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राजस्थान के कोटा में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और सरकारी जमीनों पर बड़े पैमाने पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरी चिंता व्यक्त की है। कोटा प्रवास के दौरान, उन्होंने सड़क सुरक्षा को सभी के लिए एक गंभीर और संवेदनशील विषय बताया। इस संबंध में, उन्होंने आईजी, कलेक्टर, एसपी, नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जहाँ उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को सड़क हादसों को रोकने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें लगातार दुर्घटनाओं वाले 'डेंजर ज़ोन' और 'ब्लैक स्पॉट्स' की पहचान कर उन्हें तुरंत सुधारना शामिल है। साथ ही, कोटा के लिए सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई पुरानी और नई रिपोर्ट्स का गहन अध्ययन कर मानकों को लागू करने पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सके। केडीए के बढ़ते दायरे और जमीनों पर अवैध कब्जों के मुद्दे पर, ओम बिरला ने एक मानवीय पर सख्त दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि केडीए का विस्तार हो रहा है, लेकिन उनका मानना है कि वर्षों से रह रहे किसी भी गरीब व्यक्ति को उजाड़ा नहीं जाना चाहिए और उन्हें वहीं रहने का अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर हजारों बीघा और सैकड़ों बीघा पर अवैध कब्जे कर रखे हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बयान से यह साफ है कि प्रशासन आने वाले दिनों में बड़े भू-माफियाओं और अवैध रूप से सरकारी जमीनों को घेरने वालों पर बड़ा एक्शन लेगा, जबकि गरीब तबके के आशियानों को सुरक्षित रखने की बात कही गई है। इस बैठक के बाद, कोटा प्रशासन अब शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने और बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की तैयारियों में जुट गया है।

1 hr ago
user_Jitendra Kumar
Jitendra Kumar
Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
1 hr ago

राजस्थान के कोटा में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और सरकारी जमीनों पर बड़े पैमाने पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरी चिंता व्यक्त की है। कोटा प्रवास के दौरान, उन्होंने सड़क सुरक्षा को सभी के लिए एक गंभीर और संवेदनशील विषय बताया। इस संबंध में, उन्होंने आईजी, कलेक्टर, एसपी, नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जहाँ उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को सड़क हादसों को रोकने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें लगातार दुर्घटनाओं वाले 'डेंजर ज़ोन' और 'ब्लैक स्पॉट्स' की पहचान कर उन्हें तुरंत सुधारना शामिल है। साथ ही, कोटा के लिए सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई पुरानी और नई रिपोर्ट्स का गहन अध्ययन कर मानकों को लागू करने पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सके। केडीए के बढ़ते दायरे और जमीनों पर अवैध कब्जों के मुद्दे पर, ओम बिरला ने एक मानवीय पर सख्त दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि केडीए का विस्तार हो रहा है, लेकिन उनका मानना है कि वर्षों से रह रहे किसी भी गरीब व्यक्ति को उजाड़ा नहीं जाना चाहिए और उन्हें वहीं रहने का अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर हजारों बीघा और सैकड़ों बीघा पर अवैध कब्जे कर रखे हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बयान से यह साफ है कि प्रशासन आने वाले दिनों में बड़े भू-माफियाओं और अवैध रूप से सरकारी जमीनों को घेरने वालों पर बड़ा एक्शन लेगा, जबकि गरीब तबके के आशियानों को सुरक्षित रखने की बात कही गई है। इस बैठक के बाद, कोटा प्रशासन अब शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने और बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की तैयारियों में जुट गया है।

