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शाहपुरा में 'जिला बहाल करो संघर्ष समिति' का आंदोलन पिछले एक साल पांच महीने से लगातार जारी है, जिसमें शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है। 28 मई को ईद के राजकीय अवकाश के कारण, 29 मई को सुबह 10:15 बजे उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति के सदस्यों, अधिवक्ताओं और आमजन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान 'शाहपुरा जिला बहाल करो' के नारे लगाते हुए नारेबाजी की गई। संघर्ष समिति के महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन के तहत शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा और संयोजक रामप्रसाद के नेतृत्व में शाहपुरा को जिला बहाल करने की मांग का बारहवां स्मरण पत्र शाहपुरा के उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम सौंपा गया। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को शाहपुरा को वापस जिला बनाने के लिए किए गए वादे की याद दिलाई गई। समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा ने बताया कि एक साल पहले जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था। हालांकि, इस आश्वासन को बारह महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया है, जिससे आमजन में गहरा आक्रोश है। 28 दिसंबर, 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता हर महीने की 28 तारीख को 'ब्लैक डे' मनाती आ रही है। संयोजक रामप्रसाद जाट ने सरकार से शाहपुरा की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द जिले का दर्जा बहाल करने की अपील की। इस मौके पर जिला बहाल करो संघर्ष समिति के सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा, संरक्षक सत्यनारायण पाठक और हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डे और अजय मेहता, उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी, कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा, सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक, सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू, संघर्ष समिति सदस्य रामेश्वर लाल धाकड़, रमेशचंद्र मालू, मदनलाल कंडारा, सुनील मिश्रा, महावीर कुमावत, जगदीशचंद्र जाट, रामचंद्र नायक, रामरतन धाकड़, शंकर लाल खटीक, सुनील पाराशर, अरुण राव, राजू, अभय गुर्जर, वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा और अनिल शर्मा, तथा अधिवक्ता नमन ओझा, अंकित शर्मा, वीरेंद्र पत्रिया, राहुल पारीक, मधुसूदन शर्मा, अखिल व्यास और निखिल व्यास सहित कई सदस्य एवं शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

22 hrs ago
user_Bheru lal luxkar
Bheru lal luxkar
Local News Reporter शाहपुरा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
22 hrs ago
d0a604ad-b7f6-4a8e-b9f0-bf4f98307c5f

शाहपुरा में 'जिला बहाल करो संघर्ष समिति' का आंदोलन पिछले एक साल पांच महीने से लगातार जारी है, जिसमें शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है। 28 मई को ईद के राजकीय अवकाश के कारण, 29 मई को सुबह 10:15 बजे उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति के सदस्यों, अधिवक्ताओं और आमजन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान 'शाहपुरा जिला बहाल करो' के नारे लगाते हुए नारेबाजी की गई। संघर्ष समिति के महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन के तहत शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा और संयोजक रामप्रसाद के नेतृत्व में शाहपुरा को जिला बहाल करने की मांग का बारहवां स्मरण पत्र शाहपुरा के उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम सौंपा गया। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को शाहपुरा को वापस जिला बनाने के लिए किए गए वादे की याद दिलाई गई। समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा ने बताया कि एक साल पहले जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था। हालांकि, इस आश्वासन को बारह महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं

दिया है, जिससे आमजन में गहरा आक्रोश है। 28 दिसंबर, 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता हर महीने की 28 तारीख को 'ब्लैक डे' मनाती आ रही है। संयोजक रामप्रसाद जाट ने सरकार से शाहपुरा की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द जिले का दर्जा बहाल करने की अपील की। इस मौके पर जिला बहाल करो संघर्ष समिति के सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा, संरक्षक सत्यनारायण पाठक और हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डे और अजय मेहता, उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी, कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा, सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक, सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू, संघर्ष समिति सदस्य रामेश्वर लाल धाकड़, रमेशचंद्र मालू, मदनलाल कंडारा, सुनील मिश्रा, महावीर कुमावत, जगदीशचंद्र जाट, रामचंद्र नायक, रामरतन धाकड़, शंकर लाल खटीक, सुनील पाराशर, अरुण राव, राजू, अभय गुर्जर, वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा और अनिल शर्मा, तथा अधिवक्ता नमन ओझा, अंकित शर्मा, वीरेंद्र पत्रिया, राहुल पारीक, मधुसूदन शर्मा, अखिल व्यास और निखिल व्यास सहित कई सदस्य एवं शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

