अधिक सक्रिय होगा। इस अवधि में कोटा और उदयपुर संभाग के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, मेघगर्जन और बारिश का भी अनुमान है। जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 1 जुलाई को अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, उदयपुर, चूरू और कुचामन-डीडवाना सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। 2 जुलाई को इन जिलों के साथ बीकानेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी तेज हवा, मेघगर्जन और बारिश की संभावना जताई गई है। 3 जुलाई के लिए अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, ब्यावर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जालोर, जोधपुर, नागौर, पाली, कुचामन-डीडवाना और श्रीगंगानगर सहित कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 जुलाई को बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूम्बर और उदयपुर जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि बाड़मेर और जैसलमेर को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान में अभी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई क्षेत्रों में अगले 3 से 4 दिनों तक अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। हवा में अधिक नमी के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के और अधिक हिस्सों में मानसून आगे बढ़ेगा, जिससे प्रदेश के अधिकांश पूर्वी जिलों में अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के भीतर बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएँ सक्रिय होंगी, जिससे राज्य के दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी हिस्सों में मानसून के प्रवेश की प्रबल संभावना है। 2 जुलाई से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने के आसार हैं। पिछले 24 घंटों में, पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। इस दौरान बारां जिले के छीपाबड़ौद में सर्वाधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो श्रीगंगानगर
में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस और हनुमानगढ़ के संगरिया में न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा। जयपुर मौसम केंद्र ने बताया कि 2 जुलाई से राज्य में मानसून और अधिक सक्रिय होगा। इस अवधि में कोटा और उदयपुर संभाग के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, मेघगर्जन और बारिश का भी अनुमान है। जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 1 जुलाई को अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर,
सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, उदयपुर, चूरू और कुचामन-डीडवाना सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। 2 जुलाई को इन जिलों के साथ बीकानेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी तेज हवा, मेघगर्जन और बारिश की संभावना जताई गई है। 3 जुलाई के लिए अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, ब्यावर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जालोर, जोधपुर, नागौर, पाली, कुचामन-डीडवाना और श्रीगंगानगर सहित कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 जुलाई को बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूम्बर और उदयपुर जिलों में भारी बारिश की संभावना है,
जबकि बाड़मेर और जैसलमेर को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान में अभी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई क्षेत्रों में अगले 3 से 4 दिनों तक अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। हवा में अधिक नमी के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के और अधिक हिस्सों में मानसून आगे बढ़ेगा, जिससे प्रदेश के अधिकांश पूर्वी जिलों में अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
- लिकर कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन राजस्थान ने कोटा जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर मार्च माह में उठाई गई अतिरिक्त मदिरा का समायोजन अप्रैल, मई और जून की मासिक गारंटी में करने की मांग की। एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद पारेता ने बताया कि आबकारी आयुक्त उदयपुर के 10 मार्च 2026 के पत्र के अनुसार, जिन मदिरा दुकानों ने मार्च 2026 की गारंटी पूरी कर ली थी और 20% या उससे अधिक मदिरा उठाई थी, उन्हें चुकाई गई आबकारी ड्यूटी का समायोजन वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम त्रैमास (अप्रैल, मई, जून) की मासिक गारंटी में करने की स्वीकृति दी गई थी। ठेकेदारों ने विभाग के इस लिखित आदेश का पालन करते हुए राजस्व हित में मार्च में 20% से अधिक मदिरा का उठाव किया। पारेता ने शिकायत की कि विभाग के स्पष्ट आदेश के बावजूद, मार्च 2025-26 में उठाई गई अतिरिक्त मदिरा का अप्रैल, मई, जून 2027 में पूर्ण समायोजन नहीं किया जा रहा था और ठेकेदारों पर पेनल्टी लगाई जा रही थी। उन्होंने इसे ठेकेदारों के साथ "बहुत बड़ा कुठाराघात" बताया, जिसे "बिल्कुल भी सहन नहीं किया जायेगा।" एसोसिएशन ने यह भी उल्लेख किया कि ठेकेदार पहले से ही 3% टेट्रा पैक की अनिवार्यता समाप्त करने, दुकान का समय बढ़ाने और पूर्व में लगाई गई पेनल्टी को लेकर संघर्षरत हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि यह समायोजन नियमानुसार नहीं किया गया तो राजस्थान के ठेकेदार अनिश्चितकालीन दुकानें बंद कर बड़ा आंदोलन करेंगे और अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि ठेकेदारों का सहयोग किया जाए, क्योंकि वे राजस्थान के सर्वाधिक राजस्व अर्जित करने वाली संस्था हैं। हालांकि, विनोद पारेता ने बाद में बताया कि ज्ञापन सौंपने के "कुछ घंटों बाद ही" विभाग द्वारा समस्या का समाधान कर दिया गया। इस पर पारेता ने आबकारी विभाग का आभार व्यक्त किया और ठेकेदारों को संगठित होने के लिए धन्यवाद दिया।3
