उत्तर प्रदेश के मेरठ में प्रदर्शनकारियों की साजिश और रवि गौतम नामक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या के प्रयास को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस घटना के दौरान मेरठ के SSP अविनाश पांडे ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए हाथापाई करके रवि गौतम की जान बचाई थी। इस बहादुरी के बावजूद, सोशल मीडिया पर एक वर्ग द्वारा साजिश के तहत SSP अविनाश पांडे को सस्पेंड करने की मांग को लेकर लगातार ट्रेंड चलाया जा रहा है। इस पूरे मामले पर हिंदू रक्षा दल के अरविंद गौतम खुलकर SSP अविनाश पांडे के समर्थन में आगे आए हैं। अरविंद गौतम ने मेरठ के SSP अविनाश पांडे को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए कहा है कि SSP ने अपनी जान दांव पर लगाकर और हाथापाई करके रवि गौतम की जान बचाई है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर मेरठ के प्रदर्शनकारियों की क्या साजिश थी और रवि गौतम के आत्महत्या के प्रयास के पीछे का असली राज क्या है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में प्रदर्शनकारियों की साजिश और रवि गौतम नामक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या के प्रयास को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस घटना के दौरान मेरठ के SSP अविनाश पांडे ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए हाथापाई करके रवि गौतम की जान बचाई थी। इस बहादुरी के बावजूद, सोशल मीडिया पर एक वर्ग द्वारा साजिश के तहत SSP अविनाश पांडे को सस्पेंड करने की मांग को लेकर लगातार ट्रेंड चलाया जा रहा है। इस पूरे मामले पर हिंदू रक्षा दल के अरविंद गौतम खुलकर SSP अविनाश पांडे के समर्थन में आगे आए हैं। अरविंद गौतम ने मेरठ के SSP अविनाश पांडे को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए कहा है कि SSP ने अपनी जान दांव पर लगाकर और हाथापाई करके रवि गौतम की जान बचाई है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर मेरठ के प्रदर्शनकारियों की क्या साजिश थी और रवि गौतम के आत्महत्या के प्रयास के पीछे का असली राज क्या है।
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- उत्तर प्रदेश के जनपद संभल की चंदौसी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत पंवासा विकास खंड क्षेत्र के गांव थरैसा जयसिंह में तालाब के किनारे वृक्षारोपण करके प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण करने से लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त होगी। प्रदेश सरकार द्वारा हर साल 12 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया जाता है, जिसके अंतर्गत करोड़ों वृक्ष रोपे जाते हैं। इसी क्रम में आज भी इस महायज्ञ की शुरुआत की गई है। वृक्षारोपण के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने बताया कि आज पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जिससे हमारा पूरा प्रदेश हरा-भरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर ये पौधे रोपे जा रहे हैं, वहाँ के आसपास का वातावरण स्वच्छ और पवित्र बनेगा, जिससे सभी लोग खुशहाल रहेंगे और उन्हें शुद्ध ऑक्सीजन मिलेगी।4
- उत्तर प्रदेश के मेरठ पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक दलित छात्रा की हत्या के मामले में पीड़ित परिजनों से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े रहने का पूरा भरोसा दिया। अखिलेश यादव ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की है।1
- बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली पिंकी मौर्या ने अपने पति प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता की शादी 20 जून 2005 को प्रमोद कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। पिंकी का आरोप है कि उसके पति के पिछले कुछ सालों से एक अन्य महिला से संबंध हैं, जिसके चलते 2 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे पति ने बिना तलाक दिए उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। जब वह अपने भाई और बेटों के साथ वापस घर लौटी, तो पति और उस आरोपी महिला ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा मौके पर 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई। इस घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता को बिनावर कोतवाली से कोई न्याय नहीं मिला है। पीड़िता का आरोप है कि बिनावर कोतवाली में फरियादियों की सुनवाई नहीं होती और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी झूठी रिपोर्ट लगा दी जाती है। बेघर होकर बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर पीड़िता ने अब बदायूं के एसएसपी (SSP) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पति और महिला पर घरेलू हिंसा व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, उसने बच्चों के साथ घर में सुरक्षित रहने की व्यवस्था कराने की अपील करते हुए कहा है, "मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर पुलिस मदद नहीं करेगी तो हम कहां जाएंगे।"1
- बदायूं में रिश्तों की आड़ में रची गई साजिश और खामोशी के पीछे छिपे खून के राज का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। प्यार, मोहब्बत और भरोसे के बाद बेवफाई का ऐसा खूनी अंजाम देखने को मिला है, जिसने सबको चौंका दिया है। आखिर इस वारदात को किसने, क्यों और कैसे अंजाम दिया, इस सनसनीखेज हत्याकांड का पूरा सच 'Aaj Ki Khabar' के स्पेशल क्राइम शो '#गुनाह' में दिखाया जाएगा। बदायूं की इस खौफनाक 'क्राइम स्टोरी' का पूरा सच जल्द ही सामने आने वाला है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज में देरी के कारण एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में भारी हंगामा किया। बिल्सी क्षेत्र के गांव खैरी निवासी इसराइल अपनी लगभग 18-20 वर्षीय बेटी तरन्नुम को सुबह इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका, जिससे अस्पताल परिसर में ही युवती की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवती की मौत के बाद शव को ले जाने के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था की गई। लाचारी में मृतका के भाई ने अपनी बहन के शव को कंधे पर उठाया और अस्पताल से बाहर निकाला, जिसके बाद वे एक ऑटो के माध्यम से शव को अपने गांव लेकर गए। इस घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस मामले में अभी अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।1