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  • राजस्थान के कोचिंग शहर कोटा के श्रीनाथपुरम स्टेडियम से एक दिलचस्प और सकारात्मक वीडियो सामने आया है, जहाँ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नई खेल सुविधाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर, बिरला खुद बास्केटबॉल कोर्ट पर खिलाड़ियों के साथ बास्केटबॉल खेलने उतरे और ड्रिबलिंग करते हुए एक शानदार बास्केट भी स्कोर किया। उनके इस खेल प्रेम और ऊर्जा का मैदान पर मौजूद युवा खिलाड़ियों और आम जनता ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से कोटा-बूंदी क्षेत्र में खेल अधोसंरचना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है। कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) ने इन आधुनिक खेल सुविधाओं को लगभग ₹4.42 करोड़ की लागत से विकसित किया है। इन सुविधाओं में आम नागरिकों और धावकों के लिए एक 900 मीटर लंबा सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आधुनिक बास्केटबॉल और वॉलीबॉल कोर्ट, तथा इनडोर स्पोर्ट्स के लिए एक मल्टीपर्पज हॉल शामिल है। ओम बिरला ने 'स्वच्छ, स्वस्थ और ग्रीन कोटा' का संदेश देते हुए कहा कि युवाओं के मन, तन और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उन्हें खेल के मैदान में लाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कोटा-बूंदी क्षेत्र के गांवों और शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि यहाँ के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें।
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    राजस्थान के कोचिंग शहर कोटा के श्रीनाथपुरम स्टेडियम से एक दिलचस्प और सकारात्मक वीडियो सामने आया है, जहाँ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नई खेल सुविधाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर, बिरला खुद बास्केटबॉल कोर्ट पर खिलाड़ियों के साथ बास्केटबॉल खेलने उतरे और ड्रिबलिंग करते हुए एक शानदार बास्केट भी स्कोर किया। उनके इस खेल प्रेम और ऊर्जा का मैदान पर मौजूद युवा खिलाड़ियों और आम जनता ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से कोटा-बूंदी क्षेत्र में खेल अधोसंरचना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है। कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) ने इन आधुनिक खेल सुविधाओं को लगभग ₹4.42 करोड़ की लागत से विकसित किया है। इन सुविधाओं में आम नागरिकों और धावकों के लिए एक 900 मीटर लंबा सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आधुनिक बास्केटबॉल और वॉलीबॉल कोर्ट, तथा इनडोर स्पोर्ट्स के लिए एक मल्टीपर्पज हॉल शामिल है।

ओम बिरला ने 'स्वच्छ, स्वस्थ और ग्रीन कोटा' का संदेश देते हुए कहा कि युवाओं के मन, तन और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उन्हें खेल के मैदान में लाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कोटा-बूंदी क्षेत्र के गांवों और शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि यहाँ के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • भारतीय जनता पार्टी के रामपुरा मंडल अध्यक्ष चंद्र प्रकाश महावर के नेतृत्व में कोटा के विभिन्न क्षेत्रों में वाटर कूलर का लोकार्पण किया गया। भीषण गर्मी के मद्देनजर लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। इसी क्रम में, संत शिरोमणि सत्य प्रकाश माइकल बाबा सत्यायेश्वर मंदिर, जयपुर गोल्डन ट्रैफिक ऑफिस के पास भी एक वाटर कूलर जनता को समर्पित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए शुरू किए गए 'कोटा वाटर कूलर लोकार्पण कार्यक्रम' के तहत इन वाटर कूलरों को जनता को समर्पित किया जा रहा है। इस शीतल जल की व्यवस्था को लेकर जनता में खुशी की लहर है, और इस अवसर पर भाजपा के अनेक कार्यकर्ताओं ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
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    भारतीय जनता पार्टी के रामपुरा मंडल अध्यक्ष चंद्र प्रकाश महावर के नेतृत्व में कोटा के विभिन्न क्षेत्रों में वाटर कूलर का लोकार्पण किया गया। भीषण गर्मी के मद्देनजर लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। इसी क्रम में, संत शिरोमणि सत्य प्रकाश माइकल बाबा सत्यायेश्वर मंदिर, जयपुर गोल्डन ट्रैफिक ऑफिस के पास भी एक वाटर कूलर जनता को समर्पित किया गया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए शुरू किए गए 'कोटा वाटर कूलर लोकार्पण कार्यक्रम' के तहत इन वाटर कूलरों को जनता को समर्पित किया जा रहा है। इस शीतल जल की व्यवस्था को लेकर जनता में खुशी की लहर है, और इस अवसर पर भाजपा के अनेक कार्यकर्ताओं ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
    user_Sadbhavna sandesh news
    Sadbhavna sandesh news
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • राजस्थान के रावतभाटा में एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक 70 साल पुराना गांव जनगणना कार्य से पूरी तरह अछूता रह गया है। इस गंभीर लापरवाही के चलते करीब 1000 की आबादी प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीण अत्यधिक नाराज हैं। इस मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्यक्त करते हुए तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक महकमा 'नींद में सोया हुआ' है और पूरी तरह 'बेपरवाह' है। इस घटना ने जनगणना कार्य प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगलियाँ उठ रही हैं।
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    राजस्थान के रावतभाटा में एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक 70 साल पुराना गांव जनगणना कार्य से पूरी तरह अछूता रह गया है। इस गंभीर लापरवाही के चलते करीब 1000 की आबादी प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीण अत्यधिक नाराज हैं।

