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बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयनगर में 30 मई, 2026 को सुशासन तिहार के अंतर्गत एक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में हुए इस आयोजन का उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाकर सुशासन को जन-जन तक सुनिश्चित करना था। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, वनमंडलाधिकारी श्री आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर अपनी योजनाओं की जानकारी दी, जहाँ उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान 05 बच्चों का अन्नप्राशन और 05 गर्भवती माताओं की गोदभराई की रस्म भी संपन्न हुई, साथ ही हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत सामग्री का वितरण किया गया। अपने संबोधन में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने जोर दिया कि आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को एग्रीस्टेक में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की सलाह दी, ताकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान खरीदी, खाद-बीज जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। मंत्री श्री नेताम ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए किसानों को जैविक खाद और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पादन भी सुनिश्चित करती है, जिससे किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए टपक सिंचाई पद्धति अपनाने और दलहन सहित अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की भी सलाह दी। मंत्री ने प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण हेतु कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने का आह्वान किया और अधिकारियों-कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेही तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें प्रस्तुत कीं, जिनमें से संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर कुछ का निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों पर कार्रवाई जारी है। यह सुशासन शिविर अब केवल समस्याओं के समाधान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि जल संरक्षण, जैविक खेती और स्वच्छता के लिए एक जनजागरूकता मंच भी बन गया है। रामचंद्रपुर विकासखंड के विजयनगर में लगे इस शिविर में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, नील-हरित शैवाल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कई जीवंत मॉडल प्रदर्शित किए गए। जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन के लिए 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोख्ता गड्ढा के मॉडल ने ग्रामीणों को आकर्षित किया, जिससे कई लोगों ने इसे अपने घरों और हैंडपंपों के पास बनाने की इच्छा जताई। कृषि विभाग द्वारा नील-हरित शैवाल बनाने की विधि और धान की फसल के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक नाइट्रोजन देने वाले जैव उर्वरक के रूप में इसके उपयोग की जानकारी दी गई, जिससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है, पैदावार सुधरती है और खेती की लागत कम होती है। पर्यावरण को साफ-सुथरा बनाए रखने हेतु ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरा प्रबंधन का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसमें गीले और सूखे कचरे को अलग करके जैविक खाद बनाने तथा खतरनाक कचरे के सही निपटान की जानकारी दी गई।

6 hrs ago
user_Shoaib Siddiqui
Shoaib Siddiqui
Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
6 hrs ago
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बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयनगर में 30 मई, 2026 को सुशासन तिहार के अंतर्गत एक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में हुए इस आयोजन का उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाकर सुशासन को जन-जन तक सुनिश्चित करना था। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, वनमंडलाधिकारी श्री आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर अपनी योजनाओं की जानकारी दी, जहाँ उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान 05 बच्चों का अन्नप्राशन और 05 गर्भवती माताओं की गोदभराई की रस्म भी संपन्न हुई, साथ ही हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत सामग्री का वितरण किया

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गया। अपने संबोधन में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने जोर दिया कि आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को एग्रीस्टेक में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की सलाह दी, ताकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान खरीदी, खाद-बीज जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। मंत्री श्री नेताम ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए किसानों को जैविक खाद और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पादन भी सुनिश्चित करती है, जिससे किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने जल संरक्षण के महत्व पर

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प्रकाश डालते हुए टपक सिंचाई पद्धति अपनाने और दलहन सहित अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की भी सलाह दी। मंत्री ने प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण हेतु कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने का आह्वान किया और अधिकारियों-कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेही तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें प्रस्तुत कीं, जिनमें से संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर कुछ का निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों पर कार्रवाई जारी है। यह सुशासन शिविर अब केवल समस्याओं के समाधान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि जल संरक्षण, जैविक खेती और स्वच्छता के लिए एक जनजागरूकता मंच भी बन गया है। रामचंद्रपुर विकासखंड के विजयनगर में लगे इस शिविर में जल

