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भारतीय जनता पार्टी के रामपुरा मंडल अध्यक्ष चंद्र प्रकाश महावर के नेतृत्व में कोटा के विभिन्न क्षेत्रों में वाटर कूलर का लोकार्पण किया गया। भीषण गर्मी के मद्देनजर लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। इसी क्रम में, संत शिरोमणि सत्य प्रकाश माइकल बाबा सत्यायेश्वर मंदिर, जयपुर गोल्डन ट्रैफिक ऑफिस के पास भी एक वाटर कूलर जनता को समर्पित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए शुरू किए गए 'कोटा वाटर कूलर लोकार्पण कार्यक्रम' के तहत इन वाटर कूलरों को जनता को समर्पित किया जा रहा है। इस शीतल जल की व्यवस्था को लेकर जनता में खुशी की लहर है, और इस अवसर पर भाजपा के अनेक कार्यकर्ताओं ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
Sadbhavna sandesh news
भारतीय जनता पार्टी के रामपुरा मंडल अध्यक्ष चंद्र प्रकाश महावर के नेतृत्व में कोटा के विभिन्न क्षेत्रों में वाटर कूलर का लोकार्पण किया गया। भीषण गर्मी के मद्देनजर लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। इसी क्रम में, संत शिरोमणि सत्य प्रकाश माइकल बाबा सत्यायेश्वर मंदिर, जयपुर गोल्डन ट्रैफिक ऑफिस के पास भी एक वाटर कूलर जनता को समर्पित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए शुरू किए गए 'कोटा वाटर कूलर लोकार्पण कार्यक्रम' के तहत इन वाटर कूलरों को जनता को समर्पित किया जा रहा है। इस शीतल जल की व्यवस्था को लेकर जनता में खुशी की लहर है, और इस अवसर पर भाजपा के अनेक कार्यकर्ताओं ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
More news from राजस्थान and nearby areas
- अयोध्या के वकीलों ने एक कड़ा ऐलान करते हुए चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़कर चले जाने का अल्टीमेटम दिया है। वकीलों का स्पष्ट कहना है कि यदि ये लोग तीन दिन के अंदर अयोध्या नहीं छोड़ते या इन्हें जेल नहीं भेजा जाता, तो वे पूरी अयोध्या को जाम कर देंगे। इसी क्रम में, बार एसोसिएशन ने भी घोषणा की है कि किसी भी 'चंदा चोर' का केस कोई भी वकील नहीं लड़ेगा। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई वकील ऐसे मामलों को लड़ने का प्रयास करता है, तो उस पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। इस घोषणा के साथ अयोध्या के वकीलों ने 'चंदा चोरों' के केस लड़ने से साफ इनकार कर दिया है।1
- राजस्थान के रावतभाटा में एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक 70 साल पुराना गांव जनगणना कार्य से पूरी तरह अछूता रह गया है। इस गंभीर लापरवाही के चलते करीब 1000 की आबादी प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीण अत्यधिक नाराज हैं। इस मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्यक्त करते हुए तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक महकमा 'नींद में सोया हुआ' है और पूरी तरह 'बेपरवाह' है। इस घटना ने जनगणना कार्य प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगलियाँ उठ रही हैं।1
- चित्तौड़गढ़ में 29 जून 2026 को भादसोड़ा थाना पुलिस ने ऑपरेशन 'त्रिनेत्र' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम चाकुड़ा स्थित एक खेत में अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की खेती का पर्दाफाश किया। मौके से 233 गांजे के पौधे और 530 ग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया है। पुलिस ने इस मामले में खेत मालिक महिपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि महानिरीक्षक पुलिस, उदयपुर रेंज, गौरव श्रीवास्तव द्वारा रेंज उदयपुर में मादक पदार्थों के भंडारण और परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध अधिकाधिक कार्रवाई करने हेतु 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' चलाया जा रहा है। इसी के अंतर्गत एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन और डीएसपी भदेसर विनोद कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई रविवार को की गई। थानाधिकारी भादसोड़ा महेंद्र सिंह के नेतृत्व में एएसआई जीवन सिंह, हैड कांस्टेबल बालुराम, कांस्टेबल बबलू, प्रकाश, शांतिलाल और सरकारी वाहन चालक रतनलाल की टीम ने मुखबिर की सूचना पर गांव चाकुड़ा से चाकुड़ी जाने वाले रास्ते पर महिपाल सिंह पिता नारायण सिंह निवासी चाकुड़ा के खेत में दबिश दी। पुलिस को खेत में सूखे व हरे गांजे के कुल 233 पौधे और 530 ग्राम अवैध गांजा मिला, जिसे जब्त कर लिया गया। भादसोड़ा थाना पुलिस ने इस सफल कार्रवाई के साथ अवैध गांजे की खेती को उजागर किया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया।1
