अटरू और ग्राम चैनपुरिया के ग्रामीणों ने उपजिला कलेक्टर अटरू को ज्ञापन सौंपकर चरागाह एवं वन विभाग की भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को तुरंत हटाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम चैनपुरिया में वन विभाग की भूमि पर लगे हरे पेड़ों को काटकर जमीन को समतल किया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार, करीब 700 से 1000 बीघा वन भूमि पर पेड़ों की कटाई की गई है, जिसमें लगभग 10 प्रतिशत चरागाह भूमि भी शामिल है। इनमें से 200 से 300 बीघा भूमि को ट्रैक्टर चलाकर समतल भी कर दिया गया है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बताया कि इस संबंध में पिछले वर्ष भी वन विभाग और प्रशासन को 7 से 8 बार ज्ञापन देकर तथा मौखिक रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि कार्रवाई न होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और अब शेष बची भूमि से भी पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर सरकार 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत पौधरोपण कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन भूमि पर हरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से जारी है। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वन भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, हरे पेड़ों की कटाई करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, वन भूमि पर स्थायी फॉरेस्ट चौकी स्थापित की जाए तथा वहां नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति कर पौधरोपण कराया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त ग्रामवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में गुलाबचंद कुशवाह, मनीष महावर, सोनू पारेता, प्रमोद कुशवाह, शम्भू सहरिया, मुकेश कुमार, नरेंद्र गुर्जर, चन्द्र मोहन, लखन सिंह, घासी लाल, चन्द्र मोहन व समस्त ग्रामवासी शामिल रहे, जिन्होंने प्रमाण के तौर पर चरागाह भूमि की जमाबंदी की प्रतिलिपि तथा पूर्व में दिए गए ज्ञापनों की प्रतियां भी संलग्न की हैं।
अटरू और ग्राम चैनपुरिया के ग्रामीणों ने उपजिला कलेक्टर अटरू को ज्ञापन सौंपकर चरागाह एवं वन विभाग की भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को तुरंत हटाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम चैनपुरिया में वन विभाग की भूमि पर लगे हरे पेड़ों को काटकर जमीन को समतल किया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार, करीब 700 से 1000 बीघा वन भूमि पर पेड़ों की कटाई की गई है, जिसमें लगभग 10 प्रतिशत चरागाह भूमि भी शामिल है। इनमें से 200 से 300 बीघा भूमि को ट्रैक्टर चलाकर समतल भी कर दिया गया है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बताया कि इस संबंध में पिछले वर्ष भी वन विभाग और प्रशासन को 7 से 8 बार ज्ञापन देकर तथा मौखिक रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि कार्रवाई न होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और अब शेष बची भूमि से भी पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर सरकार 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत पौधरोपण कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन भूमि पर हरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से जारी है। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वन भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, हरे पेड़ों की कटाई करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, वन भूमि पर स्थायी फॉरेस्ट चौकी स्थापित की जाए तथा वहां नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति कर पौधरोपण कराया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त ग्रामवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में गुलाबचंद कुशवाह, मनीष महावर, सोनू पारेता, प्रमोद कुशवाह, शम्भू सहरिया, मुकेश कुमार, नरेंद्र गुर्जर, चन्द्र मोहन, लखन सिंह, घासी लाल, चन्द्र मोहन व समस्त ग्रामवासी शामिल रहे, जिन्होंने प्रमाण के तौर पर चरागाह भूमि की जमाबंदी की प्रतिलिपि तथा पूर्व में दिए गए ज्ञापनों की प्रतियां भी संलग्न की हैं।
