बिहार के युवा क्रिकेट सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार क्रिकेट मैदान के बाहर उनकी नई भूमिका को लेकर। झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने का निर्णय लिया है, जिसकी खबर से खेल और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में हलचल मच गई है। वैभव, बिहार के एक छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं; उन्होंने महज 14-15 साल की उम्र में आईपीएल में शतक लगाकर धमाकेदार प्रदर्शन किया था। उन्हें युवा भारतीय क्रिकेट के उज्जवल भविष्य में से एक और बिहार के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जाता है। झारखंड स्वास्थ्य विभाग का यह फैसला एक रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। वैभव की युवा पीढ़ी से मजबूत पकड़, उनकी फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली इस अभियान के लिए उन्हें एक आदर्श चेहरा बनाती है। इसके अलावा, बिहार और झारखंड के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी एक महत्वपूर्ण कारण है, क्योंकि वैभव दोनों राज्यों के युवाओं में समान रूप से लोकप्रिय हैं। आईपीएल और राष्ट्रीय क्रिकेट में उनके प्रदर्शन के बाद उनका फैन बेस काफी विस्तृत हो चुका है। इस भूमिका में, वैभव सूर्यवंशी स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे, टीकाकरण और पोषण से संबंधित संदेशों का प्रसार करेंगे, बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर देंगे, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देंगे, तथा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं तक इन महत्वपूर्ण संदेशों को पहुंचाएंगे। वैभव का यह चयन बिहार के लिए दोहरे गर्व का विषय है, क्योंकि उन्होंने न केवल क्रिकेट के मैदान पर बिहार का नाम रोशन किया है, बल्कि अब वे सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में भी आगे आ रहे हैं। खेल जगत में इस खबर का व्यापक स्वागत हुआ है; लोगों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों का सामाजिक जिम्मेदारियों में शामिल होना सराहनीय है और वैभव जैसे रोल मॉडल युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे। इसे क्रिकेट और स्वास्थ्य दोनों के लिए एक बड़ी जीत बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया है कि बिहार के एक खिलाड़ी को झारखंड ने क्यों चुना और क्या बिहार सरकार ने भी वैभव को अपने किसी अभियान से जोड़ने की कोई पहल की है। वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड एंबेसडर बनने की आधिकारिक घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।
बिहार के युवा क्रिकेट सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार क्रिकेट मैदान के बाहर उनकी नई भूमिका को लेकर। झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने का निर्णय लिया है, जिसकी खबर से खेल और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में हलचल मच गई है। वैभव, बिहार के एक छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं; उन्होंने महज 14-15 साल की उम्र में आईपीएल में शतक लगाकर धमाकेदार प्रदर्शन किया था। उन्हें युवा भारतीय क्रिकेट के उज्जवल भविष्य में से एक और बिहार के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जाता है। झारखंड स्वास्थ्य विभाग का यह फैसला एक रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। वैभव की युवा पीढ़ी से मजबूत पकड़, उनकी फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली इस अभियान के लिए उन्हें एक आदर्श चेहरा बनाती है। इसके अलावा, बिहार और झारखंड के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी एक महत्वपूर्ण कारण है, क्योंकि वैभव दोनों राज्यों के युवाओं में समान रूप से लोकप्रिय हैं। आईपीएल और राष्ट्रीय क्रिकेट में उनके प्रदर्शन के बाद उनका फैन बेस काफी विस्तृत हो चुका है। इस भूमिका में, वैभव सूर्यवंशी स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे, टीकाकरण और पोषण से संबंधित संदेशों का प्रसार करेंगे, बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर देंगे, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देंगे, तथा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं तक इन महत्वपूर्ण संदेशों को पहुंचाएंगे। वैभव का यह चयन बिहार के लिए दोहरे गर्व का विषय है, क्योंकि उन्होंने न केवल क्रिकेट के मैदान पर बिहार का नाम रोशन किया है, बल्कि अब वे सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में भी आगे आ रहे हैं। खेल जगत में इस खबर का व्यापक स्वागत हुआ है; लोगों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों का सामाजिक जिम्मेदारियों में शामिल होना सराहनीय है और वैभव जैसे रोल मॉडल युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे। इसे क्रिकेट और स्वास्थ्य दोनों के लिए एक बड़ी जीत बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया है कि बिहार के एक खिलाड़ी को झारखंड ने क्यों चुना और क्या बिहार सरकार ने भी वैभव को अपने किसी अभियान से जोड़ने की कोई पहल की है। वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड एंबेसडर बनने की आधिकारिक घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।
- सारण जिले के जनता बाजार में पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्थित क्लासिक टेलर्स एंड शोरूम, ग्राहकों को बेहतर डिज़ाइन की सुविधाएँ प्रदान करने के लिए एक बार अपनी सेवाएँ आज़माने का अवसर देने का अनुरोध कर रहा है।1
- पूरे बिहार से बच्चे मजदूर बनकर दूसरे राज्यों में जा रहे हैं। इसको लेकर एक तंजपूर्ण टिप्पणी में कहा गया है कि अब नरेंद्र मोदी जी को बिहार आने की क्या आवश्यकता है? पोस्ट के अनुसार, वह तो सीधे लोकसभा चुनाव के समय ही बिहार में दिखेंगे।1
- सारण जिले के परसा स्थित लालपुर पचालक में एक सड़क की तत्काल मरम्मत की पुरजोर मांग उठाई गई है। पोस्ट के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि इस सड़क को दिखाने का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि इसके जीर्णोद्धार के लिए ध्यान आकर्षित करना है। इस मांग के साथ 'जय हिंद, जय भारत, जय जवान, जय किसान' जैसे राष्ट्रवादी नारे भी बुलंद किए गए हैं, जो राष्ट्रहित में इस सड़क के सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।1
- भोजपुर के जन सहकारी डिग्री महाविद्यालय, बराप गडहनी में शिक्षक प्रतिनिधि 2026-27 के लिए चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस चुनाव के परिणामस्वरूप, प्रोफेसर सज्जाद हैदर को शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है।3
- अतिपिछड़े और दलित समुदायों के घरों पर बुलडोजर चलाने तथा उनके आवासों को तोड़ने के कथित 'बुलडोजर अत्याचार' को तुरंत रोकने की कड़ी माँग उठाई गई है। इस दौरान, अतिपिछड़े और दलित वर्ग के लोगों के घर तोड़ने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने का आह्वान किया गया।1
- Post by Tejvirprasad Tejvirprasad1
- परसा शहर के एक निवासी ने पुष्टि की है कि उनके शहर और आसपास के गांवों में मच्छरों का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि वे अब घरों तक पहुँच चुके हैं, जिससे डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। निवासी ने 841219 का उल्लेख करते हुए जोर दिया है कि यह कोई फर्जी वीडियो या जानकारी नहीं है, बल्कि एक वास्तविक और गंभीर समस्या है। इस गंभीर स्थिति को उजागर करते हुए, उन्होंने 'जय जवान जय किसान जय बिहार' का उद्घोष किया है और लोगों से इस जानकारी को पसंद करने, साझा करने और टिप्पणी करने का आग्रह किया है।1
- पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत नाजुक हो चुकी है, जहाँ आज लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को जान से मारने का प्रयास किया गया।1