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संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, नील-हरित शैवाल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कई जीवंत मॉडल प्रदर्शित किए गए। जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन के लिए 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोख्ता गड्ढा के मॉडल ने ग्रामीणों को आकर्षित किया, जिससे कई लोगों ने इसे अपने घरों और हैंडपंपों के पास बनाने की इच्छा जताई। कृषि विभाग द्वारा नील-हरित शैवाल बनाने की विधि और धान की फसल के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक नाइट्रोजन देने वाले जैव उर्वरक के रूप में इसके उपयोग की जानकारी दी गई, जिससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है, पैदावार सुधरती है और खेती की लागत कम होती है। पर्यावरण को साफ-सुथरा बनाए रखने हेतु ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरा प्रबंधन का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसमें गीले और सूखे कचरे को अलग करके जैविक खाद बनाने तथा खतरनाक कचरे के सही निपटान की जानकारी दी गई।

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  • छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में गरीबों के हक का सरकारी चना सड़क किनारे सड़ा हुआ पाया गया है। यह पूरा मामला जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के नीलकंठपुर गांव का है, जहां नीलकंठपुर मोड़ के पास भारी मात्रा में अनाज फेंका गया था। वितरण न होने के कारण यह अनाज खराब हो गया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों और राशन दुकान संचालकों पर लापरवाही छिपाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, खाद्य अधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण में दोषियों पर FIR दर्ज की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में गरीबों के हक का सरकारी चना सड़क किनारे सड़ा हुआ पाया गया है। यह पूरा मामला जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के नीलकंठपुर गांव का है, जहां नीलकंठपुर मोड़ के पास भारी मात्रा में अनाज फेंका गया था। वितरण न होने के कारण यह अनाज खराब हो गया।

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों और राशन दुकान संचालकों पर लापरवाही छिपाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, खाद्य अधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण में दोषियों पर FIR दर्ज की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • बलरामपुर में राघव एम्बुलेंस लोगों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता पहुँचाने के लिए 24x7 इमरजेंसी सेवा प्रदान कर रही है। यह सेवा ऑक्सीजन और दवाइयों जैसी आवश्यक सुविधाओं के साथ एक भरोसेमंद विकल्प प्रस्तुत करती है, खासकर तब जब हर मिनट जीवन के लिए महत्वपूर्ण होता है। राघव एम्बुलेंस बलरामपुर से अंबिकापुर और रायपुर तक अपनी सेवाएँ उपलब्ध कराती है, जिससे ज़रूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता के लिए 9755525100 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    बलरामपुर में राघव एम्बुलेंस लोगों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता पहुँचाने के लिए 24x7 इमरजेंसी सेवा प्रदान कर रही है। यह सेवा ऑक्सीजन और दवाइयों जैसी आवश्यक सुविधाओं के साथ एक भरोसेमंद विकल्प प्रस्तुत करती है, खासकर तब जब हर मिनट जीवन के लिए महत्वपूर्ण होता है। राघव एम्बुलेंस बलरामपुर से अंबिकापुर और रायपुर तक अपनी सेवाएँ उपलब्ध कराती है, जिससे ज़रूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता के लिए 9755525100 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Raghav Sony official
    Raghav Sony official
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बलरामपुर जिले में इन दिनों अवैध कब्जों का मामला गरमाया हुआ है, जिससे आदिवासी समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। ग्राम पंचायत पस्ता और ग्राम बासेन में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-343 के किनारे शासकीय जमीनों पर कथित रूप से धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी राज्यों से आए लोग यहां निवास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर मामले से अनजान बना हुआ है या अनदेखी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, एनएच-343 के किनारे तेजी से अवैध कब्जों का खेल चल रहा है और स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट कर जमीनों की खरीद-बिक्री भी खुलेआम की जा रही है। इसी क्रम में, बासेन से सटे सियासरई क्षेत्र में शासकीय भूमि पर पहले कुछ आदिवासी परिवार झोपड़ी बनाकर रहते थे, जिन्हें वन विभाग ने हटाया था और इस संबंध में तहसील कार्यालय राजपुर में प्रकरण भी दर्ज हुआ था। आदिवासी परिवारों का आरोप है कि उन्हें हटाने के बाद, झारखंड से आए कुछ दबंग लोगों ने उसी जमीन पर कब्जा कर लिया। जब स्थानीय आदिवासी परिवारों ने इसका विरोध किया तो उन्हें न्याय नहीं मिला। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि थाना पस्ता में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उलटा उन्हीं पर अपराध कायम कर जेल भेज दिया गया। आदिवासी परिवारों ने प्रशासन पर बाहरी लोगों को संरक्षण देने और स्थानीय निवासियों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले से नाराज होकर, आदिवासी परिवारों ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजूर को ज्ञापन सौंपकर सामाजिक हस्तक्षेप और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। श्री कुजूर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे मामले से बलरामपुर कलेक्टर को अवगत कराएंगे और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिले के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। बसंत कुजूर ने वन विभाग और राजस्व विभाग से गरीब परिवारों के साथ अन्याय बंद करने और बाहरी लोगों को संरक्षण न देने की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी अक्सर केवल उन्हीं लोगों की बातें सुनते हैं, जो लेन-देन करने में सक्षम होते हैं। श्री कुजूर ने चेतावनी दी है कि आदिवासी पर अत्याचार करना बंद करो अन्यथा उग्र आंदोलन होगा।
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    छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बलरामपुर जिले में इन दिनों अवैध कब्जों का मामला गरमाया हुआ है, जिससे आदिवासी समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। ग्राम पंचायत पस्ता और ग्राम बासेन में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-343 के किनारे शासकीय जमीनों पर कथित रूप से धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी राज्यों से आए लोग यहां निवास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर मामले से अनजान बना हुआ है या अनदेखी कर रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, एनएच-343 के किनारे तेजी से अवैध कब्जों का खेल चल रहा है और स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट कर जमीनों की खरीद-बिक्री भी खुलेआम की जा रही है। इसी क्रम में, बासेन से सटे सियासरई क्षेत्र में शासकीय भूमि पर पहले कुछ आदिवासी परिवार झोपड़ी बनाकर रहते थे, जिन्हें वन विभाग ने हटाया था और इस संबंध में तहसील कार्यालय राजपुर में प्रकरण भी दर्ज हुआ था।

