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अवैध कच्ची शराब के अड्डे पर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 35 लीटर शराब बरामद बुधवार को आबकारी विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के रावतपुर चौकी अंतर्गत बिसौना, मदारीपुर गांव और यमुना नदी के कछार में दबिश दी।आबकारी निरीक्षक सेक्टर-1 राजमणि प्रसाद और रावतपुर चौकी प्रभारी सूरज प्रकाश सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 35 लीटर अवैध कच्ची शराब और लगभग 400 किलो ग्राम महुआ लहन बरामद किया। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के संबंध में दो अभियोग पंजीकृत किए गए हैं।
राजेश कुमार
अवैध कच्ची शराब के अड्डे पर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 35 लीटर शराब बरामद बुधवार को आबकारी विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के रावतपुर चौकी अंतर्गत बिसौना, मदारीपुर गांव और यमुना नदी के कछार में दबिश दी।आबकारी निरीक्षक सेक्टर-1 राजमणि प्रसाद और रावतपुर चौकी प्रभारी सूरज प्रकाश सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 35 लीटर अवैध कच्ची शराब और लगभग 400 किलो ग्राम महुआ लहन बरामद किया। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के संबंध में दो अभियोग पंजीकृत किए गए हैं।
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- अवैध कच्ची शराब के अड्डे पर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 35 लीटर शराब बरामद बुधवार को आबकारी विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के रावतपुर चौकी अंतर्गत बिसौना, मदारीपुर गांव और यमुना नदी के कछार में दबिश दी।आबकारी निरीक्षक सेक्टर-1 राजमणि प्रसाद और रावतपुर चौकी प्रभारी सूरज प्रकाश सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 35 लीटर अवैध कच्ची शराब और लगभग 400 किलो ग्राम महुआ लहन बरामद किया। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के संबंध में दो अभियोग पंजीकृत किए गए हैं।1
- जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर सड़क पर दिया आश्वासन जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर सड़क पर दिया आश्वासन मेजा, प्रयागराज। जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लेने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी विनिता सिंह मेजा क्षेत्र के पकरी सेवार स्थित गंगा घाट पहुंचीं। यहां गंगा घाट पर निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने प्लांट के इंटकवेल, पम्प हाउस, रसायन कक्ष, फिल्टर यूनिट सहित अन्य निर्माण कार्यों को देखा और कार्य की प्रगति के बारे में संबंधित कार्यदायी संस्था गज कंपनी के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य के साथ तय समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को जल्द स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।निरीक्षण के दौरान Hcn धर्मेंद्र कुमार, अश्वनी , सहायक अभियंता अखिल देव सिंह सहीत कई लोग मौजूद रहे। वहीं निरीक्षण के दौरान कुछ ग्रामीणों ने पकरी सेवार गांव की जर्जर सड़क का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए भारी वाहनों के आवागमन से गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। इस पर सीडीओ ने कहा कि इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग और गज कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। वापस लौटते समय रास्ते में ग्रामीण महिलाओं ने सीडीओ की गाड़ी रोककर अपनी व्यथा सुनाई। इस पर सीडीओ ने आश्वासन देते हुए कहा कि बात हो गई है और बरसात खत्म होने के बाद सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। हालांकि सीडीओ के इस आश्वासन से ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे। ग्रामीणों में सड़क को लेकर लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है।4
- मेजा क्षेत्र स्थित सोनार का तारा में धूमधाम से मनाया गया ललही छठ पर्व महिलाओं ने विधि-विधान से किया पूजन, पति और बच्चों की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना मेजा क्षेत्र स्थित सोनार का तारा में धूमधाम से मनाया गया ललही छठ पर्व महिलाओं ने विधि-विधान से किया पूजन, पति और बच्चों की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र स्थित सोनार का तारा में बुधवार को ललही छठ पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। पर्व को लेकर सुबह से ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा की सामग्री लेकर निर्धारित पूजा स्थल पर पहुंचीं और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने सुहाग तथा बच्चों के सुखी, स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। ललही छठ पर्व को लेकर महिलाओं ने विशेष तैयारी की थी। सुबह से ही घरों में पूजा-पाठ की तैयारियां शुरू हो गई थीं। महिलाएं पारंपरिक रूप से पूजा की सामग्री लेकर एकत्रित हुईं। पूजा स्थल पर पहुंचकर महिलाओं ने सामूहिक रूप