- रामगंजमंडी में सर्व हिन्दू समाज के तत्वावधान में एक विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के 14 गौरक्षकों की रिहाई की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के लोगों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपने हाथों में मांग से संबंधित तख्तियां और बैनर लेकर अपनी आवाज बुलंद की और गौरक्षकों को सुनाए गए आजीवन कारावास के फैसले पर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। रैली के बाद प्रदर्शनकारी उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने उपखंड अधिकारी चारु शंकर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बताया कि 14 गौरक्षकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने से समाज में गहरी चिंता और गुस्सा है। ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट रूप से यह मांग की गई है कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए, साथ ही कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करते हुए इन गौरक्षकों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सर्व हिन्दू समाज के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।1
- कोटा रेल मंडल के बयाना स्टेशन पर लाइन बॉक्स ठेका कर्मचारियों की चार दिन से जारी हड़ताल का असर अब रेल संचालन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। ठेका कर्मचारियों के काम पर नहीं आने के कारण पॉइंट्समैन, ट्रेन मैनेजर और लोको पायलट लाइन बॉक्स उठाने का अतिरिक्त कार्य कर रहे हैं, जिससे ट्रेनों के संचालन में देरी हो रही है और इन कर्मचारियों पर काम का दबाव भी बढ़ गया है। कर्मचारियों ने चिंता जताई है कि इस स्थिति से संरक्षा संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि यार्ड में लाइन बॉक्स बदलने में अधिक समय लगने से दूसरी ओर गाड़ियों की निगरानी नहीं हो पा रही है। इस कारण, पैसेंजर और मालगाड़ियों के लेट होने की आशंका बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त, पॉइंट्समैनों ने अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने और स्थानांतरण की धमकियों को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की है।1
- भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह ने राजस्थान सरकार में केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने 'गंगा समझौते' देकर यह आभार जताया।1
- कोटा में बारां-छजावा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित यूनिट नंबर 12 का टूल कम ट्रैकमैन रेस्ट रूम मात्र तीन साल में ही जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। यह अब देखने में कई वर्षों पुराना भवन प्रतीत होता है। इस पूरी इमारत में तीन साल के भीतर ही बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जबकि कोटा स्टोन से बनी सीढ़ियाँ, फर्श और चारों तरफ की नींव उखड़ चुकी है। रेस्ट रूम में बाथरूम तो बना है, लेकिन पिछले तीन साल से उसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है, और न ही यहाँ पेयजल का कोई प्रबंध है। ट्रैकमैनों ने इस घटिया निर्माण कार्य के लिए किसी ठेकेदार या अधिकारी को जिम्मेदार न ठहराए जाने पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि जब दरा अंडर ब्रिज के नियम विरुद्ध हुए काम में दो रेल इंजीनियरों की मौत के लिए भी अभी तक किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया, तो यह तो एक मामूली काम है। ट्रैकमैनों को यह आशंका है कि यदि भविष्य में नींव की दरारों के कारण यह रेस्ट रूम गिर जाता है और कोई ट्रैकमैन इसका शिकार बनता है, तो उस स्थिति में भी किसी को जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा।1