सौर बाजार के आरा मशीन रोड पर अब राधे राधे बैग हाउस खुल गया है, जिससे ग्राहकों को अपनी पसंद के बैग खरीदने के लिए समय और पैसे की बर्बादी से निजात मिलेगी। लोगों को अब मीडिया बैग, स्कूल बैग, ट्रॉली बैग और अन्य प्रकार के बैग खरीदने के लिए सहरसा या पटना तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह नई दुकान दर्जनों आकर्षक डिजाइनों में विभिन्न प्रकार के बैग बहुत सस्ते दामों पर उपलब्ध करा रही है। बैग के अलावा, यहां कई प्रकार के छाते और ग्राहकों की जरूरत के अन्य सामान भी उपलब्ध हैं। दुकान के प्रोपराइटर का कहना है कि दुकान नई खुली है, इसलिए फिलहाल सभी उत्पाद फैक्ट्री से लिए गए दरों पर ही बेचे जा रहे हैं, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा ग्राहक इसका लाभ उठा सकें। उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया है कि वे आज ही सौर बाजार के आरा मशीन रोड स्थित राधे राधे बैग हाउस पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ उठाएं।
सौर बाजार के आरा मशीन रोड पर अब राधे राधे बैग हाउस खुल गया है, जिससे ग्राहकों को अपनी पसंद के बैग खरीदने के लिए समय और पैसे की बर्बादी से निजात मिलेगी। लोगों को अब मीडिया बैग, स्कूल बैग, ट्रॉली बैग और अन्य प्रकार के बैग खरीदने के लिए सहरसा या पटना तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह नई दुकान दर्जनों आकर्षक डिजाइनों में विभिन्न प्रकार के बैग बहुत सस्ते दामों पर उपलब्ध करा रही है। बैग के अलावा, यहां कई प्रकार के छाते और ग्राहकों की जरूरत के अन्य सामान भी उपलब्ध हैं। दुकान के प्रोपराइटर का कहना है कि दुकान नई खुली है, इसलिए फिलहाल सभी उत्पाद फैक्ट्री से लिए गए दरों पर ही बेचे जा रहे हैं, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा ग्राहक इसका लाभ उठा सकें। उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया है कि वे आज ही सौर बाजार के आरा मशीन रोड स्थित राधे राधे बैग हाउस पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ उठाएं।
- मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना क्षेत्र में एक महिला की गोली मारकर ह*त्या कर दी गई। यह वारदात तब हुई जब महिला अपने बेटे के साथ घर लौट रही थी। इस घटना में 65 वर्षीय जेरून खातून को सिर में गो*ली लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौ*त हो गई। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम जुट गई है।1
- Post by User47231
- मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र के हथिऔंधा गांव निवासी एक 25 वर्षीय युवक की जियो फाइबर का कार्य करने के दौरान हुए हादसे में मौत हो गई। मृतक की पहचान उमेश रजक के पुत्र छोटेलाल कुमार के रूप में हुई है। यह दुखद खबर गांव पहुँचते ही पूरे परिवार और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, छोटेलाल कुमार पिछले लगभग नौ महीने से जियो कंपनी में सहायक प्वाइंटमैन के पद पर कार्यरत थे। बीते 4 जून को मुरलीगंज थाना क्षेत्र के डुमरिया कोल्हायपट्टी गांव में जियो फाइबर से जुड़ा कार्य करते समय एक घर की छत से फाइबर केबल उतारते वक्त उनका संतुलन बिगड़ गया, जिससे वे ऊँचाई से नीचे गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों और परिजनों की सहायता से घायल युवक को मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। जब वहाँ भी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना स्थित पीएमसीएच भेजा गया, जहाँ कई दिनों तक चले उपचार के बाद 8 जून को उनकी मौत हो गई। मंगलवार को जब युवक का शव गांव पहुँचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। छोटेलाल अपने परिवार में तीन भाइयों और एक बहन के साथ रहते थे, और परिजनों ने बताया कि वह परिवार के प्रमुख कमाऊ सदस्य थे, जिनकी आय से ही घर का खर्च चलता था। उनके पिता मजदूरी करके किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस घटना के बाद, परिजनों ने जियो कंपनी से उचित मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार नौकरी प्रदान करने और मृतक के माता-पिता को आजीवन पेंशन देने की मांग की है। परिजनों ने यह भी जानकारी दी कि शव का पोस्टमार्टम पीएमसीएच में कराया गया है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में थाना में कोई आवेदन नहीं दिया गया था।4
- मधेपुरा के मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी दीपक कुमार (27) की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद हड़कंप मच गया। मृतक, जो नगर परिषद क्षेत्र के भीरखी वार्ड-24 निवासी रंजन पासवान के पुत्र थे, की मौत के बाद उनके परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जेल के अंदर दीपक के साथ मारपीट की गई थी, और जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें समय पर सूचना नहीं दी गई, बल्कि मौत के बाद ही जानकारी दी गई। दीपक कुमार ने 2 जून को एक मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था और पिछले सात दिनों से न्यायिक हिरासत में मंडल कारा में बंद थे। उनकी तबीयत सोमवार रात बिगड़ने पर उन्हें जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाए जाने पर परिजन आक्रोशित हो उठे और जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह सहित कई पुलिस अधिकारियों को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। हालांकि, जेल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जेल अधीक्षक राजेश कुमार राय ने बताया कि दीपक ने सोमवार को पेट दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद जेल चिकित्सक ने उनका उपचार किया। देर रात दर्द बढ़ने पर उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां दुर्भाग्यवश उनकी मृत्यु हो गई। जेल अधीक्षक ने जेल में मारपीट के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। फिलहाल, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।1
- खगड़िया जिले के हौसराहा में एक सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।1
- सहरसा जिले के महिषी प्रखंड के अंतर्गत वीरगांव पंचायत के वार्ड नंबर 11 में जिला प्रशासन द्वारा एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है।1
- सहरसा जिले के भीरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि चंदेश्वर देव और उनकी पत्नी ने उनके घर आने वाले सरकारी मुख्य मार्ग पर मक्का डालकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी अवरोध के कारण उन्हें घर आते समय दुर्घटना का शिकार होना पड़ा। जब उन्होंने रास्ता देने का अनुरोध किया, तो चंदेश्वर देव ने कथित तौर पर दबंगई दिखाते हुए कहा कि यह उनकी 'बाप की सड़क' है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस सरकारी रास्ते पर की जा रही मनमर्जी और दबंगई के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।1
- मधेपुरा जेल में एक विचाराधीन कैदी दीपक कुमार की मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दीपक की मौत जेल के अंदर मारपीट के कारण हुई है, जिसके बाद सदर अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। जानकारी के अनुसार, दीपक कुमार को सात दिन पहले न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। हालांकि, जेल प्रशासन ने परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।1