छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत चौरई अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने माचागोरा बांध से जुड़ी अपनी समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। बांध बनने के बाद पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास के बावजूद उनके सामने आजीविका और भरण-पोषण का संकट बना हुआ है। वहीं स्थानीय मछुआरों ने भी जलाशय में मछली पकड़ने के लिए रोजगार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। दरअसल, चौरई क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर में माचागोरा बांध के निर्माण के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बांध बनने के बाद उन्हें अपने पुराने गांव और पारंपरिक जीवन से विस्थापित होना पड़ा। करीब एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों की आजीविका का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें जिस स्थान पर पुनर्वासित किया गया, वहां भी कई तरह की समस्याएं बनी हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पुनर्वास स्थल पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार और भरण-पोषण के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनसुनवाई में ग्राम पंचायत धनोरा के सरपंच परसराम वर्मा ने ग्रामीणों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई परिवारों का पारंपरिक और पैतृक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है। ऐसे परिवारों के लिए माचागोरा जलाशय रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है, लेकिन स्थानीय मछुआरों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय में पानी भरने के बाद मछली पकड़ने का काम तो संभव है, लेकिन स्थानीय लोगों के पास इसके लिए जरूरी साधन ही उपलब्ध नहीं हैं। कई परिवारों के पास नाव और मछली पकड़ने के लिए जाल तक नहीं है। ऐसे में वे अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। वहीं मछुआरों के संगठन और समिति से जुड़े लोगों की संख्या को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा करीब 862 लोगों के समिति से जुड़े होने की बात कही जाती है, लेकिन इनमें ऐसे लोगों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आ रही है जो स्थानीय निवासी नहीं हैं या वास्तव में मछली पकड़ने के काम से जुड़े नहीं हैं। स्थानीय मछुआरों की मांग है कि वास्तविक रूप से मछली पकड़ने का काम करने वाले स्थानीय परिवारों का अलग से सर्वे और पंजीकरण कराया जाए। इसके बाद पात्र मछुआरों को नाव, जाल और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे जलाशय में अपने पारंपरिक व्यवसाय के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण से प्रभावित होने के बाद उन्होंने विकास के लिए अपना क्षेत्र और अपनी जमीन छोड़ी है। ऐसे में शासन की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ उनकी आजीविका का भी स्थाई इंतजाम किया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं का दोबारा परीक्षण किया जाए और जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रभावित परिवारों को रोजगार के स्थाई साधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों की ओर से मांग रखी गई है कि स्थानीय मछुआरों की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्र लोगों का अलग से पंजीकरण किया जाए। जिन परिवारों का पुश्तैनी काम मछली पकड़ना है, उन्हें नाव और जाल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि माचागोरा बांध से प्रभावित परिवारों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर वास्तविक स्थिति का सर्वे कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेल रहे परिवारों को रोजगार से जोड़ना जरूरी है। खासकर उन मछुआरा परिवारों को, जिनका पारंपरिक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है, जलाशय से रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए स्थानीय मछुआरों की पहचान, पंजीकरण और उन्हें नाव-जाल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनसुनवाई में रखी गई उनकी समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दों का स्थाई समाधान निकाला जाएगा। माचागोरा बांध से प्रभावित धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने जनसुनवाई के माध्यम से पुनर्वास, भरण-पोषण और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रशासन के सामने रखे हैं। अब देखना होगा कि स्थानीय मछुआरों के पंजीकरण, नाव-जाल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़ी इन मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत चौरई अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने माचागोरा बांध से जुड़ी अपनी समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। बांध बनने के बाद पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास के बावजूद उनके सामने आजीविका और भरण-पोषण का संकट बना हुआ है। वहीं स्थानीय मछुआरों ने भी जलाशय में मछली पकड़ने के लिए रोजगार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। दरअसल, चौरई क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर में माचागोरा बांध के निर्माण के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बांध बनने के बाद उन्हें अपने पुराने गांव और पारंपरिक जीवन से विस्थापित होना पड़ा। करीब एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों की आजीविका का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें जिस स्थान पर पुनर्वासित किया गया, वहां भी कई तरह की समस्याएं बनी हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पुनर्वास स्थल पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार और भरण-पोषण के पर्याप्त साधन
उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनसुनवाई में ग्राम पंचायत धनोरा के सरपंच परसराम वर्मा ने ग्रामीणों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई परिवारों का पारंपरिक और पैतृक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है। ऐसे परिवारों के लिए माचागोरा जलाशय रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है, लेकिन स्थानीय मछुआरों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय में पानी भरने के बाद मछली पकड़ने का काम तो संभव है, लेकिन स्थानीय लोगों के पास इसके लिए जरूरी साधन ही उपलब्ध नहीं हैं। कई परिवारों के पास नाव और मछली पकड़ने के लिए जाल तक नहीं है। ऐसे में वे अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। वहीं मछुआरों के संगठन और समिति से जुड़े लोगों की संख्या को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा करीब 862 लोगों के समिति से जुड़े होने की बात कही जाती है, लेकिन इनमें ऐसे लोगों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आ रही है जो स्थानीय
निवासी नहीं हैं या वास्तव में मछली पकड़ने के काम से जुड़े नहीं हैं। स्थानीय मछुआरों की मांग है कि वास्तविक रूप से मछली पकड़ने का काम करने वाले स्थानीय परिवारों का अलग से सर्वे और पंजीकरण कराया जाए। इसके बाद पात्र मछुआरों को नाव, जाल और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे जलाशय में अपने पारंपरिक व्यवसाय के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण से प्रभावित होने के बाद उन्होंने विकास के लिए अपना क्षेत्र और अपनी जमीन छोड़ी है। ऐसे में शासन की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ उनकी आजीविका का भी स्थाई इंतजाम किया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं का दोबारा परीक्षण किया जाए और जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रभावित परिवारों को रोजगार के स्थाई साधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों की ओर से मांग रखी गई है कि स्थानीय मछुआरों की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्र लोगों का अलग से पंजीकरण किया जाए। जिन परिवारों का पुश्तैनी काम मछली पकड़ना है, उन्हें
नाव और जाल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि माचागोरा बांध से प्रभावित परिवारों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर वास्तविक स्थिति का सर्वे कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेल रहे परिवारों को रोजगार से जोड़ना जरूरी है। खासकर उन मछुआरा परिवारों को, जिनका पारंपरिक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है, जलाशय से रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए स्थानीय मछुआरों की पहचान, पंजीकरण और उन्हें नाव-जाल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनसुनवाई में रखी गई उनकी समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दों का स्थाई समाधान निकाला जाएगा। माचागोरा बांध से प्रभावित धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने जनसुनवाई के माध्यम से पुनर्वास, भरण-पोषण और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रशासन के सामने रखे हैं। अब देखना होगा कि स्थानीय मछुआरों के पंजीकरण, नाव-जाल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़ी इन मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
- पांढुर्णा में महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा स्थापना की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन पांढुर्णा, जिला पांढुर्णा। महात्मा ज्योतिबा फुले माली समाज संगठन पांढुर्णा (पंजी.) ने नगर में महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा स्थापित करने हेतु भूमि उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा है। संगठन के अध्यक्ष मोरेश्वर नाडेकर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पांढुर्णा नगर में मजदूर केंद्र के पास स्थित डॉ. खराडे के अस्पताल के बाजू में नजूल भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है, जहां पर लोग शराब पीकर गंदगी फैलाते हैं। संगठन ने मांग की है कि उक्त स्थान से अतिक्रमण हटाकर स्थान को स्वच्छ रखते हुए वहां महान समाज सुधारक एवं समाजसेवी महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा स्थापित की जाए। ज्ञापन में उल्लेख है कि उक्त नजूल स्थान पर विशेष अतिक्रमण होने के कारण प्रतिमा स्थापना हेतु आवश्यक स्थान उपलब्ध नहीं है, इसलिए जिला प्रशासन संबंधित अधिकारियों द्वारा उक्त स्थान का निरीक्षण कराकर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करे और प्रतिमा स्थापना हेतु नजूल स्थान उपलब्ध कराए। ज्ञापन में कहा गया है कि महात्मा ज्योतिबा फुले जी ने शिक्षा, सामाजिक समानता, महिला शिक्षा एवं समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनके सामाजिक योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से उक्त स्थान पर उनकी प्रतिमा स्थापित करना आवश्यक है। संगठन ने जिला प्रशासन से निवेदन किया है कि मजदूर केंद्र के पास स्थित प्रस्तावित चौक का स्थल निरीक्षण कराकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले जी की प्रतिमा स्थापना हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध / आवंटन कराने की कृपा करें। ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी पांढुर्णा, तहसीलदार पांढुर्णा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी प्रेषित की गई है। ज्ञापन सौंपते समय भूषण गायधने , सचिव, उपाध्यक्ष, महासचिव, कार्यकारी सदस्य सहित समाज के अनेक पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।1