इस मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्यक्त करते हुए तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक महकमा 'नींद में सोया हुआ' है और पूरी तरह 'बेपरवाह' है। इस घटना ने जनगणना कार्य प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगलियाँ उठ रही हैं।
    user_Hashim beg beg
    Hashim beg beg
    Photographer रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ में 29 जून 2026 को भादसोड़ा थाना पुलिस ने ऑपरेशन 'त्रिनेत्र' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम चाकुड़ा स्थित एक खेत में अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की खेती का पर्दाफाश किया। मौके से 233 गांजे के पौधे और 530 ग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया है। पुलिस ने इस मामले में खेत मालिक महिपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि महानिरीक्षक पुलिस, उदयपुर रेंज, गौरव श्रीवास्तव द्वारा रेंज उदयपुर में मादक पदार्थों के भंडारण और परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध अधिकाधिक कार्रवाई करने हेतु 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' चलाया जा रहा है। इसी के अंतर्गत एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन और डीएसपी भदेसर विनोद कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई रविवार को की गई। थानाधिकारी भादसोड़ा महेंद्र सिंह के नेतृत्व में एएसआई जीवन सिंह, हैड कांस्टेबल बालुराम, कांस्टेबल बबलू, प्रकाश, शांतिलाल और सरकारी वाहन चालक रतनलाल की टीम ने मुखबिर की सूचना पर गांव चाकुड़ा से चाकुड़ी जाने वाले रास्ते पर महिपाल सिंह पिता नारायण सिंह निवासी चाकुड़ा के खेत में दबिश दी। पुलिस को खेत में सूखे व हरे गांजे के कुल 233 पौधे और 530 ग्राम अवैध गांजा मिला, जिसे जब्त कर लिया गया। भादसोड़ा थाना पुलिस ने इस सफल कार्रवाई के साथ अवैध गांजे की खेती को उजागर किया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
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    चित्तौड़गढ़ में 29 जून 2026 को भादसोड़ा थाना पुलिस ने ऑपरेशन 'त्रिनेत्र' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम चाकुड़ा स्थित एक खेत में अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की खेती का पर्दाफाश किया। मौके से 233 गांजे के पौधे और 530 ग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया है। पुलिस ने इस मामले में खेत मालिक महिपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि महानिरीक्षक पुलिस, उदयपुर रेंज, गौरव श्रीवास्तव द्वारा रेंज उदयपुर में मादक पदार्थों के भंडारण और परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध अधिकाधिक कार्रवाई करने हेतु 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' चलाया जा रहा है। इसी के अंतर्गत एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन और डीएसपी भदेसर विनोद कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई रविवार को की गई। थानाधिकारी भादसोड़ा महेंद्र सिंह के नेतृत्व में एएसआई जीवन सिंह, हैड कांस्टेबल बालुराम, कांस्टेबल बबलू, प्रकाश, शांतिलाल और सरकारी वाहन चालक रतनलाल की टीम ने मुखबिर की सूचना पर गांव चाकुड़ा से चाकुड़ी जाने वाले रास्ते पर महिपाल सिंह पिता नारायण सिंह निवासी चाकुड़ा के खेत में दबिश दी।