- कनवास क्षेत्र में सूफी संत अब्दुल गफूर बाबा का 19वां सालाना उर्स 8 जुलाई को मनाया जाएगा। इस अवसर पर, गदीनसीन द्वारा उर्स के पोस्टर का विमोचन किया गया है।1
- कोटा में KEDL बिजली कंपनी की लापरवाही के कारण एक कर्मचारी की मौत हो गई। यह हादसा 28 जून की रात करीब 11:30 बजे बजरंग नगर क्षेत्र में एक फॉल्ट को ठीक करते समय हुआ। मृतक की पहचान किशनपुरा तकिया निवासी 27 वर्षीय विनोद मेघवाल के रूप में हुई है, जो KEDL में ठेके पर कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, विनोद को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के बिजली के खंभे पर चढ़ा दिया गया था, यह कहकर कि लाइन बंद है। इसी दौरान हुए एक हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई। अगली सुबह 29 जून को परिवार को उनकी मृत्यु की सूचना मिली। इसके बाद, मृतक के बुजुर्ग पिता और मेघवाल समाज के लोग मोर्चरी पर इकट्ठा हो गए और न्याय की मांग करने लगे। जब सुबह से कोई सुनवाई नहीं हुई, तो दोपहर 3 बजे समाजसेवी हिम्मत सिंह को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की FIR देने के साथ-साथ आर्थिक मुआवजे की मांग रखी। बातचीत के बाद, 18 लाख रुपए के मुआवजे और प्रतिमाह 5000 रुपए की पेंशन पर सहमति बनी। इस मुआवजे में KEDL बिजली कंपनी की ओर से 10 लाख रुपए, सरकार की ओर से 8 लाख रुपए और बुजुर्ग माता-पिता को प्रतिमाह 5000 रुपए पेंशन देने का घोषणा पत्र समाज और परिवार की सहमति से दिलवाया गया। इसके बाद, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और परिजन मृतक के शव को अपने गाँव ले जाएंगे।1
- राजस्थान के अजमेर में, जेल में बंद चर्चित डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में एक अहम जानकारी सामने आई है। अजमेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने पत्रकारों के समक्ष इस हत्याकांड से संबंधित विवरण साझा किए हैं।1
- राजस्थान के कोटा में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और सरकारी जमीनों पर बड़े पैमाने पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरी चिंता व्यक्त की है। कोटा प्रवास के दौरान, उन्होंने सड़क सुरक्षा को सभी के लिए एक गंभीर और संवेदनशील विषय बताया। इस संबंध में, उन्होंने आईजी, कलेक्टर, एसपी, नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जहाँ उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को सड़क हादसों को रोकने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें लगातार दुर्घटनाओं वाले 'डेंजर ज़ोन' और 'ब्लैक स्पॉट्स' की पहचान कर उन्हें तुरंत सुधारना शामिल है। साथ ही, कोटा के लिए सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई पुरानी और नई रिपोर्ट्स का गहन अध्ययन कर मानकों को लागू करने पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सके। केडीए के बढ़ते दायरे और जमीनों पर अवैध कब्जों के मुद्दे पर, ओम बिरला ने एक मानवीय पर सख्त दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि केडीए का विस्तार हो रहा है, लेकिन उनका मानना है कि वर्षों से रह रहे किसी भी गरीब व्यक्ति को उजाड़ा नहीं जाना चाहिए और उन्हें वहीं रहने का अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर हजारों बीघा और सैकड़ों बीघा पर अवैध कब्जे कर रखे हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बयान से यह साफ है कि प्रशासन आने वाले दिनों में बड़े भू-माफियाओं और अवैध रूप से सरकारी जमीनों को घेरने वालों पर बड़ा एक्शन लेगा, जबकि गरीब तबके के आशियानों को सुरक्षित रखने की बात कही गई है। इस बैठक के बाद, कोटा प्रशासन अब शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने और बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की तैयारियों में जुट गया है।1
- कोटा के रावतभाटा रोड स्थित गुमानपुरा फ्लाईओवर पर मंगलवार शाम एक तेज रफ्तार कार ने एक्टिवा सवार युवक नीरज को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में भरतपुर निवासी नीरज, जो कोटा में रहकर एयरपोर्ट पर कार्यरत हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है, साथ ही फरार कार चालक की तलाश भी जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंगलवार तड़के यमुना एक्सप्रेसवे पर एक यात्रियों से भरी डबल डेकर वोल्वो स्लीपर बस आगे चल रहे एक ट्रेलर से टकरा गई। इस भीषण हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि 19 यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायल यात्रियों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।1