आदिवासी परिवारों का आरोप है कि उन्हें हटाने के बाद, झारखंड से आए कुछ दबंग लोगों ने उसी जमीन पर कब्जा कर लिया। जब स्थानीय आदिवासी परिवारों ने इसका विरोध किया तो उन्हें न्याय नहीं मिला। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि थाना पस्ता में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उलटा उन्हीं पर अपराध कायम कर जेल भेज दिया गया। आदिवासी परिवारों ने प्रशासन पर बाहरी लोगों को संरक्षण देने और स्थानीय निवासियों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का गंभीर आरोप लगाया है।

इस मामले से नाराज होकर, आदिवासी परिवारों ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजूर को ज्ञापन सौंपकर सामाजिक हस्तक्षेप और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। श्री कुजूर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे मामले से बलरामपुर कलेक्टर को अवगत कराएंगे और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिले के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं।

बसंत कुजूर ने वन विभाग और राजस्व विभाग से गरीब परिवारों के साथ अन्याय बंद करने और बाहरी लोगों को संरक्षण न देने की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी अक्सर केवल उन्हीं लोगों की बातें सुनते हैं, जो लेन-देन करने में सक्षम होते हैं। श्री कुजूर ने चेतावनी दी है कि आदिवासी पर अत्याचार करना बंद करो अन्यथा उग्र आंदोलन होगा।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • ग्रामीणों ने धूल, प्रदूषण और टूटी सड़कों को अपनी रोज़मर्रा की गंभीर समस्या बताया है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। इसी निराशा के चलते, ग्रामीण संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उनकी आवाज़ कब सुनी जाएगी।
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    ग्रामीणों ने धूल, प्रदूषण और टूटी सड़कों को अपनी रोज़मर्रा की गंभीर समस्या बताया है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। इसी निराशा के चलते, ग्रामीण संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उनकी आवाज़ कब सुनी जाएगी।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    मेदिनीनगर (डाल्टनगंज), पलामू, झारखंड•
    5 hrs ago
  • पूरे भारत में एक वीडियो पहुँचाने, उसे लाइक करने और उस पर कमेंट करने का आग्रह किया गया है। विशेष रूप से, नमादपुर स्कूल से संबंधित इस वीडियो को छत्तीसगढ़ के हर हिस्से में शेयर करने और एक लाइक देने की अपील की गई है।
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    पूरे भारत में एक वीडियो पहुँचाने, उसे लाइक करने और उस पर कमेंट करने का आग्रह किया गया है। विशेष रूप से, नमादपुर स्कूल से संबंधित इस वीडियो को छत्तीसगढ़ के हर हिस्से में शेयर करने और एक लाइक देने की अपील की गई है।
    user_Bakumar Taigar
    Bakumar Taigar
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • धुरकी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत टाटीदीरी स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में बकरीद पर्व के अवसर पर एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारे, प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना था। विद्यालय के निर्देशक डॉ. यासिन अंसारी ने उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए बकरीद को त्याग, समर्पण, इंसानियत और कुर्बानी का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार दूसरों की खुशियों में शामिल होने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। डॉ. अंसारी ने यह भी रेखांकित किया कि सभी धर्म मानवता और भाईचारे का संदेश देते हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार साह ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद का पर्व समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक मूल्यों का भी केंद्र होता है, और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में पारस्परिक सम्मान, सहयोग तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। प्रधानाध्यापक ने सभी को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं, और सभी को मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की सहायता करने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। इस सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी और मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर मुखिया सगुनी राम, शिक्षक दिनेश कुमार, मनी भारती, रोहित कुमार, रुपांजली कुमारी, अर्पना कुमारी, कुर्बान अंसारी, राजेन्द्र प्रसाद यादव, लक्ष्मण साव, लेयकत अंसारी, शमशेर अंसारी, विजय साव, राधेश्याम पासवान, पंकज गुप्ता, जानकी सिंह, श्रवन राम, प्रदीप राम, उमेश राम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
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    धुरकी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत टाटीदीरी स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में बकरीद पर्व के अवसर पर एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारे, प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना था।

