बारां जिले के छीपाबड़ौद में ड्यूटी के दौरान एक विद्युत निगम कर्मचारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, उपखंड कार्यालय छीपाबड़ौद के कर्मचारी महेश कुमार चक्रधारी जब 13 जुलाई 2026 को एक ट्रांसफार्मर ठीक करने गए थे, तब खजुरिया निवासी देवकीनंदन ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। इस घटना के विरोध में राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन, उपखंड छीपाबड़ौद ने छीपाबड़ौद थाने में शिकायत दर्ज कराकर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन का आरोप है कि इस घटना के कारण निगम कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है, जिससे शासकीय कार्य भी प्रभावित हुआ है। एसोसिएशन ने इसे सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला गंभीर मामला बताया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में थाना अधिकारी योगेश चौहान ने बताया कि मामले की शिकायत दर्ज कर ली गई है और शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
बारां जिले के छीपाबड़ौद में ड्यूटी के दौरान एक विद्युत निगम कर्मचारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, उपखंड कार्यालय छीपाबड़ौद के कर्मचारी महेश कुमार चक्रधारी जब 13 जुलाई 2026 को एक ट्रांसफार्मर ठीक करने गए थे, तब खजुरिया निवासी देवकीनंदन ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। इस घटना के विरोध में राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन, उपखंड छीपाबड़ौद ने छीपाबड़ौद थाने में शिकायत दर्ज कराकर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन
का आरोप है कि इस घटना के कारण निगम कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है, जिससे शासकीय कार्य भी प्रभावित हुआ है। एसोसिएशन ने इसे सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला गंभीर मामला बताया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में थाना अधिकारी योगेश चौहान ने बताया कि मामले की शिकायत दर्ज कर ली गई है और शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
- बारां जिले के अटरू के ग्रामीणों ने उपजिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चरागाह एवं वन विभाग की भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को तुरंत हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम चैनपुरिया में वन विभाग की भूमि पर लगे हरे पेड़ों को काटकर जमीन को समतल किया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार, करीब 700 से 1000 बीघा वन भूमि पर पेड़ों की कटाई की गई है, जिसमें लगभग 10 प्रतिशत चरागाह भूमि भी शामिल है। आरोप है कि इसमें से 200 से 300 बीघा भूमि को ट्रैक्टर चलाकर समतल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पिछले वर्ष भी वन विभाग और प्रशासन को 7-8 बार ज्ञापन देकर तथा मौखिक रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि कोई कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और अब बची हुई भूमि से भी पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों ने सरकार के "हरियालो राजस्थान" अभियान का हवाला देते हुए आक्रोश व्यक्त किया कि एक तरफ सरकार पौधारोपण कर रही है, तो दूसरी तरफ वन भूमि पर हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से वन भूमि को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराने, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने, स्थाई फॉरेस्ट चौकी स्थापित करने, वहां नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति कर पौधारोपण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिन के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो समस्त ग्रामवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन के साथ ग्रामीणों ने चरागाह भूमि की जमाबंदी और पूर्व में दिए गए ज्ञापनों की प्रतियां भी संलग्न की हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में गुलाबचंद कुशवाह, मनीष महावर, सोनू पारेता, प्रमोद कुशवाह, शम्भू सहरिया, मुकेश कुमार, नरेंद्र गुर्जर, चन्द्र मोहन, लखन सिंह, घासी लाल सहित समस्त ग्रामवासी शामिल रहे।1
- झालावाड़ जिले के अकलेरा क्षेत्र के मानपुरा गुर्जरान में सोमवार सुबह वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई उन नशा तस्करों के खिलाफ की गई है, जिन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। उप वन संरक्षक सागर पवार ने बताया कि आरोपियों ने लंबे समय से बेशकीमती वन भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बना रखे थे और प्रशासन द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त किया गया और वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, महुआखोह निवासी कालूलाल पुत्र चंदाल तंवर और गिरराज पुत्र रामचंद्र तंवर ने सरकारी वन भूमि पर अवैध रूप से मकान बना रखे थे। कालूलाल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हैं और वर्ष 2025 में हुई कार्रवाई के दौरान उसके पास से करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए थे। वहीं, गिरराज के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हैं, जिनमें वर्ष 2017 और 2019 में लाखों रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए थे। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेंद्र मीणा, पुलिस उपाधीक्षक मनोज सोनी, अकलेरा थाना पुलिस तथा वन विभाग की टीम मौजूद रही। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।4