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  • शाहपुरा में 'जिला बहाल करो संघर्ष समिति' का आंदोलन पिछले एक साल पांच महीने से लगातार जारी है, जिसमें शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है। 28 मई को ईद के राजकीय अवकाश के कारण, 29 मई को सुबह 10:15 बजे उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति के सदस्यों, अधिवक्ताओं और आमजन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान 'शाहपुरा जिला बहाल करो' के नारे लगाते हुए नारेबाजी की गई। संघर्ष समिति के महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन के तहत शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा और संयोजक रामप्रसाद के नेतृत्व में शाहपुरा को जिला बहाल करने की मांग का बारहवां स्मरण पत्र शाहपुरा के उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम सौंपा गया। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को शाहपुरा को वापस जिला बनाने के लिए किए गए वादे की याद दिलाई गई। समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा ने बताया कि एक साल पहले जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था। हालांकि, इस आश्वासन को बारह महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया है, जिससे आमजन में गहरा आक्रोश है। 28 दिसंबर, 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता हर महीने की 28 तारीख को 'ब्लैक डे' मनाती आ रही है। संयोजक रामप्रसाद जाट ने सरकार से शाहपुरा की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द जिले का दर्जा बहाल करने की अपील की। इस मौके पर जिला बहाल करो संघर्ष समिति के सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा, संरक्षक सत्यनारायण पाठक और हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डे और अजय मेहता, उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी, कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा, सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक, सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू, संघर्ष समिति सदस्य रामेश्वर लाल धाकड़, रमेशचंद्र मालू, मदनलाल कंडारा, सुनील मिश्रा, महावीर कुमावत, जगदीशचंद्र जाट, रामचंद्र नायक, रामरतन धाकड़, शंकर लाल खटीक, सुनील पाराशर, अरुण राव, राजू, अभय गुर्जर, वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा और अनिल शर्मा, तथा अधिवक्ता नमन ओझा, अंकित शर्मा, वीरेंद्र पत्रिया, राहुल पारीक, मधुसूदन शर्मा, अखिल व्यास और निखिल व्यास सहित कई सदस्य एवं शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
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    शाहपुरा में 'जिला बहाल करो संघर्ष समिति' का आंदोलन पिछले एक साल पांच महीने से लगातार जारी है, जिसमें शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है। 28 मई को ईद के राजकीय अवकाश के कारण, 29 मई को सुबह 10:15 बजे उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति के सदस्यों, अधिवक्ताओं और आमजन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान 'शाहपुरा जिला बहाल करो' के नारे लगाते हुए नारेबाजी की गई।

संघर्ष समिति के महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन के तहत शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा और संयोजक रामप्रसाद के नेतृत्व में शाहपुरा को जिला बहाल करने की मांग का बारहवां स्मरण पत्र शाहपुरा के उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम सौंपा गया। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को शाहपुरा को वापस जिला बनाने के लिए किए गए वादे की याद दिलाई गई। समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा ने बताया कि एक साल पहले जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था।