- बारां जिले के सीसवाली महाविद्यालय में मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वीप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान भार्गव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक सशक्त लोकतंत्र के निर्माण के लिए युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में कैटवॉक का आयोजन किया गया।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद में ड्यूटी के दौरान एक विद्युत निगम कर्मचारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, उपखंड कार्यालय छीपाबड़ौद के कर्मचारी महेश कुमार चक्रधारी जब 13 जुलाई 2026 को एक ट्रांसफार्मर ठीक करने गए थे, तब खजुरिया निवासी देवकीनंदन ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। इस घटना के विरोध में राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन, उपखंड छीपाबड़ौद ने छीपाबड़ौद थाने में शिकायत दर्ज कराकर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन का आरोप है कि इस घटना के कारण निगम कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है, जिससे शासकीय कार्य भी प्रभावित हुआ है। एसोसिएशन ने इसे सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला गंभीर मामला बताया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में थाना अधिकारी योगेश चौहान ने बताया कि मामले की शिकायत दर्ज कर ली गई है और शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जाएगी।2
- झालावाड़ जिले के खानपुर उपखंड की पखराना ग्राम पंचायत के बांसखेड़ा गांव में नाली का निर्माण न होने से हालात बेहद बदतर हो गए हैं। गांव के घरों से निकलने वाला पूरा गंदा पानी मुख्य सड़क पर ही जमा रहता है, जिससे पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो चुका है। इस बदबूदार और गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना स्कूली छात्राओं और ग्रामीणों की मजबूरी बन गया है। सड़क पर पसरे कीचड़ की फिसलन के कारण आए दिन महिलाएं और बच्चे गिरकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में ही जब यह हाल है, तो बारिश के बाद स्थिति और भी भयानक हो जाती है और लोगों का घरों से निकलना तक दूभर हो जाता है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन प्रशासन इस पर मौन साधे हुए है और अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नाली निर्माण करवाकर इस नरकीय स्थिति और रोज-रोज के हादसों से निजात दिलाने की मांग की है।1
- बारां जिले के अटरू के ग्रामीणों ने उपजिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चरागाह एवं वन विभाग की भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को तुरंत हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम चैनपुरिया में वन विभाग की भूमि पर लगे हरे पेड़ों को काटकर जमीन को समतल किया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार, करीब 700 से 1000 बीघा वन भूमि पर पेड़ों की कटाई की गई है, जिसमें लगभग 10 प्रतिशत चरागाह भूमि भी शामिल है। आरोप है कि इसमें से 200 से 300 बीघा भूमि को ट्रैक्टर चलाकर समतल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पिछले वर्ष भी वन विभाग और प्रशासन को 7-8 बार ज्ञापन देकर तथा मौखिक रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि कोई कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और अब बची हुई भूमि से भी पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों ने सरकार के "हरियालो राजस्थान" अभियान का हवाला देते हुए आक्रोश व्यक्त किया कि एक तरफ सरकार पौधारोपण कर रही है, तो दूसरी तरफ वन भूमि पर हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से वन भूमि को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराने, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने, स्थाई फॉरेस्ट चौकी स्थापित करने, वहां नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति कर पौधारोपण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिन के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो समस्त ग्रामवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन के साथ ग्रामीणों ने चरागाह भूमि की जमाबंदी और पूर्व में दिए गए ज्ञापनों की प्रतियां भी संलग्न की हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में गुलाबचंद कुशवाह, मनीष महावर, सोनू पारेता, प्रमोद कुशवाह, शम्भू सहरिया, मुकेश कुमार, नरेंद्र गुर्जर, चन्द्र मोहन, लखन सिंह, घासी लाल सहित समस्त ग्रामवासी शामिल रहे।1
- झालावाड़ जिले के खानपुर के सूमर कस्बे में मंगलवार शाम करीब 6 बजे दो बाइकों की आपस में आमने-सामने भिड़ंत हो गई। यह दुर्घटना खानपुर–सागेद मार्ग पर जीएसएस के सामने हुई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और दोनों ही सवार बाल-बाल बच गए। टक्कर की सूचना मिलते ही खानपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इस हादसे में दोनों बाइक सवारों को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, एक बाइक सवार बारां की ओर से आ रहा था, जबकि दूसरा बाइक सवार दुर्जनपुरा गांव में धान की रोपाई का कार्य पूरा करके अपने घर वापस लौट रहा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह संभाला और मामले की जांच शुरू कर दी है।2