- *कन्या आश्रम खांखरा में सेप्टिक टैंक धसा जिम्मेदार मौन* कुरई आदिवासी कन्या आश्रम खाखरा में बने सेप्टिक टैंक की ऊपर की ढक्कन एवं दीवार धस जाने से कभी भी हादसा के शिकार हो सकते हैं बताए गए की खाकरा कन्या आश्रम में अध्ययन कर रहे 50 बच्चे छात्रावास में रहे है इसी सेप्टिक टैंक के आसपास खेलते हैं।आश्रम की अधीक्षक भी सुबह आती है एवं छुट्टी के बाद अपने घर चली जाती है रात्रि में भी सिर्फ एक रसोईया रहती है जो बच्चों की देखभाल करती है आगे बच्चों ने बताया कि रात्रि कालीन किसी का स्वास्थ्य खराब होता है तो रसोईया ही गोली दवाई देती है। एवं आज सोमवार को छात्रावास अधीक्षिका आश्रम में नहीं थी जिसकी जानकारी वीडियो अनुराग रावल से फोन पर चर्चा कर पूछा तो बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है मैं पूछ कर इस संबंध में बताता हूं तत्पश्चात बताया कि अधीक्षिका छुट्टी में गई हुई है एवं टैंक के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है जांच की जाएगी।2
- Chhindwara News: UGC रोलबैक समेत 5 मांगों को लेकर छिंदवाड़ा में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन1
- मुलताई थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई गौ वंश से भरे पिक अप वाहन क़ो पकड़ा1
- मोबाइल-पर्स लूट के तीसरे आरोपी को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार बैतूल। मोबाइल और पर्स लूट के मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी अमन उईके (21) को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ईनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने उसके कब्जे से लूट की रकम में से ₹500 नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार 13 सितंबर की रात चिखलार के आगे भीलवाटेक के पास तीन आरोपियों ने मोटरसाइकिल सवार युवक को रोककर मोबाइल फोन और ₹6 हजार नकद से भरा पर्स लूट लिया था। मामले में बीएनएस की धारा 126(2), 115(2), 309(4), 351(2), 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने पहले राजा उर्फ निहाल और शिव उर्फ शिवा बानखेड़े को गिरफ्तार किया था। फरार चल रहे अमन उईके की तलाश के दौरान 29 सितंबर को सूचना पर पुलिस ने रानीपुर रोड क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।1
- बलराम जयंती, किसान दिवस पर भारतीय किसान संघ की आमसभा सैकड़ों की संख्या में किसान टैक्टर रैली निकाल कर तहसील कार्यालय पहुंचे *अपने टीवी स्क्रीन पर TNP NEWS चैनल के खास प्रोग्राम मेरा जिला मेरी खबर बुलेटिन मे रात 9:30 बजे में देखे आमला की खबर* *बलराम जयंती, किसान दिवस पर भारतीय किसान संघ की आमसभा* *सैकड़ों की संख्या में किसान टैक्टर रैली निकाल कर तहसील कार्यालय पहुंचे* *जहां शासन प्रशासन के नाम विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन सौंपा* 👉 *आप देख सकते हो TNP न्यूज़ चैनल को अपने टीवी स्क्रीन पर* *आपके टीवी स्क्रीन पर TNP News चैनल उपलब्ध है* *टाटा स्काई - 541* *एयरटेल - 367* *जिओ टीवी -3008* *फ्री डिश - 98* *डिश टीवी - 4038* *साथ ही समस्त ओटीटी पर भी उपलब्ध है जैसे* *टाटा प्ले -541* *एयरटेल एक्सट्रीम -367* 👉 *अब आमला में लोकल डिस्क के चैनल नंबर 68 golu red tv पर उपलब्ध है* 👉 *जुड़ने के लिए सम्पर्क करें* *फेसबुक पेज #TNP News Amla को सर्च करे* *रोजाना समाचारों के अपडेट पाने के लिए* *खबर को लाईक👍,कमेंट, शेयर व facebook, X, Instaपर TNP न्यूज को 🛎️सबस्क्राइब अवश्य करे* *चैनल पर खबर, विज्ञापन आदि व अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे* *आमला सारणी विधानसभा ब्यूरो विक्की पारधी* *कार्यालय का पता* *माँ शेरावाली न्यूज एजेंसी बस स्टैंड गंज आमला जिला बैतूल (म.प्र.)*1
- *कान्हीवाड़ा पुलिस की बडी कार्रवाई, 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट* *जवाना-अलीनगर में अवैध शराब बनाने के ठिकानों पर कार्रवाई आरोपी जंगल की ओर भागे सिवनी। अवैध शराब के निर्माण पर अंकुश लगाने चलाए जा रहे अभियान के तहत कान्हीवाड़ा पुलिस ने ग्राम जवाना-अलीनगर में दबिश देकर करीब 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट किया। मौके से शराब बनाने के उपकरण भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर की सुबह थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार पंद्रे के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। तलाशी के दौरान करीब 50 बोरियों और 10 प्लास्टिक ड्रमों में भरा महुआ लहान मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी केवलारी आशीष भराड़े के मार्गदर्शन में की गई।1
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