हालांकि, इस आश्वासन को बारह महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया है, जिससे आमजन में गहरा आक्रोश है। 28 दिसंबर, 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता हर महीने की 28 तारीख को 'ब्लैक डे' मनाती आ रही है। संयोजक रामप्रसाद जाट ने सरकार से शाहपुरा की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द जिले का दर्जा बहाल करने की अपील की। इस मौके पर जिला बहाल करो संघर्ष समिति के सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा, संरक्षक सत्यनारायण पाठक और हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डे और अजय मेहता, उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी, कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा, सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक, सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू, संघर्ष समिति सदस्य रामेश्वर लाल धाकड़, रमेशचंद्र मालू, मदनलाल कंडारा, सुनील मिश्रा, महावीर कुमावत, जगदीशचंद्र जाट, रामचंद्र नायक, रामरतन धाकड़, शंकर लाल खटीक, सुनील पाराशर, अरुण राव, राजू, अभय गुर्जर, वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा और अनिल शर्मा, तथा अधिवक्ता नमन ओझा, अंकित शर्मा, वीरेंद्र पत्रिया, राहुल पारीक, मधुसूदन शर्मा, अखिल व्यास और निखिल व्यास सहित कई सदस्य एवं शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
    user_Bheru lal luxkar
    Bheru lal luxkar
    Local News Reporter शाहपुरा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • यह दृढ़ता से कहा गया है कि केकड़ी वर्ष 2028 तक एक जिला बन जाएगा। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि कोई भी शक्ति इस प्रक्रिया को रोक नहीं पाएगी और यह सुनिश्चित है कि केकड़ी 2028 में जिला बनकर ही रहेगा।
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    यह दृढ़ता से कहा गया है कि केकड़ी वर्ष 2028 तक एक जिला बन जाएगा। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि कोई भी शक्ति इस प्रक्रिया को रोक नहीं पाएगी और यह सुनिश्चित है कि केकड़ी 2028 में जिला बनकर ही रहेगा।
    user_Pawan kumar Rathi
    Pawan kumar Rathi
    Voice of people केकड़ी, अजमेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में महलों के चौक स्थित राजमहल का ऐतिहासिक मुख्य द्वार कल रात आए तेज अंधड़ और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। यह दरवाजा नीचे से टूटकर सड़क पर टिका हुआ है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। यह परिसर संवेदनशील है क्योंकि इसके अंदर एक बैंक, उप जेल और नगर पालिका का पुराना कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। इसके अतिरिक्त, यहां सुबह की सब्जी मंडी और दो विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिसके चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का यहां से आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस क्षतिग्रस्त दरवाजे की तत्काल मरम्मत कर इस धरोहर को संरक्षित करने की मांग की है।
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    राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में महलों के चौक स्थित राजमहल का ऐतिहासिक मुख्य द्वार कल रात आए तेज अंधड़ और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। यह दरवाजा नीचे से टूटकर सड़क पर टिका हुआ है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

यह परिसर संवेदनशील है क्योंकि इसके अंदर एक बैंक, उप जेल और नगर पालिका का पुराना कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। इसके अतिरिक्त, यहां सुबह की सब्जी मंडी और दो विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिसके चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का यहां से आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस क्षतिग्रस्त दरवाजे की तत्काल मरम्मत कर इस धरोहर को संरक्षित करने की मांग की है।
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • सरवाड़ के डोडिया परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत आज तुलसी विवाह समारोह भव्यता से संपन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान लक्ष्मीनारायण की एक शानदार शोभायात्रा बैंड बाजों के साथ निकाली गई, जो आदिनाथ बाजार, सदर बाजार और बस स्टैंड होते हुए चमन चौराहे स्थित आवास पर पहुँची। बारात के पहुँचने पर परिजनों द्वारा उसका भव्य स्वागत-सत्कार किया गया। पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर तुलसी विवाह की रस्म पूरी कराई। इस आयोजन में राधेश्याम डोडिया, रमेश डोडिया, अमित डोडिया, पंडित ओमप्रकाश पारीक, महावीर पारीक, संजय शर्मा, रौनक शर्मा, पंकज वैष्णव, राधेगोविन्द मिश्र, परमेश्वर शास्त्री सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों की उपस्थिति रही। भक्ति भाव से परिपूर्ण तुलसी विवाह की यह बारात 'शाही अंदाज़' में निकाली गई, जिसे देखने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह इस बारात का जोरदार स्वागत किया, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और उत्सव का माहौल छा गया।
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    सरवाड़ के डोडिया परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत आज तुलसी विवाह समारोह भव्यता से संपन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान लक्ष्मीनारायण की एक शानदार शोभायात्रा बैंड बाजों के साथ निकाली गई, जो आदिनाथ बाजार, सदर बाजार और बस स्टैंड होते हुए चमन चौराहे स्थित आवास पर पहुँची।

बारात के पहुँचने पर परिजनों द्वारा उसका भव्य स्वागत-सत्कार किया गया। पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर तुलसी विवाह की रस्म पूरी कराई। इस आयोजन में राधेश्याम डोडिया, रमेश डोडिया, अमित डोडिया, पंडित ओमप्रकाश पारीक, महावीर पारीक, संजय शर्मा, रौनक शर्मा, पंकज वैष्णव, राधेगोविन्द मिश्र, परमेश्वर शास्त्री सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों की उपस्थिति रही।