विद्यालय के निर्देशक डॉ. यासिन अंसारी ने उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए बकरीद को त्याग, समर्पण, इंसानियत और कुर्बानी का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार दूसरों की खुशियों में शामिल होने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। डॉ. अंसारी ने यह भी रेखांकित किया कि सभी धर्म मानवता और भाईचारे का संदेश देते हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार साह ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद का पर्व समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक मूल्यों का भी केंद्र होता है, और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में पारस्परिक सम्मान, सहयोग तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। प्रधानाध्यापक ने सभी को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं, और सभी को मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की सहायता करने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए।

इस सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी और मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर मुखिया सगुनी राम, शिक्षक दिनेश कुमार, मनी भारती, रोहित कुमार, रुपांजली कुमारी, अर्पना कुमारी, कुर्बान अंसारी, राजेन्द्र प्रसाद यादव, लक्ष्मण साव, लेयकत अंसारी, शमशेर अंसारी, विजय साव, राधेश्याम पासवान, पंकज गुप्ता, जानकी सिंह, श्रवन राम, प्रदीप राम, उमेश राम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
    user_Ashish Kumar
    Ashish Kumar
    प्रेस रिपोर्ट Dhurki, Garhwa•
    5 hrs ago
  • पंजाब को देश और कांग्रेस दोनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य बताते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, सभी कार्यकर्ता और नेता एकजुट होकर संगठन को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेंगे। बघेल ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी की मजबूती, कार्यकर्ताओं की एकता और जनता का विश्वास ही पंजाब में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन का आधार बनेगा। उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एक साथ मिलकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।
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    पंजाब को देश और कांग्रेस दोनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य बताते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, सभी कार्यकर्ता और नेता एकजुट होकर संगठन को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेंगे। बघेल ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी की मजबूती, कार्यकर्ताओं की एकता और जनता का विश्वास ही पंजाब में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन का आधार बनेगा। उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एक साथ मिलकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • रंका प्रखंड के वीरबांध गांव में अपनी दुकान की सफाई कर रहे एक युवक को करैत सांप ने डस लिया। गांव निवासी आजाद मियां के पुत्र जुमन मियां के पैर की उंगली में दुकान में छिपे करैत सांप के एक छोटे बच्चे ने काट लिया। इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह आठ बजे गांव के ग्रामीण सोमन ने दी। सांप के काटने से घायल हुए जुमन मियां को रंका अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए गढ़वा रेफर किया गया है।
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    रंका प्रखंड के वीरबांध गांव में अपनी दुकान की सफाई कर रहे एक युवक को करैत सांप ने डस लिया। गांव निवासी आजाद मियां के पुत्र जुमन मियां के पैर की उंगली में दुकान में छिपे करैत सांप के एक छोटे बच्चे ने काट लिया। इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह आठ बजे गांव के ग्रामीण सोमन ने दी। सांप के काटने से घायल हुए जुमन मियां को रंका अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए गढ़वा रेफर किया गया है।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
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