से ललही छठ की पूजा की तथा परिवार की खुशहाली के लिए भगवान से प्रार्थना की। इस दौरान महिलाओं ने श्रद्धा के साथ व्रत एवं पूजन किया। मान्यता के अनुसार ललही छठ का पर्व संतान के सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना से जुड़ा हुआ है। इसी भावना के साथ महिलाओं ने अपने बच्चों की लंबी उम्र और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूजा-अर्चना की। साथ ही अपने सुहाग की सलामती तथा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहने की मंगलकामना की। सोनार का तारा में पर्व के दौरान धार्मिक माहौल बना रहा। पूजा स्थल पर महिलाओं की काफी भीड़ रही। महिलाएं समूह में बैठकर पूजा की विधि पूरी करती नजर आईं। पूजा के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ पूजा की सामग्री और पर्व से जुड़ी मान्यताओं को साझा किया तथा आपस में पर्व की शुभकामनाएं दीं। ललही छठ पर्व के अवसर पर गांव में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। छोटे-बड़े सभी लोग पर्व को लेकर उत्साहित नजर आए। महिलाओं की बढ़-चढ़कर भागीदारी ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने परिवार के सभी सदस्यों के सुखी जीवन की कामना करते हुए पर्व का समापन किया। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि ललही छठ उनके लिए आस्था और पारिवारिक सुख-समृद्धि से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन श्रद्धा के साथ पूजा करने से परिवार पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है और संतान के जीवन में सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है। इसी विश्वास के साथ हर वर्ष महिलाएं पूरे श्रद्धाभाव से इस पर्व को मनाती हैं। पर्व के दौरान गांव की आपसी एकता और भाईचारा भी देखने को मिला। महिलाओं ने मिल-जुलकर पूजा की और एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी। पूरे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा। देर तक महिलाओं की पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं।1
- आधी रात भारी बारिश बनी आफत: विशाल महुआ का पेड़ मकान पर गिरा, बुजुर्ग महिला गंभीर घायल गुनई गहरपुर में मचा हड़कंप, मकान क्षतिग्रस्त; भैंस का पैर टूटा, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मुआवजे की लगाई गुहार प्रतीक गौरव मेजा, प्रयागराज। ग्राम पंचायत गुनई गहरपुर में बुधवार की आधी रात करीब 12 बजे भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। शीतला प्रसाद पाल पुत्र स्वर्गीय हिंछलाल पाल के घर के सामने खड़ा विशालकाय महुआ का पेड़ अचानक भरभराकर मकान पर जा गिरा। पेड़ गिरने की तेज आवाज से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। हादसे में मकान का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय परिवार के लोग घर में मौजूद थे। पेड़ गिरने से चमेला देवी पत्नी स्वर्गीय हिंछलाल पाल गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद परिजनों और आसपास के ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव में मदद की तथा घायल महिला को उपचार दिलाने की व्यवस्था की। वहीं, पेड़ की चपेट में आने से परिवार की एक भैंस का पैर टूट गया, जिससे पशुधन की भी क्षति हुई है। मकान के क्षतिग्रस्त होने और भैंस के घायल होने से पीड़ित परिवार को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग की। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि मकान को हुए नुकसान और पशुधन की क्षति का उचित आकलन कराया जाए तथा शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों ने घायल महिला के समुचित उपचार की व्यवस्था कराने के साथ-साथ क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान खतरा बने पेड़ों का सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से जान-माल की क्षति को रोका जा सके। घटना के बाद से पीड़ित परिवार सदमे में है और प्रशासन से तत्काल राहत की उम्मीद लगाए बैठा है।3
- सिरसा घाट पर बढ़ता गंगा-जमुना का जलस्तर, दावों की खुली पोल! 40 साल पुरानी सड़क, नाली का पानी गंगा में, स्वास्थ्य टीम का भी अता-पता नहीं मेजा/सिरसा। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम क्षेत्र में जलस्तर बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसे में सिरसा नगर पंचायत अंतर्गत सिरसा घाट की जमीनी हकीकत सरकारी व्यवस्थाओं के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। घाटों पर बेहतर व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मौके पर तस्वीर कुछ और ही दिखाई दे रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सिरसा घाट तक पहुंचने वाली सड़क करीब 40 वर्ष पुरानी है और आज भी उसी के सहारे आवागमन हो रहा है। बढ़ते जलस्तर के बीच घाट पर साफ-सफाई, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव दिखाई दे रहा है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि नाली का गंदा पानी सीधे गंगा में जा रहा है, जिससे नदी की स्वच्छता और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए टीमों को मुस्तैद रखने की बात कही जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक सिरसा घाट पर स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम मौके पर नजर नहीं आई। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कागजों में तैयार स्वास्थ्य टीम जमीन पर कहां है? मामले को लेकर समाजसेवियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रयागराज डॉ. अरुण तिवारी से संपर्क करने का प्रयास किया। सीएमओ ने कहा कि “हम अधीक्षक से बात करके बताते हैं।” अब सवाल यह है कि बढ़ते जलस्तर के बीच अगर कोई आपात स्थिति पैदा होती है तो सिरसा घाट पर स्वास्थ्य और राहत व्यवस्था कितनी तैयार है? सरकारी दावों और सिरसा घाट की जमीनी हकीकत के बीच का यह अंतर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। सिरसा घाट पर बढ़ता गंगा-जमुना का जलस्तर, दावों की खुली पोल! 40 साल पुरानी सड़क, नाली का पानी गंगा में, स्वास्थ्य टीम का भी अता-पता नहीं मेजा/सिरसा। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम क्षेत्र में जलस्तर बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसे में सिरसा नगर पंचायत अंतर्गत सिरसा घाट की जमीनी हकीकत सरकारी व्यवस्थाओं के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। घाटों पर बेहतर व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मौके पर तस्वीर कुछ और ही दिखाई दे रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सिरसा घाट तक पहुंचने वाली सड़क करीब 40 वर्ष पुरानी है और आज भी उसी के सहारे आवागमन हो रहा है। बढ़ते जलस्तर के बीच घाट पर साफ-सफाई, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव दिखाई दे रहा है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि नाली का गंदा पानी सीधे गंगा में जा रहा है, जिससे नदी की स्वच्छता और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए टीमों को मुस्तैद रखने की बात कही जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक सिरसा घाट पर स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम मौके पर नजर नहीं आई। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कागजों में तैयार स्वास्थ्य टीम जमीन पर कहां है? मामले को लेकर समाजसेवियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रयागराज डॉ. अरुण तिवारी से संपर्क करने का प्रयास किया। सीएमओ ने कहा कि “हम अधीक्षक से बात करके बताते हैं।” अब सवाल यह है कि बढ़ते जलस्तर के बीच अगर कोई आपात स्थिति पैदा होती है तो सिरसा घाट पर स्वास्थ्य और राहत व्यवस्था कितनी तैयार है? सरकारी दावों और सिरसा घाट की जमीनी हकीकत के बीच का यह अंतर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।1
- प्रयागराज/बारा: ग्राम सभा अमिलिया और नौढ़ीयातरहार में आवारा पशुओं के आतंक से किसान बेबस और लाचार हैं, भीषण बारिश में दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि दिन में तो किसी तरह फसल बचा लेते हैं, लेकिन रात में आवारा पशुओं का झुंड खेतों में घुसकर खून-पसीने की कमाई को चौपट कर देता है। यह बारा क्षेत्र का सबसे पिछड़ा गांव बताया जा रहा है, जहां 95 प्रतिशत लोग किसानी पर आश्रित हैं, किसानों ने महंगाई में कर्ज लेकर रोपाई, खाद, तार और खंभा की व्यवस्था की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा में एक भी पशु बाड़ा नहीं है और सरकार द्वारा इस पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे किसानों की लहलहाती फसल रातों-रात बर्बाद हो रही है। किसानों ने बताया कि अगर यही स्थिति रही तो वे भरण-पोषण में असमर्थ होकर खुदकुशी करने को मजबूर होंगे, उनकी दुर्दशा सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि विधायक, सांसद और प्रशासन इस ग्राम सभा में गौशाला और पशु बाड़े की व्यवस्था कराकर किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाए।2
- हर घर योगी259 मेजाविधान सभाचुनाव क्षेत्र सिरसासंग राष्ट्रीय नर सेवाआपकासेवक रमेश चंद्र वर्मा 73557 128684
- कब ईश्वर किस रूप में आएंगे... यह आपकी ढृढ़ आस्था व विश्वास पर निर्भर करता है...फैक्ट है... नेपाल बाढ़ की त्रासदी में तेज बहाव की धारा के बीच फंसे इस घर के छः लोग ने जीवन की आशा बिल्कुल छोड़ दी थी, विडियो वायरल। कब ईश्वर किस रूप में आएंगे... यह आपकी ढृढ़ आस्था व विश्वास पर निर्भर करता है...फैक्ट है... नेपाल बाढ़ की त्रासदी में तेज बहाव की धारा के बीच फंसे इस घर के छः लोग ने जीवन की आशा बिल्कुल छोड़ दी थी, विडियो वायरल। लेकिन इस घर की महिला सदस्य #लक्ष्मी पांडे ने सुरक्षित बचने के बाद बताया की... हम छः लोग चौथी मंजिल पर चले गए थे पानी का बहाव तीसरी मंजिल के ऊपर तक बहने लगा था... उस वक्त हम सभी लोग ॐ नमः शिवाय और हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे... हम सभी को भगवान शंकर ने बचाया है... ईश्वर की कृपा से हम सभी बच गए... ईश्वरीय कृपा का यह प्रत्यक्ष उदाहरण... श्रीसीताराम1