भक्ति भाव से परिपूर्ण तुलसी विवाह की यह बारात 'शाही अंदाज़' में निकाली गई, जिसे देखने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह इस बारात का जोरदार स्वागत किया, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और उत्सव का माहौल छा गया।
    user_Pankaj Kumar Vairagee
    Pankaj Kumar Vairagee
    Local News Reporter सरवर, अजमेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • भीलवाड़ा में नौतपा के अवसर पर भेरुनाथ मंदिर में पंच धुना अग्नि तप का आरंभ हो गया है। इस धार्मिक अनुष्ठान के शुरू होते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।
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    भीलवाड़ा में नौतपा के अवसर पर भेरुनाथ मंदिर में पंच धुना अग्नि तप का आरंभ हो गया है। इस धार्मिक अनुष्ठान के शुरू होते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।
    user_Dev karan Mali
    Dev karan Mali
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    8 hrs ago
  • 30 मई 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की आशंका जताई गई है, जिसके चलते व्यापक स्तर पर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इस मौसमी आपदा के कारण कई जगहों पर बिजली गुल होने की संभावना है, साथ ही पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुँच सकता है। तूफान की वर्तमान स्थिति और उसकी तीव्रता को देखते हुए, यह संभावना नहीं दिख रही कि यह शांतिपूर्वक थम जाएगा। इसी बीच, राजस्थान के भीलवाड़ा में भी बारिश के साथ तेज तूफान आया है, जिसने राज्य के कुछ जिलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
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    30 मई 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की आशंका जताई गई है, जिसके चलते व्यापक स्तर पर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इस मौसमी आपदा के कारण कई जगहों पर बिजली गुल होने की संभावना है, साथ ही पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुँच सकता है। तूफान की वर्तमान स्थिति और उसकी तीव्रता को देखते हुए, यह संभावना नहीं दिख रही कि यह शांतिपूर्वक थम जाएगा।

इसी बीच, राजस्थान के भीलवाड़ा में भी बारिश के साथ तेज तूफान आया है, जिसने राज्य के कुछ जिलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
    user_Dev enterprises
    Dev enterprises
    Accountant Bhilwara, Rajasthan•
    9 hrs ago
  • भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ क्षेत्र के नवलपुरा के निकट स्थित अनवासा बांध में रातों-रात हज़ारों की संख्या में मछलियां मृत मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बांध के पानी में विषाक्त पदार्थ मिलाया गया है, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई है। इस गंभीर मामले को लेकर पर्यावरण सारथी संस्थान ने मांडलगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संस्थान के सचिव, एडवोकेट परबत सिंह शक्तावत ने बताया कि अनवासा बांध का पानी सैकड़ों लोग रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं, वहीं हज़ारों पशु भी यहां पानी पीने आते हैं। ऐसे में पानी में ज़हरीला पदार्थ मिलाना मानव जीवन और पशुओं दोनों के लिए एक गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। संस्थान ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, मृत मछलियों की चिकित्सीय जांच करवाने और पूरे मामले की ज़िला स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर बांध के पानी की जांच करवाने और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।
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    भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ क्षेत्र के नवलपुरा के निकट स्थित अनवासा बांध में रातों-रात हज़ारों की संख्या में मछलियां मृत मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बांध के पानी में विषाक्त पदार्थ मिलाया गया है, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई है।

इस गंभीर मामले को लेकर पर्यावरण सारथी संस्थान ने मांडलगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संस्थान के सचिव, एडवोकेट परबत सिंह शक्तावत ने बताया कि अनवासा बांध का पानी सैकड़ों लोग रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं, वहीं हज़ारों पशु भी यहां पानी पीने आते हैं। ऐसे में पानी में ज़हरीला पदार्थ मिलाना मानव जीवन और पशुओं दोनों के लिए एक गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। संस्थान ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, मृत मछलियों की चिकित्सीय जांच करवाने और पूरे मामले की ज़िला स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर बांध के पानी की जांच करवाने और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।
    user_Dipesh kumar chhipa
    Dipesh kumar chhipa
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • कांग्रेस के एक विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रघु शर्मा ने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने जो कुछ भी कहा, उसे सीधे उन्हीं की जुबानी सुनने के लिए कहा गया है।
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    कांग्रेस के एक विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रघु शर्मा ने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने जो कुछ भी कहा, उसे सीधे उन्हीं की जुबानी सुनने के लिए कहा गया है।
    user_Pawan kumar Rathi
    Pawan kumar Rathi
    Voice of people केकड़ी, अजमेर, राजस्थान•
    17 hrs ago
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