- झालावाड़ जिले के अकलेरा क्षेत्र के मानपुरा गुजरान में सोमवार सुबह वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का यह बुलडोजर एक्शन उन नशा तस्करों के खिलाफ किया गया है जिन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान भारी जाप्ता मौजूद रहा। उप वन संरक्षक सागर पवार ने बताया कि तस्करों ने लंबे समय से बेशकीमती वन भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर रखा था और नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण न हटाने पर इसे जमींदोज कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि महुआखोह निवासी कालूलाल पुत्र चंदाल तंवर और गिराज पुत्र रामचंद्र तंवर ने इस सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मकान बना रखे थे। कालूलाल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के 2 मामले दर्ज हैं और वर्ष 2025 की कार्रवाई में उसके पास से करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद हुए थे। वहीं, गिराज के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के 2 मामले दर्ज हैं, जिनमें वर्ष 2017 और 2019 में लाखों रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए थे। इस कार्रवाई के समय मौके पर क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेंद्र मीणा, पुलिस उपाधीक्षक मनोज सोनी, अकलेरा थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौजूद रही। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि जिले में नशे के कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।4
- गुना के बजरंगगढ़ रोड बाईपास पर स्थित एक आरा मशीन संचालक की मनमानी के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बाईपास मार्ग पर आरा मशीन वाले द्वारा की जा रही इस मनमानी की वजह से यहाँ हर वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।1
- राजस्थान के झालावाड़ जिले के रायपुर तहसील क्षेत्र के भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता उत्तराखंड के पवित्र चारधाम—गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ व बद्री विशाल और माता वैष्णो देवी के दर्शन कर सकुशल अपने-अपने गांव लौट आए हैं। इस पावन यात्रा में भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर भी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल रहे। यात्रा पूर्ण कर वापस लौटने पर रायपुर में सभी श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर और मुंह मीठा कराकर अत्यंत आत्मीय स्वागत किया गया। इस स्वागत कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के कोटा संभाग कार्यालय मंत्री मनोहर लाल डांगी, संभाग मंत्री मुकेश मेहर, भाजपा किसान मोर्चा जिला संयोजक बुधराज सिंह झाला, श्रीराम मंदिर मेहर समाज मंदिर अध्यक्ष सीताराम मेहर, श्री पंचमुखी बालाजी मंदिर विकास समिति के सदस्य बजरंग टेलर, रायपुर नगर अध्यक्ष बनकट सुथार, बीरमलाल मेहर, भारतीय किसान संघ झालरापाटन तहसील मंत्री सुखदेव राठौर, मानसिंह गुर्जर, सेवानिवृत्त अध्यापक रामनिवास और बाबूलाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने यात्रियों का अभिनंदन करते हुए उनकी सफल एवं मंगलमय यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर, रामलाल डांगी, महेश मेहर, शोभाराम डांगी और पूरीलाल डांगी सहित लगभग 10 कार्यकर्ताओं ने अपने आध्यात्मिक अनुभवों को सबके साथ साझा किया। सभी श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल, बाबा केदारनाथ, मां गंगा, मां यमुना एवं माता वैष्णो देवी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, किसानों की उन्नति तथा देश की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की। इस दौरान पूरा वातावरण धार्मिक आस्था, भाईचारे और भारी उत्साह से ओत-प्रोत नजर आया।1
- राजस्थान के बारां जिले में छीपाबड़ौद के स्टेडियम में समुद्र मंथन प्राणायाम किया गया।1