पुलिस को खेत में सूखे व हरे गांजे के कुल 233 पौधे और 530 ग्राम अवैध गांजा मिला, जिसे जब्त कर लिया गया। भादसोड़ा थाना पुलिस ने इस सफल कार्रवाई के साथ अवैध गांजे की खेती को उजागर किया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Local News Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • कोटा और बूंदी जिले सहित दूसरे कई इलाकों में केडीए, वन विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा सदियों से बसी आबादियों को 'सिवाय चक' या 'चरागाह भूमि पर अवैध कब्जा' बताकर उजाड़ने की कार्रवाइयों के खिलाफ पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रह्लाद गुंजल ने बहुत जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था। इस विरोध के बाद से कोटा ही नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती की राजनीति में उफान आया हुआ है। वर्तमान में सियासी बयानबाजी अपने चरम पर है, जहां एक ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं तो दूसरी ओर से जवाब और प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। पत्रकार इस सियासी "मसाले" को खूब भुना रहे हैं, और लगातार बयान दिलवाकर जवाब जुटाने में लगे हैं। इस दौरान गुंजल अपने खास अंदाज में विरोधियों को ललकार रहे हैं, जिसमें उनके "धारीवाल जी के घोड़े खोलने" और "स्पीकर ओम बिरला की सारी सेवा खूंटी पर टंग जाने" वाली बातें खास तौर पर सुनने लायक हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि लोकसभा चुनाव में सारी सरकारी मशीनरी के बावजूद उन्होंने विरोधियों को "नानी याद दिला दी थी"। यह प्रतिक्रिया कोटा दक्षिण से बीजेपी विधायक संदीप शर्मा के बयानों के बाद आई है, जिसके जवाब में गुंजल साहब ने अपने बयान दिए।
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    कोटा और बूंदी जिले सहित दूसरे कई इलाकों में केडीए, वन विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा सदियों से बसी आबादियों को 'सिवाय चक' या 'चरागाह भूमि पर अवैध कब्जा' बताकर उजाड़ने की कार्रवाइयों के खिलाफ पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रह्लाद गुंजल ने बहुत जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था। इस विरोध के बाद से कोटा ही नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती की राजनीति में उफान आया हुआ है।

वर्तमान में सियासी बयानबाजी अपने चरम पर है, जहां एक ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं तो दूसरी ओर से जवाब और प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। पत्रकार इस सियासी "मसाले" को खूब भुना रहे हैं, और लगातार बयान दिलवाकर जवाब जुटाने में लगे हैं। इस दौरान गुंजल अपने खास अंदाज में विरोधियों को ललकार रहे हैं, जिसमें उनके "धारीवाल जी के घोड़े खोलने" और "स्पीकर ओम बिरला की सारी सेवा खूंटी पर टंग जाने" वाली बातें खास तौर पर सुनने लायक हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि लोकसभा चुनाव में सारी सरकारी मशीनरी के बावजूद उन्होंने विरोधियों को "नानी याद दिला दी थी"। यह प्रतिक्रिया कोटा दक्षिण से बीजेपी विधायक संदीप शर्मा के बयानों के बाद आई है, जिसके जवाब में गुंजल साहब ने अपने बयान दिए।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • कोटा रेल मंडल के बयाना स्टेशन पर लाइन बॉक्स ठेका कर्मचारियों की चार दिन से जारी हड़ताल का असर अब रेल संचालन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। ठेका कर्मचारियों के काम पर नहीं आने के कारण पॉइंट्समैन, ट्रेन मैनेजर और लोको पायलट लाइन बॉक्स उठाने का अतिरिक्त कार्य कर रहे हैं, जिससे ट्रेनों के संचालन में देरी हो रही है और इन कर्मचारियों पर काम का दबाव भी बढ़ गया है। कर्मचारियों ने चिंता जताई है कि इस स्थिति से संरक्षा संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि यार्ड में लाइन बॉक्स बदलने में अधिक समय लगने से दूसरी ओर गाड़ियों की निगरानी नहीं हो पा रही है। इस कारण, पैसेंजर और मालगाड़ियों के लेट होने की आशंका बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त, पॉइंट्समैनों ने अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने और स्थानांतरण की धमकियों को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की है।
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    कोटा रेल मंडल के बयाना स्टेशन पर लाइन बॉक्स ठेका कर्मचारियों की चार दिन से जारी हड़ताल का असर अब रेल संचालन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। ठेका कर्मचारियों के काम पर नहीं आने के कारण पॉइंट्समैन, ट्रेन मैनेजर और लोको पायलट लाइन बॉक्स उठाने का अतिरिक्त कार्य कर रहे हैं, जिससे ट्रेनों के संचालन में देरी हो रही है और इन कर्मचारियों पर काम का दबाव भी बढ़ गया है।

कर्मचारियों ने चिंता जताई है कि इस स्थिति से संरक्षा संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि यार्ड में लाइन बॉक्स बदलने में अधिक समय लगने से दूसरी ओर गाड़ियों की निगरानी नहीं हो पा रही है। इस कारण, पैसेंजर और मालगाड़ियों के लेट होने की आशंका बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त, पॉइंट्समैनों ने अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने और स्थानांतरण की धमकियों को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की है।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह ने राजस्थान सरकार में केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने 'गंगा समझौते' देकर यह आभार जताया।
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    भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह ने राजस्थान सरकार में केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने 'गंगा समझौते' देकर यह आभार जताया।
    user_Sadbhavna sandesh news
    Sadbhavna sandesh news
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • कोटा में बारां-छजावा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित यूनिट नंबर 12 का टूल कम ट्रैकमैन रेस्ट रूम मात्र तीन साल में ही जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। यह अब देखने में कई वर्षों पुराना भवन प्रतीत होता है। इस पूरी इमारत में तीन साल के भीतर ही बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जबकि कोटा स्टोन से बनी सीढ़ियाँ, फर्श और चारों तरफ की नींव उखड़ चुकी है। रेस्ट रूम में बाथरूम तो बना है, लेकिन पिछले तीन साल से उसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है, और न ही यहाँ पेयजल का कोई प्रबंध है। ट्रैकमैनों ने इस घटिया निर्माण कार्य के लिए किसी ठेकेदार या अधिकारी को जिम्मेदार न ठहराए जाने पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि जब दरा अंडर ब्रिज के नियम विरुद्ध हुए काम में दो रेल इंजीनियरों की मौत के लिए भी अभी तक किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया, तो यह तो एक मामूली काम है। ट्रैकमैनों को यह आशंका है कि यदि भविष्य में नींव की दरारों के कारण यह रेस्ट रूम गिर जाता है और कोई ट्रैकमैन इसका शिकार बनता है, तो उस स्थिति में भी किसी को जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा।
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    कोटा में बारां-छजावा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित यूनिट नंबर 12 का टूल कम ट्रैकमैन रेस्ट रूम मात्र तीन साल में ही जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। यह अब देखने में कई वर्षों पुराना भवन प्रतीत होता है।

इस पूरी इमारत में तीन साल के भीतर ही बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जबकि कोटा स्टोन से बनी सीढ़ियाँ, फर्श और चारों तरफ की नींव उखड़ चुकी है। रेस्ट रूम में बाथरूम तो बना है, लेकिन पिछले तीन साल से उसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है, और न ही यहाँ पेयजल का कोई प्रबंध है।

ट्रैकमैनों ने इस घटिया निर्माण कार्य के लिए किसी ठेकेदार या अधिकारी को जिम्मेदार न ठहराए जाने पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि जब दरा अंडर ब्रिज के नियम विरुद्ध हुए काम में दो रेल इंजीनियरों की मौत के लिए भी अभी तक किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया, तो यह तो एक मामूली काम है। ट्रैकमैनों को यह आशंका है कि यदि भविष्य में नींव की दरारों के कारण यह रेस्ट रूम गिर जाता है और कोई ट्रैकमैन इसका शिकार बनता है, तो उस स्थिति में भी किसी को जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    11 hrs ago
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