- अटरू और ग्राम चैनपुरिया के ग्रामीणों ने उपजिला कलेक्टर अटरू को ज्ञापन सौंपकर चरागाह एवं वन विभाग की भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को तुरंत हटाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम चैनपुरिया में वन विभाग की भूमि पर लगे हरे पेड़ों को काटकर जमीन को समतल किया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार, करीब 700 से 1000 बीघा वन भूमि पर पेड़ों की कटाई की गई है, जिसमें लगभग 10 प्रतिशत चरागाह भूमि भी शामिल है। इनमें से 200 से 300 बीघा भूमि को ट्रैक्टर चलाकर समतल भी कर दिया गया है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बताया कि इस संबंध में पिछले वर्ष भी वन विभाग और प्रशासन को 7 से 8 बार ज्ञापन देकर तथा मौखिक रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि कार्रवाई न होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और अब शेष बची भूमि से भी पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर सरकार 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत पौधरोपण कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन भूमि पर हरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से जारी है। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वन भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, हरे पेड़ों की कटाई करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, वन भूमि पर स्थायी फॉरेस्ट चौकी स्थापित की जाए तथा वहां नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति कर पौधरोपण कराया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त ग्रामवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में गुलाबचंद कुशवाह, मनीष महावर, सोनू पारेता, प्रमोद कुशवाह, शम्भू सहरिया, मुकेश कुमार, नरेंद्र गुर्जर, चन्द्र मोहन, लखन सिंह, घासी लाल, चन्द्र मोहन व समस्त ग्रामवासी शामिल रहे, जिन्होंने प्रमाण के तौर पर चरागाह भूमि की जमाबंदी की प्रतिलिपि तथा पूर्व में दिए गए ज्ञापनों की प्रतियां भी संलग्न की हैं।1
- झालावाड़ जिले में लगातार बढ़ रही हाईवे लूट और नकबजनी की वारदातों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय लूट गैंग का पर्दाफाश किया है। थाना सदर झालावाड़ पुलिस टीम ने नाकाबंदी के दौरान झालरापाटन की ओर से बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर आ रहे दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सामान, नकदी, हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है। जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, ये बदमाश रात के समय हाईवे पर वाहन चालकों और राहगीरों से लूट तथा सूने मकानों में चोरी की वारदातें करते थे। विरोध करने पर ये लोग धारदार हथियार दिखाकर डराते थे और पुलिस में रिपोर्ट न करने की धमकी देते थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा एवं वृत्ताधिकारी हर्षराज सिंह खरेड़ा के सुपरविजन तथा थाना अधिकारी मोहम्मद इब्राहिम के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने 13 जुलाई को नाकाबंदी के दौरान आरोपियों को रोककर तलाशी ली। आरोपियों के पास से एक रानी हार, चांदी की एक जोड़ी पायल, कान के टॉप्स, चांदी का सिक्का, एक जोड़ी कंगन, ₹20,060 नकद, एक धारदार गुप्ती, लोहे का नुकीला सरिया और मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने रायपुर रोड पर एक अकेली महिला को डरा-धमकाकर सोने का समझकर रानी हार और नकदी लूटने की बात स्वीकार की है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिला निवासी 50 वर्षीय अशोक उर्फ मुकेश (जाति गायरी गुर्जर) और 28 वर्षीय विष्णु (जाति भील) के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी अशोक उर्फ मुकेश एक शातिर नकबजन है, जिसके खिलाफ वर्ष 1995 से लेकर 2013 तक विभिन्न थानों में लूट और नकबजनी के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं और कुछ मामलों में उसे सजा भी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में कांस्टेबल मांगीलाल और संतोष की विशेष भूमिका रही।2
- गुना शहर के अशोकनगर रोड स्थित हीराबाग क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 4 बजे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सड़क पर चलती हुई एक स्कूटी में अचानक आग लग गई, जिससे उस पर सवार दो किशोर छात्र गंभीर खतरे में पड़ गए। गनीमत रही कि उसी समय वहां से गुजर रही एक स्कूल शिक्षिका की नजर जलती हुई स्कूटी पर पड़ गई और उनकी सूझबूझ के चलते दोनों छात्रों की जान बाल-बाल बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों छात्र स्कूटी से अशोकनगर रोड की ओर जा रहे थे, तभी गाड़ी के अगले हिस्से से अचानक धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। छात्र इस बात से बिल्कुल अनजान थे और लगातार स्कूटी चला रहे थे। तभी सड़क से गुजर रही शिक्षिका ने खतरा भांपते हुए तुरंत जोर से आवाज लगाई और उन्हें स्कूटी रोककर नीचे उतरने की चेतावनी दी। शिक्षिका की आवाज सुनते ही दोनों छात्र तुरंत गाड़ी रोककर सुरक्षित दूरी पर भाग गए और कुछ ही पलों में स्कूटी पूरी तरह से आग की लपटों से घिर गई। इस घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और संबंधित अधिकारियों को इस हादसे की जानकारी दी। समय रहते दोनों छात्रों के सुरक्षित उतर जाने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या कोई तकनीकी खराबी मानी जा रही है, हालांकि इसकी वास्तविक वजह जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। स्थानीय लोगों ने शिक्षिका की तत्परता और साहस की जमकर सराहना की है।1